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जयपुर जिले के मयूर स्कूल सीतापुरा में सोमवार को राजस्थान सरकार के प्रारंभिक शिक्षा विभाग, जयपुर द्वारा एक जिला स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस गरिमामय अवसर पर बांसखोह निवासी जगदीश नारायण सोनी को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री के ओएसडी सतीश गुप्ता ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि एडीएम जयपुर विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। जगदीश नारायण सोनी का सम्मान अजय कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय, जयपुर, और मुकुल काविया, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, जयपुर ने किया। उन्हें माला पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया। इस समारोह में काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।

1 hr ago
user_Yogesh Kumar Gupta
Yogesh Kumar Gupta
पत्रकार बस्सी, जयपुर, राजस्थान•
1 hr ago

जयपुर जिले के मयूर स्कूल सीतापुरा में सोमवार को राजस्थान सरकार के प्रारंभिक शिक्षा विभाग, जयपुर द्वारा एक जिला स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस गरिमामय अवसर पर बांसखोह निवासी जगदीश नारायण सोनी को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री के ओएसडी सतीश गुप्ता ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि एडीएम जयपुर विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। जगदीश नारायण सोनी का सम्मान अजय कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय, जयपुर, और मुकुल काविया, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, जयपुर ने किया। उन्हें माला पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया। इस समारोह में काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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  • दौसा जिले के बसवा उपखंड क्षेत्र की एक ग्राम पंचायत के महावर मोहल्ले में पिछले एक महीने से हैंडपंप खराब पड़ा है, जिसके कारण ग्रामीणों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। पानी की किल्लत के चलते लोगों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है, और उन्हें अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए दूर-दराज से पानी लाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया है कि इस खराब हैंडपंप की सूचना कई बार संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है। उन्होंने ग्राम विकास अधिकारी और जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता को भी समस्या से अवगत कराया, लेकिन इतने समय बाद भी इस दिशा में कोई समाधान नहीं हो पाया है। प्रशासन की इस निष्क्रियता से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द हैंडपंप की मरम्मत करके पेयजल व्यवस्था बहाल की जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके। उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
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    दौसा जिले के बसवा उपखंड क्षेत्र की एक ग्राम पंचायत के महावर मोहल्ले में पिछले एक महीने से हैंडपंप खराब पड़ा है, जिसके कारण ग्रामीणों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। पानी की किल्लत के चलते लोगों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है, और उन्हें अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए दूर-दराज से पानी लाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया है कि इस खराब हैंडपंप की सूचना कई बार संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है। उन्होंने ग्राम विकास अधिकारी और जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता को भी समस्या से अवगत कराया, लेकिन इतने समय बाद भी इस दिशा में कोई समाधान नहीं हो पाया है।

