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कौशल विकास योजनाओं के दावों के बीच नशे के कारोबार में गिरफ्तारी, रोजगार व्यवस्था पर उठे सवाल! कौशल विकास योजनाओं के दावों के बीच नशे के कारोबार में गिरफ्तारी, रोजगार व्यवस्था पर उठे सवाल! महोबा में 10.525 किलो गांजे के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, युवाओं को रोजगार से जोड़ने वाली योजनाओं की जमीनी हकीकत जांचने की जरूरत महोबा। युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के सरकारी दावों के बीच महोबा में गांजा बरामदगी का मामला कई अहम सवाल खड़े करता है। थाना खन्ना पुलिस और एसओजी-सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को 10 किलो 525 ग्राम अवैध गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। हालांकि, आरोपियों की रोजगार स्थिति और किसी सरकारी कौशल विकास योजना से उनके जुड़ाव की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन यह मामला युवाओं के भविष्य, रोजगार के अवसरों और नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर चर्चा का विषय जरूर बनता है। पुलिस के मुताबिक, 27 अक्टूबर को कानपुर-सागर हाईवे से ग्राम चिचारा जाने वाले टावर के पास पक्के रास्ते पर कार्रवाई कर संदीप अहिरवार उर्फ भूरा निवासी रुरीकला तथा मान सिंह अहिरवार निवासी भूरा टोडर, थाना महोबकंठ को गिरफ्तार किया गया। संदीप के कब्जे से 5 किलो 490 ग्राम और मान सिंह के पास से 5 किलो 35 ग्राम गांजा बरामद किया गया। कौशल विकास योजनाओं की सफलता का पैमाना क्या है? सरकार युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कौशल विकास मिशन सहित विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि इन योजनाओं से कितने युवाओं को वास्तव में स्थायी रोजगार मिला? कितने प्रशिक्षित युवाओं को नौकरी या स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हुए? क्या प्रशिक्षण के बाद युवाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ और क्या रोजगार उपलब्ध कराने के दावों का स्वतंत्र सत्यापन किया जाता है? गांजा बरामदगी के इस मामले को कौशल विकास योजनाओं की विफलता का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इसके बावजूद जिले में युवाओं की रोजगार स्थिति, प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों की संख्या और उन्हें मिले वास्तविक रोजगार का आंकड़ों के आधार पर आकलन जरूरी है। आपराधिक इतिहास ने बढ़ाई चिंता पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, संदीप अहिरवार उर्फ भूरा के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत तीन मामले दर्ज बताए गए हैं। वहीं, मान सिंह के खिलाफ चोरी, धोखाधड़ी, गैंगस्टर एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में आठ मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। इन मामलों की वर्तमान कानूनी स्थिति और उनमें आरोप सिद्ध होने की स्थिति अलग-अलग हो सकती है। थाना खन्ना में दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 111/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20/29 में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, दोनों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। नशे के कारोबार पर प्रहार के साथ रोजगार की समीक्षा भी जरूरी महोबा जैसे जिलों में युवाओं को प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार के वास्तविक अवसर उपलब्ध कराना तथा अवैध मादक पदार्थों की आपूर्ति पर रोक लगाना, दोनों महत्वपूर्ण हैं। प्रशासन को कौशल विकास योजनाओं के प्रशिक्षण, प्लेसमेंट, स्वरोजगार सहायता और लाभार्थियों की वास्तविक स्थिति के आंकड़े सार्वजनिक करने पर विचार करना चाहिए। साथ ही, पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि बरामद गांजा कहां से लाया गया था, इसकी आपूर्ति किसे की जानी थी और क्या इसके पीछे कोई संगठित तस्करी नेटवर्क सक्रिय है। सवाल केवल दो आरोपियों की गिरफ्तारी का नहीं, बल्कि नशे के अवैध कारोबार की पूरी श्रृंखला तक पहुंचने और युवाओं के लिए रोजगार के वास्तविक अवसर सुनिश्चित करने का भी है।

