दुखद घटना अप्रैल 2026 जहा 24वर्षीय युवा वकील प्रियांशु श्रीवास्तव ने खुद की ली जान कौन थे: प्रियांशु श्रीवास्तव कानपुर के बर्रा-8, वरुण विहार के निवासी थे और हाल ही में वकालत (Advocate) के पेशे में आए थे। शिक्षा: उन्होंने 2025 में कानून की पढ़ाई पूरी की थी और अपने पिता के साथ कानपुर कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे थे। आत्महत्या का कारण: उन्होंने व्हाट्सएप स्टेटस पर एक दो पन्नों का सुसाइड नोट डाला, जिसमें उन्होंने अपने पिता राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव पर बरसों तक मानसिक प्रताड़ना, अपमान और अत्यधिक सख्ती का आरोप लगाया। दर्दनाक नोट: सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा, "पापा आप जीत गए, मैं हार गया। जीत मुबारक!" उन्होंने यह भी लिखा कि उनके पिता ने 6 साल की उम्र में मैंगो शेक पीने पर उन्हें निर्वस्त्र कर घर से बाहर निकाल दिया था, जिसका उनके मन पर गहरा असर पड़ा। अंतिम इच्छा: उन्होंने अपने नोट में इच्छा जताई कि उनके पिता उनके शव को हाथ भी न लगाएं। यह मामला "टॉक्सिक पैरेंटिंग" और युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक बहुत गंभीर चेतावनी के रूप में सामने आया है।
दुखद घटना अप्रैल 2026 जहा 24वर्षीय युवा वकील प्रियांशु श्रीवास्तव ने खुद की ली जान कौन थे: प्रियांशु श्रीवास्तव कानपुर के बर्रा-8, वरुण विहार के निवासी थे और हाल ही में वकालत (Advocate) के पेशे में आए थे। शिक्षा: उन्होंने 2025 में कानून की पढ़ाई पूरी की थी और अपने पिता के साथ कानपुर कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे थे। आत्महत्या का कारण: उन्होंने व्हाट्सएप स्टेटस पर एक दो पन्नों का सुसाइड नोट डाला, जिसमें उन्होंने अपने पिता राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव पर बरसों तक मानसिक प्रताड़ना, अपमान और अत्यधिक सख्ती का आरोप लगाया। दर्दनाक नोट: सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा, "पापा आप जीत गए, मैं हार गया। जीत मुबारक!" उन्होंने यह भी लिखा कि उनके पिता ने 6 साल की उम्र में मैंगो शेक पीने पर उन्हें निर्वस्त्र कर घर से बाहर निकाल दिया था, जिसका उनके मन पर गहरा असर पड़ा। अंतिम इच्छा: उन्होंने अपने नोट में इच्छा जताई कि उनके पिता उनके शव को हाथ भी न लगाएं। यह मामला "टॉक्सिक पैरेंटिंग" और युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक बहुत गंभीर चेतावनी के रूप में सामने आया है।
- शर्म की बात है कि एक तरफ गौ माता और धर्म के नाम पर सरकार वोट लेती है तो दूसरी तरफ गौ माता कचरे से अपना पेठ भरने के लिए विवश हे इस तरह से हिंदू राष्ट्र बनेगा पूछता है भारत, दूसरी तरफ तालाब है तो पास में ही शिव मंदिर है एक तरफ धर्म की आस्था पर चोट है तो दूसरी तरफ गौ माता के जीवन पर संकट है, तो एक तरफ लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड, क्या ये वही भारत है जिसे लोग कुछ समय पहले सोने की चिड़िया कहा करते थे क्या ये वहीं भारत है अपने आप से पूछो1
- डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा उपखंड स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय एक बार फिर अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चाओं में है, जहां बुधवार सुबह सोनोग्राफी करवाने पहुंचे मरीजों और आमजन का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने आरोप लगाया कि सुबह 7 बजे से सोनोग्राफी कक्ष के बाहर बैठे हैं, लेकिन 10 बजे तक किसी ने यह तक नहीं बताया कि सोनोग्राफी होगी या नहीं। सोनोग्राफी कक्ष के बाहर ताला जड़ा मिला, जिससे गर्भवती महिलाओं, पेट दर्द और पथरी