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ध्यूंसर_महादेव_सदाशिव_शिव_टीला के नाम से भी जाना जाता है , तलमेहड़ा मंदिर मान्यता है कि मंदिर में स्थापित शिवलिंग प्राकृतिक रूप से ही बना है। इतिहास पौराणिक कथाओं के अनुसार, ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण पांडवों ने अपने अज्ञातवास में करवाया था। प्राचीन कथाओं के अनुसार लगभग 5600 वर्ष पूर्व महाभारत काल में पांडवों के पुरोहित "श्री धौम्य ऋषि" ने तीर्थ यात्रा करते हुए इसी ध्यूंसर नामक पर्वत पर शिव जी की तपस्या की थी। शिव जी ने प्रसन्न होकर दर्शन देते हुए वर मांगने को कहा, इस पर ऋषि ने वर मांगा कि जो कोई भी इस पुण्य क्षेत्र में आकर मेरे द्वारा स्थापित इस धौमेश्वर शिवलिंग की पूजा करेगा, उसकी मनोकामना पूर्ण हो जाए। शिव जी तथास्तु कह कर अंतर्ध्यान हो गए। इसीलिए प्राचीन काल से अब तक इस मंदिर में धौमेश्वर नामक शिवलिंग ध्यूंसर सदाशिव नाम से प्रसिद्ध है।सदाशिव मंदिर की विशेष धार्मिक मान्यता है कि पूरा वर्ष यहां लाखों की तादाद में श्रद्धालु नमन करने और भगवान शंकर की आराधना करने के लिए पहुंचते हैं। जिला के सबसे खूबसूरत स्थलों में से एक तलमेहड़ा की पहाड़ी में से सबसे ऊंचे पहाड़ ध्यूंसर जंगल पर स्थित सदाशिव मंदिर से पूरे जिला का आलौकिक नजारा देखने को मिलता। मंदिर चारों ओर जंगलों से घिरा हुआ है।मंदिर से न केवल जिला का ही नजारा दिखता है, बल्कि धौलाधार की पहाड़ियां भी दिखाई देती है, जो कि अलग ही नजारा है। ___1937 में मद्रास के एक सैशन जज स्वामी ओंकारा नंद गिरी को स्वप्र में भगवान शिव ने दर्शन देते हुए कहा कि पांडवों के अज्ञातवास के समय उनके पुरोहित धौम्य ऋर्षि द्वारा स्वयंभू शिवलिंग अर्चना थी। शिवलिंग की खोज कर पूजा अर्चना करें। स्वामी ओंकारा नंद गिरी ने स्वप्र के आधार पर शिवलिंग को काफी जगह खोजा, लेकिन नहीं मिला। घूमते-घूमते सन् 1947 में स्वामी ओंकारानंद जी सोहारी पहुंच गए। सोहारी स्थित सनातन उच्च विद्यालय के प्रधानाचार्य शिव प्रसाद शर्माडबराल के सहयोग से  स्वामी ओंकारा नंद गिरी जी शिवलिंग के पास पहुंचे। उन्होंने कहा कि सबसे पहले आठ बाय आठ फुट का पहला मंदिर बनाया था, जोकि अब एक विशाल रूप धारण कर चुका है। ___प्राप्त जानकारी के मुताबिक वर्ष 1948 में पहली बार जिला के इस सबसे ऊंचे स्थल पर मौजूद पवित्र शिवलिंग के स्थान पर शिवरात्रि का आयोजन किया गया था। ऊना जिला के सबसे खूबसूरत स्थलों में शिवालिक पहाडि़यों व श्रृंखलाओं में बसे तलमेहड़ा नामक स्थान में ऊंचे पहाड़ पर स्थित सदाशिव मंदिर ध्यूंसर महादेव से ऊना जिला का आलौकिक नजारा देखने को मिलता है। यूं तो वर्षभर हिमाचल ही नहीं अपितु बाहर से भी श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन सावन महीने में एक लाख से अधिक शिव भक्त माथा टेकने आते हैं। मंदिर परिसर में भक्तों की आस्था और श्रद्धा का अद्भुत दृश्य देखने को मिलता है। ___अनेक श्रद्धालु यहां भंडारे का आयोजन करते हैं, तो वहीं श्रावण मास में प्रत्येक रविवार रात्रि को यहां विशाल जागरण आयोजित किए जाते हैं, जिसमें असंख्य श्रद्धालु भगवान शिव का गुणगान सुनते हैं। ध्यूंसर महादेव की महिमा अपरंपार है। सभी भक्त बेलपत्र और भांग चढाकर भगवान शिव की आराधना करते हैं।इस मौके पर श्रद्धालुओं को फल, जूस, चाय आदि वितरित की जाती है। भोले के दरबार में जो भी भक्त सच्चे मन से अपनी मुराद मांगता है, भोलेनाथ उसे निश्चित ही पूरी करते हैं। ___ऊंचाई पर स्थित शिवलिंग के दर्शन करने के लिए दिव्यांगों व वृद्धों को पेश आने वाली परेशानी से निजात दिलाने के लिए "लिफ्ट" का प्रबंध किया गया है। ट्रस्ट द्वारा गौशाला का भी संचालन किया जा रहा है, जिसमें 100 के करीब गौवंशों को आश्रय दिया गया है। वहीँ गरीब कन्याओं की शादी और गरीब मरीजों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता का बीड़ा मंदिर ट्रस्ट द्वारा उठाया गया है। ___यहां हजारों लोगों की क्षमता के लंगर हाल के साथ-साथ जगह-जगह श्रद्धालुओं के बैठने के लिए अच्छी व्यवस्था का प्रबंध किया गया है। रात्रि ठहराव के लिए सराएं के इंतजाम के साथ 24 घंटे लंगर की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा मंदिर ट्रस्ट द्वारा समाज के गरीब असहाय एवं गंभीर रूप से बीमार लोगों की मदद के लिए सहायता राशि एवं गरीब परिवार की लड़कियों की शादी के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाती है। मंदिर परिसर में सुरक्षा की दृष्टि से CCTV कैमरे भी लगाए गए हैं। ___महाशिवरात्रि पर यहां बड़ा मेला लगता है, जिसमें शिवलिंग पर दूध और छाछ अर्पित की जाती है। त्यौहारों पर पूरे मंदिर को फूलों और रोशनी से सजाया जाता है।