15 hrs ago
user_Laxmi Kant Soni
Laxmi Kant Soni
Voice of people महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
15 hrs ago

कौशल विकास योजनाओं के दावों के बीच नशे के कारोबार में गिरफ्तारी, रोजगार व्यवस्था पर उठे सवाल! कौशल विकास योजनाओं के दावों के बीच नशे के कारोबार में गिरफ्तारी, रोजगार व्यवस्था पर उठे सवाल! महोबा में 10.525 किलो गांजे के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, युवाओं को रोजगार से जोड़ने वाली योजनाओं की जमीनी हकीकत जांचने की जरूरत महोबा। युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के सरकारी दावों के बीच महोबा में गांजा बरामदगी का मामला कई अहम सवाल खड़े करता है। थाना खन्ना पुलिस और एसओजी-सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को 10 किलो 525 ग्राम अवैध गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। हालांकि, आरोपियों की रोजगार स्थिति और किसी सरकारी कौशल विकास योजना से उनके जुड़ाव की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन यह मामला युवाओं के भविष्य, रोजगार के अवसरों और नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर चर्चा का विषय जरूर बनता है। पुलिस के मुताबिक, 27 अक्टूबर को कानपुर-सागर हाईवे से ग्राम चिचारा जाने वाले टावर के पास पक्के रास्ते पर कार्रवाई कर संदीप अहिरवार उर्फ भूरा निवासी रुरीकला तथा मान सिंह अहिरवार निवासी भूरा टोडर, थाना महोबकंठ को गिरफ्तार किया गया। संदीप के कब्जे से 5 किलो 490 ग्राम और मान सिंह के पास से 5 किलो 35 ग्राम गांजा बरामद किया गया। कौशल विकास योजनाओं की सफलता का पैमाना क्या है? सरकार युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कौशल विकास मिशन सहित विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि इन योजनाओं से कितने युवाओं को वास्तव में स्थायी रोजगार मिला? कितने प्रशिक्षित युवाओं को नौकरी या स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हुए? क्या प्रशिक्षण के बाद युवाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ और क्या रोजगार उपलब्ध कराने के दावों का स्वतंत्र सत्यापन किया जाता है? गांजा बरामदगी के इस मामले को कौशल विकास योजनाओं की विफलता का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इसके बावजूद जिले में युवाओं की रोजगार स्थिति, प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों की संख्या और उन्हें मिले वास्तविक रोजगार का आंकड़ों के आधार पर आकलन जरूरी है। आपराधिक इतिहास ने बढ़ाई चिंता पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, संदीप अहिरवार उर्फ भूरा के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत तीन मामले दर्ज बताए गए हैं। वहीं, मान सिंह के खिलाफ चोरी, धोखाधड़ी, गैंगस्टर एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में आठ मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। इन मामलों की वर्तमान कानूनी स्थिति और उनमें आरोप सिद्ध होने की स्थिति अलग-अलग हो सकती है। थाना खन्ना में दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 111/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20/29 में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, दोनों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। नशे के कारोबार पर प्रहार के साथ रोजगार की समीक्षा भी जरूरी महोबा जैसे जिलों में युवाओं को प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार के वास्तविक अवसर उपलब्ध कराना तथा अवैध मादक पदार्थों की आपूर्ति पर रोक लगाना, दोनों महत्वपूर्ण हैं। प्रशासन को कौशल विकास योजनाओं के प्रशिक्षण, प्लेसमेंट, स्वरोजगार सहायता और लाभार्थियों की वास्तविक स्थिति के आंकड़े सार्वजनिक करने पर विचार करना चाहिए। साथ ही, पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि बरामद गांजा कहां से लाया गया था, इसकी आपूर्ति किसे की जानी थी और क्या इसके पीछे कोई संगठित तस्करी नेटवर्क सक्रिय है। सवाल केवल दो आरोपियों की गिरफ्तारी का नहीं, बल्कि नशे के अवैध कारोबार की पूरी श्रृंखला तक पहुंचने और युवाओं के लिए रोजगार के वास्तविक अवसर सुनिश्चित करने का भी है।

