बंगाली समाज के उत्थान और सम्मान और समानता की अधिकार के विषय में महत्वपूर्ण संवाद हुई सुब्रत कुमार बिस्वास दादा से *बंगाली समाज के अधिकार और सम्मान पर निर्णायक संवाद सुब्रत कुमार बिस्वास से रवि सरकार की महत्वपूर्ण चर्चा,जल्द होगी आमने-सामने मुलाकात* *रिपोर्ट / रवि सरकार* देश में बंगाली समाज के अधिकार सम्मान और भविष्य की दिशा को लेकर आज एक महत्वपूर्ण और दूरगामी बातचीत हुई, देशभर में बंगाली समाज की आवाज़ को मजबूती से उठाने वाले वरिष्ठ समाजसेवी *सुब्रत कुमार बिस्वास* और सामाजिक कार्यकर्ता *रवि सरकार* के बीच हुई यह लंबी चर्चा केवल औपचारिक संवाद नहीं थी,बल्कि समाज के भविष्य, उसकी पहचान और उसके अधिकारों को लेकर गंभीर चिंतन और स्पष्ट संकल्प का संकेत भी थी, बताया गया कि बातचीत के दौरान पूरे भारत में फैले बंगाली समाज की वर्तमान स्थिति,उसके सामाजिक अधिकारों, राजनीतिक प्रतिनिधित्व, शिक्षा और रोजगार के अवसरों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ, दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि देश के सांस्कृतिक, शैक्षिक और बौद्धिक विकास में बंगाली समाज की भूमिका ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण रही है, लेकिन इसके बावजूद कई क्षेत्रों में समाज को वह सम्मान और अवसर अब तक नहीं मिल पाए हैं, जिसके वह वास्तविक रूप से हकदार हैं, चर्चा के दौरान रवि सरकार ने विशेष रूप से *छत्तीसगढ़ में बंगाली समाज की स्थिति* को विस्तार से रखा, उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग *35 लाख से अधिक बंगाली समाज की आबादी* होने के बावजूद भी समाज के लोगों को कई बुनियादी अधिकारों और अवसरों से वंचित रहना पड़ रहा है। शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में युवाओं और विद्यार्थियों के सामने गंभीर चुनौतियाँ मौजूद हैं, सबसे अहम मुद्दा *आरक्षण व्यवस्था का अभाव* बताया गया, रवि सरकार ने कहा कि इतनी बड़ी जनसंख्या होने के बावजूद बंगाली समाज के लिए आरक्षण की कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं है,जिसके कारण सरकारी योजनाओं,शिक्षा और रोजगार के अवसरों में समान भागीदारी सुनिश्चित नहीं हो पा रही है,यह स्थिति समाज के विकास और सामाजिक संतुलन के रास्ते में एक बड़ी बाधा बनती जा रही है, राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई,चर्चा में यह बात सामने आई कि बड़ी जनसंख्या और सामाजिक योगदान के बावजूद अधिकांश स्थानों पर बंगाली समाज का प्रतिनिधित्व *स्थानीय निकायों तक ही सीमित* रह जाता है—जैसे पार्षद, मंडल अध्यक्ष या पालिका अध्यक्ष के पद। जबकि समाज की संख्या और उसकी भूमिका कहीं अधिक व्यापक प्रतिनिधित्व की मांग करती है, इस पूरे संवाद में दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि यदि देशभर में बंगाली समाज को उसका *उचित अधिकार, सम्मान और प्रतिनिधित्व* दिलाना है, तो इसके लिए संगठित,जागरूक और सकारात्मक सामाजिक आंदोलन की आवश्यकता होगी। समाज के युवाओं,विद्यार्थियों और बुद्धिजीवियों को इस दिशा में एकजुट होकर आगे आना होगा, बातचीत के दौरान यह भी तय हुआ कि आने वाले समय में *सुब्रत कुमार बिस्वास और रवि सरकार की आमने-सामने मुलाकात* जल्द ही होगी,इस बैठक में बंगाली समाज के उत्थान के लिए एक व्यापक रणनीति और राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत संगठनात्मक दिशा तय की जाएगी साथ ही देश के विभिन्न राज्यों में बसे बंगाली समाज के लोगों को जोड़ने की योजना पर भी काम किया जाएगा, रवि सरकार ने इस चर्चा को अपने लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि समाज के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई में वे पूरी मजबूती से साथ खड़े रहेंगे,उनका कहना था कि उद्देश्य केवल अधिकार मांगना नहीं, बल्कि शिक्षा,जागरूकता, संगठन और एकता के माध्यम से समाज को भीतर से मजबूत बनाना है, उन्होंने विश्वास जताया कि यदि समाज एकजुट होकर आगे बढ़ता है तो आने वाले समय में बंगाली समाज देश के हर हिस्से में अपनी पहचान और सम्मान को और मजबूती से स्थापित करेगा, अंत में उन्होंने समाज से आह्वान किया कि *अपने बच्चों के भविष्य, अपने अधिकारों और अपने सम्मान* के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ना ही समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है—क्योंकि जागरूक और संगठित समाज ही अपने अधिकारों को सुरक्षित कर सकता है और अपने भविष्य को मजबूत बना सकता है