सावन माह की अंतिम संध्या पर प्रसिद्ध स्थानीय और बाहरी राज्यों के गायक/ भजन गायक शिव भोले के भजनों का गायन कर भक्तों को मंत्रमुग्ध करते हैं ___सदाशिव मंदिर ध्यूंसर महादेव की दूरी सड़क मार्ग द्वारा बंगाणा-ऊना रोड़ पर नलवाड़ी चौक से वाया तलमेहड़ा लगभग 18 किलोमीटर है, वहीं धर्मशाला-ऊना रोड़ पर गांव बडूही से बंगाणा रोड़ पर लगभग 15 किलोमीटर है।

5 hrs ago
user_Abhishek Kumar Bhatia
Abhishek Kumar Bhatia
Local News Reporter बंगाना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
5 hrs ago
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ध्यूंसर_महादेव_सदाशिव_शिव_टीला के नाम से भी जाना जाता है , तलमेहड़ा मंदिर मान्यता है कि मंदिर में स्थापित शिवलिंग प्राकृतिक रूप से ही बना है। इतिहास पौराणिक कथाओं के अनुसार, ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण पांडवों ने अपने अज्ञातवास में करवाया था। प्राचीन कथाओं के अनुसार लगभग 5600 वर्ष पूर्व महाभारत काल में पांडवों के पुरोहित "श्री धौम्य ऋषि" ने तीर्थ यात्रा करते हुए इसी ध्यूंसर नामक पर्वत पर शिव जी की तपस्या की थी। शिव जी ने प्रसन्न होकर दर्शन देते हुए वर मांगने को कहा, इस पर ऋषि ने वर मांगा कि जो कोई भी इस पुण्य क्षेत्र में आकर मेरे द्वारा स्थापित इस धौमेश्वर शिवलिंग की पूजा करेगा, उसकी मनोकामना पूर्ण हो जाए। शिव जी तथास्तु कह कर अंतर्ध्यान हो गए। इसीलिए प्राचीन काल से अब तक इस मंदिर में धौमेश्वर नामक शिवलिंग ध्यूंसर सदाशिव नाम से प्रसिद्ध है।सदाशिव मंदिर की विशेष धार्मिक मान्यता है कि पूरा वर्ष यहां लाखों की तादाद में श्रद्धालु नमन करने और भगवान शंकर की आराधना करने के लिए पहुंचते हैं। जिला के सबसे खूबसूरत स्थलों में से एक तलमेहड़ा की पहाड़ी में से सबसे ऊंचे पहाड़ ध्यूंसर जंगल पर स्थित सदाशिव मंदिर से पूरे जिला का आलौकिक नजारा देखने को मिलता। मंदिर चारों ओर जंगलों से घिरा हुआ है।मंदिर से न केवल जिला का ही नजारा दिखता है, बल्कि धौलाधार की पहाड़ियां भी दिखाई देती है, जो कि अलग ही नजारा है। ___1937 में मद्रास के एक सैशन जज स्वामी ओंकारा नंद गिरी को स्वप्र में भगवान शिव ने दर्शन देते हुए कहा कि पांडवों के अज्ञातवास के समय उनके पुरोहित

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धौम्य ऋर्षि द्वारा स्वयंभू शिवलिंग अर्चना थी। शिवलिंग की खोज कर पूजा अर्चना करें। स्वामी ओंकारा नंद गिरी ने स्वप्र के आधार पर शिवलिंग को काफी जगह खोजा, लेकिन नहीं मिला। घूमते-घूमते सन् 1947 में स्वामी ओंकारानंद जी सोहारी पहुंच गए। सोहारी स्थित सनातन उच्च विद्यालय के प्रधानाचार्य शिव प्रसाद शर्माडबराल के सहयोग से  स्वामी ओंकारा नंद गिरी जी शिवलिंग के पास पहुंचे। उन्होंने कहा कि सबसे पहले आठ बाय आठ फुट का पहला मंदिर बनाया था, जोकि अब एक विशाल रूप धारण कर चुका है। ___प्राप्त जानकारी के मुताबिक वर्ष 1948 में पहली बार जिला के इस सबसे ऊंचे स्थल पर मौजूद पवित्र शिवलिंग के स्थान पर शिवरात्रि का आयोजन किया गया था। ऊना जिला के सबसे खूबसूरत स्थलों में शिवालिक पहाडि़यों व श्रृंखलाओं में बसे तलमेहड़ा नामक स्थान में ऊंचे पहाड़ पर स्थित सदाशिव मंदिर ध्यूंसर महादेव से ऊना जिला का आलौकिक नजारा देखने को मिलता है। यूं तो वर्षभर हिमाचल ही नहीं अपितु बाहर से भी श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन सावन महीने में एक लाख से अधिक शिव भक्त माथा टेकने आते हैं। मंदिर परिसर में भक्तों की आस्था और श्रद्धा का अद्भुत दृश्य देखने को मिलता है। ___अनेक श्रद्धालु यहां भंडारे का आयोजन करते हैं, तो वहीं श्रावण मास में प्रत्येक रविवार रात्रि को यहां विशाल जागरण आयोजित किए जाते हैं, जिसमें असंख्य श्रद्धालु भगवान शिव का गुणगान सुनते हैं। ध्यूंसर महादेव की महिमा अपरंपार है। सभी भक्त बेलपत्र और भांग चढाकर भगवान शिव की आराधना करते हैं।इस मौके पर श्रद्धालुओं को फल, जूस, चाय आदि वितरित की जाती है। भोले के दरबार में जो भी भक्त