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    जैतपुर के डाक बंगला कोठी परिसर में शनिवार को खाद बांटने की सूचना पर हजारों किसान पहुंचे
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    user_इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
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    user_दैनिक भास्कर न्याय
    दैनिक भास्कर न्याय
    Local News Reporter महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • लेखपाल और भाजपा नेता का वायरल आडियो बना लोगो के बीच चर्चा का विषय लेखपाल और BJP कार्यकर्ता की बातचीत का ऑडियो वायरल वायरल ऑडियो में लेखपाल BJP कार्यकर्ता को पैर पकड़ने के बाद भला करने की कर रहा बातचीत लेखपाल विकास यादव पर 2000 रुपए मांगने का भी आरोप एक महीने से चक्कर लगा रहे हो खर्चा कर देते तो अब तक हो जाता काम ग्राम प्रधान के लिए भी बोले गए अमर्यादित शब्द समाजसेवी रविन्द्र सिंह ने उपजिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर कार्यवाही की मांग की कुलपहाड़ तहसील क्षेत्र में तैनात है लेखपाल विकास यादव।
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लेखपाल और BJP कार्यकर्ता की बातचीत का ऑडियो वायरल
वायरल ऑडियो में लेखपाल BJP कार्यकर्ता को पैर पकड़ने के बाद भला करने की कर रहा बातचीत
लेखपाल विकास यादव पर 2000 रुपए मांगने का भी आरोप
एक महीने से चक्कर लगा रहे हो खर्चा कर देते तो अब तक हो जाता काम
ग्राम प्रधान के लिए भी बोले गए अमर्यादित शब्द
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कुलपहाड़ तहसील क्षेत्र में तैनात है लेखपाल विकास यादव।
    user_एच के पोद्दार
    एच के पोद्दार
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    6 hrs ago
  • कौशल विकास योजनाओं के दावों के बीच नशे के कारोबार में गिरफ्तारी, रोजगार व्यवस्था पर उठे सवाल! कौशल विकास योजनाओं के दावों के बीच नशे के कारोबार में गिरफ्तारी, रोजगार व्यवस्था पर उठे सवाल! महोबा में 10.525 किलो गांजे के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, युवाओं को रोजगार से जोड़ने वाली योजनाओं की जमीनी हकीकत जांचने की जरूरत महोबा। युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के सरकारी दावों के बीच महोबा में गांजा बरामदगी का मामला कई अहम सवाल खड़े करता है। थाना खन्ना पुलिस और एसओजी-सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को 10 किलो 525 ग्राम अवैध गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। हालांकि, आरोपियों की रोजगार स्थिति और किसी सरकारी कौशल विकास योजना से उनके जुड़ाव की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन यह मामला युवाओं के भविष्य, रोजगार के अवसरों और नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर चर्चा का विषय जरूर बनता है। पुलिस के मुताबिक, 27 अक्टूबर को कानपुर-सागर हाईवे से ग्राम चिचारा जाने वाले टावर के पास पक्के रास्ते पर कार्रवाई कर संदीप अहिरवार उर्फ भूरा निवासी रुरीकला तथा मान सिंह अहिरवार निवासी भूरा टोडर, थाना महोबकंठ को गिरफ्तार किया गया। संदीप के कब्जे से 5 किलो 490 ग्राम और मान सिंह के पास से 5 किलो 35 ग्राम गांजा बरामद किया गया। कौशल विकास योजनाओं की सफलता का पैमाना क्या है? सरकार युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कौशल विकास मिशन सहित विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि इन योजनाओं से कितने युवाओं को वास्तव में स्थायी रोजगार मिला? कितने प्रशिक्षित युवाओं को नौकरी या स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हुए? क्या प्रशिक्षण के बाद युवाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ और क्या रोजगार उपलब्ध कराने के दावों का स्वतंत्र सत्यापन किया जाता है? गांजा बरामदगी के