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ललितपुर जिले में एक 'लुटेरी दुल्हन' के सक्रिय होने की खबर सामने आई है, जिसे एक ब्रेकिंग न्यूज़ के रूप में प्रसारित किया गया है। लोगों को विशेष रूप से आगाह किया गया है कि शादी के संबंध स्थापित करते समय वे अत्यधिक सावधानी बरतें, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
Journalist Samarjit Raj
ललितपुर जिले में एक 'लुटेरी दुल्हन' के सक्रिय होने की खबर सामने आई है, जिसे एक ब्रेकिंग न्यूज़ के रूप में प्रसारित किया गया है। लोगों को विशेष रूप से आगाह किया गया है कि शादी के संबंध स्थापित करते समय वे अत्यधिक सावधानी बरतें, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
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- विश्व नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर, रविवार को बीना स्थित ब्रह्माकुमारी आश्रम ने नशा मुक्ति को लेकर एक भव्य जागरूकता रैली और पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष लता सकवार मुख्य अतिथि के रूप में, जबकि पुलिस निरीक्षक अनूप यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सुबह निकाली गई नशा विरोधी रैली ब्रह्माकुमारी आश्रम से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। इस रैली का मुख्य उद्देश्य समाज में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जन-जागरूकता लाना और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था। रैली में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, युवा और ब्रह्माकुमारी परिवार के सदस्य शामिल हुए, जिनके हाथों में ‘नशा नाश की जड़ है’, ‘नशा छोड़ो-जीवन से नाता जोड़ो’ और ‘स्वस्थ जीवन, नशा मुक्त जीवन’ जैसे संदेश लिखी तख्तियां थीं। प्रतिभागी नशा विरोधी नारे लगाते हुए चल रहे थे, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इस अवसर पर, नगर पालिका अध्यक्ष लता सकवार ने जोर देकर कहा कि नशा व्यक्ति के जीवन को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से खोखला कर देता है और केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार व समाज को बर्बाद करता है। उन्होंने आज की युवा पीढ़ी को नशे की लत से बचाने की महत्ता बताते हुए हर घर, हर स्कूल और हर समाज से आगे आने का आह्वान किया। पुलिस थाना निरीक्षक अनूप यादव ने बच्चों और युवाओं को योग, ध्यान और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया, यह कहते हुए कि मन की शक्ति से हर बुरी आदत को छोड़ा जा सकता है। उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्थान की नियमित योग-ध्यान के माध्यम से हजारों लोगों को नशा मुक्त जीवन जीने की प्रेरणा देने की भूमिका को भी सराहा। रैली का समापन आश्रम पर ही हुआ, जहाँ उपस्थित सभी लोगों को नशा न करने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नगरवासी, अभिभावक और समाजसेवी मौजूद रहे।1
- जिला सागर के खिमलासा में प्री-मॉनसून ने दस्तक दे दी है, जहाँ तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। खिमलासा के मुख्य चौराहा नारायणी मंदिर चौराहे पर इस बारिश का असर साफ देखा गया, जहाँ फ़ल-फ्रूट की दुकानों के छप्पर हवा में उड़ गए और सड़कें खाली हो गईं। इस बारिश से क्षेत्र में उमस और गर्मी से लोगों को राहत मिली है।1
- पाली थाना अंतर्गत पटउवा के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जहाँ रहली (सागर) से ललितपुर जा रही एक कार अचानक सड़क पर आई एक गाय से टकरा गई। यह हादसा इतना भीषण था कि गाय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। फिलहाल, कार सवारों की स्थिति के बारे में कोई जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी है।1
- विदिशा में 01 जून 2026 को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित एक गरिमामय समारोह में उप पुलिस महानिरीक्षक (देहात) भोपाल रेंज श्री राजेश सिंह चंदेल और पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी ने पुलिस आरक्षक भर्ती-2025 के अंतर्गत चयनित 293 नवआरक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर सभी नवआरक्षकों का मध्यप्रदेश पुलिस परिवार में स्वागत किया गया। कार्यक्रम में यह जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन और पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के नेतृत्व में प्रदेश पुलिस को और अधिक सक्षम, आधुनिक तथा जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से भर्ती प्रक्रिया 'मिशन मोड' पर संचालित की जा रही है। विशेष बात यह रही कि चयनित 293 नवआरक्षकों