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सच्चे मन से अपनी मुराद मांगता है, भोलेनाथ उसे निश्चित ही पूरी करते हैं। ___ऊंचाई पर स्थित शिवलिंग के दर्शन करने के लिए दिव्यांगों व वृद्धों को पेश आने वाली परेशानी से निजात दिलाने के लिए "लिफ्ट" का प्रबंध किया गया है। ट्रस्ट द्वारा गौशाला का भी संचालन किया जा रहा है, जिसमें 100 के करीब गौवंशों को आश्रय दिया गया है। वहीँ गरीब कन्याओं की शादी और गरीब मरीजों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता का बीड़ा मंदिर ट्रस्ट द्वारा उठाया गया है। ___यहां हजारों लोगों की क्षमता के लंगर हाल के साथ-साथ जगह-जगह श्रद्धालुओं के बैठने के लिए अच्छी व्यवस्था का प्रबंध किया गया है। रात्रि ठहराव के लिए सराएं के इंतजाम के साथ 24 घंटे लंगर की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा मंदिर ट्रस्ट द्वारा समाज के गरीब असहाय एवं गंभीर रूप से बीमार लोगों की मदद के लिए सहायता राशि एवं गरीब परिवार की लड़कियों की शादी के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाती है। मंदिर परिसर में सुरक्षा की दृष्टि से CCTV कैमरे भी लगाए गए हैं। ___महाशिवरात्रि पर यहां बड़ा मेला लगता है, जिसमें शिवलिंग पर दूध और छाछ अर्पित की जाती है। त्यौहारों पर पूरे मंदिर को फूलों और रोशनी से सजाया जाता है।सावन माह की अंतिम संध्या पर प्रसिद्ध स्थानीय और बाहरी राज्यों के गायक/ भजन गायक शिव भोले के भजनों का गायन कर भक्तों को मंत्रमुग्ध करते हैं ___सदाशिव मंदिर ध्यूंसर महादेव की दूरी सड़क मार्ग द्वारा बंगाणा-ऊना रोड़ पर नलवाड़ी चौक से वाया तलमेहड़ा लगभग 18 किलोमीटर है, वहीं धर्मशाला-ऊना रोड़ पर गांव बडूही से बंगाणा रोड़ पर लगभग 15 किलोमीटर है।

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  • चौकी मन्यार स्कूल में एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चौकीमन्यार स्कूल  में आर.ए.ए. (RAA) के अंतर्गत विभिन्न रचनात्मक एवं जागरूकता संबंधी गतिविधियों का आयोजन बड़े उत्साह और सक्रिय भागीदारी के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव रांगडा की अध्यक्षता में प्रातःकालीन सभा से हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने आर.ए.ए. के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों द्वारा गणित एवं विज्ञान विषय के माडल एवं चार्ट बनाने की प्रतियोंगिता के साथ साथ गणित ओलंपियाड एवं विज्ञान प्रश्नोत्तरी का आयोजन करवाया गया। बहीं पर स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव रांगडा ने विद्यार्थियों को अनुशासन, सहयोग और समाज सेवा के महत्व के साथ विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं इस प्रकार की गतिविधियों में बढ़ चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में बढ़िया प्रदर्शन करने वाले छात्र छात्राओं को बाद में सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव रांगडा, कार्यक्रम के अध्यक्ष संजीव कुमार,अशोक कुमार,सीमा देवी विजय शर्मा,अजय शर्मा सहित अन्य स्कूल स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे।
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    चौकी मन्यार स्कूल में एक दिवसीय कार्यक्रम  आयोजित 
उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चौकीमन्यार स्कूल  में आर.ए.ए. (RAA) के अंतर्गत विभिन्न रचनात्मक एवं जागरूकता संबंधी गतिविधियों का आयोजन बड़े उत्साह और सक्रिय भागीदारी के साथ किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव रांगडा की अध्यक्षता में प्रातःकालीन सभा से हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने आर.ए.ए. के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों द्वारा गणित एवं विज्ञान विषय के माडल एवं चार्ट बनाने की प्रतियोंगिता के साथ साथ गणित ओलंपियाड एवं विज्ञान प्रश्नोत्तरी का आयोजन करवाया गया।
बहीं पर स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव रांगडा ने विद्यार्थियों को अनुशासन, सहयोग और समाज सेवा के महत्व के साथ विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं इस प्रकार की गतिविधियों में बढ़ चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
