गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में 17 वर्षीय सूर्या की हत्या के मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। बकरीद के दिन हुए इस हमले में असद ने पुरानी रंजिश के चलते अपने 'जिगरी यार' सूर्या पर चाकू से हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल सूर्या ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिसके बाद यह मामला और गरमा गया है। इस घटना को लेकर जनता में भारी आक्रोश है और उनका कहना है कि ऐसे में भाजपा सरकार को चुनना मजबूरी है, क्योंकि गैर-हिंदुओं का व्यवहार ही भाजपा और आर.एस.एस. जैसी पार्टियों को बढ़ावा दे रहा है। जानकारी के अनुसार, सूर्या और आरोपी असद पिछले करीब एक साल से दोस्त थे और आस-पास रहते थे। लगभग आठ महीने पहले किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था, जो बाद में शांत हो गया था, लेकिन बताया जा रहा है कि असद के मन में पुरानी रंजिश बनी रही। घटना वाले दिन, 28 मई को असद ने सूर्या को फोन करके मिलने बुलाया। सूर्या अपने दोस्तों विक्की और आयुष के साथ वहाँ पहुंचा, जहाँ बातचीत के दौरान कहासुनी हुई और विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान असद ने चाकू से सूर्या पर हमला कर दिया और बीच-बचाव करने आए उसके दोस्तों को भी धमकाकर मौके से फरार हो गया। घायल सूर्या को नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ करीब 24 घंटे इलाज के बाद उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया है। पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए 5 संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जबकि मुख्य आरोपी असद अभी भी फरार है। परिजनों के मुताबिक, सूर्या का परिवार मूल रूप से एटा जिले का रहने वाला है और खोड़ा में किराए पर रहता था; उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका है और परिवार में माँ, बहन और भाई हैं। इस घटना ने 'गैर मुसलमानों' के मन में एक गहरा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या मुसलमानों पर उनका विश्वास टूटता जा रहा है।
गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में 17 वर्षीय सूर्या की हत्या के मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। बकरीद के दिन हुए इस हमले में असद ने पुरानी रंजिश के चलते अपने 'जिगरी यार' सूर्या पर चाकू से हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल सूर्या ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिसके बाद यह मामला और गरमा गया है। इस घटना को लेकर जनता में भारी आक्रोश है और उनका कहना है कि ऐसे में भाजपा सरकार को चुनना मजबूरी है, क्योंकि गैर-हिंदुओं का व्यवहार ही भाजपा और आर.एस.एस. जैसी पार्टियों को बढ़ावा दे रहा है। जानकारी के अनुसार, सूर्या और आरोपी असद पिछले करीब एक साल से दोस्त थे और आस-पास रहते थे। लगभग आठ महीने पहले किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था, जो बाद में शांत हो गया था, लेकिन बताया जा रहा है कि असद के मन में पुरानी रंजिश बनी रही। घटना वाले दिन, 28 मई को असद ने सूर्या को फोन करके मिलने बुलाया। सूर्या अपने दोस्तों विक्की और आयुष के साथ वहाँ पहुंचा, जहाँ बातचीत के दौरान कहासुनी हुई और विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान असद ने चाकू से सूर्या पर हमला कर दिया और बीच-बचाव करने आए उसके दोस्तों को भी धमकाकर मौके से फरार हो गया। घायल सूर्या को नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ करीब 24 घंटे इलाज के बाद उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया है। पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए 5 संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जबकि मुख्य आरोपी असद अभी भी फरार है। परिजनों के मुताबिक, सूर्या का परिवार मूल रूप से एटा जिले का रहने वाला है और खोड़ा में किराए पर रहता था; उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका है और परिवार में माँ, बहन और भाई हैं। इस घटना ने 'गैर मुसलमानों' के मन में एक गहरा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या मुसलमानों पर उनका विश्वास टूटता जा रहा है।