से पीड़ित मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। गामाठावाड़ा निवासी कचरू लाल ने कहा कि मीडिया बार-बार प्रशासन को अवगत करवा रहा है, इसके बावजूद हालात नहीं सुधर रहे। लोगों का सवाल है कि यदि सोनोग्राफी डॉक्टर छुट्टी पर थे, तो इसकी सूचना बाहर क्यों नहीं लगाई गई। मीडिया द्वारा उपखंड अधिकारी सुबोध सिंह चारण से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि प्रमुख चिकित्सा अधिकारी से जानकारी ली गई, जिसमें डॉक्टर के अवकाश पर होने की बात सामने आई। इस लापरवाही पर उपखंड अधिकारी ने गहरी नाराजगी जताते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अलंकर गुप्ता और जिला कलेक्टर देशलदान को शिकायत भी भेजी है। अब बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि बार-बार अस्पताल में अव्यवस्थाएं सामने आने के बावजूद प्रशासन ठोस कदम क्यों नहीं उठा रहा, और आखिर मरीजों को कब मिलेगी राहत? अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं पर आमजन का गुस्सा अब प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर रहा है।1
- गढ़ी स्थित पायोनियर इंस्टिट्यूशंस में महावीर इंटरनेशनल के एपेक्स ऑफिस द्वारा जारी प्लास्टिक मुक्त भारत अभियान के पोस्टर का लोकार्पण संरक्षक परेश पंड्या एवं इंटरनेशनल डायरेक्टर नॉलेज शेयरिंग एवं ई-चौपाल अजीत कोठिया द्वारा किया गया। इस अवसर पर अजीत कोठिया ने छात्रों को मिशन ऑक्सीजन, ‘नदी का पानी किसानों को मिले’, सिंगल यूज प्लास्टिक से दूरी और ‘कपड़े की थैली मेरी सहेली’ जैसे प्रोजेक्ट्स की विस्तृत जानकारी दी। संरक्षक परेश पंड्या ने विद्यार्थियों को कपड़े के बैग उपयोग करने, प्लास्टिक टिफिन से बचने तथा घरेलू व विवाह आयोजनों में प्लास्टिक के गर्म पेय गिलासों का उपयोग नहीं करने की सलाह दी। कार्यक्रम में महावीर इंटरनेशनल गढ़ी परतापुर द्वारा सभी छात्रों को कपड़े के स्कूल बैग देने की घोषणा का स्वागत किया गया। साथ ही फरवरी-मार्च व सितंबर-अक्टूबर में भी वृक्षारोपण करने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में हार्दिक भावसार सहित विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान का समर्थन किया। अंत में आभार परेश पंड्या ने व्यक्त किया।1
- बेकाबू हुई कोकापुर के जंगलों की आग : फायर ब्रिगेड की बेरुखी के बीच अकेले ही मोर्चा संभालने को मजबूर हुआ युवक संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। जिले के कोकापुर भासोर क्षेत्र के जंगलों में लगी भीषण आग ने सोमवार को विकराल रूप ले लिया, जिससे न केवल वन संपदा को भारी नुकसान पहुँचा है बल्कि जंगली जानवरों के अस्तित्व पर भी संकट गहरा गया है। इस आपदा के दौरान मानवता और साहस की एक मिसाल आमजन युवा शक्ति पार्टी के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने पेश की, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना आग बुझाने का मोर्चा संभाला। हालांकि, इस पूरी घटना ने आपातकालीन सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब आग बेकाबू होकर फैलने लगी, तो मुकेश कुमार ने तत्काल तत्परता दिखाते हुए आपातकालीन नंबर 101 और 112 पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया। दुर्भाग्यवश, घंटों तक डायल करने के बावजूद सरकारी तंत्र की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली और न ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुँची। सिस्टम की इस बेरुखी के बाद मुकेश ने हार नहीं मानी और मजबूरन अपने पास मौजूद गमछे की मदद से ही आग की लपटों पर काबू पाने की कोशिश शुरू कर दी। आग का तांडव इतना भयानक था कि लगातार संघर्ष के दौरान मुकेश