*महाशिवरात्रि उत्सव 2026: मातृधाम छिपरी में चतुर्थ दिवस पर साधना से संस्कार तक चेतना का विस्तार* मातृधाम छिपरी में आयोजित महाशिवरात्रि उत्सव 2026 का चतुर्थ दिवस आध्यात्मिक अनुशासन, जीवन मूल्यों पर चिंतन और लोकसंस्कृति के गौरवशाली स्वरूप के साथ सम्पन्न हुआ। दिवस का शुभारंभ प्रातःकाल वैदिक अनुष्ठानों से हुआ। इसके पश्चात परम पूज्य महाराज श्री ने भक्तों से आत्मीय भेंट कर उन्हें स्नेहपूर्ण आशीर्वाद प्रदान किया। *महामृत्युंजय यज्ञ: आध्यात्मिक धुरी* तत्पश्चात आयोजित महामृत्युंजय यज्ञ चतुर्थ दिवस की आध्यात्मिक धुरी के रूप में उभरा। यह यज्ञ केवल रोग या संकट निवारण का अनुष्ठान नहीं, बल्कि भय, अहंकार और असंतुलित जीवनशैली से मुक्ति का संकल्प माना जाता है। मंत्रोच्चार की लय और अग्नि में अर्पित आहुतियों के माध्यम से श्रद्धालुओं ने अपने भीतर व्याप्त नकारात्मकता, अशांति और अस्थिरता से मुक्त होने की भावना के साथ सहभागिता की। *श्रीमद्भागवत कथा: जीवन मूल्यों पर चिंतन* श्रीमद्भागवत कथा के दौरान व्यासपीठ से कथा वाचिका साध्वी पीताम्बरा दीदी ने आज की सामाजिक प्रवृत्तियों पर स्पष्ट और विचारोत्तेजक संदेश देते हुए कहा— _“जहाँ भाई ही भाई के साथ बेमानी करने लगे, वहीं से कलियुग का वास आरंभ हो जाता है। आज मनुष्य केवल अपने लाभ को ही सत्य मान बैठा है और पाप–पुण्य का भेद भूलता जा रहा है।”_ *आल्हा गायन: वीरगाथात्मक परंपरा* सायंकालीन बेला में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में नवरस बुन्देली लोक कला समिति द्वारा प्रस्तुत आल्हा गायन चतुर्थ दिवस का मुख्य आकर्षण रहा। जितेन्द्र चौरसिया के नेतृत्व में हुई इस प्रस्तुति में बुन्देलखण्ड की वीरगाथात्मक परंपरा पूरे ओज और प्रभाव के साथ जीवंत हो उठी। वीर रस से ओतप्रोत स्वरों, तालबद्ध गायन और भावपूर्ण अभिनय ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। महाशिवरात्रि उत्सव 2026 का चतुर्थ दिवस इस प्रकार साधना, संस्कार और संस्कृति के संतुलित समन्वय के साथ श्रद्धालुओं के लिए गहन अनुभूति और सांस्कृतिक गौरव का स्मरणीय अध्याय बन गया।
*महाशिवरात्रि उत्सव 2026: मातृधाम छिपरी में चतुर्थ दिवस पर साधना से संस्कार तक चेतना का विस्तार* मातृधाम छिपरी में आयोजित महाशिवरात्रि उत्सव 2026 का चतुर्थ दिवस आध्यात्मिक अनुशासन, जीवन मूल्यों पर चिंतन और लोकसंस्कृति के गौरवशाली स्वरूप के साथ सम्पन्न हुआ। दिवस का शुभारंभ प्रातःकाल वैदिक अनुष्ठानों से हुआ। इसके पश्चात परम पूज्य महाराज श्री ने भक्तों से आत्मीय भेंट कर उन्हें स्नेहपूर्ण आशीर्वाद प्रदान किया। *महामृत्युंजय यज्ञ: आध्यात्मिक धुरी* तत्पश्चात आयोजित महामृत्युंजय यज्ञ चतुर्थ दिवस की आध्यात्मिक धुरी के रूप में उभरा। यह यज्ञ केवल रोग या संकट निवारण का अनुष्ठान नहीं, बल्कि भय, अहंकार और असंतुलित जीवनशैली से
