गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर शंकराचार्य स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की यात्रा का शनिवार को जसवंतनगर के शाहजहांपुर स्थित कल्पनानंद जी महाराज आश्रम में भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर आश्रम परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, क्षेत्रीय लोग और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान, प्रबंधन समिति ने शंकराचार्य का फूल-मालाओं से स्वागत किया और उन्हें स्वामी कल्पनानंद महाराज का चित्र भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर कल्पनानंद महाविद्यालय के प्रबंधक मुकद्दम सिंह सरपंच, निदेशक डॉ. प्रमोद यादव, पूर्व एमएलसी अरविंद यादव, पूर्व विधायक मैनपुरी राजू यादव, प्रोफेसर शिवराज सिंह यादव, डॉ. आदित्य यादव, प्रोफेसर रामनरेश, विधायक प्रतिनिधि अजेंद्र गौर, सुभाष गुप्ता, खन्ना यादव, नीरज यादव और प्रधानाचार्य ब्रजेश यादव सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे। कार्यक्रम में शंकराचार्य के शिष्य ने उपस्थित लोगों को अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने का संकल्प दिलाया और भविष्य में आपराधिक छवि वाले व्यक्तियों को वोट न देने की भी अपील की। गौ संरक्षण के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि सरकार गौ रक्षा के वादे के साथ सत्ता में आई थी, इसलिए उसे अपने वादों को पूरा करना चाहिए। उन्होंने गौ संरक्षण में दोहरी नीति न अपनाने और इस दिशा में प्रभावी एवं स्पष्ट कदम उठाने की बात कही। सभा में गौ संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई, जहाँ वक्ताओं ने गौ संवर्धन और संरक्षण को भारतीय संस्कृति एवं परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने यात्रा का स्वागत करते हुए गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग का समर्थन किया।
गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर शंकराचार्य स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की यात्रा का शनिवार को जसवंतनगर के शाहजहांपुर स्थित कल्पनानंद जी महाराज आश्रम में भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर आश्रम परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, क्षेत्रीय लोग और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान, प्रबंधन समिति ने शंकराचार्य का फूल-मालाओं से स्वागत किया और उन्हें स्वामी कल्पनानंद महाराज का चित्र भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर कल्पनानंद महाविद्यालय के प्रबंधक मुकद्दम सिंह सरपंच, निदेशक डॉ. प्रमोद यादव, पूर्व एमएलसी अरविंद यादव, पूर्व विधायक मैनपुरी राजू यादव, प्रोफेसर शिवराज सिंह यादव, डॉ. आदित्य यादव, प्रोफेसर रामनरेश, विधायक प्रतिनिधि अजेंद्र गौर, सुभाष गुप्ता, खन्ना यादव, नीरज यादव और प्रधानाचार्य ब्रजेश यादव सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे। कार्यक्रम में शंकराचार्य के शिष्य ने उपस्थित लोगों को अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने का संकल्प दिलाया और भविष्य में आपराधिक छवि वाले व्यक्तियों को वोट न देने की भी अपील की। गौ संरक्षण के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि सरकार गौ रक्षा के वादे के साथ सत्ता में आई थी, इसलिए उसे अपने वादों को पूरा करना चाहिए। उन्होंने गौ संरक्षण में दोहरी नीति न अपनाने और इस दिशा में प्रभावी एवं स्पष्ट कदम उठाने की बात कही। सभा में गौ संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई, जहाँ वक्ताओं ने गौ संवर्धन और संरक्षण को भारतीय संस्कृति एवं परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने यात्रा का स्वागत करते हुए गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग का समर्थन किया।
- ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की मांग को लेकर निकली यात्रा का शनिवार को जसवंतनगर क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया। मैनपुरी से होते हुए जसवंतनगर पहुँचे शंकराचार्य का काफिला इसके बाद सैफई और इटावा के लिए रवाना हुआ। क्षेत्र के शाहजहांपुर स्थित कल्पनानंद आश्रम में आयोजित स्वागत समारोह में श्रद्धालुओं और क्षेत्रीय लोगों की बड़ी संख्या मौजूद रही। आश्रम प्रबंधन समिति ने फूल-मालाओं से शंकराचार्य का सम्मान किया और उन्हें स्वामी कल्पनानंद महाराज का चित्र भेंट किया। इस अवसर पर कल्पनानंद महाविद्यालय के प्रबंधक मुकद्दम सिंह, निदेशक डॉ. प्रमोद यादव, पूर्व एमएलसी अरविंद यादव, प्रधानाचार्य आदित्य यादव, प्रो. रामनरेश, पूर्व विधायक राजू यादव, प्रो. शिवराज सिंह यादव, खन्ना यादव, नीरज यादव और सत्यराम यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य के एक शिष्य ने उपस्थित लोगों को अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने का संकल्प दिलाया और भविष्य में आपराधिक छवि वाले व्यक्तियों को वोट न देने की अपील की। उन्होंने गौ रक्षा के वादे के साथ सत्ता में आई सरकार से अपने वादों को पूरा करने और गौ संरक्षण पर दोहरी नीति न अपनाने का भी आग्रह किया। सभा में गौ संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई, जहाँ वक्ताओं ने गौ संवर्धन एवं संरक्षण को भारतीय संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग का समर्थन किया। नगर पहुँचने पर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने विधायक प्रतिनिधि अजेंद्र गौर के नेतृत्व में शंकराचार्य का फूल-मालाओं और पुष्पवर्षा से स्वागत किया, जिसमें सांसद प्रतिनिधि हाजी शमीम, रघुवीर यादव, सुभाष गुप्ता, राशिद सिद्दीकी और सभासद फारूक मियां जैसे कई लोग शामिल थे। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने धर्म, गौ संरक्षण और समसामयिक विषयों पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि गौमाता की रक्षा का अभियान उनके अंतःकरण की आवाज है और इस पर बोलना उनका कर्तव्य है। उन्होंने यह भी बताया कि गौमाता की रक्षा, सनातन मूल्यों के संरक्षण और सामाजिक जागरूकता के लिए उनका अभियान निरंतर जारी रहेगा। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, समर्थक और क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे।1
- जसवंतनगर के नगला रामजीत गाँव में खेत की रखवाली करने गए एक किसान का शव उसके खेत में मिला है, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में अत्यधिक गर्मी लगने से मौत होने की आशंका जताई जा रही है। मृतक की पहचान नगला रामजीत निवासी 45 वर्षीय अनिल कुमार पुत्र स्वर्गीय शम्भेश्वर दयाल के रूप में हुई है। उनके भाई अमित कुमार पुत्र रामनरायन ने जसवंतनगर थाने में तहरीर दी है। अमित के अनुसार, अनिल कुमार 4 जून 2026 को अपने खेत की रखवाली के लिए घर से निकले थे। शनिवार को जब परिजन खेत पर पहुंचे, तो उन्होंने अनिल कुमार का शव पड़ा हुआ पाया। परिजनों ने बताया कि भीषण गर्मी के कारण शव काला पड़ गया था और उसमें से दुर्गंध भी आ रही थी। पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।1
- गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर निकाली जा रही संकल्प यात्रा के दौरान, जसवंतनगर में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की प्रस्तावित प्रेस वार्ता अचानक निरस्त कर दी गई। यह तब हुआ जब पत्रकारों ने उनसे बटुकों के कथित यौन शोषण प्रकरण, हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास द्वारा भेजे गए ₹5 करोड़ के मानहानि नोटिस, शंकराचार्य पदवी को लेकर उठे विवाद और उनके चर्चित बयानों पर सवाल पूछने की बात कही। इसके बाद उन्होंने मीडिया के किसी भी प्रश्न का उत्तर नहीं दिया और अपने काफिले के साथ रवाना हो गए। गोरखपुर से शुरू हुई गौ-राष्ट्रमाता संकल्प यात्रा के क्रम में, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शुक्रवार रात मैनपुरी जनपद के मीठेपुर स्थित एक निजी शिक्षण संस्थान में रुके थे। शनिवार सुबह मीडिया संवाद के लिए आयोजित प्रेस वार्ता में जसवंतनगर, इटावा, मैनपुरी समेत आसपास के क्षेत्रों के पत्रकार पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों और पत्रकारों के अनुसार, प्रेस वार्ता शुरू होने से पहले उनकी मीडिया टीम ने पत्रकारों से संभावित प्रश्नों की जानकारी ली। जैसे ही हाल के विवादों और आरोपों से जुड़े सवालों का जिक्र हुआ, कार्यक्रम का माहौल बदल गया और कुछ ही देर बाद प्रेस वार्ता रद्द कर दी गई। प्रेस वार्ता निरस्त होने के बाद भी कई पत्रकारों ने उनके वाहन तक पहुंचकर सवाल पूछने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद वाहन में बैठे रहे, शीशा ऊपर करा लिया और बिना किसी जवाब के अपने काफिले के साथ आगे की यात्रा पर निकल गए। इस तरह विवादित शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद तीखे सवालों से बचते और विवादों पर चुप्पी साधते नजर आए।1
- ज्योतिषपीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 'गविष्टि यात्रा' शनिवार को इटावा पहुंची। गोरखपुर से प्रारंभ हुई इस 81 दिवसीय यात्रा के इटावा आगमन पर सनातन प्रेमियों, गौरक्षा कार्यकर्ताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें विशेष उत्साह देखने को मिला। मुख्य कार्यक्रम में पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए गौ संरक्षण, गौ संवर्धन और सनातन संस्कृति के संरक्षण पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने समाज से गौ सेवा और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन श्रद्धालुओं के आभार और गौ संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।1
