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देसूला गांव से निकली छठी डाक कांवड़ यात्रा, हरिद्वार की ओर बढ़े शिवभक्त
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देसूला गांव से निकली छठी डाक कांवड़ यात्रा, हरिद्वार की ओर बढ़े शिवभक्त
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- देसूला गांव से निकली छठी डाक कांवड़ यात्रा, हरिद्वार की ओर बढ़े शिवभक्त1
- जल जीवन मिशन: ग्रामीणों और विभाग के बीच बनी सहमति, अब कुल 6 बोरिंग होंगी मुंडावर (खैरथल-तिजारा), 6 अगस्त। मुंडावर क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत प्रस्तावित बोरिंग को लेकर ग्रामीणों और विभाग के बीच सहमति बन गई है। बैठक में हुई चर्चा के बाद निर्णय लिया गया कि क्षेत्र में दो अतिरिक्त बोरिंग की जाएंगी, जिससे अब कुल 6 बोरिंग किए जाने का रास्ता साफ हो गया है। जानकारी के अनुसार, इससे पहले जल जीवन मिशन के तहत साबी नदी क्षेत्र में की गई बोरिंग को कुछ ग्रामीण किसानों द्वारा मिट्टी से भर दिया गया था। इसके बाद विभाग ने सोड़ावास क्षेत्र में नई बोरिंग का प्रस्ताव तैयार किया। हालांकि, सोड़ावास के ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि क्षेत्र में पहले से चार बोरिंग हो चुकी हैं और अतिरिक्त बोरिंग की आवश्यकता नहीं है। स्थिति को देखते हुए विभाग और ग्रामीणों के बीच बैठक आयोजित की गई। बैठक में अमित धर्मपाल चौधरी सहित ग्रामीण प्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। विस्तृत चर्चा के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि क्षेत्र में दो और बोरिंग कराई जाएंगी। विभाग के अनुसार, इन बोरिंगों से मिलने वाला पानी ततारपुर से लेकर सोरखा पंचायत और मातोर क्षेत्र तक जलापूर्ति के लिए उपयोग में लाया जाएगा। सहमति बनने के बाद अब जल जीवन मिशन के कार्य को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।1
- नगर परिषद आयुक्त ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों का किया औचक निरीक्षण, स्थायी सफाई कर्मियों एवं संवेदकों को दिए सख्त निर्देश, लापरवाहों को नोटिस जारी कोटपूतली-बहरोड़, 6 अगस्त। नगर परिषद बहरोड़ क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से नगर परिषद आयुक्त नूर मोहम्मद ख़ान ने गुरुवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों का व्यापक फील्ड निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, नालियों की सफाई, कचरा निस्तारण तथा सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता का जायजा लिया गया। इस दौरान सफाई व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित स्थायी सफाई कर्मियों एवं संवेदकों (ठेकेदारों) को मौके पर ही कड़ी फटकार लगाते हुए नोटिस जारी किए गए। आयुक्त ने वर्धमान शोरूम के पास, सेसाडा जोहड़ (चौधरियों का मोहल्ला), विद्युत कार्यालय परिसर, डायमंड पेट्रोल पंप के सामने, डॉ. राव वाली गली, नारनौल मोड़, पतासा मार्केट, मुसद्दी लाल की धर्मशाला, शर्मा कॉलोनी, खेड़की रोड एवं आजाद चौक सहित विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जहां भी कचरे का ढेर, नालियों में गंदगी अथवा सफाई व्यवस्था में कमी पाई गई, वहां तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए गए। आयुक्त नूर मोहम्मद ख़ान ने कहा कि नगर परिषद क्षेत्र में आमजन को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक वार्ड में नियमित रूप से सफाई कार्य, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण तथा समयबद्ध कचरा निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक सफाई जमादार अपने-अपने क्षेत्र का प्रतिदिन निरीक्षण करें तथा जहां भी कचरा जमा मिले, उसकी तत्काल सफाई कराई जाए। नालियों की नियमित सफाई कर जलभराव की स्थिति नहीं बनने दी जाए। सभी संवेदक निर्धारित संख्या में सफाई कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करें तथा कार्यस्थल पर उनकी नियमित उपस्थिति बनाए रखें। