ग्वालियर के सुभाष नगर वार्ड नंबर 12 में 50 क्वार्टर बिजली घर के पीछे स्थित मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक और सामुदायिक भवन नशेड़ियों का अड्डा बन गए हैं। यहां रोजाना सुबह, शाम और देर रात डेढ़ बजे तक आवारा लड़के आकर नशा करते हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस क्षेत्र में धड़ल्ले से स्मैक और शराब की बिक्री हो रही है। सामुदायिक भवन में एक लड़का लगातार स्मैक लेकर आता है, जिसके बाद यहां जुटे लड़के गाली-गलौज और हंगामा करते हैं। इसके अलावा, पास ही स्थित बाबा की दुकान पर दिनभर सिगरेट पीने वाले लड़कों की भीड़ लगी रहती है, जिससे वहां से गुजरने वाली स्कूल की छात्राओं और बच्चियों को काफी परेशानी होती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की गाड़ी जब भी आती है, तो मुख्य सड़क से ही सायरन बजाती है। सायरन की आवाज सुनते ही सभी नशेड़ी मौके से भाग जाते हैं और पुलिस के पहुंचने तक वहां कोई नहीं मिलता। पुलिस भी बेखबर होकर देखकर चली जाती है। कॉलोनी के समस्त निवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि इन नशेड़ियों पर तुरंत रोक लगाई जाए और यहां पुलिस की एक गाड़ी स्थायी रूप से खड़ी की जाए ताकि असामाजिक तत्व इकट्ठा न हो सकें।
ग्वालियर के सुभाष नगर वार्ड नंबर 12 में 50 क्वार्टर बिजली घर के पीछे स्थित मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक और सामुदायिक भवन नशेड़ियों का अड्डा बन गए हैं। यहां रोजाना सुबह, शाम और देर रात डेढ़ बजे तक आवारा लड़के आकर नशा करते हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस क्षेत्र में धड़ल्ले से स्मैक और शराब की बिक्री हो रही है। सामुदायिक भवन में एक लड़का लगातार स्मैक लेकर आता है, जिसके बाद यहां जुटे लड़के गाली-गलौज और हंगामा करते हैं। इसके अलावा, पास ही स्थित बाबा की दुकान पर दिनभर सिगरेट पीने वाले लड़कों की भीड़ लगी रहती है, जिससे वहां से गुजरने वाली स्कूल की छात्राओं और बच्चियों को काफी परेशानी होती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की गाड़ी जब भी आती है, तो मुख्य सड़क से ही सायरन बजाती है। सायरन की आवाज सुनते ही सभी नशेड़ी मौके से भाग जाते हैं और पुलिस के पहुंचने तक वहां कोई नहीं मिलता। पुलिस भी बेखबर होकर देखकर चली जाती है। कॉलोनी के समस्त निवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि इन नशेड़ियों पर तुरंत रोक लगाई जाए और यहां पुलिस की एक गाड़ी स्थायी रूप से खड़ी की जाए ताकि असामाजिक तत्व इकट्ठा न हो सकें।
- ग्वालियर के सुभाष नगर वार्ड नंबर 12 में 50 क्वार्टर बिजली घर के पीछे स्थित मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक और सामुदायिक भवन नशेड़ियों का अड्डा बन गए हैं। यहां रोजाना सुबह, शाम और देर रात डेढ़ बजे तक आवारा लड़के आकर नशा करते हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस क्षेत्र में धड़ल्ले से स्मैक और शराब की बिक्री हो रही है। सामुदायिक भवन में एक लड़का लगातार स्मैक लेकर आता है, जिसके बाद यहां जुटे लड़के गाली-गलौज और हंगामा करते हैं। इसके अलावा, पास ही स्थित बाबा की दुकान पर दिनभर सिगरेट पीने वाले लड़कों की भीड़ लगी रहती है, जिससे वहां से गुजरने वाली स्कूल की छात्राओं और बच्चियों को काफी परेशानी होती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की गाड़ी जब भी आती है, तो मुख्य सड़क से ही सायरन बजाती है। सायरन की आवाज सुनते ही सभी नशेड़ी मौके से भाग जाते हैं और पुलिस के पहुंचने तक वहां कोई नहीं मिलता। पुलिस भी बेखबर होकर देखकर चली जाती है। कॉलोनी के समस्त निवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि इन नशेड़ियों पर तुरंत रोक लगाई जाए और यहां पुलिस की एक गाड़ी स्थायी रूप से खड़ी की जाए ताकि असामाजिक तत्व इकट्ठा न हो सकें।1
