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राजधानी लखनऊ के थाना गाजीपुर छेत्र अंतर्गत हुई मुठभेड़ के सम्बन्ध मे DCP पूर्वी के द्वारा दी गई बाइट!!

2 hrs ago
user_Omprakash प्रजापति
Omprakash प्रजापति
Voice of people प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

राजधानी लखनऊ के थाना गाजीपुर छेत्र अंतर्गत हुई मुठभेड़ के सम्बन्ध मे DCP पूर्वी के द्वारा दी गई बाइट!!

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  • Post by Mohit Mishra
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    Post by Mohit Mishra
    user_Mohit Mishra
    Mohit Mishra
    Fitness Trainer प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में शुक्रवार का दिन सियासी हलचल से भरा रहा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद Rahul Gandhi गृह मंत्री Amit Shah पर कथित टिप्पणी से जुड़े मामले में सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट में पेश हुए। करीब 25 मिनट तक चली इस पेशी के दौरान राहुल गांधी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से साफ इनकार किया और इसे “राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित केस” बताया। कोर्ट में क्या हुआ, आइए अब इसको भी जानते हैं... राहुल गांधी सुबह करीब 9 बजे दिल्ली से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे। वहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। एयरपोर्ट से निकलते ही उनका काफिला सुल्तानपुर के लिए रवाना हो गया। करीब साढ़े 10 बजे जब उनका काफिला कोर्ट परिसर पहुंचा, तो वहां पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात था। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। राहुल गांधी की गाड़ी सुरक्षा कारणों से सीधे कोर्ट परिसर के अंदर ले जाई गई। वे उतरकर सीधे MP/MLA कोर्ट में पहुंचे। कोर्ट में मौजूद अधिवक्ताओं के मुताबिक, राहुल गांधी ने जज को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। सुनवाई पूरी होने के बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए जज को धन्यवाद भी कहा। यह पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद वकीलों और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बना रहा। राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि उनके खिलाफ दर्ज मामला राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है और इसमें कोई ठोस आधार नहीं है। उनके वकील के अनुसार, उन्होंने सभी आरोपों से इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई आपत्तिजनक या गैरकानूनी बयान नहीं दिया। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च तय की है। राहुल गांधी के पहुंचने से पहले ही कोर्ट परिसर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई थी। ‘राहुल जिंदाबाद’ और ‘कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद’ के नारों से माहौल गूंज उठा। कार्यकर्ताओं ने उन्हें माला पहनाने की कोशिश की, लेकिन राहुल गांधी ने विनम्रता से मना कर दिया और मुस्कुराते हुए सीधे कोर्ट के अंदर चले गए। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने चाक-चौबंद व्यवस्था की थी। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती हर प्रवेश द्वार पर की गई थी। कोर्ट परिसर में प्रवेश से पहले सघन जांच की जा रही थी। मोची की दुकान पर फिर रुके राहुल कोर्ट की कार्रवाई के बाद राहुल गांधी का काफिला अचानक कूरेभार थाना क्षेत्र के विधायक नगर चौराहे पर रुका। यहां वे रामचेत मोची की दुकान पर पहुंचे। रामचेत का तीन महीने पहले कैंसर से निधन हो गया था। रामचेत वही मोची थे, जिनकी दुकान पर एक साल पहले राहुल गांधी ने खुद बैठकर जूते सिले थे। उस समय उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे। बाद में राहुल गांधी ने उन्हें सिलाई मशीन भी भेजी थी। इस बार राहुल गांधी ने रामचेत के बेटे राघव राम से मुलाकात की। दुकान पर कुर्सी पर बैठे राघव की छोटी बेटी को राहुल ने गोद में उठाया, उसकी चोट देखी और परिवार का हालचाल जाना। करीब पांच मिनट तक वे वहां रुके और फिर आगे बढ़ गए। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए भावुक क्षण बन गया। स्थानीय लोगों का कहना था कि बड़े नेता अक्सर चुनावी समय में ही दिखाई देते हैं, लेकिन राहुल गांधी का इस तरह अचानक रुकना और परिवार से मिलना एक अलग संदेश देता है। सियासी जानकारों का मानना है कि सुल्तानपुर की यह पेशी सिर्फ कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि राजनीतिक तौर पर भी अहम है। गृह मंत्री अमित शाह पर टिप्पणी के मामले में अदालत में पेश होना और आरोपों से इनकार करना कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। राहुल गांधी लगातार यह कहते रहे हैं कि उनके खिलाफ दर्ज कई मामले राजनीतिक दबाव बनाने के उद्देश्य से किए गए हैं। ऐसे में सुल्तानपुर की अदालत में उनका बयान इसी लाइन को आगे बढ़ाता दिखा। अब इस मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, उस दिन अदालत में आगे की दलीलें सुनी जा सकती हैं। फिलहाल राहुल गांधी ने अपने बयान में साफ कर दिया है कि वे आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं और इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई मानते हैं। सुल्तानपुर की यह पेशी कानूनी प्रक्रिया से ज्यादा राजनीतिक मायनों में चर्चा में रही। एक तरफ कोर्ट में आरोपों से इनकार, दूसरी तरफ मोची के परिवार से मुलाकात—इन दोनों घटनाओं ने इस पूरे दौरे को खास बना दिया। अब सबकी निगाहें 9 मार्च की सुनवाई पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है। तब तक सुल्तानपुर की यह पेशी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बनी रहेगी।
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    उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में शुक्रवार का दिन सियासी हलचल से भरा रहा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद Rahul Gandhi गृह मंत्री Amit Shah पर कथित टिप्पणी से जुड़े मामले में सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट में पेश हुए। करीब 25 मिनट तक चली इस पेशी के दौरान राहुल गांधी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से साफ इनकार किया और इसे “राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित केस” बताया।
कोर्ट में क्या हुआ, आइए अब इसको भी जानते हैं...
राहुल गांधी सुबह करीब 9 बजे दिल्ली से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे। वहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। एयरपोर्ट से निकलते ही उनका काफिला सुल्तानपुर के लिए रवाना हो गया। करीब साढ़े 10 बजे जब उनका काफिला कोर्ट परिसर पहुंचा, तो वहां पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात था। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था।
राहुल गांधी की गाड़ी सुरक्षा कारणों से सीधे कोर्ट परिसर के अंदर ले जाई गई। वे उतरकर सीधे MP/MLA कोर्ट में पहुंचे। कोर्ट में मौजूद अधिवक्ताओं के मुताबिक, राहुल गांधी ने जज को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। सुनवाई पूरी होने के बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए जज को धन्यवाद भी कहा। यह पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद वकीलों और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि उनके खिलाफ दर्ज मामला राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है और इसमें कोई ठोस आधार नहीं है। उनके वकील के अनुसार, उन्होंने सभी आरोपों से इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई आपत्तिजनक या गैरकानूनी बयान नहीं दिया। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च तय की है।
राहुल गांधी के पहुंचने से पहले ही कोर्ट परिसर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई थी। ‘राहुल जिंदाबाद’ और ‘कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद’ के नारों से माहौल गूंज उठा। कार्यकर्ताओं ने उन्हें माला पहनाने की कोशिश की, लेकिन राहुल गांधी ने विनम्रता से मना कर दिया और मुस्कुराते हुए सीधे कोर्ट के अंदर चले गए।
सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने चाक-चौबंद व्यवस्था की थी। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती हर प्रवेश द्वार पर की गई थी। कोर्ट परिसर में प्रवेश से पहले सघन जांच की जा रही थी।
मोची की दुकान पर फिर रुके राहुल
कोर्ट की कार्रवाई के बाद राहुल गांधी का काफिला अचानक कूरेभार थाना क्षेत्र के विधायक नगर चौराहे पर रुका। यहां वे रामचेत मोची की दुकान पर पहुंचे। रामचेत का तीन महीने पहले कैंसर से निधन हो गया था।
रामचेत वही मोची थे, जिनकी दुकान पर एक साल पहले राहुल गांधी ने खुद बैठकर जूते सिले थे। उस समय उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे। बाद में राहुल गांधी ने उन्हें सिलाई मशीन भी भेजी थी।
