गाजियाबाद में दिनांक 05 जून, 2026 को जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्ट्रेट स्थित डीएम कक्ष में हुई इस बैठक का उद्देश्य यमुना एवं हिण्डन नदी क्षेत्रों की भूमि को चिन्हित कर अतिक्रमण और अवैध कब्जों से मुक्त कराना था। इसमें उप जिलाधिकारी लोनी, सिंचाई विभाग, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए), नगर निकायों तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। जिलाधिकारी ने यमुना एवं हिण्डन नदी के तटवर्ती क्षेत्रों तथा नदी की मूल भूमि पर हुए अतिक्रमणों की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व अभिलेखों, सिंचाई विभाग के अभिलेखों एवं उपलब्ध मानचित्रों के आधार पर नदी क्षेत्र की सरकारी भूमि का सत्यापन कर अवैध कब्जों व अतिक्रमणों को चिन्हित किया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चिन्हित अतिक्रमणों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई कर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, यह कहते हुए कि नदी क्षेत्र की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण, कब्जा या अतिक्रमण स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया। श्री मॉंदड़ ने यह भी बताया कि यमुना एवं हिण्डन नदी केवल जल स्रोत नहीं बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और क्षेत्रीय पारिस्थितिकी के महत्वपूर्ण आधार हैं, और इन क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त कराना शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील स्थलों का स्थलीय निरीक्षण करने, आवश्यकतानुसार संयुक्त सर्वेक्षण कराने तथा अभियान चलाकर अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने आगाह किया कि ये अवैध अतिक्रमण न केवल सरकारी भूमि और पर्यावरण के लिए हानिकारक हैं, बल्कि बाढ़ और जलभराव जैसी आपदाओं के दौरान आमजन के जीवन एवं संपत्ति के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं, क्योंकि नदी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा से जनहानि एवं आर्थिक क्षति की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए, लोगों की जान-माल की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा नदी तंत्र के संरक्षण के दृष्टिगत अतिक्रमणों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में संबंधित विभागों को निर्धारित समयसीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए और नियमित प्रगति रिपोर्ट जिला प्रशासन को देने को कहा गया।
गाजियाबाद में दिनांक 05 जून, 2026 को जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्ट्रेट स्थित डीएम कक्ष में हुई इस बैठक का उद्देश्य यमुना एवं हिण्डन नदी क्षेत्रों की भूमि को चिन्हित कर अतिक्रमण और अवैध कब्जों से मुक्त कराना था। इसमें उप जिलाधिकारी लोनी, सिंचाई विभाग, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए), नगर निकायों तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। जिलाधिकारी ने यमुना एवं हिण्डन नदी के तटवर्ती क्षेत्रों तथा नदी की मूल भूमि पर हुए अतिक्रमणों की विस्तृत समीक्षा
की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व अभिलेखों, सिंचाई विभाग के अभिलेखों एवं उपलब्ध मानचित्रों के आधार पर नदी क्षेत्र की सरकारी भूमि का सत्यापन कर अवैध कब्जों व अतिक्रमणों को चिन्हित किया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चिन्हित अतिक्रमणों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई कर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, यह कहते हुए कि नदी क्षेत्र की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण, कब्जा या अतिक्रमण स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया। श्री
मॉंदड़ ने यह भी बताया कि यमुना एवं हिण्डन नदी केवल जल स्रोत नहीं बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और क्षेत्रीय पारिस्थितिकी के महत्वपूर्ण आधार हैं, और इन क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त कराना शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील स्थलों का स्थलीय निरीक्षण करने, आवश्यकतानुसार संयुक्त सर्वेक्षण कराने तथा अभियान चलाकर अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने आगाह किया कि ये अवैध अतिक्रमण न केवल सरकारी भूमि और पर्यावरण के लिए हानिकारक हैं, बल्कि बाढ़ और जलभराव जैसी आपदाओं के दौरान
आमजन के जीवन एवं संपत्ति के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं, क्योंकि नदी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा से जनहानि एवं आर्थिक क्षति की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए, लोगों की जान-माल की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा नदी तंत्र के संरक्षण के दृष्टिगत अतिक्रमणों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में संबंधित विभागों को निर्धारित समयसीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए और नियमित प्रगति रिपोर्ट जिला प्रशासन को देने को कहा गया।
- गाजियाबाद में दिनांक 05 जून, 2026 को जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्ट्रेट स्थित डीएम कक्ष में हुई इस बैठक का उद्देश्य यमुना एवं हिण्डन नदी क्षेत्रों की भूमि को चिन्हित कर अतिक्रमण और अवैध कब्जों से मुक्त कराना था। इसमें उप जिलाधिकारी लोनी, सिंचाई विभाग, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए), नगर निकायों तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। जिलाधिकारी ने यमुना एवं हिण्डन नदी के तटवर्ती क्षेत्रों तथा नदी की मूल भूमि पर हुए अतिक्रमणों की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व अभिलेखों, सिंचाई विभाग के अभिलेखों एवं उपलब्ध मानचित्रों के आधार पर नदी क्षेत्र की सरकारी भूमि का सत्यापन कर अवैध कब्जों व अतिक्रमणों को चिन्हित किया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चिन्हित अतिक्रमणों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई कर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, यह कहते हुए कि नदी क्षेत्र की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण, कब्जा