बंगाली समाज के उत्थान और सम्मान और समानता की अधिकार के विषय में महत्वपूर्ण संवाद हुई सुब्रत कुमार बिस्वास दादा से *बंगाली समाज के अधिकार और सम्मान पर निर्णायक संवाद सुब्रत कुमार बिस्वास से रवि सरकार की महत्वपूर्ण चर्चा,जल्द होगी आमने-सामने मुलाकात* *रिपोर्ट / रवि सरकार* देश में बंगाली समाज के अधिकार सम्मान और भविष्य की दिशा को लेकर आज एक महत्वपूर्ण और दूरगामी बातचीत हुई, देशभर में बंगाली समाज की आवाज़ को मजबूती से उठाने वाले वरिष्ठ समाजसेवी *सुब्रत कुमार बिस्वास* और सामाजिक कार्यकर्ता *रवि सरकार* के बीच हुई यह लंबी चर्चा केवल औपचारिक संवाद नहीं थी,बल्कि समाज के भविष्य, उसकी पहचान और उसके अधिकारों को लेकर गंभीर चिंतन और स्पष्ट संकल्प का संकेत भी थी, बताया गया कि बातचीत के दौरान पूरे भारत में फैले बंगाली समाज की वर्तमान स्थिति,उसके सामाजिक अधिकारों, राजनीतिक प्रतिनिधित्व, शिक्षा और रोजगार के अवसरों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ, दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि देश के सांस्कृतिक, शैक्षिक और बौद्धिक विकास में बंगाली समाज की भूमिका ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण रही है, लेकिन इसके बावजूद कई क्षेत्रों में समाज को वह सम्मान और अवसर अब तक नहीं मिल पाए हैं, जिसके वह वास्तविक रूप से हकदार हैं, चर्चा के दौरान रवि सरकार ने विशेष रूप से *छत्तीसगढ़ में बंगाली समाज की स्थिति* को विस्तार से रखा, उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग *35 लाख से अधिक बंगाली समाज की आबादी* होने के बावजूद भी समाज के लोगों को कई बुनियादी अधिकारों और अवसरों से वंचित रहना पड़ रहा है। शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में युवाओं और विद्यार्थियों के सामने गंभीर चुनौतियाँ मौजूद हैं, सबसे अहम मुद्दा *आरक्षण व्यवस्था का अभाव* बताया गया, रवि सरकार ने कहा कि इतनी बड़ी जनसंख्या होने के बावजूद बंगाली समाज के लिए आरक्षण की कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं है,जिसके कारण सरकारी योजनाओं,शिक्षा और रोजगार के अवसरों में समान भागीदारी सुनिश्चित नहीं हो पा रही है,यह स्थिति समाज के विकास और सामाजिक संतुलन के रास्ते में एक बड़ी बाधा बनती जा रही है, राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई,चर्चा में यह बात सामने आई कि बड़ी जनसंख्या और सामाजिक योगदान के बावजूद अधिकांश स्थानों पर बंगाली समाज का प्रतिनिधित्व *स्थानीय निकायों तक ही सीमित* रह जाता है—जैसे पार्षद, मंडल अध्यक्ष या पालिका अध्यक्ष के पद। जबकि समाज की संख्या और उसकी भूमिका कहीं अधिक व्यापक प्रतिनिधित्व की मांग करती है, इस पूरे संवाद में दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि यदि देशभर में बंगाली समाज को उसका *उचित अधिकार, सम्मान और प्रतिनिधित्व* दिलाना है, तो इसके लिए संगठित,जागरूक और सकारात्मक सामाजिक आंदोलन की आवश्यकता होगी। समाज के युवाओं,विद्यार्थियों और बुद्धिजीवियों को इस दिशा में एकजुट होकर आगे आना होगा, बातचीत के दौरान यह भी तय हुआ कि आने वाले समय में *सुब्रत कुमार बिस्वास और रवि सरकार की आमने-सामने मुलाकात* जल्द ही होगी,इस बैठक में बंगाली समाज के उत्थान के लिए एक व्यापक रणनीति और राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत संगठनात्मक दिशा तय की जाएगी साथ ही देश के विभिन्न राज्यों में बसे बंगाली समाज के लोगों को जोड़ने की योजना पर भी काम किया जाएगा, रवि सरकार ने इस चर्चा को अपने लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि समाज के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई में वे पूरी मजबूती से साथ खड़े रहेंगे,उनका कहना था कि उद्देश्य केवल अधिकार मांगना नहीं, बल्कि शिक्षा,जागरूकता, संगठन और एकता के माध्यम से समाज को भीतर से मजबूत बनाना है, उन्होंने विश्वास जताया कि यदि समाज एकजुट होकर आगे बढ़ता है तो आने वाले समय में बंगाली समाज देश के हर हिस्से में अपनी पहचान और सम्मान को और मजबूती से स्थापित करेगा, अंत में उन्होंने समाज से आह्वान किया कि *अपने बच्चों के भविष्य, अपने अधिकारों और अपने सम्मान* के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ना ही समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है—क्योंकि जागरूक और संगठित समाज ही अपने अधिकारों को सुरक्षित कर सकता है और अपने भविष्य को मजबूत बना सकता है
