ग्राम पंचायत मरहा के लिए आज का दिन एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी निर्णय का साक्षी बना, जहाँ ग्राम सभा ने एक प्रस्ताव पारित किया है। इस प्रस्ताव के तहत, आदर्श आंगनवाड़ी केंद्र – मरहा के मुख्य गतिविधि कक्ष का नाम अब "डॉ. कोलुथुर गोपालन स्मृति समेकित बाल विकास कक्ष" रखा जाएगा। यह वही कक्ष है जहाँ से आंगनवाड़ी की सभी शैक्षणिक, पोषण और बाल विकास से जुड़ी गतिविधियाँ संचालित होती हैं। इस कक्ष का नामकरण महान पोषण वैज्ञानिक डॉ. कोलुथुर गोपालन की स्मृति में किया जाना ग्राम पंचायत के लिए गर्व का विषय है। डॉ. गोपालन ने भारत में पोषण, बाल स्वास्थ्य और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया था। उनके विचार और कार्य आज भी समाज को स्वस्थ और जागरूक बनाने की प्रेरणा देते हैं। ग्राम पंचायत मरहा का यह निर्णय केवल एक कक्ष का नामकरण नहीं, बल्कि बाल स्वास्थ्य, पोषण और समेकित विकास के प्रति उनकी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। आशा व्यक्त की गई है कि "डॉ. कोलुथुर गोपालन स्मृति समेकित बाल विकास कक्ष" आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा, और यहाँ से संचालित होने वाली हर गतिविधि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखेगी।
ग्राम पंचायत मरहा के लिए आज का दिन एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी निर्णय का साक्षी बना, जहाँ ग्राम सभा ने एक प्रस्ताव पारित किया है। इस प्रस्ताव के तहत, आदर्श आंगनवाड़ी केंद्र – मरहा के मुख्य गतिविधि कक्ष का नाम अब "डॉ. कोलुथुर गोपालन स्मृति समेकित बाल विकास कक्ष" रखा जाएगा। यह वही कक्ष है जहाँ से आंगनवाड़ी की सभी शैक्षणिक, पोषण और बाल विकास से जुड़ी गतिविधियाँ संचालित होती हैं। इस कक्ष का नामकरण महान पोषण वैज्ञानिक डॉ. कोलुथुर गोपालन की स्मृति में किया जाना ग्राम पंचायत के लिए गर्व का विषय है। डॉ. गोपालन ने भारत में पोषण, बाल स्वास्थ्य और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया था। उनके विचार और कार्य आज भी समाज को स्वस्थ और जागरूक बनाने की प्रेरणा देते हैं। ग्राम पंचायत मरहा का यह निर्णय केवल एक कक्ष का नामकरण नहीं, बल्कि बाल स्वास्थ्य, पोषण और समेकित विकास के प्रति उनकी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। आशा व्यक्त की गई है कि "डॉ. कोलुथुर गोपालन स्मृति समेकित बाल विकास कक्ष" आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा, और यहाँ से संचालित होने वाली हर गतिविधि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखेगी।
- जनपद संतकबीरनगर पुलिस परिवार के लिए रविवार का दिन भावुक क्षणों से भरा रहा, जब पुलिस विभाग में अपनी लंबी सेवाएं पूर्ण करने वाले तीन पुलिसकर्मियों को अधिवर्षता आयु पूर्ण होने पर ससम्मान विदाई दी गई। यह विदाई समारोह रिजर्व पुलिस लाइन संतकबीरनगर के सभागार में आयोजित किया गया, जहाँ सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी कार्यालय के अधिकारी अशोक कुमार सिंह ने सेवानिवृत्त होने वाले पुलिसकर्मियों के सेवाकाल के अनुभव साझा किए और विभाग में उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इन कर्मियों ने अपने पूरे कार्यकाल में निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के साथ सेवाएं देकर विभाग की गरिमा बढ़ाई है। समारोह के दौरान, सेवानिवृत्त कर्मियों को माला पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर तथा धर्मग्रंथ भेंट कर सम्मानित किया गया। उनसे उनके भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली गई और यह आश्वस्त किया गया कि भविष्य में किसी भी प्रकार की आवश्यकता या समस्या होने पर विभाग हमेशा उनके साथ खड़ा रहेगा। पुलिस सेवा से सेवानिवृत्ति प्राप्त करने वाले इन पुलिसकर्मियों में उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस शंकर सिंह, फायर सर्विस चालक सुरेन्द्र कुमार राय और फायरमैन रामकेश शर्मा शामिल हैं, जिन्होंने अधिवर्षता आयु पूर्ण की है। इस भावुक विदाई के समय, उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के स्वस्थ, सुखद एवं सम्मानजनक जीवन की कामना की।1