इस मामले को कौशल विकास योजनाओं की विफलता का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इसके बावजूद जिले में युवाओं की रोजगार स्थिति, प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों की संख्या और उन्हें मिले वास्तविक रोजगार का आंकड़ों के आधार पर आकलन जरूरी है। आपराधिक इतिहास ने बढ़ाई चिंता पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, संदीप अहिरवार उर्फ भूरा के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत तीन मामले दर्ज बताए गए हैं। वहीं, मान सिंह के खिलाफ चोरी, धोखाधड़ी, गैंगस्टर एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में आठ मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। इन मामलों की वर्तमान कानूनी स्थिति और उनमें आरोप सिद्ध होने की स्थिति अलग-अलग हो सकती है। थाना खन्ना में दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 111/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20/29 में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, दोनों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। नशे के कारोबार पर प्रहार के साथ रोजगार की समीक्षा भी जरूरी महोबा जैसे जिलों में युवाओं को प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार के वास्तविक अवसर उपलब्ध कराना तथा अवैध मादक पदार्थों की आपूर्ति पर रोक लगाना, दोनों महत्वपूर्ण हैं। प्रशासन को कौशल विकास योजनाओं के प्रशिक्षण, प्लेसमेंट, स्वरोजगार सहायता और लाभार्थियों की वास्तविक स्थिति के आंकड़े सार्वजनिक करने पर विचार करना चाहिए। साथ ही, पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि बरामद गांजा कहां से लाया गया था, इसकी आपूर्ति किसे की जानी थी और क्या इसके पीछे कोई संगठित तस्करी नेटवर्क सक्रिय है। सवाल केवल दो आरोपियों की गिरफ्तारी का नहीं, बल्कि नशे के अवैध कारोबार की पूरी श्रृंखला तक पहुंचने और युवाओं के लिए रोजगार के वास्तविक अवसर सुनिश्चित करने का भी है।
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    कौशल विकास योजनाओं के दावों के बीच नशे के कारोबार में गिरफ्तारी, रोजगार व्यवस्था पर उठे सवाल!
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महोबा में 10.525 किलो गांजे के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, युवाओं को रोजगार से जोड़ने वाली योजनाओं की जमीनी हकीकत जांचने की जरूरत
महोबा। युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के सरकारी दावों के बीच महोबा में गांजा बरामदगी का मामला कई अहम सवाल खड़े करता है। थाना खन्ना पुलिस और एसओजी-सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को 10 किलो 525 ग्राम अवैध गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। हालांकि, आरोपियों की रोजगार स्थिति और किसी सरकारी कौशल विकास योजना से उनके जुड़ाव की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन यह मामला युवाओं के भविष्य, रोजगार के अवसरों और नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर चर्चा का विषय जरूर बनता है।
पुलिस के मुताबिक, 27 अक्टूबर को कानपुर-सागर हाईवे से ग्राम चिचारा जाने वाले टावर के पास पक्के रास्ते पर कार्रवाई कर संदीप अहिरवार उर्फ भूरा निवासी रुरीकला तथा मान सिंह अहिरवार निवासी भूरा टोडर, थाना महोबकंठ को गिरफ्तार किया गया। संदीप के कब्जे से 5 किलो 490 ग्राम और मान सिंह के पास से 5 किलो 35 ग्राम गांजा बरामद किया गया।
कौशल विकास योजनाओं की सफलता का पैमाना क्या है?
सरकार युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कौशल विकास मिशन सहित विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि इन योजनाओं से कितने युवाओं को वास्तव में स्थायी रोजगार मिला? कितने प्रशिक्षित युवाओं को नौकरी या स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हुए? क्या प्रशिक्षण के बाद युवाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ और क्या रोजगार उपलब्ध कराने के दावों का स्वतंत्र सत्यापन किया जाता है?