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए तथा संग्रहित कचरे का वैज्ञानिक एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि प्रत्येक वार्ड की सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। सफाई कार्य में लापरवाही, निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य नहीं करने अथवा निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर संबंधित सफाई कर्मी, जमादार एवं संवेदक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक होने पर आर्थिक दंड, नोटिस, ब्लैकलिस्टिंग तथा संविदा की शर्तों के अनुरूप अन्य दंडात्मक कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। उन्होंने नगर परिषद अधिकारियों एवं कार्मिकों को निर्देशित किया कि सफाई व्यवस्था का प्रतिदिन फील्ड निरीक्षण करें, शिकायतों का त्वरित निस्तारण करें तथा नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दें। शहर के प्रमुख बाजारों, आवासीय कॉलोनियों एवं सार्वजनिक स्थलों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर नियमित निगरानी रखी जाए। आयुक्त ने कहा कि स्वच्छ एवं सुंदर बहरोड़ के निर्माण में नगर परिषद के साथ-साथ आमजन की सहभागिता भी आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि कचरा निर्धारित स्थान पर ही डालें, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहन का उपयोग करें तथा शहर को स्वच्छ बनाए रखने में नगर परिषद का सहयोग करें। आयुक्त ने कहा कि सफाई व्यवस्था सामूहिक जनभागीदारी का विषय भी है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे घर एवं प्रतिष्ठानों का कचरा केवल डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहन को ही दें, सड़कों, नालियों एवं सार्वजनिक स्थलों पर कचरा न डालें, गीले एवं सूखे कचरे को यथासंभव अलग रखें तथा अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में नगर परिषद का सहयोग करें।1
- अधिवक्ता न्यायालय परिसर में एकत्रित हुए और अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया राजगढ़ में एसडीओ कोर्ट की कार्यप्रणाली के विरोध में अभिभाषक मंडल का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार के दसवें दिन भी अधिवक्ताओं का क्रमिक अनशन जारी रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता न्यायालय परिसर में एकत्रित हुए और अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया। अभिभाषक मंडल के अध्यक्ष देवेन्द्र शर्मा व सचिव बलराम शर्मा ने बताया कि एसडीओ कोर्ट की कार्यप्रणाली से अधिवक्ताओं एवं आम पक्षकारों को विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर पिछले 10 दिनों से उपखंड न्यायालय के कार्य का बहिष्कार किया हुआ है तथा 5 अगस्त से क्रमिक अनशन जारी है जिसमें आज क्रमिक अनशन के दूसरे दिन एडवोकेट हजारीलाल मीणा, धर्मेंद्र जैसावत, पुनीत शर्मा, कैलाश वर्मा, सुरेंद्र गुरु ,राजकुमार चौहान, मदन मोहन शर्मा, शंकर सैनी, विजय मीणा एवं शोभित पालीवाल सहित क्रमिक अनशन पर बैठे ।जब तक उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक कार्य बहिष्कार और क्रमिक अनशन जारी रहेगा। वहीं, लगातार दस दिनों से न्यायिक कार्य प्रभावित होने के कारण कई मामलों की सुनवाई भी प्रभावित हुई है, जिससे पक्षकारों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं ने प्रशासन से जल्द सकारात्मक पहल करते हुए समस्या का समाधान निकालने की मांग की है। अब सभी की निगाहें प्रशासन और अभिभाषक मंडल के बीच होने वाली संभावित वार्ता पर टिकी हैं। देखना होगा कि यह गतिरोध कब समाप्त होता है और न्यायिक कार्य सामान्य रूप से कब शुरू हो पाता है।4
- करनीकोट से हरिद्वार के लिए रवाना हुई 5वीं सुपरफास्ट कांवड़ यात्रा, ढोल-नगाड़ों और जयकारों से गूंजा गांव करनीकोट (बहरोड़): सावन के पावन महीने में भगवान शिव की भक्ति का उत्साह चरम पर है। इसी क्रम में ग्राम करनीकोट से भगवान शिव भोले की 5वीं सुपरफास्ट कांवड़ यात्रा हरिद्वार के लिए बड़े ही धूमधाम और धार्मिक उल्लास के साथ रवाना हुई। रवानगी से पूर्व स्थानीय शिव मंदिर में विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना की गई। महिलाओं ने मंगल गीत गाकर व नाच-गान करते हुए शिवभक्तों को कांवड़ लाने के लिए विदा किया, जिससे पूरा वातावरण 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। पूजा-अर्चना के बाद शाम 4 बजे हुई रवानगी कांवड़ यात्रा को भाजपा मंडल उपाध्यक्ष (जाट बहरोड़) भीमराज यादव ने ठीक शाम 4:00 बजे बाबा शिव भोले की आरती एवं पूजा-अर्चना