- संतकबीरनगर जिले में साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, महुली पुलिस और साइबर हेल्प टीम ने एक साइबर ठगी के पीड़ित को बड़ी राहत दी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित के ₹50,000 की ठगी गई धनराशि वापस दिलाई, जिसके बाद पीड़ित और उसके परिजनों ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। यह सफलता पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा के निर्देशन में संचालित 'फेक साइबर क्राइम अभियान' का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान करना है। दरअसल, थाना महुली क्षेत्र के ग्राम छितही निवासी असजद हुसैन ने पुलिस को शिकायत दी थी कि 11 फरवरी 2026 को एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें कोयला उपलब्ध कराने का झांसा देकर ₹50,000 ले लिए थे। रुपये लेने के बाद न तो कोयला दिया गया और न ही धनराशि वापस की गई, जिससे उन्हें ठगी का शिकार होने का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस से मदद मांगी। शिकायत मिलने के तुरंत बाद, महुली पुलिस और साइबर टीम ने बैंकिंग तथा तकनीकी माध्यमों का उपयोग करके मामले की जांच शुरू की। लगातार प्रयासों और समन्वित कार्रवाई के परिणामस्वरूप, 26 मई 2026 को पीड़ित असजद हुसैन के खाते में ₹50,000 की पूरी ठगी गई रकम वापस करा दी गई। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश पाण्डेय, साइबर प्रभारी अनुज कुमार यादव, कांस्टेबल अंकित पटेल, सोनू यादव, मनोज यादव, और महिला कांस्टेबल कमलेश कुमारी की अहम भूमिका रही। इस घटना के मद्देनजर, पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, फोन कॉल, संदेश या ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। साथ ही, अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, सीवीवी, पासवर्ड या यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करने की भी सलाह दी गई है। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने का आह्वान किया गया है।2
- संतकबीरनगर पुलिस ने एसपी संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत मेंहदावल-नौलखा मार्ग पर मुहिया पुल के पास से झपट्टेमारी और छिनैती के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई प्रभारी एसओजी और थाना मेंहदावल पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई। गिरफ्तार आरोपी मो. कामिल उर्फ अली और मो. अहमद उर्फ अली उर्फ नाटे हैं, जो गोरखपुर जनपद के निवासी बताए गए हैं। पुलिस द्वारा खुलासा की गई घटना 23 मई 2026 की है, जब वादी इरशाद अहमद की माँ घर के सामने बैठी थीं। तभी मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात व्यक्तियों ने पानी मांगने के बहाने पास आकर उनके गले से सोने की चेन जबरन छीन ली और फरार हो गए। इस संबंध में थाना मेंहदावल पर मु0अ0सं0 223/2026 धारा 304(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नशे के आदी हैं और आर्थिक तंगी के कारण विभिन्न स्थानों पर झपट्टामारी, छिनैती और चोरी जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं। अभियुक्त मो. अहमद उर्फ अली उर्फ नाटे ने 2020 में चोरी के धन के बंटवारे को लेकर अपने एक मित्र की हत्या करने की बात भी कबूली, जिसमें नशे की हालत में उसने पत्थर और ब्लेड का इस्तेमाल किया था। पूछताछ के दौरान मो. अहमद के कब्जे से अवैध गांजा भी बरामद हुआ। उन्होंने 21 मई 2026 को एक मोटरसाइकिल चोरी करने और लाल डिग्गी क्षेत्र में छोड़ देने की बात बताई, साथ ही उसी रात लगभग 09:00 बजे गोरखपुर के जगनाथपुर वनकटी चक दुर्गा मंदिर के पास से एक और मोटरसाइकिल चोरी करने की बात भी स्वीकार की। आरोपियों ने बताया कि गोरखपुर में अधिक सीसीटीवी कैमरे होने के कारण वे ग्रामीण क्षेत्रों को निशाना बनाते थे और पहचान छिपाने के लिए कैप व मुंह ढककर चलते थे, साथ ही विरोध होने पर फरार होने के लिए मिर्च पाउडर भी रखते थे। अछिया गांव में हुई चेन स्नैचिंग की घटना को स्वीकार करते हुए उन्होंने बताया कि सोने की चेन को एक अज्ञात व्यक्ति को ₹25,000/- में बेच दिया था, और बरामद ₹10,000/- उसी धनराशि का हिस्सा हैं, बाकी रकम खाने-पीने और अन्य खर्चों में व्यय कर दी गई। आरोपियों के पास से 2 किलो 100 ग्राम अवैध