का गमछा भी जल गया, लेकिन वे घंटों तक धुएं और तपिश के बीच डटे रहे। अंततः, आग के बेकाबू विस्तार, दम घोंटू धुएं और जंगली जानवरों के बढ़ते खतरे को देखते हुए उन्हें पीछे हटना पड़ा। स्थानीय ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि इतने बड़े हादसे के बावजूद प्रशासन और अग्निशमन विभाग की ओर से कोई सहायता समय पर नहीं पहुँच सकी, जिससे आग ने और अधिक विनाशकारी रूप अख्तियार कर लिया। घटना को लेकर एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें युवक अपने गमछे से आग बुझाने की कोशिश कर रहा है वही एमरजेंसी सेवा पर कॉल करने पर कोई जवाब नही मिल रहा है।1
- सीमलवाड़ा(डूंगरपुर) सीमलवाड़ा उपखंड क्षेत्र के चाड़ोली गांव में बुधवार को गुजराती पाटीदार समाज की ओर से करीब 800 वर्ष पुराने ऐतिहासिक भूमिश्वर महादेव मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। इस अवसर पर डूंगरपुर, बांसवाड़ा सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाजजन पहुंचे। कार्यक्रम में समाज की एकजुटता, धार्मिक आस्था और विरासत संरक्षण की झलक देखने को मिली। चाड़ोली गांव में आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजन, भामाशाह और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रणछोड़ पाटीदार जौलाना रहे, जबकि अध्यक्षता वासुदेव पाटीदार पाडवा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में डाया लाल पाटीदार विद्यानगर चेयरमैन, चंद्रकांत पाटीदार, नारायण लाल, जीवनलाल, मोहनलाल, नटवरलाल, दलजी भाई, कोदरलाल और नाथूलाल पाटीदार सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत मंदिर विकास कमेटी और समाज के पदाधिकारियों ने किया। स्वागत उद्बोधन जीवनलाल पाटीदार घाटा का गांव ने दिया। मंदिर विकास कमेटी अध्यक्ष मोहनलाल पाटीदार ने बताया कि वर्षों पहले गुजरात से आए पाटीदार समाज के पूर्वजों ने इस मंदिर का निर्माण कराया था। यह मंदिर लंबे समय से समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है, जिसे अब पुनः भव्य स्वरूप दिया जाएगा। मंदिर जीर्णोद्धार कार्य को लेकर समाज के भामाशाहों ने भी खुलकर सहयोग दिया। एक लाख रुपए या उससे अधिक राशि देने वाले दानदाताओं में नरेश पाटीदार, गोवर्धन पाटीदार, मोहनलाल पाटीदार, जीवनलाल पाटीदार, डॉ. विनोद पाटीदार, डॉ. अशोक पाटीदार और सेवानिवृत्त एईएन जीवनलाल पाटीदार शामिल रहे। सभी दानदाताओं का मंच से सम्मान किया गया। इसके अलावा 51 हजार रुपए सहयोग देने वाले दानदाताओं की संख्या भी काफी रही। वक्ताओं ने कहा कि पाटीदार समाज हमेशा धार्मिक आयोजनों, सामाजिक कार्यों और शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। समाज ने विद्यालय, छात्रावास, धर्मशाला और जनहित के अनेक कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यही कारण है कि समाज आज संगठन, शिक्षा और संस्कारों की मिसाल बना हुआ है। कार्यक्रम का संचालन रविशंकर पाटीदार घाटा का गांव ने किया। उनके सहयोग में बालगोविंद पाटीदार, प्रकाश पाटीदार और प्रवीण पाटीदार रहे। अंत में रमणलाल पाटीदार ने सभी अतिथियों, समाजजनों और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। मंदिर जीर्णोद्धार कार्य शुरू होने से चाड़ोली सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में खुशी का माहौल है। समाजजनों ने इसे श्रद्धा, विरासत संरक्षण और सामाजिक एकता का प्रतीक बताया है।1
