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छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के भरण्डा गाँव में धर्मांतरण विवाद के चलते आदिवासी समुदाय ने एक ग्राम सभा का आयोजन किया है। इस सभा में मतांतरित परिवारों को ईसाई धर्म का पालन छोड़ कर आदिवासी रीति-नीति अपनाने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। प्रस्ताव न मानने की स्थिति में उन्हें गाँव छोड़ने की चेतावनी दी गई है। आदिवासी समुदाय का कहना है कि ईसाई समुदाय का पालन करने वाले लोग उनकी आदिवासी रीति-नीति और उनके देवी-देवताओं का अपमान करते हैं। उनकी स्पष्ट मांग है कि या तो ये परिवार आदिवासी परंपराओं में शामिल हों या फिर गाँव छोड़कर चले जाएं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, सुरक्षा बल के जवान अभी भी गाँव में बड़ी संख्या में तैनात हैं। इसी बीच, नारायणपुर के भरण्डा में कथित धर्मांतरण विवाद को लेकर सांसद भोजराज नाग ने भी एक महत्वपूर्ण बयान दिया है।
रौशन ठाकुर
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के भरण्डा गाँव में धर्मांतरण विवाद के चलते आदिवासी समुदाय ने एक ग्राम सभा का आयोजन किया है। इस सभा में मतांतरित परिवारों को ईसाई धर्म का पालन छोड़ कर आदिवासी रीति-नीति अपनाने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। प्रस्ताव न मानने की स्थिति में उन्हें गाँव छोड़ने की चेतावनी दी गई है। आदिवासी समुदाय का कहना है कि ईसाई समुदाय का पालन करने वाले लोग उनकी आदिवासी रीति-नीति और उनके देवी-देवताओं का अपमान करते हैं। उनकी स्पष्ट मांग है कि या तो ये परिवार आदिवासी परंपराओं में शामिल हों या फिर गाँव छोड़कर चले जाएं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, सुरक्षा बल के जवान अभी भी गाँव में बड़ी संख्या में तैनात हैं। इसी बीच, नारायणपुर के भरण्डा में कथित धर्मांतरण विवाद को लेकर सांसद भोजराज नाग ने भी एक महत्वपूर्ण बयान दिया है।
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- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के भरण्डा गाँव में धर्मांतरण विवाद के चलते आदिवासी समुदाय ने एक ग्राम सभा का आयोजन किया है। इस सभा में मतांतरित परिवारों को ईसाई धर्म का पालन छोड़ कर आदिवासी रीति-नीति अपनाने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। प्रस्ताव न मानने की स्थिति में उन्हें गाँव छोड़ने की चेतावनी दी गई है। आदिवासी समुदाय का कहना है कि ईसाई समुदाय का पालन करने वाले लोग उनकी आदिवासी रीति-नीति और उनके देवी-देवताओं का अपमान करते हैं। उनकी स्पष्ट मांग है कि या तो ये परिवार आदिवासी परंपराओं में शामिल हों या फिर गाँव छोड़कर चले जाएं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, सुरक्षा बल के जवान अभी भी गाँव में बड़ी संख्या में तैनात हैं। इसी बीच, नारायणपुर के भरण्डा में कथित धर्मांतरण विवाद को लेकर सांसद भोजराज नाग ने भी एक महत्वपूर्ण बयान दिया है।1
- केशकाल के विधायक नीलकंठ टेकाम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र केशकाल का दौरा कर वहाँ की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। इस दौरान, विधायक टेकाम ने भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उपचार की स्थिति और मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल में साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवाओं और समग्र व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। साथ ही, उन्होंने जनऔषधि केंद्र का भी अवलोकन किया और दवाइयों की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। विधायक नीलकंठ टेकाम ने इस अवसर पर कहा कि आमजन को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।1
- परमेश्वर कबीर साहेब जी का 629वां प्रकट दिवस सतलोक आश्रम श्री धनाना धाम, हरियाणा में मनाया जा रहा है। इस शुभ अवसर पर सभी सपरिवार सादर आमंत्रित हैं।1