- ग्वालियर जिले के भितरवार में खाद की किल्लत, बिजली कटौती और नशे के खिलाफ किसान सभा ने एक जोरदार जुलूस निकाला। प्रदर्शन के बाद किसान सभा के पदाधिकारियों और क्षेत्रवासियों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार शिवदत्त कटारे को अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से क्षेत्र की गंभीर समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की गई है। दिए गए ज्ञापन में मुख्य रूप से किसानों के लिए पर्याप्त खाद की व्यवस्था सुनिश्चित कराने और बिजली कंपनी को नियमित एवं सुचारू विद्युत आपूर्ति देने के निर्देश जारी करने की मांग की गई है। इसके साथ ही, शिक्षण संस्थानों की जांच कर छात्रों से वसूली जा रही अतिरिक्त फीस पर रोक लगाने और पुलिस प्रशासन को मुस्तैद कर नशीले पदार्थों के अवैध कारोबारियों पर तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी उठाई गई है। ज्ञापन सौंपने के बाद तहसीलदार शिवदत्त कटारे ने किसानों को आश्वासन दिया कि प्रशासन इन सभी समस्याओं पर जल्द ही उचित कार्यवाही करेगा और इनका निपटारा करेगा। इस प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान मुख्य रूप से किसान सभा भितरवार के पदाधिकारी कॉमरेड बीरबल चैन, मुकेश यादव, दिनेश पाठक, मुन्ना कुरैशी, पवन और संदीप सहित बड़ी संख्या में किसान व क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।2
- ग्वालियर के डबरा में एक युवक-युवती ने आर्य समाज में विवाह करने का दावा करते हुए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है। दतिया के पटेल कॉलोनी की मूल निवासी (वर्तमान निवासी जाटव मोहल्ला, डबरा) खुशी सिंह (पुत्री सतप्रकाश सिंह) और डबरा निवासी अभिषेक मोहोनिया (पुत्र जशवंत मोहोनिया) ने बताया कि उन्होंने 15 जुलाई 2026 को आर्य समाज संस्कृति संस्थान में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अपनी स्वेच्छा से विवाह कर लिया है। विवाह संपन्न होने के बाद दोनों ने पुलिस अधीक्षक ग्वालियर और थाना प्रभारी डबरा शहर को एक वीडियो संदेश भेजकर अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। वीडियो संदेश में इस नवविवाहित जोड़े ने अपनी मर्जी से विवाह करने की बात कहते हुए किसी भी अप्रिय घटना की आशंका जताई है। युवती ने अपने परिजनों पर मारपीट और प्रताड़ना के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उसका दावा है कि उसकी मां पहले इस शादी के लिए राजी थीं, लेकिन बाद में वे इसका विरोध करने लगीं और उसे नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई जा रही थी, जिसके चलते उसने घर छोड़कर शादी करने का फैसला किया। युवती ने यह भी कहा कि यदि अभिषेक के परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी उसके परिजनों की होगी। हालांकि, युवती के इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि पुलिस ने इस संबंध में कोई मामला दर्ज किया है या सुरक्षा प्रदान करने को लेकर कोई आदेश जारी किया है।1
- महिला सशक्तिकरण और महिला उत्थान के लिए लगातार कार्यरत महिला समाज सेवी उर्मिला तोमर से ग्वालियर आज तक न्यूज टीम ने खास बातचीत की है। महिला सशक्तिकरण की मिसाल मानी जाने वाली उर्मिला तोमर से ग्वालियर आज तक की टीम ने इस विशेष इंटरव्यू के दौरान संवाद किया है।1
- ग्वालियर के डबरा में एक युवक और युवती ने आर्य समाज में विवाह करने का दावा करते हुए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है। दतिया के पटेल कॉलोनी की रहने वाली और वर्तमान में डबरा के जाटव मोहल्ला निवासी खुशी सिंह (पुत्री सतप्रकाश सिंह) और डबरा निवासी अभिषेक मोहोनिया (पुत्र जशवंत मोहोनिया) ने बताया कि उन्होंने 15 जुलाई 2026 को आर्य समाज संस्कृति संस्थान में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अपनी स्वेच्छा से विवाह किया है। विवाह के बाद इस जोड़े ने पुलिस अधीक्षक ग्वालियर और थाना प्रभारी डबरा शहर को एक वीडियो संदेश भेजकर अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। वीडियो संदेश में नवविवाहित दंपति ने कहा है कि उन्होंने अपनी मर्जी से शादी की है और उन्हें किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की