गांजा, 4 मोबाइल फोन, लाल मिर्च पाउडर, 1 पर्स, चाभी का गुच्छा, 6 सिम कार्ड, 1 मोटरसाइकिल और ₹10,000/- नकद बरामद किए गए हैं। इस बरामदी के आधार पर थाना मेंहदावल पर मु0अ0स0 226/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस पंजीकृत किया गया है। गिरफ्तारी और बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी एसओजी रजनीश राय, हे0का0 अनुप राय, का0 दीपक सिंह, का0 विवेक मिश्रा और मेंहदावल एसओ राकेश कुमार सिंह, उ0नि0 आशुतोष मणि त्रिपाठी, उ0नि0 मैनेजर यादव, हे0का0 रामरतन तिवारी, का0 अनुराग कुमार सिंह, रि0का0 विशाल निषाद, एण्टी थेप्ट सेल का0 वीर बहादुर यादव, का0 अरुण हलवाई, का0 ज्ञानप्रकाश सिंह सहित सर्विलांस टीम के कर्मी शामिल रहे। एसपी संदीप कुमार मीना ने इस कार्य के लिए पुलिस टीमों को ₹25,000/- नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।3
- उत्तर प्रदेश के जनपद संत कबीर नगर में वृद्धा पेंशन योजना में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया गया है। माननीय मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ योगी जी को संबोधित एक शिकायत पत्र में बताया गया है कि समाज कल्याण अधिकारी द्वारा की जा रही इस धांधली के कारण अधिकांश बुजुर्गों का पेंशन रोक दिया गया है। उन्हें यह बताया जा रहा है कि उनका आधार या मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, जबकि बैंक रिकॉर्ड के अनुसार उनके आधार नंबर और बैंक खाते सभी आवश्यक दस्तावेजों और मोबाइल से पूरी तरह लिंक हैं। शिकायत में एक विशिष्ट आधार नंबर 4822 3894 2546 का हवाला देते हुए पूछा गया है कि बैंक रिकॉर्ड के बावजूद इस उपभोक्ता का पेंशन क्यों रोका गया है। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि जिन लोगों का वृद्धा पेंशन रोका गया है, उनके पैसे आखिर कहाँ जा रहे हैं और कौन इन पैसों को हड़प रहा है। इसे एक गंभीर समस्या बताते हुए, पत्र में इसकी गहनता से जांच की मांग की गई है। बढ़ती कीमतों, गैस और सीएनजी के दामों में उछाल के कारण जनता पहले से ही त्राहि-त्राहि कर रही है और हाहाकार मचा हुआ है। ऐसे में वृद्धा पेंशन का रुक जाना जनता के लिए और भी विकट समस्या बन गया है। शासन-प्रशासन से तत्काल इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेने और सभी लोगों का रोका हुआ पेंशन शीघ्र अति शीघ्र उनके बैंक खातों में जारी करने की अपील की गई है। यह जनता की प्रमुख मांग है।1
- संतकबीरनगर पुलिस के "क्रैक साइबर क्राइम अभियान" को एक और बड़ी सफलता मिली है, जहाँ साइबर ठगी के शिकार हुए एक युवक को पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के बाद 50 हजार रुपये की ठगी गई राशि वापस मिल गई है। यह घटना तब सामने आई जब थाना महुली क्षेत्र के ग्राम छितही निवासी असजद हुसैन ने शिकायत दर्ज कराई कि एक व्यक्ति ने उन्हें कोयला उपलब्ध कराने का झांसा देकर 50 हजार रुपये की ठगी की थी। आरोप है कि पैसे लेने के बाद न तो कोयला दिया गया और न ही रकम वापस की गई। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर श्री संदीप कुमार मीना के निर्देशन में थाना महुली पुलिस और साइबर क्राइम हेल्प डेस्क की टीम तत्काल सक्रिय हुई। टीम ने बैंकिंग और तकनीकी माध्यमों का उपयोग करते हुए गहन जांच की और लगातार प्रयासों से पीड़ित असजद हुसैन की पूरी 50 हजार रुपये की धनराशि सफलतापूर्वक उनके खाते में वापस करवा दी। इस सराहनीय कार्य में थानाध्यक्ष दुर्गेश पाण्डेय, उपनिरीक्षक अनुज यादव, कांस्टेबल अंकित पटेल, सोनू यादव, मनोज यादव तथा महिला कांस्टेबल कमलेश कुमारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संतकबीरनगर पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति के बहकावे में न आएं और ऑनलाइन लेनदेन करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें। पुलिस ने संदिग्ध कॉल, लिंक या संदेशों पर विश्वास न करने और अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करने की भी सलाह दी है।1