करने के बाद हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर बाबा भोलेनाथ से पूरे क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और कांवड़ यात्रा पर गए सभी श्रद्धालुओं की सकुशलता व रक्षा की प्रार्थना की गई। ये ग्रामीण व गणमान्य नागरिक रहे मौजूद इस धार्मिक आयोजन के दौरान गांव के कई गणमान्य लोग एवं ग्रामीण मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से: प्रशासक पिस्ता कैलाश देवी सरवन कुमार शेखावत सत्यवीर बाबूजी रामानंद अध्यापक अमीलाल यादव डॉक्टर सुमित यादव ओम प्रकाश जागीदार इनके अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं उपस्थित रहीं। हरिद्वार से जल लाने निकले ये शिवभक्त (कांवड़िए) इस सुपरफास्ट कांवड़ यात्रा में शामिल युवाओं व शिवभक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। हरिद्वार से गंगाजल लाने के लिए रवाना हुए कांवड़ियों में: दिलीप यादव, राजेश यादव, सुंदर, अनिल प्रशांत, कृष्ण सोनू मेहता, अभिषेक, सुभाष, संगम, सचिन, रवि, रवि (द्वितीय), सुनील, हिमांशु, दीपू आदि शामिल हैं। सभी कांवड़िए पवित्र गंगाजल लेकर लौटेंगे और स्थानीय शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे।1
- सोडावास में हरिद्वार से लौटे कांवड़ियों का भव्य स्वागत, गाजे-बाजे के साथ उमड़ा जनसैलाब सोडावास में हरिद्वार से लौटे कांवड़ियों का भव्य स्वागत, गाजे-बाजे के साथ उमड़ा जनसैलाब1
- मुण्डावर नगरपालिका के गांव गढ़ी का मुख्य मार्ग बना खतरनाक, दुर्घटना को दे रहा खुला आमंत्रण मुण्डावर उपखंड की नगर पालिका क्षेत्र के गांव गढ़ी का मुख्य मार्ग इन दिनों बदहाल स्थिति में है। सड़क की जर्जर हालत के कारण आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कंक्रीट की सड़क को उखाड़कर बीच रास्ते में बड़े-बड़े पत्थर डाल दिए गए हैं, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। हाल ही में हुई बारिश के बाद सड़क पर पानी भर जाने से यह मार्ग तालाब जैसा दिखाई देने लगा है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन जोखिम भरा हो गया है। पैदल चलने वाले लोगों को भी इस रास्ते से गुजरने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन संबंधित विभाग और नगर पालिका प्रशासन अब तक समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नगर पालिका और संबंधित विभागों के पास विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये का बजट उपलब्ध होने के बावजूद सड़क की मरम्मत और निर्माण कार्य में लापरवाही बरती जा रही है। लोगों का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा हो। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने, मार्ग से पत्थर हटाने तथा जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि आमजन को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। मुण्डावर नगरपालिका के गांव गढ़ी का मुख्य मार्ग बना खतरनाक, दुर्घटना को दे रहा खुला आमंत्रण मुण्डावर उपखंड की नगर पालिका क्षेत्र के गांव गढ़ी का मुख्य मार्ग इन दिनों बदहाल स्थिति में है। सड़क की जर्जर हालत के कारण आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कंक्रीट की सड़क को उखाड़कर बीच रास्ते में बड़े-बड़े पत्थर डाल दिए गए हैं, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। हाल ही में हुई बारिश के बाद सड़क पर पानी भर जाने से यह मार्ग तालाब जैसा दिखाई देने लगा है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन जोखिम भरा हो गया है। पैदल चलने वाले लोगों को भी इस रास्ते से गुजरने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन संबंधित विभाग और नगर पालिका प्रशासन अब तक समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नगर पालिका और संबंधित विभागों के पास विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये का बजट उपलब्ध होने के बावजूद सड़क की मरम्मत और निर्माण कार्य में लापरवाही बरती जा रही है। लोगों का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा हो। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने, मार्ग से पत्थर हटाने तथा जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि आमजन को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।3