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औरंगाबाद जिले के हसपुरा प्रखंड स्थित सिहाड़ी खेल मैदान पर मंतोष इंडियन फिजिकल अकादमी के तत्वावधान में सफल सिपाही अभ्यर्थियों को सम्मानित किया गया।
Prem Singh
औरंगाबाद जिले के हसपुरा प्रखंड स्थित सिहाड़ी खेल मैदान पर मंतोष इंडियन फिजिकल अकादमी के तत्वावधान में सफल सिपाही अभ्यर्थियों को सम्मानित किया गया।
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- रफीगंज विधानसभा के राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रत्याशी और नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष डॉ. गुलाम शाहिद ने बिहार में लगातार बढ़ रहे भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोज़गारी, गिरती शिक्षा व्यवस्था और बिगड़ती विधि व्यवस्था के विरोध में एक दिवसीय धरने की घोषणा की है। यह धरना प्रदेश नेतृत्व के निर्देशों पर आयोजित किया जा रहा है। पहला धरना आगामी 9 जून को प्रखंड मुख्यालय पर, विशेष रूप से रफीगंज प्रखंड कार्यालय परिसर में होगा। इसके साथ ही, 17 जून को जिला मुख्यालय में भी एक दिवसीय धरना कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। डॉ. गुलाम शाहिद ने विधानसभा क्षेत्र के सभी नागरिकों, किसानों और मजदूरों से निर्धारित तिथियों पर प्रखंड मुख्यालय परिसर और 17 जून को जिला मुख्यालय में पहुँचकर इन धरनों को सफल बनाने की अपील की है। धरनों को सफल बनाने के लिए विधानसभा क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ता और सभी पदाधिकारी जनसंपर्क अभियान में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।1
- बिहार सरकार के मंत्री श्री भगवान सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में दलिपपुर में एक भव्य कार्यकर्ता सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम को लेकर पीरो क्षेत्र के कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है। जदयू कार्यकर्ता दीपक यादव ने रविवार शाम लगभग 4:00 बजे जानकारी देते हुए बताया कि इस समारोह में पीरो नगर और आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों समर्पित कार्यकर्ताओं को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने इस कार्यक्रम को कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने और संगठन को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। दीपक यादव ने मंत्री श्री भगवान सिंह कुशवाहा द्वारा कार्यकर्ताओं को सम्मानित करने की इस पहल को बेहद सराहनीय बताते हुए कहा कि इससे कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा और संगठन को मजबूती मिलेगी।1
- रोहतास जिले के संझौली प्रखंड अंतर्गत चांदी इंग्लिश गांव के ग्रामीण नाली और गली की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांव की कई गलियों में जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण गंदा पानी जमा रहता है, जिससे स्थानीय लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में यह स्थिति और भी भयावह हो जाती है। जलजमाव के चलते सड़कों पर चारों ओर कीचड़ फैल जाता है, जिसके कारण पैदल चलना भी बेहद मुश्किल हो जाता है। गंदगी और रुके हुए पानी से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका बनी रहती है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। इस गंभीर समस्या के समाधान हेतु ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग से गांव में नाली और गली का निर्माण कराने की पुरजोर मांग की है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले बरसात के मौसम में उनकी मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं। उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन उनकी इस परेशानी पर तुरंत संज्ञान लेगा और गांववासियों को राहत पहुँचाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।1