प्रशासन की इस निष्क्रियता से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द हैंडपंप की मरम्मत करके पेयजल व्यवस्था बहाल की जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके। उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
    user_RIVENDRA KUMAR SHARMA
    RIVENDRA KUMAR SHARMA
    Local News Reporter बेजुपाड़ा, दौसा, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • दौसा में जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने सोमवार, 29 जून को जिला कलक्ट्रेट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शहरी सेवा शिविरों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने लीज होल्ड से फ्री होल्ड पट्टों के निस्तारण और भू-उपयोग परिवर्तन सहित विभिन्न प्रकरणों में तेजी लाने के निर्देश दिए। कलक्टर ने स्पष्ट किया कि शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजन को त्वरित राहत प्रदान करना है, इसलिए हर मामले का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। राज्य सरकार के निर्देशों के तहत चल रहे शहरी सेवा शिविरों में लीज होल्ड से फ्री होल्ड पट्टों और भू-उपयोग परिवर्तन के मामलों में अपेक्षित प्रगति न होने पर डॉ. झा ने अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को सभी फ्री होल्ड आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, जिन आवेदनों में दस्तावेज़ों की कमी है, उन्हें तत्काल पूरा कराने और अपात्र आवेदनों का नियमानुसार निराकरण करने के भी निर्देश दिए गए। कलक्टर ने उपखंड अधिकारियों को शहरी सेवा शिविरों की नियमित और प्रभावी निगरानी करने का आदेश दिया, ताकि केवल नए ही नहीं, बल्कि पुराने लंबित मामलों का भी प्राथमिकता के आधार पर समाधान हो सके और ज़्यादा से ज़्यादा नागरिकों को लाभ मिल पाए। उन्होंने शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी ज़ोर दिया, ताकि आमजन अधिक संख्या में इनका लाभ उठा सकें। बैठक में जिला कलक्टर ने विभिन्न श्रेणियों में प्राप्त आवेदनों, उनके निस्तारण और लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने फायर एनओसी से संबंधित कार्रवाई की समीक्षा करते हुए उन भवनों के लिए नियमानुसार नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, जिनके लिए फायर एनओसी ज़रूरी है और अभी तक प्राप्त नहीं की गई है। इसके अलावा, उन्होंने प्रगति संबंधी डेटा समय पर अपलोड करने, घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू जातियों का सर्वेक्षण कर पात्र व्यक्तियों को पट्टे जारी करने तथा शिविरों के माध्यम से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक में नालियों की सफाई, स्ट्रीट लाइट सुधार, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, भवन मानचित्र स्वीकृति और धारा 69-ए के तहत पट्टे जारी करने जैसे अन्य विभिन्न मामलों की भी समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (दौसा) अरविंद शर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर (लालसोट) मनमोहन मीणा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिरदीचंद गंगवाल, उपखंड अधिकारी संजू मीणा और नगर विकास न्यास के सचिव गंगाधर मीणा सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। जिले के सभी उपखंड अधिकारी, नगर परिषद आयुक्त और नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए इस समीक्षा बैठक में शामिल हुए।
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    दौसा में जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने सोमवार, 29 जून को जिला कलक्ट्रेट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शहरी सेवा शिविरों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने लीज होल्ड से फ्री होल्ड पट्टों के निस्तारण और भू-उपयोग परिवर्तन सहित विभिन्न प्रकरणों में तेजी लाने के निर्देश दिए। कलक्टर ने स्पष्ट किया कि शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजन को त्वरित राहत प्रदान करना है, इसलिए हर मामले का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

राज्य सरकार के निर्देशों के तहत चल रहे शहरी सेवा शिविरों में लीज होल्ड से फ्री होल्ड पट्टों और भू-उपयोग परिवर्तन के मामलों में अपेक्षित प्रगति न होने पर डॉ. झा ने अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को सभी फ्री होल्ड आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, जिन आवेदनों में दस्तावेज़ों की कमी है, उन्हें तत्काल पूरा कराने और अपात्र आवेदनों का नियमानुसार निराकरण करने के भी निर्देश दिए गए। कलक्टर ने उपखंड अधिकारियों को शहरी सेवा शिविरों की नियमित और प्रभावी निगरानी करने का आदेश दिया, ताकि केवल नए ही नहीं, बल्कि पुराने लंबित मामलों का भी प्राथमिकता के आधार पर समाधान हो सके और ज़्यादा से ज़्यादा नागरिकों को लाभ मिल पाए। उन्होंने शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी ज़ोर दिया, ताकि आमजन अधिक संख्या में इनका लाभ उठा सकें।

बैठक में जिला कलक्टर ने विभिन्न श्रेणियों में प्राप्त आवेदनों, उनके निस्तारण और लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने फायर एनओसी से संबंधित कार्रवाई की समीक्षा करते हुए उन भवनों के लिए नियमानुसार नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, जिनके लिए फायर एनओसी ज़रूरी है और अभी तक प्राप्त नहीं की गई है। इसके अलावा, उन्होंने प्रगति संबंधी डेटा समय पर अपलोड करने, घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू जातियों का सर्वेक्षण कर पात्र व्यक्तियों को पट्टे जारी करने तथा शिविरों के माध्यम से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक में नालियों की सफाई, स्ट्रीट लाइट सुधार, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, भवन मानचित्र स्वीकृति और धारा 69-ए के तहत पट्टे जारी करने जैसे अन्य विभिन्न मामलों की भी समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