- उत्तर प्रदेश के इटावा जनपद के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में पुलिस लाइन के बास्केटबॉल मैदान में सिपाही अजीत यादव ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची और निरीक्षण करने के बाद मृतक सिपाही के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सिपाही अजीत यादव कानपुर देहात के निवासी थे और साल 2005 में पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे। मृतक सिपाही के परिजनों के अनुसार, आत्महत्या के कारणों का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। अजीत यादव अपनी पत्नी और बच्चों के साथ पुलिस लाइन में ही रहते थे। मृतक सिपाही अजीत यादव के भाई अरविंद यादव, जो स्वयं पुलिस विभाग में दरोगा के पद पर इटावा में ही तैनात हैं, ने बताया कि आज सुबह अजीत ने बास्केटबॉल मैदान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या के पीछे के कारणों का अभी तक कोई खुलासा नहीं हो सका है।3
- जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का सैफई पहुंचने पर पूरे सैफई परिवार और क्षेत्रवासियों द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। इस अवसर पर समाजवादी परिवार के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुष्प वर्षा, माल्यार्पण और पारंपरिक सम्मान के साथ उनका अभिनंदन किया। इस भव्य स्वागत समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जहाँ शंकराचार्य जी ने धर्म, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला और लोगों ने उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर शिवपाल सिंह यादव सहित सैफई परिवार के कई सदस्य एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।1
- 108 दिवसीय गौमाता रक्षा भ्रमण यात्रा के तहत जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का सैफई, इटावा में भव्य आगमन हुआ, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं और सैफईवासियों ने उनका अभिनंदन किया। पुरुषोत्तम माह के अवसर पर मैनपुरी की सांसद एवं सपा सुप्रीमो श्री अखिलेश यादव की धर्मपत्नी श्रीमती डिम्पल यादव, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्री शिवपाल सिंह यादव और बदायूं के सांसद श्री आदित्य यादव सहित अनेक प्रमुख हस्तियाँ इस स्वागत में शामिल हुईं। कार्यक्रम के दौरान डिम्पल यादव और शिवपाल सिंह यादव ने पूरे विधि-विधान के साथ आरती उतारकर पूजा-अर्चना की और जगद्गुरु शंकराचार्य से आशीर्वाद प्राप्त किया। अपने संबोधन में शंकराचार्य जी ने गौसेवा के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी धर्मप्रेमियों से गौमाता की सेवा करने का आह्वान करते हुए कहा कि गाय भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की आधारशिला है। उन्होंने सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने पर विचार करने की अपील भी की, ताकि भविष्य में गौमाता पर होने वाले अत्याचारों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। सैफई के अलावा, इटावा जनपद में भी जगह-जगह गौरक्षक कार्यकर्ताओं, सनातन धर्म प्रेमियों और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा और माल्यार्पण कर जगद्गुरु शंकराचार्य का उत्साहपूर्ण स्वागत किया। इस यात्रा के दौरान धार्मिक और सामाजिक संगठनों में विशेष उत्साह देखने को मिला, जो सनातन धर्म में जगद्गुरु शंकराचार्य के सर्वोच्च आध्यात्मिक स्थान और उनके आगमन को लेकर श्रद्धालुओं की गहरी श्रद्धा को दर्शाता है।4
- गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर शंकराचार्य स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की यात्रा का शनिवार को जसवंतनगर के शाहजहांपुर स्थित कल्पनानंद जी महाराज आश्रम में भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर आश्रम परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, क्षेत्रीय लोग और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान, प्रबंधन समिति ने शंकराचार्य का फूल-मालाओं से स्वागत किया और उन्हें स्वामी कल्पनानंद महाराज का चित्र भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर कल्पनानंद महाविद्यालय के प्रबंधक मुकद्दम सिंह सरपंच, निदेशक डॉ. प्रमोद यादव, पूर्व एमएलसी अरविंद यादव, पूर्व विधायक मैनपुरी राजू यादव, प्रोफेसर शिवराज सिंह यादव, डॉ. आदित्य यादव, प्रोफेसर रामनरेश, विधायक प्रतिनिधि अजेंद्र गौर, सुभाष गुप्ता, खन्ना यादव, नीरज यादव और प्रधानाचार्य ब्रजेश यादव सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे। कार्यक्रम में शंकराचार्य के शिष्य ने उपस्थित लोगों को अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने का संकल्प दिलाया और भविष्य में आपराधिक छवि वाले व्यक्तियों को वोट न देने की भी अपील की। गौ संरक्षण के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि सरकार गौ रक्षा के वादे के साथ सत्ता में आई थी, इसलिए उसे अपने वादों को पूरा करना चाहिए। उन्होंने गौ संरक्षण में दोहरी नीति न अपनाने और इस दिशा में प्रभावी एवं स्पष्ट कदम उठाने की बात कही। सभा में गौ संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई, जहाँ वक्ताओं ने गौ संवर्धन और संरक्षण को भारतीय संस्कृति एवं परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने यात्रा का स्वागत करते हुए गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग का समर्थन किया।1