सार्वजनिक दुर्गा मंदिर फुलकाहा में डांडिया की धूम, बच्चों की मनमोहक प्रस्तुति ने मोहा मन रंग-बिरंगे परिधानों में सजे नन्हे कलाकारों ने बिखेरे हुनर के रंग, तालियों की गड़गड़ाहट और मां दुर्गा के जयकारों से गूंज उठा मंदिर परिसर अररिया/रंजीत ठाकुर की रिपोर्ट: शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर फुलकाहा बाजार स्थित श्री श्री 108 सार्वजनिक दुर्गा मंदिर परिसर मंगलवार की शाम भक्ति, उत्साह और सांस्कृतिक उल्लास से सराबोर हो उठा। मौका था बच्चों के डांडिया कार्यक्रम का, जहां नन्हे कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुति से ऐसा समां बांधा कि पूरा मंदिर परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे बच्चों के आकर्षक नृत्य ने उपस्थित श्रद्धालुओं और दर्शकों का मन मोह लिया। डांडिया की मधुर धुन बजते ही बच्चों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। पारंपरिक अंदाज में थिरकते बच्चों के कदमों का तालमेल, चेहरे की मुस्कान और मनमोहक अदाओं ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। उनकी हर प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया। बच्चों के जोश और उमंग को देखकर मंदिर परिसर में मौजूद लोग भी उत्सवी माहौल में सराबोर नजर आए। भक्ति के साथ संस्कृति और परंपरा का दिखा संगम मां दुर्गा की आराधना के बीच आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम ने नवरात्र के उत्साह को और बढ़ा दिया। धार्मिक आस्था के साथ भारतीय संस्कृति और पारंपरिक नृत्य की सुंदर झलक देखने को मिली। बच्चों की भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया। कार्यक्रम ने न केवल बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दिया, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का संदेश भी दिया। शाम ढलने के साथ ही मंदिर परिसर में भक्ति और उल्लास का माहौल और भी खुशनुमा हो गया। मां दुर्गा के जयकारों, डांडिया की धुन और तालियों की गूंज के बीच बच्चों की शानदार प्रस्तुति लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही। नन्हे कलाकारों के हुनर और श्रद्धालुओं के उत्साह ने डांडिया की शाम को यादगार बना दिया।
सार्वजनिक दुर्गा मंदिर फुलकाहा में डांडिया की धूम, बच्चों की मनमोहक प्रस्तुति ने मोहा मन रंग-बिरंगे परिधानों में सजे नन्हे कलाकारों ने बिखेरे हुनर के रंग, तालियों की गड़गड़ाहट और मां दुर्गा के जयकारों से गूंज उठा मंदिर परिसर अररिया/रंजीत ठाकुर की रिपोर्ट: शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर फुलकाहा बाजार स्थित श्री श्री 108 सार्वजनिक दुर्गा मंदिर परिसर मंगलवार की शाम भक्ति, उत्साह और सांस्कृतिक उल्लास से सराबोर हो उठा। मौका था बच्चों के डांडिया कार्यक्रम का, जहां नन्हे कलाकारों ने
अपनी शानदार प्रस्तुति से ऐसा समां बांधा कि पूरा मंदिर परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे बच्चों के आकर्षक नृत्य ने उपस्थित श्रद्धालुओं और दर्शकों का मन मोह लिया। डांडिया की मधुर धुन बजते ही बच्चों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। पारंपरिक अंदाज में थिरकते बच्चों के कदमों का तालमेल, चेहरे की मुस्कान और मनमोहक अदाओं ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। उनकी हर प्रस्तुति पर दर्शकों
ने तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया। बच्चों के जोश और उमंग को देखकर मंदिर परिसर में मौजूद लोग भी उत्सवी माहौल में सराबोर नजर आए। भक्ति के साथ संस्कृति और परंपरा का दिखा संगम मां दुर्गा की आराधना के बीच आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम ने नवरात्र के उत्साह को और बढ़ा दिया। धार्मिक आस्था के साथ भारतीय संस्कृति और पारंपरिक नृत्य की सुंदर झलक देखने को मिली। बच्चों की भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया। कार्यक्रम ने न केवल बच्चों को
अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दिया, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का संदेश भी दिया। शाम ढलने के साथ ही मंदिर परिसर में भक्ति और उल्लास का माहौल और भी खुशनुमा हो गया। मां दुर्गा के जयकारों, डांडिया की धुन और तालियों की गूंज के बीच बच्चों की शानदार प्रस्तुति लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही। नन्हे कलाकारों के हुनर और श्रद्धालुओं के उत्साह ने डांडिया की शाम को यादगार बना दिया।
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- 🔥 यो हो वायरल, भले रे भाई! 😱 भारती राज यादव का जातिवादी गाना हुआ था वायरल, आज देखिए उनका जबरदस्त इंटरव्यू! देखिए पूरा इंटरव्यू और जानिए वायरल होने के पीछे की कहानी। 🎤🔥 #भारतीराजयादव #भलेरेभाई #जबरदस्तइंटरव्यू #वायरलगाना #भारतीराज #ViralInterview #ViralVideo #BiharNews #HumTakNews #TrendingVideo 🔥 यो हो वायरल, भले रे भाई! 😱 भारती राज यादव का जातिवादी गाना हुआ था वायरल, आज देखिए उनका जबरदस्त इंटरव्यू! देखिए पूरा इंटरव्यू और जानिए वायरल होने के पीछे की कहानी। 🎤🔥 #भारतीराजयादव #भलेरेभाई #जबरदस्तइंटरव्यू #वायरलगाना #भारतीराज #ViralInterview #ViralVideo #BiharNews #HumTakNews #TrendingVideo1
- छातापुर*46 साल पुरानी परंपरा, सुपौल में रावण दहन का भव्य नजारा, जय श्रीराम से गूंजा गांधी मैदान* ।* बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व सुपौल में बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शहर के गांधी मैदान में 46 साल पुरानी परंपरा के अनुसार रावण दहन का भव्य आयोजन किया गया, जिसे देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग उमड़ पड़े। पूरे मैदान में जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। जैसे ही भगवान श्रीराम के स्वरूप ने रावण के पुतले पर अग्नि बाण छोड़ा, पूरा गांधी मैदान तालियों और जयकारों से गूंज उठा। देखते ही देखते 70 फीट ऊंचा रावण का पुतला धू-धू कर जलने लगा। इसके साथ ही मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का भी दहन किया गया। आतिशबाजी के मनोरम दृश्य ने लोगों का दिल जीत लिया। बताया जाता है कि सुपौल के गांधी मैदान में पिछले 46 सालों से लगातार रावण दहन की परंपरा चली आ रही है। हर साल यहां दशहरा मेला समिति द्वारा भव्य आयोजन किया जाता है। इस बार का आयोजन सबसे भव्य रहा। सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे। इस अवसर पर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में जबरदस्त उत्साह देखा गया। मेले में तरह-तरह की दुकानें, झूले और खान-पान के स्टॉल लगे थे। लोगों ने परिवार के साथ मेले का भरपूर आनंद लिया। दशहरा मेला समिति के सदस्यों ने बताया कि यह सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि सुपौल की संस्कृति और एकता की पहचान है। हजारों की भीड़, रावण दहन और दशहरे का उत्साह - क्या आपने भी देखा सुपौल का ये अद्भुत नजारा? अगर आप भी वहां मौजूद थे तो अपनी तस्वीरें और अनुभव हमारे साथ जरूर साझा करें। छातापुर*46 साल पुरानी परंपरा, सुपौल में रावण दहन का भव्य नजारा, जय श्रीराम से गूंजा गांधी मैदान* ।* बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व सुपौल में बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शहर के गांधी मैदान में 46 साल पुरानी परंपरा के अनुसार रावण दहन का भव्य आयोजन किया गया, जिसे देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग उमड़ पड़े। पूरे मैदान में जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। जैसे ही भगवान श्रीराम के स्वरूप ने रावण के पुतले पर अग्नि बाण छोड़ा, पूरा गांधी मैदान तालियों और जयकारों से गूंज उठा। देखते ही देखते 70 फीट ऊंचा रावण का पुतला धू-धू कर जलने लगा। इसके साथ ही मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का भी दहन किया गया। आतिशबाजी के मनोरम दृश्य ने लोगों का दिल जीत लिया। बताया जाता है कि सुपौल के गांधी मैदान में पिछले 46 सालों से लगातार रावण दहन की परंपरा चली आ रही है। हर साल यहां