इस कार्यक्रम में बढ़िया प्रदर्शन करने वाले छात्र छात्राओं को बाद में सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव रांगडा, कार्यक्रम के अध्यक्ष संजीव कुमार,अशोक कुमार,सीमा देवी विजय शर्मा,अजय शर्मा सहित अन्य स्कूल स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे।
    user_Abhishek Kumar Bhatia
    Abhishek Kumar Bhatia
    Local News Reporter बंगाना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    5 hrs ago
  • हमीरपुर हमीरपुर जिला के दुग्ध उत्पादक किसानों ने उपायुक्त हमीरपुर को ज्ञापन सौंप कर दुग्ध सबंधी आ रही समस्या से अवगत करवाया है। प्रतिनिधिमंडल के दौरान आए हुए दुग्ध उत्पादकों ने बताया कि दुग्ध उत्पादन के लिए विभाग के द्वारा दिलचस्पी नही दिखाई दे रही है जिसके चलते पिछले कुछ महीनों से दुग्ध उत्पादकों को समस्या हो रही है। इस अवसर पर किसान अनिल कुमार, रंजन सिंह के अलावा अन्य दूध उत्पादक मौजूद रहे। दूध उत्पादकों ने उपायुक्त हमीरपुर गर्धवा राठौर को ज्ञापन सौंपा और जल्द समस्या हल करने की गुहार लगाइ्र है। किसान अनिल कुमार  ने बताया कि पिछले लगभग छह माह से पशुपालन विभाग द्वारा अन्य विभागों के सहयोग से विशेषकर हिमफैड की मदद से सोसायटियों का गठन युद्धस्तर पर किया गया था और किसानों को आश्वस्त किया गया था कि घर.द्वार से दुग्ध एकत्रण की व्यवस्था की जाएगी तथा पशुपालकों को चारा और कम रियायती दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसलिए इन योजनाओं से प्रेरित होकर अनेक किसानों ने अतिरिक्त दुग्ध उत्पादन शुरू कर दिया।लेकिन अभी तक जिले में दुग्ध एकत्रण प्रणाली प्रभावी रूप से शुरू नहीं हो पाई है जिससे दुग्ध उत्पादक किसानों को आर्थिक नुकसान और विपणन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वही अन्य किसानों ने विभाग से मांग की है कि इस दिशा में शीघ्र और प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि पशुपालकों को राहत मिल सके।प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास जताया कि विभाग की उद्यमशीलता और सकारात्मक पहल पशुपालकों के लिए वरदान सिद्ध होगी। वहीं किसान रंजन ने बताया कि दुग्ध उत्पादकों के द्वारा दूध की पैदावार तेा की जा रही है लेकिन दूध बेचने के लिए अब समस्या बन रही है इसलिए जिला उपायुकत से आज मुलाकात की जा रही है। उन्हांेने बताया कि दूध उत्पादन में दो सौ लीटर की क्षमता पूरी की जा रही है लेकिन खपत के लिए कोई काम सरकार नही कर रही है जिसके लिए दुध उत्पादकों के द्वारा अब जिला प्रशासन से इस समरूस्या का हल करने के लिए गुहार लगाइ्र है
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    हमीरपुर
हमीरपुर जिला के दुग्ध उत्पादक किसानों ने उपायुक्त हमीरपुर को ज्ञापन सौंप कर दुग्ध सबंधी आ रही समस्या से अवगत करवाया है। प्रतिनिधिमंडल के दौरान आए हुए दुग्ध उत्पादकों ने बताया कि दुग्ध उत्पादन के लिए विभाग के द्वारा दिलचस्पी नही दिखाई दे रही है जिसके चलते पिछले कुछ महीनों से दुग्ध उत्पादकों को समस्या हो रही है। इस अवसर पर किसान अनिल कुमार, रंजन सिंह के अलावा अन्य दूध उत्पादक मौजूद रहे। दूध उत्पादकों ने उपायुक्त हमीरपुर गर्धवा राठौर को ज्ञापन सौंपा और जल्द समस्या हल करने की गुहार लगाइ्र है।
किसान अनिल कुमार  ने बताया कि पिछले लगभग छह माह से पशुपालन विभाग द्वारा अन्य विभागों के सहयोग से विशेषकर हिमफैड की मदद से सोसायटियों का गठन युद्धस्तर पर किया गया था और किसानों को आश्वस्त किया गया था कि घर.द्वार से दुग्ध एकत्रण की व्यवस्था की जाएगी तथा पशुपालकों को चारा और कम रियायती दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसलिए इन योजनाओं से प्रेरित होकर अनेक किसानों ने अतिरिक्त दुग्ध उत्पादन शुरू कर दिया।लेकिन अभी तक जिले में दुग्ध एकत्रण प्रणाली प्रभावी रूप से शुरू नहीं हो पाई है जिससे दुग्ध उत्पादक किसानों को आर्थिक नुकसान और विपणन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