इस बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (दौसा) अरविंद शर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर (लालसोट) मनमोहन मीणा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिरदीचंद गंगवाल, उपखंड अधिकारी संजू मीणा और नगर विकास न्यास के सचिव गंगाधर मीणा सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। जिले के सभी उपखंड अधिकारी, नगर परिषद आयुक्त और नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए इस समीक्षा बैठक में शामिल हुए।
    user_पत्रकार दीपक सैनी
    पत्रकार दीपक सैनी
    Court reporter Dausa, Rajasthan•
    6 hrs ago
  • जयपुर के काबरी डुंगरी, मुड़ता स्थित प्रभादेवी मेमोरियल पीजी महाविद्यालय में छात्रों को उनकी परीक्षा का पेपर निर्धारित समय पर नहीं मिल पाया। जानकारी के अनुसार, परीक्षा दोपहर 3:00 बजे शुरू होनी थी, लेकिन शाम 4:00 बजे तक भी छात्रों को प्रश्न पत्र उपलब्ध नहीं कराया गया। इस गंभीर लापरवाही के कारण छात्रों का भविष्य अंधकारमय बताया जा रहा है, और इस स्थिति के लिए जिम्मेदारी तय करने का सवाल उठाया गया है।
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    जयपुर के काबरी डुंगरी, मुड़ता स्थित प्रभादेवी मेमोरियल पीजी महाविद्यालय में छात्रों को उनकी परीक्षा का पेपर निर्धारित समय पर नहीं मिल पाया। जानकारी के अनुसार, परीक्षा दोपहर 3:00 बजे शुरू होनी थी, लेकिन शाम 4:00 बजे तक भी छात्रों को प्रश्न पत्र उपलब्ध नहीं कराया गया। इस गंभीर लापरवाही के कारण छात्रों का भविष्य अंधकारमय बताया जा रहा है, और इस स्थिति के लिए जिम्मेदारी तय करने का सवाल उठाया गया है।
    user_Vivek singh jadoun
    Vivek singh jadoun
    News Anchor Jaipur, Rajasthan•
    7 hrs ago
  • Post by Sonu Pawar
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    Post by Sonu Pawar
    user_Sonu Pawar
    Sonu Pawar
    आंधी, जयपुर, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • शाहपुरा, जयपुर में आमजन ने नगर परिषद पर दोहरे मापदंड, भेदभावपूर्ण और एकतरफा कार्रवाई करने का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे संविधान के अनुच्छेद 14 में निहित समानता के अधिकार का उल्लंघन होने का दावा किया गया है। लोगों का कहना है कि यह पूरा मामला पुराना दिल्ली रोड और चौपड़ बाजार के बीच एक तरह से सोने और लोहे के मुकाबले जैसा है, जहाँ कमजोर की कोई नहीं सुनता। आमजन के अनुसार, नगर परिषद ने हाल ही में पुराना दिल्ली रोड पर किले के नीचे स्थित मकानों और दुकानों के मालिकों को नोटिस जारी कर उन्हें 'अति प्राचीन धरोहर', 'हेरिटेज', 'बफर जोन' और 'पुरातत्व विभाग' की संपत्ति बताते हुए अतिक्रमण हटाने को कहा था। परिषद ने चेतावनी दी थी कि यदि अतिक्रमण स्वयं नहीं हटाया गया तो वह कड़ा रुख अपनाएगी। इस पर पुराना दिल्ली रोड के निवासियों ने सवाल उठाया कि यदि वे गलत हैं, तो अमरसर दरवाजा, जो शाहपुरा की आन-बान-शान और प्राचीन धरोहर है, उसे तोड़कर एक 'सोनी' द्वारा मकान बनवा लेने पर नगर परिषद ने कार्रवाई क्यों नहीं की? निवासियों ने पूछा कि अमरसर दरवाजे के मामले में बफर जोन, पुरातत्व विभाग और अति प्राचीन धरोहर के नियम कहाँ गायब हो गए, और उस व्यक्ति को नोटिस क्यों नहीं दिया गया? उन्होंने इसे नगर परिषद की एकतरफा, भेदभावपूर्ण दोहरी नीतियों का स्पष्ट प्रमाण बताया, जिसे वे न्यायसंगत नहीं मानते। लोगों ने शाहपुरा के मनोहरपुर दरवाजा, दिल्ली दरवाजा, मोती महल दरवाजा और अमरसर दरवाजा—इन चारों को अति प्राचीन धरोहर और क्षेत्र की पहचान बताते हुए इनके संरक्षण और जीर्णोद्धार की उतनी ही आवश्यकता पर जोर दिया, जितना नेताओं का विकास होता है। रोष व्यक्त करते हुए आमजन ने नेताओं के चरित्र पर भी सवाल उठाया और कहा कि कमजोर व्यक्तियों के साथ उनके व्यवहार को जानने के लिए पुराना दिल्ली रोड की स्थिति देखी जा सकती है। आरोप लगाया गया कि पुराना दिल्ली रोड पर छोटे-मोटे व्यवसाय करने वाले हैं, जबकि अमरसर दरवाजा तोड़ने वाला 'सोना बेचने वाला' है, और चूंकि सोना आजकल महंगा है, इसलिए उसे संरक्षण देना समझ में आता है—जो सरासर भेदभाव है। आमजन ने मांग की है कि अमरसर दरवाजा खंडित करने वाले के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए ताकि समानता के अधिकारों का सही मायने में पालन हो, अन्यथा यह पूरी व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।
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    शाहपुरा, जयपुर में आमजन ने नगर परिषद पर दोहरे मापदंड, भेदभावपूर्ण और एकतरफा कार्रवाई करने का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे संविधान के अनुच्छेद 14 में निहित समानता के अधिकार का उल्लंघन होने का दावा किया गया है। लोगों का कहना है कि यह पूरा मामला पुराना दिल्ली रोड और चौपड़ बाजार के बीच एक तरह से सोने और लोहे के मुकाबले जैसा है, जहाँ कमजोर की कोई नहीं सुनता।