- कांकेर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 25 जून, 1975 को स्वर्गीय इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल के विरोध में मौन जुलूस निकाला। यह प्रदर्शन आपातकाल की पूर्व संध्या पर किया गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने बैनर और तख्तियां हाथों में लेकर पंचमुखी हनुमान मंदिर (ऊपर नीचे रोड) से पुराने बस स्टैंड कांकेर तक यह मौन जुलूस निकाला। इस मौन जुलूस में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता टेकेश्वर जैन, भाजपा जिला महामंत्री राजा पांडे, नगरपालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक, व्यवसायी प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक दीपक खटवानी, नगरपालिका उपाध्यक्ष उत्तम यादव, विजय मंडावी, मंडल महामंत्री गिरधर यादव, मनोज ध्रुव, राजू नेताम, राकेश शर्मा, अंशु शुक्ला, शैलेंद्र शोरी, श्रीमती विजय लक्ष्मी कौशिक, विरेन्द्र साहू, तमन्ना लखवानी, भूमि नागवंशी, हर्षल गजबिऐ, ईश्वर नाग, अजय मोटवानी, अंकित जैन, गोलू तिवारी, नितिन दवे, नीलकंठ चन्द्रोल, शिवम जायसवाल समेत कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।3
- 25 जून 2026 को आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ मनाई गई। इस अवसर पर 'तीसरी आंख' नामक स्रोत ने एक गहरा संदेश साझा करते हुए कहा है कि आपातकाल केवल इंदिरा गांधी द्वारा नहीं लाया गया था, बल्कि नागरिकों की चुप्पी ने भी इसे लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पोस्ट में यह गंभीर चिंता व्यक्त की गई है कि वही चुप्पी, जो आपातकाल का एक कारण बनी थी, आज भी समाज में जीवित है।1
- दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल में स्थानीय युवाओं, ठेकेदारों और व्यापारियों को रोजगार में प्राथमिकता दिए जाने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। इसी कड़ी में, किरंदुल बीजेपी मंडल अध्यक्ष विजय कुमार सोढ़ी ने क्षेत्र में कार्यरत बाहरी कंपनियों के रवैये पर कड़ा विरोध दर्ज करते हुए उन पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि समानता कंपनी, देव माइनिंग, एल एंड टी सहित अन्य बाहरी कंपनियों को बैलाडीला क्षेत्र के संसाधनों पर सबसे पहला अधिकार यहाँ के लोगों का होने के नाते, स्थानीय युवाओं, ठेकेदारों, व्यापारियों और मजदूरों को सर्वप्रथम रोजगार एवं कार्य के अवसर प्रदान करने चाहिए। सोढ़ी ने बताया कि बैलाडीला क्षेत्र के अनेक युवा आईटीआई, डिप्लोमा और इंजीनियरिंग जैसी तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षित अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि वेल्डर, कटर, रिगर, ऑपरेटर, इंजीनियर, ऑफिस स्टाफ सहित विभिन्न पदों पर स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि कई कंपनियाँ बाहरी ठेकेदारों को काम देकर स्थानीय ठेकेदारों की अनदेखी कर रही हैं, जो क्षेत्र के लोगों के साथ अन्याय है। उनके अनुसार, स्थानीय ठेकेदार हर प्रकार के कार्य को करने में सक्षम हैं और उन्हें कार्य आवंटन में प्राथमिकता मिलनी चाहिए, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। बीजेपी मंडल अध्यक्ष ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे इस पूरे विषय पर पैनी नजर रख रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि यदि स्थानीय लोगों की लगातार उपेक्षा होती रही, तो वे पत्राचार, जनप्रतिनिधियों से चर्चा और अन्य लोकतांत्रिक माध्यमों से अपना विरोध दर्ज कराएंगे। सोढ़ी ने क्षेत्र में कार्यरत सभी कंपनियों से अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने और स्थानीय युवाओं, मजदूरों, व्यापारियों और ठेकेदारों को प्राथमिकता देकर रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की है।2
- Post by Devend Yadav1
- कोंडागांव जिले के फरसगांव क्षेत्र में नीति आयोग के केंद्रीय प्रभारी अधिकारी पी. नरहरि ने बोरगांव और लंजोड़ा का दौरा कर विभिन्न सरकारी योजनाओं की जमीनी समीक्षा की। इस दौरे के दौरान, बोरगांव स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में उन्होंने किसानों के साथ आधुनिक एवं जैविक खेती पर विस्तृत चर्चा की, साथ ही "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधरोपण भी किया गया। इसके बाद, पी. नरहरि ने लंजोड़ा के अटल डिजिटल सुविधा केंद्र और जुगानीकलार आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा लिया। इस पूरे निरीक्षण के समय कोंडागांव कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।1