वही अन्य किसानों ने विभाग से मांग की है कि इस दिशा में शीघ्र और प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि पशुपालकों को राहत मिल सके।प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास जताया कि विभाग की उद्यमशीलता और सकारात्मक पहल पशुपालकों के लिए वरदान सिद्ध होगी।
वहीं किसान रंजन ने बताया कि दुग्ध उत्पादकों के द्वारा दूध की पैदावार तेा की जा रही है लेकिन दूध बेचने के लिए अब समस्या बन रही है इसलिए जिला उपायुकत से आज मुलाकात की जा रही है। उन्हांेने बताया कि दूध उत्पादन में दो सौ लीटर की क्षमता पूरी की जा रही है लेकिन खपत के लिए कोई काम सरकार नही कर रही है जिसके लिए दुध उत्पादकों के द्वारा अब जिला प्रशासन से इस समरूस्या का हल करने के लिए गुहार लगाइ्र है
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश में रिवेन्यू डिफिसिट ग्रांट (आरडीजी) को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। केंद्र और प्रदेश सरकार के बीच वित्तीय अधिकारों को लेकर चल रही खींचतान अब नेताओं के तीखे बयानों तक पहुंच गई है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा ने मंगलवार को ऊना में पत्रकार वार्ता करते हुए भाजपा और सांसद अनुराग सिंह ठाकुर पर सीधा हमला बोला। रायजादा ने आरोप लगाया कि हिमाचल के हितों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर भाजपा नेता चुप्पी साधे हुए हैं और जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से आरडीजी बंद करने संबंधी कथित दावों पर सवाल उठाते हुए प्रमाण सार्वजनिक करने की मांग की। बयानबाजी के इस दौर ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, जहां वित्तीय सहयोग और राज्य के अधिकारों को लेकर राजनीतिक दल आमने-सामने नजर आ रहे हैं।
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    हिमाचल प्रदेश में रिवेन्यू डिफिसिट ग्रांट (आरडीजी) को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। केंद्र और प्रदेश सरकार के बीच वित्तीय अधिकारों को लेकर चल रही खींचतान अब नेताओं के तीखे बयानों तक पहुंच गई है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा ने मंगलवार को ऊना में पत्रकार वार्ता करते हुए भाजपा और सांसद अनुराग सिंह ठाकुर पर सीधा हमला बोला। रायजादा ने आरोप लगाया कि हिमाचल के हितों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर भाजपा नेता चुप्पी साधे हुए हैं और जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से आरडीजी बंद करने संबंधी कथित दावों पर सवाल उठाते हुए प्रमाण सार्वजनिक करने की मांग की। बयानबाजी के इस दौर ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, जहां वित्तीय सहयोग और राज्य के अधिकारों को लेकर राजनीतिक दल आमने-सामने नजर आ रहे हैं।
    user_ऊना की खबर
    ऊना की खबर
    Local News Reporter ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    4 hrs ago
  • Post by Dinesh Kumar
    1
    Post by Dinesh Kumar
    user_Dinesh Kumar
    Dinesh Kumar
    Farmer भोटा, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    17 hrs ago
  • ग्रामीणों के श्रमदान से सजी आस्था की मिसाल — मोईन शिव मंदिर में महाशिवरात्रि उत्सव का भव्य समापन खबर: प्राचीन शिव मंदिर मोईन में महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम का सोमवार को पूर्ण आहुति, हवन-पूजन और विशाल भंडारे के साथ भव्य समापन हुआ। इस अवसर पर श्रद्धा, परंपरा और सामूहिक सहयोग का अनूठा संगम देखने को मिला। वर्षों से चली आ रही परंपरा को जीवंत रखते हुए इस बार भी ग्रामीणों ने एकजुट होकर आयोजन को सफल बनाया। लोगों ने न केवल आर्थिक सहयोग दिया, बल्कि बढ़-चढ़कर श्रमदान करते हुए पूरे आयोजन की व्यवस्था संभाली, जिससे मंदिर परिसर में भक्तिभाव का अद्भुत वातावरण बना रहा। प्रसाद पैकिंग बनी विशेष आकर्षण इस भंडारे की सबसे खास बात यह रही कि मंदिर में आने वाले हर श्रद्धालु को सम्मानपूर्वक भोजन कराने के साथ-साथ प्रसाद की पैकिंग भी भेंट की गई। मंदिर कमेटी के अनुसार यह अनूठी परंपरा वर्षों से निभाई जा रही है, ताकि कोई भी श्रद्धालु खाली हाथ न लौटे और सभी तक प्रसाद का लाभ पहुंचे। नई पीढ़ी संभाल रही विरासत मंदिर कमेटी के सदस्य राजेश पाराशर, अरुण शर्मा, पंकज शर्मा और मुख्य सदस्य रजनीश कुमार ने बताया कि मंदिर स्थापना के समय से ही बुजुर्गों ने महाशिवरात्रि को उत्सव के रूप में मनाने की परंपरा शुरू की थी। आज नई पीढ़ी भी उसी समर्पण और उत्साह के साथ इन परंपराओं को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक सहयोग की मिसाल भी है, जो हर वर्ष लोगों को एक सूत्र में जोड़ देता है।