आमजन के अनुसार, नगर परिषद ने हाल ही में पुराना दिल्ली रोड पर किले के नीचे स्थित मकानों और दुकानों के मालिकों को नोटिस जारी कर उन्हें 'अति प्राचीन धरोहर', 'हेरिटेज', 'बफर जोन' और 'पुरातत्व विभाग' की संपत्ति बताते हुए अतिक्रमण हटाने को कहा था। परिषद ने चेतावनी दी थी कि यदि अतिक्रमण स्वयं नहीं हटाया गया तो वह कड़ा रुख अपनाएगी। इस पर पुराना दिल्ली रोड के निवासियों ने सवाल उठाया कि यदि वे गलत हैं, तो अमरसर दरवाजा, जो शाहपुरा की आन-बान-शान और प्राचीन धरोहर है, उसे तोड़कर एक 'सोनी' द्वारा मकान बनवा लेने पर नगर परिषद ने कार्रवाई क्यों नहीं की?

निवासियों ने पूछा कि अमरसर दरवाजे के मामले में बफर जोन, पुरातत्व विभाग और अति प्राचीन धरोहर के नियम कहाँ गायब हो गए, और उस व्यक्ति को नोटिस क्यों नहीं दिया गया? उन्होंने इसे नगर परिषद की एकतरफा, भेदभावपूर्ण दोहरी नीतियों का स्पष्ट प्रमाण बताया, जिसे वे न्यायसंगत नहीं मानते। लोगों ने शाहपुरा के मनोहरपुर दरवाजा, दिल्ली दरवाजा, मोती महल दरवाजा और अमरसर दरवाजा—इन चारों को अति प्राचीन धरोहर और क्षेत्र की पहचान बताते हुए इनके संरक्षण और जीर्णोद्धार की उतनी ही आवश्यकता पर जोर दिया, जितना नेताओं का विकास होता है। रोष व्यक्त करते हुए आमजन ने नेताओं के चरित्र पर भी सवाल उठाया और कहा कि कमजोर व्यक्तियों के साथ उनके व्यवहार को जानने के लिए पुराना दिल्ली रोड की स्थिति देखी जा सकती है। आरोप लगाया गया कि पुराना दिल्ली रोड पर छोटे-मोटे व्यवसाय करने वाले हैं, जबकि अमरसर दरवाजा तोड़ने वाला 'सोना बेचने वाला' है, और चूंकि सोना आजकल महंगा है, इसलिए उसे संरक्षण देना समझ में आता है—जो सरासर भेदभाव है। आमजन ने मांग की है कि अमरसर दरवाजा खंडित करने वाले के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए ताकि समानता के अधिकारों का सही मायने में पालन हो, अन्यथा यह पूरी व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।
    user_Yogesh Kumar Gupta
    Yogesh Kumar Gupta
    पत्रकार बस्सी, जयपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल परियोजना को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है, जिसे प्रदेश की जल उपलब्धता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसी के साथ, प्रदेश में मानसून ने भी रफ्तार पकड़ ली है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कई जिलों में बारिश तथा आंधी की संभावना जताई है। राज्य के 1500 सरकारी स्कूलों में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और खुशहाल शिक्षा वातावरण के लिए 'खुशीशाला' कार्यक्रम की शुरुआत की गई है।
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    राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल परियोजना को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है, जिसे प्रदेश की जल उपलब्धता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

इसी के साथ, प्रदेश में मानसून ने भी रफ्तार पकड़ ली है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कई जिलों में बारिश तथा आंधी की संभावना जताई है। राज्य के 1500 सरकारी स्कूलों में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और खुशहाल शिक्षा वातावरण के लिए 'खुशीशाला' कार्यक्रम की शुरुआत की गई है।
    user_Just Jaipur Live
    Just Jaipur Live
    Journalist जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
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