या अतिक्रमण स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया। श्री मॉंदड़ ने यह भी बताया कि यमुना एवं हिण्डन नदी केवल जल स्रोत नहीं बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और क्षेत्रीय पारिस्थितिकी के महत्वपूर्ण आधार हैं, और इन क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त कराना शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील स्थलों का स्थलीय निरीक्षण करने, आवश्यकतानुसार संयुक्त सर्वेक्षण कराने तथा अभियान चलाकर अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने आगाह किया कि ये अवैध अतिक्रमण न केवल सरकारी भूमि और पर्यावरण के लिए हानिकारक हैं, बल्कि बाढ़ और जलभराव जैसी आपदाओं के दौरान आमजन के जीवन एवं संपत्ति के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं, क्योंकि नदी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा से जनहानि एवं आर्थिक क्षति की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए, लोगों की जान-माल की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा नदी तंत्र के संरक्षण के दृष्टिगत अतिक्रमणों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में संबंधित विभागों को निर्धारित समयसीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए और नियमित प्रगति रिपोर्ट जिला प्रशासन को देने को कहा गया।4
- गाज़ियाबाद के विजयनगर थाना क्षेत्र के भुड रेलवे रोड स्थित अंश होटल के एक कमरे में एक युवती का शव फंदे से लटका हुआ पाया गया। बताया गया है कि होटल में एक युवक और एक युवती ठहरे हुए थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, युवक मुस्लिम था और युवती हिंदू समुदाय से संबंधित थी। युवती विजयनगर के सुंदरपुरी इलाके की निवासी थी। पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए उक्त युवक को हिरासत में ले लिया है और उससे मामले को लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। इस संबंध में एसीपी उपासना पांडे का बयान भी सामने आया है।1
- गाजियाबाद के विजय नगर क्षेत्र में सैकड़ों महिलाओं से LIC के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी की गई है। ठगी करने वालों ने किस्तों के नाम पर इन महिलाओं से करोड़ों रुपये वसूले। पीड़ित महिलाएं जब अपनी शिकायत लेकर थाने पहुंचीं, तो उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई। पीड़ितों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है और पुलिस बार-बार टालमटोल कर रही है।1
- गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस अपहृत ओमकार की तलाश में लगातार अभियान चला रही है। थाना लोनी में दर्ज मुकदमा संख्या 152/2026 के तहत, राममहर के पुत्र ओमकार की खोज के लिए पुलिस ने एक व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। इस अभियान के तहत, थाना प्रभारी लोनी के नेतृत्व में पुलिस की टीमों को थाना निवाड़ी, मुरादनगर और मसूरी क्षेत्र की गंगनहर में तलाशी के लिए तैनात किया गया है। पुलिस ने इस बड़े अभियान के लिए कुल 20 टीमें गठित की हैं। सर्च ऑपरेशन में स्थानीय पुलिस के अलावा, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की विशेषज्ञ टीमें, स्थानीय गोताखोर और ड्रोन कैमरे भी मदद कर रहे हैं। गंगनहर के विभिन्न स्थानों पर यह तलाशी अभियान लगातार जारी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि अपहृत ओमकार की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक कोई महत्वपूर्ण सुराग या सफलता प्राप्त नहीं हो जाती।1
- पंजाब के मोहाली में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक युवक ने अपनी पूर्व प्रेमिका को उसके ऑफिस के अंदर घुसकर बेरहमी से चाकू मार दिया। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अत्यंत डरावना बताया जा रहा है। सामने आए सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कैसे हमलावर ने ऑफिस में अन्य लोगों की मौजूदगी के बावजूद एक 'हैवान' की तरह लड़की पर दरिंदों जैसी क्रूरता से हमला किया। बताया गया है कि यह खूनी वारदात ब्रेकअप के बाद हुई, जब युवक ने पैचअप की कोशिश की और लड़की के मना करने पर उसे मार डाला।1
- एक सीवर मेनहोल का कवर टेढ़ा हो गया है, जिसकी शिकायत दर्ज की गई है। इस समस्या को सही करवाने का आग्रह किया गया है।1
- गाजियाबाद के विजयनगर थाना क्षेत्र में भूड़ रेलवे रोड स्थित अंश होटल के एक कमरे में एक हिंदू युवती का शव फंदे से लटका हुआ मिला है। युवती सुंदरपुरी, विजयनगर की निवासी बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, घटना के समय होटल में युवती के साथ एक मुस्लिम युवक भी ठहरा हुआ था। पुलिस को सूचना मिलने पर वे तत्काल मौके पर पहुंचे, शव को कब्जे में लिया और अपनी जांच शुरू कर दी। पुलिस ने साथ ठहरे मुस्लिम युवक को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ भी प्रारंभ कर दी है। पुलिस के मुताबिक, वे इस मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रहे हैं और आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।1
- गाजियाबाद के लोनी में हुए चर्चित ओंकार त्यागी हत्याकांड में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। इस मामले में पुलिस ने ₹50,000 के इनामी अभियुक्त मोहित को गिरफ्तार कर लिया है, जो घटना के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड में अब तक कुल 17 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। यह घटना रेलवे अंडरपास क्षेत्र की है, जहाँ ओंकार त्यागी प्रतिदिन की तरह पशुओं के लिए चारा लेने घर से निकले थे। आरोप है कि इसी दौरान एक कार में आए कुछ व्यक्तियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियाँ चला दीं। गंभीर रूप से घायल ओंकार त्यागी को हमलावर कार की डिग्गी में डालकर फरार हो गए थे। बाद में उनकी हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया गया था। पुलिस की जाँच में खुलासा हुआ कि इस वारदात के पीछे पुरानी रंजिश थी। गिरफ्तार अभियुक्त मोहित ने पूछताछ में बताया कि कुछ दिनों पहले एक पंचायत के दौरान ओंकार त्यागी ने कथित तौर पर उसका अपमान किया था। इसी अपमान का बदला लेने के लिए मोहित ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया।1