इस बार राहुल गांधी ने रामचेत के बेटे राघव राम से मुलाकात की। दुकान पर कुर्सी पर बैठे राघव की छोटी बेटी को राहुल ने गोद में उठाया, उसकी चोट देखी और परिवार का हालचाल जाना। करीब पांच मिनट तक वे वहां रुके और फिर आगे बढ़ गए।
यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए भावुक क्षण बन गया। स्थानीय लोगों का कहना था कि बड़े नेता अक्सर चुनावी समय में ही दिखाई देते हैं, लेकिन राहुल गांधी का इस तरह अचानक रुकना और परिवार से मिलना एक अलग संदेश देता है।
सियासी जानकारों का मानना है कि सुल्तानपुर की यह पेशी सिर्फ कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि राजनीतिक तौर पर भी अहम है। गृह मंत्री अमित शाह पर टिप्पणी के मामले में अदालत में पेश होना और आरोपों से इनकार करना कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
राहुल गांधी लगातार यह कहते रहे हैं कि उनके खिलाफ दर्ज कई मामले राजनीतिक दबाव बनाने के उद्देश्य से किए गए हैं। ऐसे में सुल्तानपुर की अदालत में उनका बयान इसी लाइन को आगे बढ़ाता दिखा।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, उस दिन अदालत में आगे की दलीलें सुनी जा सकती हैं। फिलहाल राहुल गांधी ने अपने बयान में साफ कर दिया है कि वे आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं और इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई मानते हैं।
सुल्तानपुर की यह पेशी कानूनी प्रक्रिया से ज्यादा राजनीतिक मायनों में चर्चा में रही। एक तरफ कोर्ट में आरोपों से इनकार, दूसरी तरफ मोची के परिवार से मुलाकात—इन दोनों घटनाओं ने इस पूरे दौरे को खास बना दिया।
अब सबकी निगाहें 9 मार्च की सुनवाई पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है। तब तक सुल्तानपुर की यह पेशी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बनी रहेगी।
    user_Distt Coresspondent NATION ONE tv
    Distt Coresspondent NATION ONE tv
    Corresspondant Amethi, Uttar Pradesh•
    5 hrs ago
  • मोहनगंज के पूरे दल सिंह गांव में 14 फरवरी को आयोजित कथा कार्यक्रम के दौरान हर्ष फायरिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ। वीडियो सामने आते ही पुलिस सक्रिय हो गई और मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू वायरल वीडियो में शिव बहादुर यादव लाइसेंसी सिंगल बैरल बंदूक से फायर करते दिख रहे हैं। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद किसी व्यक्ति ने वीडियो रिकॉर्ड कर इंटरनेट मीडिया पर साझा कर दिया। क्लिप फैलते ही स्थानीय पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। इंस्पेक्टर राकेश सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच के बाद संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। आरोपी शिव बहादुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। बाद में औपचारिक गिरफ्तारी की गई। हथियार भी कब्जे में लिया गया है। सीओ दिनेश कुमार मिश्र प्रारंभिक पड़ताल में स्पष्ट हुआ कि कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक स्थान पर फायरिंग की गई। इसे गंभीरता से लिया गया है। शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत आगे की प्रक्रिया जारी है। शस्त्र लाइसेंस को निरस्त करने संबंधी आख्या उच्चाधिकारियों को प्रेषित की है
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    मोहनगंज के पूरे दल सिंह गांव में 14 फरवरी को आयोजित कथा कार्यक्रम के दौरान हर्ष फायरिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ। वीडियो सामने आते ही पुलिस सक्रिय हो गई और मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू 
वायरल वीडियो में शिव बहादुर यादव लाइसेंसी सिंगल बैरल बंदूक से फायर करते दिख रहे हैं। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद किसी व्यक्ति ने वीडियो रिकॉर्ड कर इंटरनेट मीडिया पर साझा कर दिया। क्लिप फैलते ही स्थानीय पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। इंस्पेक्टर राकेश सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच के बाद संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। आरोपी शिव बहादुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। बाद में औपचारिक गिरफ्तारी की गई। हथियार भी कब्जे में लिया गया है।