दशहरा मेला समिति द्वारा भव्य आयोजन किया जाता है। इस बार का आयोजन सबसे भव्य रहा। सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे। इस अवसर पर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में जबरदस्त उत्साह देखा गया। मेले में तरह-तरह की दुकानें, झूले और खान-पान के स्टॉल लगे थे। लोगों ने परिवार के साथ मेले का भरपूर आनंद लिया। दशहरा मेला समिति के सदस्यों ने बताया कि यह सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि सुपौल की संस्कृति और एकता की पहचान है। हजारों की भीड़, रावण दहन और दशहरे का उत्साह - क्या आपने भी देखा सुपौल का ये अद्भुत नजारा? अगर आप भी वहां मौजूद थे तो अपनी तस्वीरें और अनुभव हमारे साथ जरूर साझा करें।1
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- भीमपुर में गांजा तस्करी का खुलासा, बोलेरो से पुलिस ने 23.5 किलो गांजा किया बरामद, एक को किया गिरफ्तार भीमपुर में गांजा तस्करी का खुलासा, बोलेरो से पुलिस ने 23.5 किलो गांजा किया बरामद, एक को किया गिरफ्तार1
- ब्रेकिंग न्यूज़ | अररिया, बिहार कुर्साकांटा में अतिक्रमण हटाओ अभियान पर सवाल: 13 परिवारों के घर टूटे, 3 के साथ सौतेले व्यवहार का आरोप जिला अररिया, प्रखंड कुर्साकांटा, पंचायत सिकटिया वार्ड नंबर 3 में हाट वाली जमीन पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में 13 परिवारों के घर तोड़ दिए गए। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि 13 में से 10 परिवारों को पुनर्वास दिया गया, लेकिन 3 परिवारों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। सबसे बड़ा आरोप पुनर्वास की जमीन को लेकर है। पीड़ितों का कहना है कि पुनर्वास के नाम पर जो जमीन दी गई है, वह पानी से भरी हुई है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि दी गई जमीन पर पानी भरा है, वहां घर बनाकर रहना संभव नहीं है। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, तीनों परिवारों के साथ न्याय हो और सभी को रहने योग्य सूखी जमीन पर समान पुनर्वास दिया जाए। रिपोर्ट: मोहम्मद कलम, सोशल मीडिया एक्टिविस्ट जन-जन की आवाज़ - Aima Kalam Khan Media ब्रेकिंग न्यूज़ | अररिया, बिहार कुर्साकांटा में अतिक्रमण हटाओ अभियान पर सवाल: 13 परिवारों के घर टूटे, 3 के साथ सौतेले व्यवहार का आरोप जिला अररिया, प्रखंड कुर्साकांटा, पंचायत सिकटिया वार्ड नंबर 3 में हाट वाली जमीन पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में 13 परिवारों के घर तोड़ दिए गए। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि 13 में से 10 परिवारों को पुनर्वास दिया गया, लेकिन 3 परिवारों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। सबसे बड़ा आरोप पुनर्वास की जमीन को लेकर है। पीड़ितों का कहना है कि पुनर्वास के नाम पर जो जमीन दी गई है, वह पानी से भरी हुई है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि दी गई जमीन पर पानी भरा है, वहां घर बनाकर रहना संभव नहीं है। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, तीनों परिवारों के साथ न्याय हो और सभी को रहने योग्य सूखी जमीन पर समान पुनर्वास दिया जाए। रिपोर्ट: मोहम्मद कलम, सोशल मीडिया एक्टिविस्ट जन-जन की आवाज़ - Aima Kalam Khan Media1
- हंसती हुई बेटी की,पिता छोड़ साथ #viralreelschallenge #viralchallenge #viralreelsシ #viralreels #viral #viralpost #Araria #Bihar हंसती हुई बेटी की,पिता छोड़ साथ #viralreelschallenge #viralchallenge #viralreelsシ #viralreels #viral #viralpost #Araria #Bihar1
- छातापुर:46 साल पुरानी परंपरा, सुपौल में रावण दहन का भव्य नजारा, जय श्रीराम से गूंजा गांधी मैदान, सुपौल | हजारों की भीड़, रावण दहन और दशहरे का उत्साह, क्या आपने भी देखा सुपौल का ये नजारा? छातापुर:46 साल पुरानी परंपरा, सुपौल में रावण दहन का भव्य नजारा, जय श्रीराम से गूंजा गांधी मैदान, सुपौल | हजारों की भीड़, रावण दहन और दशहरे का उत्साह, क्या आपने भी देखा सुपौल का ये नजारा?1