- जनपद शाहजहांपुर में समाजसेवी संस्था सहयोग द्वारा रविवार को महानगर के व्यस्त क्षेत्र घंटाघर के निकट एक शर्बत वितरण और छाता वितरण शिविर का आयोजन किया गया। भीषण गर्मी के बीच राहगीरों को राहत पहुँचाने के इस सराहनीय कार्य का शुभारंभ वार्ड पार्षद मोहम्मद रजी ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर मोहम्मद रजी ने सहयोग संस्था के जनहितकारी कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि राहगीरों को शर्बत पिलाना और जरूरतमंदों को छाते उपलब्ध कराना वास्तव में पुण्य का कार्य है। संस्था की डायरेक्टर नुजहत अंजुम, तराना जमाल, सैय्यद अनवर और रजनी गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि गर्मी के इस मौसम में प्यासे लोगों को शर्बत पिलाने से बढ़कर कोई सेवा नहीं हो सकती, जिससे लोगों को न केवल राहत मिलती है, बल्कि उनके दिल से दुआएं भी निकलती हैं। संस्था की अध्यक्ष स्तुति गुप्ता और महासचिव सरदार हरजीत सिंह ने भविष्य में भी जनहित के कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि सहयोग संस्था जहाँ भी जरूरतमंद लोगों को सहायता की आवश्यकता होगी, वहाँ पहुँचकर सेवा कार्य करेगी। संस्था के संस्थापक शाहनवाज खां एडवोकेट और अनिल गुप्ता प्रधान ने समाज सेवा में रुचि रखने वाले व्यक्तियों को बिना किसी भेदभाव या स्वार्थ के सहयोग संस्था से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि संस्था में सभी धर्मों और वर्गों के लोग मिलकर मानव सेवा का कार्य कर रहे हैं, जो इसकी समावेशी भावना को दर्शाता है। कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों राहगीरों ने शर्बत ग्रहण किया और जरूरतमंद लोगों को धूप से बचाव के लिए छाते भी वितरित किए गए। संस्था के इस सेवा कार्य की स्थानीय लोगों ने भरपूर प्रशंसा की। इस मौके पर विकास सक्सेना, शफीकुद्दीन अंसारी, उमेश गुप्ता, संगीता गुप्ता, सुमन गुप्ता, ममता यादव, अमरदीप खालसा, शिवम वर्मा, अतुल गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, डॉ. पुनीत मनीषी, राजीव गुप्ता (कटिया टोला), रामजी गुप्ता, आशू खां, मोहम्मद नाजिम, तस्लीम, सुधीर, निहाल और शबाब सहित बड़ी संख्या में संस्था के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।1
- यह पोस्ट पुराने देसी गाय के घी की विशेषताओं पर केंद्रित है। इसमें दर्शकों से आग्रह किया गया है कि वे संबंधित वीडियो को लाइक करें, साझा करें और पेज को फॉलो करें।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि कोई भी व्यक्ति त्यौहारों या पर्वों के अवसर पर दंगा करने का प्रयास करेगा, तो उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह कड़ी चेतावनी दी है।1
- मऊ के न्यूरो विशेषज्ञ डॉ. अबजद करीमी ने मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है, जिसमें उन्होंने मोबाइल और लैपटॉप के अत्यधिक उपयोग से होने वाले खतरों पर विशेष जोर दिया। डॉ. करीमी के अनुसार, इन उपकरणों का अधिक इस्तेमाल आँखों और दिमाग पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे भविष्य में कई स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएँ उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने अभिभावकों को विशेष रूप से सलाह दी कि पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को मोबाइल की लत से दूर रखा जाना चाहिए। डॉ. करीमी ने चेतावनी दी कि अधिक स्क्रीन टाइम बच्चों के मानसिक संतुलन और मस्तिष्क के विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। एक स्वस्थ मानसिक जीवन के लिए, उन्होंने लोगों से सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने, सकारात्मक सोच बनाए रखने और दूसरों से मेल-जोल बढ़ाने की बात कही। उनका कहना है कि इच्छाशक्ति और मानसिक स्वास्थ्य का सीधा संबंध मस्तिष्क से होता है और व्यक्ति की सोच उसके शरीर और व्यवहार को भी प्रभावित करती है। मिर्गी या किसी भी प्रकार के दौरे (झटके) पड़ने की स्थिति में, डॉ. करीमी ने घबराने की बजाय कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में मरीज के आसपास मौजूद नुकीली या चोट पहुँचाने वाली वस्तुओं को तुरंत हटा देना चाहिए और उसे एक तरफ करवट दिलाकर लिटा देना चाहिए। दौरे के दौरान मरीज के मुँह में पानी या कोई भी तरल पदार्थ न डालें, क्योंकि बेहोशी की अवस्था में यह साँस की नली में जाकर गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। अंत में, उन्होंने लोगों से न्यूरो संबंधी किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करने, समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने और अफवाहों या गलत धारणाओं से बचने की अपील की।1