सीओ दिनेश कुमार मिश्र प्रारंभिक पड़ताल में स्पष्ट हुआ कि कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक स्थान पर फायरिंग की गई। इसे गंभीरता से लिया गया है। शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत आगे की प्रक्रिया जारी है। शस्त्र लाइसेंस को निरस्त करने संबंधी आख्या उच्चाधिकारियों को प्रेषित की है
    user_Aditya Mishra
    Aditya Mishra
    पत्रकार अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • Post by Ram Kumar yadav
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    Post by Ram Kumar yadav
    user_Ram Kumar yadav
    Ram Kumar yadav
    रानीगंज, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • पापड़ जैसी पतली सड़क बनवाई गई, जो बनते ही दुनिया से चल बसी 🤡 सड़क शोक सभा में आप सभी आमंत्रित हैं,बारी बारी शोक व्यक्त करिए। झांसी 📌 उत्तर प्रदेश
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    पापड़ जैसी पतली सड़क बनवाई गई, जो बनते ही दुनिया से चल बसी 🤡 
सड़क शोक सभा में आप सभी आमंत्रित हैं,बारी बारी शोक व्यक्त करिए।
झांसी 📌 उत्तर प्रदेश
    user_बृजेश मिश्रा “पत्रकार”
    बृजेश मिश्रा “पत्रकार”
    Voice of people अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • सीडीओ के निरीक्षण से ब्लॉक में मचा हड़कम्प अमेठी जिला विकास अधिकारी ने स्थानीय ब्लाक का औचक निरीक्षण किया तथा अभिलेखों के रख रखाव और सफाई के लिए संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाई जिला विकास अधिकारी बीरभान सिंह तहसील दिवस के बाद ब्लाक कार्यालय का औचक निरीक्षण किया उन्होंने कार्यालय में अभिलेखों के रख रखाव बीडीओ कार्यालय का आधा घंटा निरीक्षण किया उसके बाद आजिविका मिशन कार्यालय एडीओ पंचायत कार्यालय में जानकारी ली स्वच्छता फ़ाइलों के रखरखाव को लेकर दिशा-निर्देश दिए
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    सीडीओ के निरीक्षण से ब्लॉक में मचा हड़कम्प
अमेठी 
जिला विकास अधिकारी ने स्थानीय ब्लाक का औचक निरीक्षण किया तथा अभिलेखों के रख रखाव और सफाई के लिए संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाई
जिला विकास अधिकारी बीरभान सिंह तहसील दिवस के बाद ब्लाक कार्यालय का औचक निरीक्षण किया उन्होंने कार्यालय में अभिलेखों के रख रखाव बीडीओ कार्यालय का आधा घंटा निरीक्षण किया उसके बाद आजिविका मिशन कार्यालय एडीओ पंचायत कार्यालय में जानकारी ली स्वच्छता फ़ाइलों के  रखरखाव को लेकर दिशा-निर्देश दिए
    user_Madusoodan
    Madusoodan
    अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • लखीमपुर निघासन खीरी एडीएम ने निघासन तहसील का किया औचक निरीक्षण, फाइले सही तरीके से न रखने पर सप्लाई इंस्पेक्टर को लगाई फटकार कहा - "क्या घर मे इसी तरह से रखते हो कागज,काम करने का मन न हो तो बताइए"
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    लखीमपुर निघासन खीरी एडीएम ने निघासन तहसील का किया औचक निरीक्षण,
फाइले सही तरीके से न रखने पर सप्लाई इंस्पेक्टर को लगाई फटकार
कहा - "क्या घर मे इसी तरह से रखते हो कागज,काम करने का मन न हो तो बताइए"
    user_Omprakash प्रजापति
    Omprakash प्रजापति
    Voice of people प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Breaking – उत्तर प्रदेश के जिला कासगंज में एक मकान के अंदर 5 लोगों के शव मिले। मृतकों में सत्यवीर, पत्नी और 3 बच्चे हैं। सत्यवीर की लाश फांसी पर लटकी हुई थी। पत्नी और 3 बच्चों के शव नीचे पड़े हुए थे। पुलिस ने गेट तोड़कर लाशों को बाहर निकाला। सामूहिक सुसाइड की आशंका है।
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    Breaking –
उत्तर प्रदेश के जिला कासगंज में एक मकान के अंदर 5 लोगों के शव मिले। मृतकों में सत्यवीर, पत्नी और 3 बच्चे हैं। सत्यवीर की लाश फांसी पर लटकी हुई थी। पत्नी और 3 बच्चों के शव नीचे पड़े हुए थे। पुलिस ने गेट तोड़कर लाशों को बाहर निकाला। सामूहिक सुसाइड की आशंका है।
    user_बृजेश मिश्रा “पत्रकार”
    बृजेश मिश्रा “पत्रकार”
    Voice of people अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • Post by Ramsakal Maurya0087
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    Post by Ramsakal Maurya0087
    user_Ramsakal Maurya0087
    Ramsakal Maurya0087
    सुल्तानपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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