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    ग्रामीणों के श्रमदान से सजी आस्था की मिसाल — मोईन शिव मंदिर में महाशिवरात्रि उत्सव का भव्य समापन
खबर:
प्राचीन शिव मंदिर मोईन में महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम का सोमवार को पूर्ण आहुति, हवन-पूजन और विशाल भंडारे के साथ भव्य समापन हुआ। इस अवसर पर श्रद्धा, परंपरा और सामूहिक सहयोग का अनूठा संगम देखने को मिला।
वर्षों से चली आ रही परंपरा को जीवंत रखते हुए इस बार भी ग्रामीणों ने एकजुट होकर आयोजन को सफल बनाया। लोगों ने न केवल आर्थिक सहयोग दिया, बल्कि बढ़-चढ़कर श्रमदान करते हुए पूरे आयोजन की व्यवस्था संभाली, जिससे मंदिर परिसर में भक्तिभाव का अद्भुत वातावरण बना रहा।
प्रसाद पैकिंग बनी विशेष आकर्षण
इस भंडारे की सबसे खास बात यह रही कि मंदिर में आने वाले हर श्रद्धालु को सम्मानपूर्वक भोजन कराने के साथ-साथ प्रसाद की पैकिंग भी भेंट की गई। मंदिर कमेटी के अनुसार यह अनूठी परंपरा वर्षों से निभाई जा रही है, ताकि कोई भी श्रद्धालु खाली हाथ न लौटे और सभी तक प्रसाद का लाभ पहुंचे।
नई पीढ़ी संभाल रही विरासत
मंदिर कमेटी के सदस्य राजेश पाराशर, अरुण शर्मा, पंकज शर्मा और मुख्य सदस्य रजनीश कुमार ने बताया कि मंदिर स्थापना के समय से ही बुजुर्गों ने महाशिवरात्रि को उत्सव के रूप में मनाने की परंपरा शुरू की थी। आज नई पीढ़ी भी उसी समर्पण और उत्साह के साथ इन परंपराओं को आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक सहयोग की मिसाल भी है, जो हर वर्ष लोगों को एक सूत्र में जोड़ देता है।
    user_Aman Sharma
    Aman Sharma
    ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    23 hrs ago
  • सुजानपुर हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि झूठ और भ्रम की राजनीति के सहारे प्रदेश नहीं चल सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बार-बार रिवेन्यू डिफिसिट ग्रांट (आर.डी.जी ) को लेकर केंद्र सरकार पर निराधार आरोप लगा रहे हैं, जबकि 15वें वित्त आयोग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यह ग्रांट चरणबद्ध तरीके से समाप्त की जाएगी और राज्यों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे। आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि जिन 17 राज्यों को इस संबंध में पहले से सचेत किया गया था, उनमें से 11 राज्य भाजपा शासित हैं, लेकिन वहां की सरकारों ने केंद्र पर दोषारोपण करने के बजाय अपने संसाधन बढ़ाने और वित्तीय प्रबंधन सुधारने पर ध्यान दिया। हिमाचल प्रदेश को भी इसी दिशा में काम करना चाहिए था, लेकिन सुक्खू सरकार बहानेबाजी की राजनीति में उलझी हुई है। उन्होंने कहा कि पूर्व यूपीए सरकार के कार्यकाल में हिमाचल को लगभग 18,000 करोड़ रुपये की रिवेन्यू डिफिसिट ग्रांट मिली थी, जबकि पिछले 10 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने प्रदेश को लगभग 88,000 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री द्वारा केंद्र पर लगातार आरोप लगाना पूरी तरह राजनीतिक और तथ्यों से परे है। राजेंद्र राणा ने कहा कि राज्य सरकार का दायित्व होता है कि वह प्रदेश की आय बढ़ाने के लिए ठोस नीतियां बनाए, नए राजस्व स्रोत विकसित करे और वित्तीय अनुशासन लागू करे। लेकिन वर्तमान सरकार का रवैया ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रशासन चलाने के बजाय छात्र संगठन की राजनीति की जा रही हो, जिसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने विधानसभा बजट सत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्यपाल द्वारा सरकार के अभिभाषण को पढ़ने से इनकार करना प्रदेश के इतिहास की अभूतपूर्व घटना है। यह सरकार की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। यदि सरकार के दावों में दम होता, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न ही नहीं होती। राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों में वित्तीय संसाधनों के दुरुपयोग ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति को और कमजोर किया है। महंगाई, बेरोजगारी और विकास कार्यों की धीमी गति से जनता त्रस्त है और अब सरकार से जवाब मांग रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश हित में आवश्यक है कि सरकार आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति छोड़कर आत्मनिर्भरता, राजस्व वृद्धि और सुशासन पर ध्यान केंद्रित करे। हिमाचल प्रदेश की जनता एक जिम्मेदार, पारदर्शी और दूरदर्शी नेतृत्व की अपेक्षा रखती है