मुक्ति का संकल्प माना जाता है। मंत्रोच्चार की लय और अग्नि में अर्पित आहुतियों के माध्यम से श्रद्धालुओं ने अपने भीतर व्याप्त नकारात्मकता, अशांति और अस्थिरता से मुक्त होने की भावना के साथ सहभागिता की। *श्रीमद्भागवत कथा: जीवन मूल्यों पर चिंतन* श्रीमद्भागवत कथा के दौरान व्यासपीठ से कथा वाचिका साध्वी पीताम्बरा दीदी ने आज की सामाजिक प्रवृत्तियों पर स्पष्ट और विचारोत्तेजक संदेश देते हुए कहा— _“जहाँ भाई ही भाई के साथ बेमानी करने लगे, वहीं से कलियुग का वास आरंभ हो जाता है। आज मनुष्य केवल अपने लाभ को ही सत्य मान बैठा है और पाप–पुण्य का भेद भूलता
जा रहा है।”_ *आल्हा गायन: वीरगाथात्मक परंपरा* सायंकालीन बेला में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में नवरस बुन्देली लोक कला समिति द्वारा प्रस्तुत आल्हा गायन चतुर्थ दिवस का मुख्य आकर्षण रहा। जितेन्द्र चौरसिया के नेतृत्व में हुई इस प्रस्तुति में बुन्देलखण्ड की वीरगाथात्मक परंपरा पूरे ओज और प्रभाव के साथ जीवंत हो उठी। वीर रस से ओतप्रोत स्वरों, तालबद्ध गायन और भावपूर्ण अभिनय ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। महाशिवरात्रि उत्सव 2026 का चतुर्थ दिवस इस प्रकार साधना, संस्कार और संस्कृति के संतुलित समन्वय के साथ श्रद्धालुओं के लिए गहन अनुभूति और सांस्कृतिक गौरव का स्मरणीय अध्याय बन गया।
- Post by ललित दुबे (न्यूज दिगौड़ा)1
- *महाशिवरात्रि उत्सव 2026: मातृधाम छिपरी में चतुर्थ दिवस पर साधना से संस्कार तक चेतना का विस्तार* मातृधाम छिपरी में आयोजित महाशिवरात्रि उत्सव 2026 का चतुर्थ दिवस आध्यात्मिक अनुशासन, जीवन मूल्यों पर चिंतन और लोकसंस्कृति के गौरवशाली स्वरूप के साथ सम्पन्न हुआ। दिवस का शुभारंभ प्रातःकाल वैदिक अनुष्ठानों से हुआ। इसके पश्चात परम पूज्य महाराज श्री ने भक्तों से आत्मीय भेंट कर उन्हें स्नेहपूर्ण आशीर्वाद प्रदान किया। *महामृत्युंजय यज्ञ: आध्यात्मिक धुरी* तत्पश्चात आयोजित महामृत्युंजय यज्ञ चतुर्थ दिवस की आध्यात्मिक धुरी के रूप में उभरा। यह यज्ञ केवल रोग या संकट निवारण का अनुष्ठान नहीं, बल्कि भय, अहंकार और असंतुलित जीवनशैली से मुक्ति का संकल्प माना जाता है। मंत्रोच्चार की लय और अग्नि में अर्पित आहुतियों के माध्यम से श्रद्धालुओं ने अपने भीतर व्याप्त नकारात्मकता, अशांति और अस्थिरता से मुक्त होने की भावना के साथ सहभागिता की। *श्रीमद्भागवत कथा: जीवन मूल्यों पर चिंतन* श्रीमद्भागवत कथा के दौरान व्यासपीठ से कथा वाचिका साध्वी पीताम्बरा दीदी ने आज की सामाजिक प्रवृत्तियों पर स्पष्ट और विचारोत्तेजक संदेश देते हुए कहा— _“जहाँ भाई ही भाई के साथ बेमानी करने लगे, वहीं से कलियुग का वास आरंभ हो जाता है। आज मनुष्य केवल अपने लाभ को ही सत्य मान बैठा है और पाप–पुण्य का भेद भूलता जा रहा है।”_ *आल्हा गायन: वीरगाथात्मक परंपरा* सायंकालीन बेला में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में नवरस बुन्देली लोक कला समिति द्वारा प्रस्तुत आल्हा गायन चतुर्थ दिवस का मुख्य आकर्षण रहा। जितेन्द्र चौरसिया के नेतृत्व में हुई इस प्रस्तुति में बुन्देलखण्ड की वीरगाथात्मक परंपरा पूरे ओज और प्रभाव के साथ जीवंत हो उठी। वीर रस से ओतप्रोत स्वरों, तालबद्ध गायन और भावपूर्ण अभिनय ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। महाशिवरात्रि उत्सव 2026 का चतुर्थ दिवस इस प्रकार साधना, संस्कार और संस्कृति के संतुलित समन्वय के साथ श्रद्धालुओं के लिए गहन अनुभूति और सांस्कृतिक गौरव का स्मरणीय अध्याय बन गया।3