- जहानाबाद जिले के मखदुमपुर स्थित आवाहन एकेडमी में रविवार को बिहार पुलिस में चयनित हुए अभ्यर्थियों के सम्मान में एक समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्था के संचालक रोशन कुमार ने सफल छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया, जिसमें बताया गया कि बिहार पुलिस भर्ती प्रक्रिया में उनकी एकेडमी के कुल 45 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। संस्था के संचालक रोशन कुमार ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आवाहन एकेडमी का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं को मखदुमपुर में ही बेहतर प्रशिक्षण और उचित मार्गदर्शन प्रदान करना है। इस सम्मान समारोह में प्रणव प्रकाश, कमलेश शर्मा, जुगल किशोर शर्मा सहित कई गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान, बिहार पुलिस में चयनित हुए इन अभ्यर्थियों ने अपने अनुभवों को भी साझा किया, जिससे अन्य युवाओं को प्रेरणा मिली।1
- जहानाबाद जिले में कोर्ट से लेकर स्टेशन तक के मार्ग पर एक भी स्ट्रीटलाइट नहीं है। इसी गंभीर समस्या को उजागर करते हुए, सभी संबंधित पक्षों से विनम्रतापूर्वक निवेदन किया गया है कि इस महत्वपूर्ण मार्ग पर प्रकाश की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए तत्काल आवश्यक प्रयास किए जाएँ।1
- भाईदेवड़ी धाम मंदिर में एक विशेष तोता मौजूद है, जिसे भगवान कृष्ण की सवारी बताया गया है। बताया गया है कि यह तोता एक घर में 'राधे राधे' और 'जय श्री कृष्णा' जैसे भक्तिमय शब्द बोलता है। इस घटना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए लोगों से 'भुअर पांडे' के फेसबुक पेज पर देखने का आग्रह किया गया है।1
- एक वायरल वीडियो सामने आया है, जिसमें यह महत्वपूर्ण सवाल उठाया गया है कि क्या युवाओं का गुस्सा देश के मौजूदा माहौल को बदल पाएगा। यह विषय अभिषेक कुमार के ई-मीडिया के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।1
- भोजपुर के चरपोखरी थाना क्षेत्र के ढेड़ा गांव में एक मवेशी की मौत डॉक्टर की घोर लापरवाही के कारण हो जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए दोषी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। रविवार शाम करीब 4 बजे ढेड़ा गांव निवासी पशुपालक राम अयोध्या सिंह की भैंस अचानक बीमार पड़ गई थी। परिजनों और ग्रामीणों ने पशु अस्पताल के डॉक्टर को कई बार फोन किया, लेकिन डॉक्टर मौके पर नहीं पहुंचे। समय पर इलाज न मिलने के कारण भैंस की हालत बिगड़ती गई और आखिरकार उसकी मौत हो गई। पीड़ित पशुपालक राम अयोध्या सिंह ने बताया कि सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर गांव में पशु अस्पताल तो बना दिया है, लेकिन वहां तैनात डॉक्टर अंशु कुमार कभी अस्पताल नहीं आते। कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने बताया कि जब मामले की शिकायत अधिकारियों से की गई, तो डॉक्टर ने पंचायती के माध्यम से इसे दबाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों के आक्रोश के आगे उनकी एक न चली। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर लापरवाह डॉक्टर के खिलाफ जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे। फिलहाल, पीड़ित पशुपालक ने विभागीय अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंप दी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और ग्रामीणों को न्याय मिल पाता है या नहीं।1
- जहानाबाद जिले के मखदुमपुर प्रखंड स्थित चाँढ गांव निवासी प्रगतिशील किसान समरकांत ने पारंपरिक खेती का रास्ता छोड़कर वैज्ञानिक तरीके से केले का उत्पादन कर एक नई मिसाल कायम की है। उन्होंने अपनी एक एकड़ निचली ज़मीन पर 'जी-9' प्रजाति के केले की खेती शुरू की है और आज वे इससे बेहतर उत्पादन और अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। समरकांत पहले निचली जमीन में खरीफ फसल के नुकसान से परेशान रहते थे। इस समस्या से निजात पाने के लिए उन्हें जिला उद्यान कार्यालय, जहानाबाद से आवश्यक प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता मिली। इसके अतिरिक्त, उन्होंने महाराष्ट्र के जलगांव में केले की खेती का विशेष प्रशिक्षण भी प्राप्त किया। उनकी यह सफलता केवल उनकी ही नहीं, बल्कि आसपास के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है, जो अब वैज्ञानिक खेती के महत्व को समझ रहे हैं।1