गांजा बरामदगी के इस मामले को कौशल विकास योजनाओं की विफलता का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इसके बावजूद जिले में युवाओं की रोजगार स्थिति, प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों की संख्या और उन्हें मिले वास्तविक रोजगार का आंकड़ों के आधार पर आकलन जरूरी है।
आपराधिक इतिहास ने बढ़ाई चिंता
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, संदीप अहिरवार उर्फ भूरा के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत तीन मामले दर्ज बताए गए हैं। वहीं, मान सिंह के खिलाफ चोरी, धोखाधड़ी, गैंगस्टर एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में आठ मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। इन मामलों की वर्तमान कानूनी स्थिति और उनमें आरोप सिद्ध होने की स्थिति अलग-अलग हो सकती है।
थाना खन्ना में दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 111/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20/29 में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, दोनों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
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महोबा जैसे जिलों में युवाओं को प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार के वास्तविक अवसर उपलब्ध कराना तथा अवैध मादक पदार्थों की आपूर्ति पर रोक लगाना, दोनों महत्वपूर्ण हैं। प्रशासन को कौशल विकास योजनाओं के प्रशिक्षण, प्लेसमेंट, स्वरोजगार सहायता और लाभार्थियों की वास्तविक स्थिति के आंकड़े सार्वजनिक करने पर विचार करना चाहिए।
साथ ही, पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि बरामद गांजा कहां से लाया गया था, इसकी आपूर्ति किसे की जानी थी और क्या इसके पीछे कोई संगठित तस्करी नेटवर्क सक्रिय है। सवाल केवल दो आरोपियों की गिरफ्तारी का नहीं, बल्कि नशे के अवैध कारोबार की पूरी श्रृंखला तक पहुंचने और युवाओं के लिए रोजगार के वास्तविक अवसर सुनिश्चित करने का भी है।
    user_Laxmi Kant Soni
    Laxmi Kant Soni
    Voice of people महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • आज गुड्डू दादा बृजभूषण राजपूत चरखारी विधायक जी के पैतृक गांव बम्हौरी में उमंग सुल्लेरे लेखक जनपद महोबा उत्तर प्रदेश
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    आज गुड्डू दादा बृजभूषण राजपूत  चरखारी विधायक जी के पैतृक गांव बम्हौरी में

उमंग सुल्लेरे लेखक 
जनपद महोबा उत्तर प्रदेश
    user_Writer Umangsullere
    Writer Umangsullere
    Accounting firm कुलपहाड़, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • बुंदेलखंड में होगा एक और पार्टी का उदय भूपेंद्र सिंह से खास बातचीत ।।
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    बुंदेलखंड में होगा एक और पार्टी का उदय भूपेंद्र सिंह से खास बातचीत ।।
    user_Jayhind Kumar
    Jayhind Kumar
    कुलपहाड़, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • "कबरई के बांदा रोड पर भारत गैस एजेंसी के पास तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी, जिसमें 28 वर्षीय जितेंद्र की मौके पर मौत हो गई और आशीष घायल हो गया।"
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    "कबरई के बांदा रोड पर भारत गैस एजेंसी के पास तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी, जिसमें 28 वर्षीय जितेंद्र की मौके पर मौत हो गई और आशीष घायल हो गया।"
    user_राजीव कुमार पत्रकार
    राजीव कुमार पत्रकार
    Local News Reporter महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • खन्ना पुलिस ने पाकसो sr सम्बंधित दो अभियुक्तों को किया गिरफ्तार
    1
    खन्ना पुलिस ने पाकसो sr सम्बंधित दो अभियुक्तों को किया गिरफ्तार
    user_राजीव कुमार पत्रकार
    राजीव कुमार पत्रकार
    Local News Reporter महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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