बिहार के रहने वाले 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अपने रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन से क्रिकेट जगत में धूम मचा दी है। उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के सिर्फ एक ही सीज़न में कई बड़े कीर्तिमान स्थापित किए हैं, जिसमें क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ना भी शामिल है। वैभव ने महज 4 साल की छोटी उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। उनके इस सफ़र में परिवार का अथाह त्याग रहा है; उनके पिता ने कोचिंग का खर्च उठाने के लिए अपनी खेती की ज़मीन तक बेच दी, वहीं उनकी माँ रोज़ सुबह 3 बजे उठकर खाना बनाती थीं। वैभव अपनी ट्रेनिंग के लिए रोज़ लगभग 90 किलोमीटर का सफ़र तय करते थे। इस एकलौते सीज़न में, उन्होंने एक आईपीएल सीज़न में सबसे ज़्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड बनाया, 50 छक्के लगाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने, और एक पारी में भी सबसे ज़्यादा छक्के जड़े। साथ ही, उन्होंने एक सीज़न में सबसे ज़्यादा स्ट्राइक रेट, एलिमिनेटर में सबसे तेज़ फिफ्टी, और किसी भी भारतीय द्वारा सबसे तेज़ शतक बनाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। वैभव 400 रन बनाने वाले सबसे तेज़ खिलाड़ी भी बन गए हैं, और ये सभी उपलब्धियां उन्होंने सिर्फ एक ही सीज़न में हासिल की हैं।
बिहार के रहने वाले 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अपने रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन से क्रिकेट जगत में धूम मचा दी है। उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के सिर्फ एक ही सीज़न में कई बड़े कीर्तिमान स्थापित किए हैं, जिसमें क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ना भी शामिल है। वैभव ने महज 4 साल की छोटी उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। उनके इस सफ़र में परिवार का अथाह त्याग रहा है; उनके पिता ने कोचिंग का खर्च उठाने के लिए अपनी खेती की ज़मीन तक बेच दी, वहीं उनकी माँ रोज़ सुबह 3 बजे उठकर खाना बनाती थीं। वैभव अपनी ट्रेनिंग के लिए रोज़ लगभग 90 किलोमीटर का सफ़र तय करते थे। इस एकलौते सीज़न में, उन्होंने एक आईपीएल सीज़न में सबसे ज़्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड बनाया, 50 छक्के लगाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने, और एक पारी में भी सबसे ज़्यादा छक्के जड़े। साथ ही, उन्होंने एक सीज़न में सबसे ज़्यादा स्ट्राइक रेट, एलिमिनेटर में सबसे तेज़ फिफ्टी, और किसी भी भारतीय द्वारा सबसे तेज़ शतक बनाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। वैभव 400 रन बनाने वाले सबसे तेज़ खिलाड़ी भी बन गए हैं, और ये सभी उपलब्धियां उन्होंने सिर्फ एक ही सीज़न में हासिल की हैं।
- संसद में सांसद संजय सिंह ने एक बेहद दमदार और ओजस्वी भाषण दिया है। इस संबोधन को अत्यंत प्रभावी बताया जा रहा है, और विशेष रूप से इसके अंतिम भाग को महत्वपूर्ण करार देते हुए, लोगों से इसे अंत तक देखने का आग्रह किया गया है।1
- बिहार के हाजीपुर से एक पति-पत्नी के रिश्ते से जुड़ी भावुक कहानी सामने आई है, जिसमें पत्नी बेवफा निकली। यह घटना तेजी से वायरल हो रही है और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे यूट्यूब शॉर्ट्स, फेसबुक रील्स और इंस्टाग्राम रील्स पर ट्रेंड कर रही है।1
- वैशाली जिले के हाजीपुर में एक BPSC शिक्षिका अपने पति और बच्चे को छोड़कर अपने प्रेमी के साथ रहने के लिए तैयार हो गई है। इस पूरे घटनाक्रम में शिक्षिका के पति ने अपनी बात रखी है, जिसमें उन्होंने इस स्थिति पर अपना बयान दिया है।1
- वैशाली जिले के हाजीपुर सदर अस्पताल में इतनी भारी भीड़ थी कि अनेक मरीज अपना इलाज नहीं करा पाए। 'सदर अस्पताल का सच न्यूज' इस स्थिति को उजागर करता है, जहाँ भारी भीड़ के कारण कई मरीजों को इलाज से वंचित रहना पड़ा और उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।4
- यह बात समझने योग्य है कि कोई भी परिवार हो या संगठन, वह एक-दूसरे के सहयोग से चलता है, न कि किसी का इस्तेमाल करने से। इस महत्वपूर्ण सीख को राजनीति से ग्रहण किया जाना चाहिए, क्योंकि राजनीतिक विरोधी हमेशा इस फिराक में रहते हैं कि आपके अपनों को ही माध्यम बनाकर आपको बुलंदी से गिरा दें। जब किसी परिवार, संगठन या नेतृत्व में सहयोग की जगह एक-दूसरे का इस्तेमाल और खींचतान शुरू हो जाती है, तो इसका सीधा और अक्सर बड़ा फायदा विरोधी उठा लेते हैं। देश की राजनीति में ऐसे उदाहरणों की भरमार है, जो इस सच्चाई को प्रमाणित करते हैं। इसलिए, यह समय रहते समझना आवश्यक है कि वास्तविक शक्ति एकता में निहित है, न कि आपसी टकराव में, क्योंकि अपनों की लड़ाई का लाभ अंततः तीसरे पक्ष को ही मिलता है।1
- यहां एक ओर जहां मरीज दवाओं के अभाव में अपनी जान गंवा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जीवनरक्षक दवाइयाँ कचरे में फेंकी हुई पाई गई हैं। इस बेहद गंभीर और परेशान करने वाली घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि इस आपराधिक लापरवाही का असली दोषी कौन है, और इन जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ प्रशासन द्वारा आखिर कब सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- रवि देवी ने सम्राट चौधरी को सरकारी आवास खाली न करने की खुली चुनौती दी है, जिसके बाद बिहार की सियासत में गर्माहट आ गई है। इस आवास विवाद पर रवि देवी ने अपना दावा ठोका है, जिससे सम्राट चौधरी और रवि देवी के बीच एक बड़ा राजनीतिक टकराव खड़ा हो गया है।1
- बगहा थाना क्षेत्र स्थित एलआईसी कार्यालय परिसर में शुक्रवार को गोली चलने की एक घटना हुई। इस घटना के कारण इलाके में हड़कंप मच गया।1