- धंबोला। भाजपा नेता राधा मोहन अग्रवाल द्वारा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी रोष देखने को मिला। राजीव गांधी जिला अध्यक्ष रूपचंद भगोरा के नेतृत्व में सीमलवाड़ा मंडली चौराहे पर विरोध प्रदर्शन करते हुए कार्यकर्ताओं ने राधा मोहन अग्रवाल का पुतला दहन किया और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि राधा मोहन अग्रवाल सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और अपने बयान पर खेद व्यक्त करें। साथ ही भाजपा संगठन से उन्हें पद से बर्खास्त करने की भी मांग उठाई गई। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि इस तरह की टिप्पणियां जानबूझकर सचिन पायलट की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से की जा रही हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सचिन पायलट एक शालीन और मजबूत नेतृत्व क्षमता वाले नेता हैं, जिनकी लोकप्रियता से भाजपा में बौखलाहट साफ नजर आती है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस लगातार मजबूती से काम कर रही है, और सचिन पायलट जैसे नेता संगठन को नई ऊर्जा दे रहे हैं। विरोध सभा में वक्ताओं ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इस प्रकार की भाषा का प्रयोग राजनीतिक गिरावट को दर्शाता है। उन्होंने राधा मोहन अग्रवाल के बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे “दिमागी दिवालियापन” करार दिया। इस दौरान अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की विधि कोऑर्डिनेटर एवं पूर्व प्रधान एडवोकेट निमिषा भगोरा, जिला कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष मुस्ताक अहमद पठान, राजीव गांधी पंचायती राज के जिला अध्यक्ष रूपचंद भगोरा, प्रकाश पाटीदार (पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष), प्रदेश सचिव ओबीसी विभाग सुरेश भोई, क्रय-विक्रय अध्यक्ष धर्मेंद्र भगोरा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बच्चूलाल खराड़ी, राजीव गांधी पंचायती राज विधानसभा समन्वयक संजय कलासुआ, मंडल अध्यक्ष हीरालाल डामोर, मंडल अध्यक्ष गजराज सिंह चौहान, पीयूष कलाल, ब्लॉक महामंत्री विभीषण भगोरा, प्रदीप यादव, महामंत्री राकेश डामोर, मणिलाल भगोरा, संजय डामोर, गोपाल, रतनलाल आहारी, दीपक ननोमा, शाहिद बंगा, पंकज कुमार, मोहनलाल, कन्हैयालाल (लाल काका), सोमलाल, कालू भाई सहित कांग्रेस के युवा एवं वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा एवं राधा मोहन अग्रवाल के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए जमकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि भारतीय जनता पार्टी की ओर से उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।3
- Post by Parmeshvar redash1
- कौन थे: प्रियांशु श्रीवास्तव कानपुर के बर्रा-8, वरुण विहार के निवासी थे और हाल ही में वकालत (Advocate) के पेशे में आए थे। शिक्षा: उन्होंने 2025 में कानून की पढ़ाई पूरी की थी और अपने पिता के साथ कानपुर कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे थे। आत्महत्या का कारण: उन्होंने व्हाट्सएप स्टेटस पर एक दो पन्नों का सुसाइड नोट डाला, जिसमें उन्होंने अपने पिता राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव पर बरसों तक मानसिक प्रताड़ना, अपमान और अत्यधिक सख्ती का आरोप लगाया। दर्दनाक नोट: सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा, "पापा आप जीत गए, मैं हार गया। जीत मुबारक!" उन्होंने यह भी लिखा कि उनके पिता ने 6 साल की उम्र में मैंगो शेक पीने पर उन्हें निर्वस्त्र कर घर से बाहर निकाल दिया था, जिसका उनके मन पर गहरा असर पड़ा। अंतिम इच्छा: उन्होंने अपने नोट में इच्छा जताई कि उनके पिता उनके शव को हाथ भी न लगाएं। यह मामला "टॉक्सिक पैरेंटिंग" और युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक बहुत गंभीर चेतावनी के रूप में सामने आया है।1