आशंका सता रही है। वीडियो में युवती ने अपने ही परिजनों पर मारपीट और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका दावा है कि उसकी मां पहले इस विवाह के लिए सहमत थीं, लेकिन बाद में वे इसका विरोध करने लगीं। युवती का आरोप है कि उसे नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई जा रही थी, जिसके कारण उसे मजबूरन घर छोड़कर विवाह करने का फैसला लेना पड़ा। उसने यह भी कहा कि यदि अभिषेक या उसके परिवार के किसी भी सदस्य के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उसके परिजनों की होगी। फिलहाल, युवती द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। यह भी अभी साफ नहीं है कि पुलिस ने इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज की है या उन्हें सुरक्षा देने के लिए कोई औपचारिक आदेश जारी किया है। इस पूरे घटनाक्रम पर पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।1
- मध्य प्रदेश के दतिया में विधानसभा उपचुनाव के मद्देनजर चल रही सघन वाहन चेकिंग के दौरान गोराघाट थाना पुलिस ने एक स्कॉर्पियो कार से लगभग 21 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने चेकिंग के दौरान संदिग्ध स्कॉर्पियो को रोककर जब उसकी तलाशी ली, तो उसमें भारी मात्रा में यह नकदी मिली, जिसे तत्काल जब्त कर लिया गया। पुलिस ने गाड़ी में मौजूद संबंधित व्यक्तियों से इस भारी-भरकम राशि के संबंध में पूछताछ शुरू कर दी है। वर्तमान में पुलिस और निर्वाचन अधिकारी बरामद किए गए रुपयों से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। यदि संबंधित व्यक्तियों द्वारा इस राशि का कोई संतोषजनक विवरण और वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं, तो निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। विधानसभा उपचुनाव को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए जिले में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें लगातार इस तरह की सघन जांच अभियान चला रही हैं। इस बड़ी बरामदगी के बाद से क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं और फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।2
- ग्वालियर के डबरा में झांसी हाईवे पर स्थित श्रीराम फिलिंग स्टेशन पर देर रात बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में जमकर उत्पात मचाया और लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया। यह वारदात 16 जुलाई की रात करीब 1 बजे की है, जब सफेद रंग की इको गाड़ी (MP07 AJ 2769) से आए 5-6 बदमाशों ने पहले पेट्रोल भरवाने के बहाने विवाद किया। इसके बाद वे दोबारा डंडों और हथियारों से लैस होकर लौटे और पेट्रोल पंप कर्मचारियों के साथ बेरहमी से मारपीट की। हमलावर गल्ले में रखे करीब 4 हजार रुपये की नकदी लूटकर और कर्मचारियों के मोबाइल क्षतिग्रस्त कर जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। पूरी वारदात पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, लेकिन इसके बावजूद डबरा सिटी थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पेट्रोल पंप संचालक विवेक गुप्ता ने सिटी थाना प्रभारी को इस संबंध में लिखित शिकायत दी है। पीड़ित का आरोप है कि लूट, मारपीट, धमकी और सीसीटीवी जैसे ठोस सबूत मौजूद होने के बाद भी शिकायत दिए जाने के घंटों बाद तक पुलिस न तो घटनास्थल का मुआयना करने पहुंची और न ही मामले में कोई एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस की इस निष्क्रियता को लेकर पीड़ित परिवार, पेट्रोल पंप के कर्मचारियों और स्थानीय व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। आखिर लूट जैसी गंभीर वारदात और सीसीटीवी फुटेज होने के बाद भी डबरा सिटी थाना पुलिस कार्रवाई करने में देरी क्यों कर रही है? पीड़ित विवेक गुप्ता ने आरोपियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है, साथ ही यह भी कहा है कि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में इन आरोपियों की ही जिम्मेदारी तय की जाए।4