- शाहजहांपुर में हिंदी पत्रकारिता दिवस के उपलक्ष्य में श्रमजीवी पत्रकार यूनियन द्वारा प्रेस क्लब में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर "समाज निर्माण में प्रेस, प्रशासन और राजनीति की भूमिका" विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें पत्रकारिता की वर्तमान चुनौतियों और समाज में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे, जिनका यूनियन पदाधिकारियों और पत्रकारों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। अपने संबोधन में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने पत्रकारों को लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताया, जो सरकार को आईना दिखाने का कार्य करते हैं। उन्होंने सकारात्मक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से समाज को सही दिशा देने की भूमिका पर जोर दिया। श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के जिला अध्यक्ष कुलदीप दीपक ने कहा कि पत्रकारों की भूमिका केवल समाचार प्रसारित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि जनसमस्याओं को शासन और प्रशासन तक पहुँचाना भी उनकी अहम जिम्मेदारी है, खासकर जब स्थानीय स्तर पर समस्याओं के समाधान में देरी होती है। यूनियन के महामंत्री शिव कुमार ने पत्रकारों को सूचना संकलन के दौरान आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों का जिक्र करते हुए प्रशासनिक तंत्र से समय पर तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराने और उनकी सुरक्षा व सम्मान सुनिश्चित करने की अपेक्षा की। वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी राजीव कुमार रंजन ने स्वस्थ लोकतंत्र के लिए प्रशासनिक जवाबदेही और मीडिया की स्वतंत्रता को आवश्यक बताया, साथ ही कहा कि जनहित के मामलों में पारदर्शिता की कमी होने पर पत्रकारों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। विचार गोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने पत्रकारों के सामने बढ़ती चुनौतियों, सूचना तक पहुँच में आने वाली बाधाओं, प्रशासनिक जवाबदेही और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे विषयों पर भी चर्चा की। यह मत व्यक्त किया गया कि समाज, प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर संवाद स्थापित होने से जनसमस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से हो सकता है। इस कार्यक्रम में पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया गया। साथ ही, यूनियन पदाधिकारियों ने वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना को उत्कृष्ट विधायक सम्मान प्राप्त होने पर स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का समापन पत्रकारिता की गरिमा, निष्पक्षता, प्रशासनिक जवाबदेही और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने के संकल्प के साथ हुआ।3
- शाहजहाँपुर जिले के थाना अल्हागंज क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ नदी में नहाने के दौरान दो बच्चों की डूबने से मौत हो गई। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन तुरंत मौके पर पहुँचा और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। क्षेत्राधिकारी जलालाबाद ने बताया कि पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की गई है और इस घटना के संबंध में आगे की कानूनी प्रक्रिया भी की जा रही है।1
- शाहजहांपुर के सिंधौली क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर हुए झगड़े में घायल हुए युवक शिवकुमार की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि पुलिस ने समय पर न तो एफआईआर दर्ज की और न ही घायल युवक का मेडिकल कराया, जिसके कारण उसकी जान चली गई। यह घटना मारपीट के पांच दिन बाद युवक की मौत के साथ समाप्त हुई। शिवकुमार की मौत के बाद, परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस पर जमकर हंगामा किया। उन्होंने मांग की कि आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए और परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। इस बीच, पुलिस ने परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।1