- राष्ट्रवादी पार्टी और अखिलेश सिंह के समर्थन में 'जिंदाबाद' के नारे लगाए गए, जो उनके प्रति मजबूत जनभावना को दर्शाते हैं। इसके साथ ही, सूर्यांश न्यूज़ 24 ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि उसकी 'हर खबर पर नजर' बनी रहेगी।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने भारत की ऋषि परंपरा से मिलने वाली प्रेरणा पर प्रकाश डाला है। उन्होंने कहा कि भारत की ऋषि परंपरा हमें 'अहिंसा परमो धर्मः, धर्म हिंसा तथैव च' का संदेश देती है।1
- आज दिनाँक 31.05.2026 को जनपद संतकबीरनगर में कुल तीन पुलिस अधिकारी/कर्मचारी अपने संपूर्ण सेवाकाल के दौरान पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और लगन से कार्य करते हुए अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए। इस अवसर पर रिजर्व पुलिस लाइन संतकबीरनगर के सभागार कक्ष में इन सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के लिए एक विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ क्षेत्राधिकारी कार्यालय से अशोक कुमार सिंह ने उन्हें ससम्मान विदाई दी। समारोह के दौरान सर्वप्रथम सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी/कर्मचारीगण से उनके सेवाकाल के अनुभवों के बारे में विस्तार से वार्ता की गई। इसके पश्चात् उन्हें माला पहनाकर, शॉल और धर्मग्रंथ आदि भेंट कर सम्मानित किया गया। उनके भविष्य की योजनाओं के बारे में भी जानकारी ली गई और भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर बेझिझक संपर्क करने का आश्वासन दिया गया। सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को उनके सुखद, आनंदपूर्ण और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। सेवानिवृत्त होने वाले पुलिसकर्मियों में उ0नि0ना0पु0 श्री शंकर सिंह (पुत्र स्व0 बैजनाथ सिंह, निवासी रावतपार अमेठिया, थाना लार, जनपद देवरिया), फायर सर्विस चालक श्री सुरेंद्र कुमार राय (पुत्र श्री केशव राय, निवासी पाली, थाना बांसगांव, जनपद गोरखपुर) और फायरमैन श्री रामकेश शर्मा (पुत्र श्री विश्वनाथ शर्मा, निवासी कलवारी, थाना बासगांव, जनपद गोरखपुर) शामिल हैं, जिन्होंने अपनी अधिवर्षता आयु पूर्ण की।4
- संतकबीरनगर जनपद में साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और पीड़ितों को त्वरित राहत प्रदान करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत, महुली पुलिस ने एक सराहनीय कार्य करते हुए साइबर ठगी के शिकार व्यक्ति की ₹50,000 की धनराशि सफलतापूर्वक वापस कराई है। संतकबीरनगर पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा के निर्देशन में जनपदभर में साइबर अपराधों की रोकथाम और साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना महुली के ग्राम छितही निवासी असजद हुसैन पुत्र अतहर हुसैन ने पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि 11 फरवरी 2026 को एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें कोयला उपलब्ध कराने का झांसा देकर उनसे पैसे ले लिए थे। भुगतान के बावजूद न तो कोयला मिला और न ही रकम वापस की गई, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई। शिकायत मिलने के बाद, थाना महुली पुलिस और साइबर टीम ने मामले को गंभीरता से लिया और बैंकिंग व तकनीकी माध्यमों से जांच शुरू की। लगातार प्रयासों और प्रभावी समन्वय के परिणामस्वरूप, 26 मई 2026 को पीड़ित असजद हुसैन के खाते में ठगी गई पूरी ₹50,000 की धनराशि वापस कराई गई। अपनी रकम वापस मिलने पर पीड़ित और उनके परिजनों ने संतकबीरनगर पुलिस के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए पुलिस की तत्परता और कार्यकुशलता की सराहना की। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी दुर्गेश पाण्डेय, साइबर प्रभारी अनुज कुमार यादव, कांस्टेबल अंकित पटेल, कांस्टेबल सोनू यादव, कांस्टेबल मनोज यादव और महिला कांस्टेबल कमलेश कुमारी शामिल रहे। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। साथ ही, अपनी बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी जैसे ओटीपी, सीवीवी, पासवर्ड या यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें। साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करने या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। पुलिस ने 'सावधानी ही सुरक्षा है' का संदेश देते हुए नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी है।2