में 36 ऐसे युवा भी शामिल हैं जिन्होंने वर्षों तक होमगार्ड के रूप में अपनी सेवाएँ देकर अनुभव अर्जित किया और अब अपने परिश्रम व समर्पण के बल पर मध्यप्रदेश पुलिस में आरक्षक पद प्राप्त किया है। नियुक्ति पत्र वितरण से पहले सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन भी किया गया। पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने नवआरक्षकों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) की महत्वपूर्ण जानकारी दी, साथ ही इनके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों, CCTNS, ई-साक्ष्य, डिजिटल विवेचना, ड्रोन और आधुनिक तकनीकों के महत्व से भी अवगत कराया। उप पुलिस महानिरीक्षक श्री राजेश सिंह चंदेल और पुलिस अधीक्षक श्री काशवानी ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस सेवा केवल एक रोजगार नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति एक समर्पित सेवा का माध्यम है। उन्होंने देशभक्ति, अनुशासन, ईमानदारी, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा को पुलिस सेवा के मूल आधार बताते हुए आमजन का विश्वास बनाए रखने का संदेश दिया। नियुक्ति पत्र प्राप्त करने के बाद, सभी नवआरक्षक निर्धारित पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों के लिए रवाना होंगे, जहाँ उन्हें शारीरिक, तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उनकी यह सफलता युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और रक्षित निरीक्षक श्री भूर सिंह चौहान सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। विदिशा पुलिस परिवार की ओर से सभी नवआरक्षकों को उज्ज्वल भविष्य, सफल प्रशिक्षण और गौरवपूर्ण सेवाकाल के लिए शुभकामनाएँ दी गईं।4
- ज्येष्ठ पूर्णिमा के तुरंत बाद कृष्ण पक्ष के आगाज़ के साथ ही मौसम ने भी करवट बदली है, जहाँ आसमान में घने और स्याह बादल छा गए हैं। इस बदलते मौसम के बीच भी आसमान में चांद अपनी रोशनी बिखेरने के लिए लगातार जद्दोजहद कर रहा है। चांद न तो रुका है और न ही पूरी तरह बादलों में छिपा है; बल्कि उसकी धीमी, किंतु खूबसूरत रोशनी बादलों को चीरकर धरती तक पहुँच रही है। यह दृश्य हमें एक गहरा संदेश देता है कि जीवन में मुश्किलें चाहे बादलों की तरह कितनी भी घनी क्यों न हों, भीतर की उम्मीद और चमक को कोई दबा नहीं सकता। यह खगोलीय नजारा इस बात का प्रतीक है कि संघर्ष जितना गहरा होगा, उससे उभरने वाली रोशनी उतनी ही अधिक शांति और सुकून देने वाली होगी।2
- सागर में मोतीनगर थाना पुलिस ने एक बुजुर्ग पर चाकू से हमला कर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दो बालिग और दो नाबालिग शामिल हैं, जिनका सोमवार दोपहर करीब 3 बजे इलाके में जुलूस भी निकाला गया। इस दौरान आरोपी “अपराध करना पाप है, पुलिस हमारी बाप है” जैसे नारे लगाते हुए नजर आए। यह घटना 29 मई की रात करीब 10 बजे की है, जब वल्लभनगर वार्ड निवासी घनश्याम राय अपने घर के बाहर टहल रहे थे। तभी चार युवकों ने उनसे शराब पीने के लिए पैसों की मांग की। बुजुर्ग द्वारा पैसे देने से इनकार करने पर, आरोपियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि बदमाशों ने जान से मारने की नीयत से बुजुर्ग के कंधे पर चाकू से वार किया और उनकी जेब से करीब दो हजार रुपये लूटकर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही मोतीनगर थाना पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में गठित एक टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत ने बताया कि गिरफ्तार बालिग आरोपियों में नितिन उर्फ आकाश अहिरवार और चंदन अहिरवार, दोनों काकागंज निवासी हैं, जबकि अन्य दो विधि-विरुद्ध बालक हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात से जुड़े साक्ष्य भी बरामद किए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई की क्षेत्र में व्यापक चर्चा रही और लोगों ने इसकी सराहना की। मोतीनगर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से गंभीर वारदात का खुलासा होने के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है।1
- ललितपुर स्टेशन मार्ग पर रात्रि करीब 12:46 बजे वी-बाजार के सामने उत्तर प्रदेश की एक महिला आरक्षक वर्दी में एक चार पहिया वाहन के बोनट पर खड़ी होकर फोटोशूट करवा रही थी। बताया गया कि महिला आरक्षक अपने तीन साथियों, जिनमें दो पुरुष और एक अन्य लड़की शामिल थी, के साथ 'टशन' में तस्वीरें खिंचवा रही थी। कैमरे में कैद होते देख वह तुरंत बोनट पर बैठ गई। इस घटना को लेकर सवाल उठाए गए हैं कि यदि आम जनता सड़क पर ऐसा कोई कृत्य करती है, तो उसे सामाजिक और कानूनी उल्लंघन माना जाता है, लेकिन यदि पुलिसकर्मी ऐसा करें तो क्या होगा। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि अब यह देखना है कि इस मामले में संबंधित महिला आरक्षक और उसके साथियों पर क्या कार्यवाही की जाती है।1