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    सुजानपुर
हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि झूठ और भ्रम की राजनीति के सहारे प्रदेश नहीं चल सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बार-बार रिवेन्यू डिफिसिट ग्रांट (आर.डी.जी ) को लेकर केंद्र सरकार पर निराधार आरोप लगा रहे हैं, जबकि 15वें वित्त आयोग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यह ग्रांट चरणबद्ध तरीके से समाप्त की जाएगी और राज्यों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।
आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि जिन 17 राज्यों को इस संबंध में पहले से सचेत किया गया था, उनमें से 11 राज्य भाजपा शासित हैं, लेकिन वहां की सरकारों ने केंद्र पर दोषारोपण करने के बजाय अपने संसाधन बढ़ाने और वित्तीय प्रबंधन सुधारने पर ध्यान दिया। हिमाचल प्रदेश को भी इसी दिशा में काम करना चाहिए था, लेकिन सुक्खू सरकार बहानेबाजी की राजनीति में उलझी हुई है।
उन्होंने कहा कि पूर्व यूपीए सरकार के कार्यकाल में हिमाचल को लगभग 18,000 करोड़ रुपये की रिवेन्यू डिफिसिट ग्रांट मिली थी, जबकि पिछले 10 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने प्रदेश को लगभग 88,000 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री द्वारा केंद्र पर लगातार आरोप लगाना पूरी तरह राजनीतिक और तथ्यों से परे है।
राजेंद्र राणा ने कहा कि राज्य सरकार का दायित्व होता है कि वह प्रदेश की आय बढ़ाने के लिए ठोस नीतियां बनाए, नए राजस्व स्रोत विकसित करे और वित्तीय अनुशासन लागू करे। लेकिन वर्तमान सरकार का रवैया ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रशासन चलाने के बजाय छात्र संगठन की राजनीति की जा रही हो, जिसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने विधानसभा बजट सत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्यपाल द्वारा सरकार के अभिभाषण को पढ़ने से इनकार करना प्रदेश के इतिहास की अभूतपूर्व घटना है। यह सरकार की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। यदि सरकार के दावों में दम होता, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न ही नहीं होती।
राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों में वित्तीय संसाधनों के दुरुपयोग ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति को और कमजोर किया है। महंगाई, बेरोजगारी और विकास कार्यों की धीमी गति से जनता त्रस्त है और अब सरकार से जवाब मांग रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश हित में आवश्यक है कि सरकार आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति छोड़कर आत्मनिर्भरता, राजस्व वृद्धि और सुशासन पर ध्यान केंद्रित करे। हिमाचल प्रदेश की जनता एक जिम्मेदार, पारदर्शी और दूरदर्शी नेतृत्व की अपेक्षा रखती है
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    3 hrs ago
  • जिला बिलासपुर के शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिए शिक्षा विभाग का प्लान कारगर साबित हुआ है। शिक्षा विभाग बिलासपुर द्वारा कमजोर बच्चों को पढ़ाई में मजबूत करने को लेकर एक प्लान तैयार किया था, जिसके साकारात्मक परिणाम भी सामने आएंगे। इस प्लान के तहत 18 जनवरी से 18 फरवरी तक शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाई गई हैं, इसका लाभ इन बच्चों को मिला है। इस नए प्लान को तैयार करने को लेकर उच्च शिक्षा विभाग बिलासपुर की उप निदेशक रेणू कौशल की ओर से किए गए प्रयास सराहनीय रहे हैं। वहीं, अब जल्द ही अचीवर बच्चों पर भी फोकस किया जाएगा। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा बेहतर प्रयासा किए गए हैं। उधर, इस बारे में उच्च शिक्षा उपनिदेशक बिलासपुर रेणु कौशल ने यह जानकारी दी।