- आज जंतर-मंतर पर महाबोधि महाविहार, बोधगया की मुक्ति तथा बीटी एक्ट 1949 को रद्द करने की मांग को लेकर नगीना सांसद भाई चंद्र शेखर आजाद जी अपनों के बीच।1
- ललितपुर पुलिस ने दुष्कर्म के अभियुक्त को किया गिरफ्तार,1
- * नगर परिषद पलेरा ने अवैध नल कनेक्शनधारियों पर की सख्त कार्रवाई पलेरा:पलेरा: मुख्य नगर पालिका अधिकारी शिवी उपाध्याय के निर्देशन में निकाय के जल प्रदाय कार्य में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा नगर के अवैध नल कनेक्शनधारियों पर कार्यवाही की गई। इस दौरान दो अवैध नल कनेक्शनधारियों के डोमेस्टिक वाटर पंप जप्त किए गए। अरुण/किशोरी विश्वकर्मा और अच्छे लाल/रंझाड़ी अहिरवार निवासी वार्ड नंबर 08 के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। उन्हें हिदायत दी गई है कि भविष्य में अवैध नल कनेक्शन से पानी भरने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्य नगर पालिका अधिकारी शिवी उपाध्याय ने बकायादारों से अपील की है कि वे अपने बकाया कर फरवरी 2026 तक जमा करें, अन्यथा बसूली या जप्ती की कार्रवाई की जाएगी। 💧1
- जाखलौन ललितपुर कस्बे के थाने में उप निरीक्षक राम कृपाल सिंह के नेतृत्व में आगामी त्योहारों को देखते हुए पीस कमेटी की बैठक हुई।बैठक में कस्बे के संभ्रांत नागरिकों ने शांति और सौहार्द्रपूर्ण तरीकों से त्यौहारों को मनाने का आश्वासन दिया। हम छोड़ेंगे ।उपस्थित सदस्यों ने सड़क पर बिना नम्बरों के चलने वाले वाहनों पर रोक लगाने,सड़क पर खुले में लगने वाली मांस की दुकानों को हटाने और अवैध तरीके से बिकने वाली शराब और जुए सट्टे पर रोक लगाने की मांग की। थाने में पीस कमेटी की बैठक में कस्बे के संभ्रांत नागरिक ग्राम प्रधान और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे बैठक में सभी ने आगामी त्यौहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्द्रपूर्ण तरीके से मनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने कई समस्याएं भी पुलिस अधिकारियों के सामने रखी गयी।जिनके निराकरण के लिए आश्वासन पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया । बैठक में सड़क पर चल रहे बिना नंबर के अवैध वाहन,अवैध शराब की बिक्री ,जुआ सट्टा और मांस की खुलेआम बिक्री पर रोक लगाने की बात रखी गई ।उपस्थित पुलिस अधिकारियों ने आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। बैठक में उप निरीक्षक संजय सिंह, उप निरीक्षक सिद्ध गोपाल, उप निरीक्षक विनय कुमार, उप निरीक्षक सुनील दीक्षित, कांस्टेबल प्रशांत शुक्ला, अन्य ग्रामीण में राय सिंह राजपूत,हुसैन शाह,नितिन जैन,जितेंद्र खटीक, इदरीश खान, अवधेश लिटोरिया, बलराम यादव, मनोज प्रधान ऐरा, दर्शन यादव, राजू बबेले, आशुतोष सोनी, परशुराम पूर्व प्रधान,सोहिल मंसूरी, के साथ मीडिया से सुरेश प्रकाश कोंते, संतोष दुबे, प्रदीप कुमार जैन के साथ अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।4
- टीकमगढ़में मारपीट का एक बीडीओ सोशल मीडिया पर हुआ बॉयरल देखिए खास रिपोर्ट1
- Post by ललित दुबे (न्यूज दिगौड़ा)1