- विदिशा पुलिस ने डिजिटल पुलिसिंग और तकनीक आधारित अनुसंधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिले के विवेचकों को ई-विवेचना कार्य के लिए टैबलेट वितरित किए हैं। 01 जून 2026 को विदिशा के पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित कार्यक्रम में उप पुलिस महानिरीक्षक (देहात) रेंज भोपाल राजेश सिंह चंदेल और पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने कुल 253 टैबलेट सौंपे, जो पुलिस मुख्यालय द्वारा विदिशा जिले को आवंटित किए गए थे। यह पहल मध्यप्रदेश पुलिस को तकनीक-सक्षम, आधुनिक और स्मार्ट पुलिसिंग की ओर अग्रसर करने के उद्देश्य से की गई है। विदिशा जिले ने ई-विवेचना के प्रभावी क्रियान्वयन में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, जहाँ यह जिला प्रदेश के शीर्ष 10 जिलों में अपनी जगह बनाए हुए है। विशेष रूप से, थाना सिरोंज ने ई-विवेचना के सफल संचालन में प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले का गौरव बढ़ाया है। जिले के विवेचकों ने डिजिटल अनुसंधान प्रणाली को अपनाते हुए गुणवत्तापूर्ण विवेचना का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया है। इन टैबलेट के वितरण से विवेचकों को केस डायरी लेखन और अनुसंधान कार्यों को तेज़ी से पूरा करने में सुविधा मिलेगी। साथ ही, अपराध संबंधी दस्तावेजों और साक्ष्यों का डिजिटल संधारण सुनिश्चित होगा, जिससे विवेचना प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्धता और गुणवत्ता बढ़ेगी। कागजी कार्यवाही में कमी आने से अनुसंधान कार्य अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बन सकेगा, और न्यायालयीन कार्यवाही के लिए आवश्यक दस्तावेजों का बेहतर प्रबंधन संभव हो पाएगा। इस अवसर पर, पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने जिले के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित अनुसंधान से अपराधों के त्वरित निराकरण और बेहतर पुलिस सेवा प्रदान करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी तथा विवेचकों से डिजिटल संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया। उप पुलिस महानिरीक्षक राजेश सिंह चंदेल ने ज़ोर दिया कि आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग पुलिस अनुसंधान को अधिक सशक्त और परिणाममुखी बनाएगा, और विवेचकों को टैबलेट एवं डिजिटल एप्लिकेशनों का प्रभावी ढंग से उपयोग कर विवेचना की गुणवत्ता और दक्षता को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।2
- सागर में पुलिस की त्वरित कार्रवाई, सीसीटीवी निगरानी और तकनीकी विश्लेषण की मदद से एक महिला का लाखों रुपये मूल्य का गुम हुआ बैग मात्र तीन घंटे के भीतर खोजकर उसे सुरक्षित वापस दिलाया गया है। रहली तहसील के ग्राम रजवास निवासी निधि कुर्मी परकोटा स्थित एचडीएफसी बैंक के पास सागर बस स्टैंड जाने के लिए एक ऑटो में बैठी थीं, तभी जल्दबाजी में उनका पर्स ऑटो में ही छूट गया। इस पर्स में सोने की अंगूठी, सोने के कान के आभूषण और नकदी सहित करीब एक लाख रुपये मूल्य का सामान मौजूद था। पर्स गुम होने का पता चलते ही निधि कुर्मी ने तुरंत पुलिस से सहायता मांगी। सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार सिन्हा के निर्देश पर पुलिस कंट्रोल रूम की सीसीटीवी टीम सक्रिय हो गई। उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान के नेतृत्व में टीम ने शहरभर के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले और ऑटो की पहचान करने के प्रयास शुरू किए। तकनीकी माध्यमों से पूरी जानकारी न मिलने पर ऑटो का फोटो और विवरण पुलिस व सोशल मीडिया समूहों में साझा किया गया, जिसके परिणामस्वरूप संबंधित ऑटो चालक तक सूचना पहुंची। ऑटो चालक ने रात करीब 12 बजे स्वयं पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचकर बैग पुलिस को सौंप दिया। जांच में बैग में रखा पूरा सामान सुरक्षित पाया गया, जिसे विधिवत निधि कुर्मी को वापस कर दिया गया। अपना कीमती सामान सुरक्षित वापस मिलने पर निधि कुर्मी और उनके परिजनों ने सागर पुलिस एवं सीसीटीवी टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया। इस सराहनीय कार्य में उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान, आरक्षक रूद्रेश और आरक्षक नितेश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1