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    जिला बिलासपुर के शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिए शिक्षा विभाग का प्लान कारगर साबित हुआ है। शिक्षा विभाग बिलासपुर द्वारा कमजोर बच्चों को पढ़ाई में मजबूत करने को लेकर एक प्लान तैयार किया था, जिसके साकारात्मक परिणाम भी सामने आएंगे। इस प्लान के तहत 18 जनवरी से 18 फरवरी तक शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाई गई हैं, इसका लाभ इन बच्चों को मिला है। इस नए प्लान को तैयार करने को लेकर उच्च शिक्षा विभाग बिलासपुर की उप निदेशक रेणू कौशल की ओर से किए गए प्रयास सराहनीय रहे हैं। वहीं, अब जल्द ही अचीवर बच्चों पर भी फोकस किया जाएगा। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा बेहतर प्रयासा किए गए हैं। 
उधर, इस बारे में उच्च शिक्षा उपनिदेशक बिलासपुर रेणु कौशल ने यह जानकारी दी।
    user_Anil kumar
    Anil kumar
    बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    4 hrs ago
  • चौकी मन्यार स्कूल में एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चौकीमन्यार स्कूल  में आर.ए.ए. (RAA) के अंतर्गत विभिन्न रचनात्मक एवं जागरूकता संबंधी गतिविधियों का आयोजन बड़े उत्साह और सक्रिय भागीदारी के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव रांगडा की अध्यक्षता में प्रातःकालीन सभा से हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने आर.ए.ए. के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों द्वारा गणित एवं विज्ञान विषय के माडल एवं चार्ट बनाने की प्रतियोंगिता के साथ साथ गणित ओलंपियाड एवं विज्ञान प्रश्नोत्तरी का आयोजन करवाया गया। बहीं पर स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव रांगडा ने विद्यार्थियों को अनुशासन, सहयोग और समाज सेवा के महत्व के साथ विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं इस प्रकार की गतिविधियों में बढ़ चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में बढ़िया प्रदर्शन करने वाले छात्र छात्राओं को बाद में सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव रांगडा, कार्यक्रम के अध्यक्ष संजीव कुमार,अशोक कुमार,सीमा देवी विजय शर्मा,अजय शर्मा सहित अन्य स्कूल स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे।
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    चौकी मन्यार स्कूल में एक दिवसीय कार्यक्रम  आयोजित 
उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चौकीमन्यार स्कूल  में आर.ए.ए. (RAA) के अंतर्गत विभिन्न रचनात्मक एवं जागरूकता संबंधी गतिविधियों का आयोजन बड़े उत्साह और सक्रिय भागीदारी के साथ किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव रांगडा की अध्यक्षता में प्रातःकालीन सभा से हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने आर.ए.ए. के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों द्वारा गणित एवं विज्ञान विषय के माडल एवं चार्ट बनाने की प्रतियोंगिता के साथ साथ गणित ओलंपियाड एवं विज्ञान प्रश्नोत्तरी का आयोजन करवाया गया।
बहीं पर स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव रांगडा ने विद्यार्थियों को अनुशासन, सहयोग और समाज सेवा के महत्व के साथ विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं इस प्रकार की गतिविधियों में बढ़ चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
इस कार्यक्रम में बढ़िया प्रदर्शन करने वाले छात्र छात्राओं को बाद में सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव रांगडा, कार्यक्रम के अध्यक्ष संजीव कुमार,अशोक कुमार,सीमा देवी विजय शर्मा,अजय शर्मा सहित अन्य स्कूल स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे।
    user_Abhishek Kumar Bhatia
    Abhishek Kumar Bhatia
    Local News Reporter बंगाना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    5 hrs ago
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