- जगदलपुर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सामाजिक संस्था निशा स्वर वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा टाउन हॉल में महिलाओं के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में नगर निगम की स्वच्छता दीदियों सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।1
- उमरगाँव(अ) में वन प्रबंधन समिति के सम्मेलन में लिए गए अहम निर्णय।1
- *✰तत्वदर्शी संत कौन है, उसकी पहचान क्या है?✰* जानने के लिए अवश्य देखिए *SANT RAMPAL JI MAHARAJ* YouTube Channel1
- कांकेर। प्रार्थी ने थाना उपस्थित होकर मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक 07 मार्च की रात्रि में प्रार्थी की नाबालिक बेटी को कोई अज्ञात व्यक्ति के द्वारा घर से सोये स्थिति से उठाकर लेकर गया। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना कांकेर में गुम इन्सान क्र. - 22/26 दिनांक 07.03.2026 कायम कर पृथक से अपराध क्र. 89/26 धारा 137(2) बीएनएस पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के निर्देशन में, योगेश साहू अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कांकेर के मार्गदर्शन में, श्री मोहसिन खान अनुविभागीय अधिकारी पुलिस कांकेर के पर्यवेक्षण में, थाना कांकेर द्वारा विषेष टीम गठित की जाकर नाबालिक बालिका व अज्ञात आरोपी के बारे में पता तलाश हेतु टीम रवाना किया गया। विवेचना के दौरान प्रार्थी की नाबालिक बेटी का पता तलाश के दौरान परिजनों के पेश करने पर दस्तयाब कर नाबालिक बालिका से पुछताछ करने पर एक व्यक्ति जो सफेद रंग का शर्ट एवं काले रंग का पैंट पहना हुआ था, उसके साथ एक और लडका था दोनों खेत की ओर ले जाकर गलत काम किया जाना बताई। ग्रामीणों से पुछताछ करने पर दिनांक 07 मार्च को रात्रि में गांव के अमित जैन और उसके दोस्त रोहन जैन को प्रार्थी के घर आस-पास घूमते देखना बताने पर दोनों को पुलिस अभिरक्षा में लेकर पुछताछ करने पर आरोपीगण के द्वारा दिनांक घटना को अपराध घटित करना कबूल करने पर आरोपी अमित कुमार जैन एवं रोहन जैन के द्वारा अपराध धारा 65(2),70(2),332 बीएनएस, 4,6,8,10 पाॅक्सो एक्ट का घटित होना पाये जाने से उक्त धारा का समावेश कर आरोपीगण के विरूद्ध विधिवत् कार्यवाही कर न्यायिक रिमाण्ड पर माननीय न्यायालय पेश किया गया। करवाई में पुलिस टीम में निरीक्षक जितेन्द्र कुमार साहू, सउनि भुनेश्वरी भगत, महिला प्रधान आरक्षक हितेश्वरी चेलक, आरक्षक रामू जुर्री, आरक्षकनअनिल मरकाम, महिला आरक्षक सुभिया गोटा शामिल थे। कांकेर पुलिस की अपील अपराध पर नियंत्रण पुलिस और जनता की साझा जिम्मेदारी हैं। कई बार आपकी एक छोटी सी सूचना बडे अपराधों को रोक सकती हें, इसी उद्देश्य से जिला उत्तर बस्तर कांकेर पुलिस द्वारा किसी भी संदिग्ध या अपराधिक गतिविधियों की जानकारी देने के लिए अपराधिक हेल्पलाईन नंबर 94791-55125 संचालित की जा रही हैं। यह दी गई हर सुचना एवं सूचनाकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती हैं।2
- Post by SAHIL Bhagat1
- छतरपुर जिले में पुलिस ने अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अफीम की खेती पकड़ी और उसे नष्ट कर1
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- जगदलपुर में युवाओं को भारतीय सेना में भर्ती होकर देश सेवा के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर आकाश छिकारा ने अग्निवीर भर्ती अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि वर्दी का अपना अलग ही क्रेज और सम्मान होता है। उन्होंने युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाते हुए देश सेवा के लिए आगे आने की अपील की।1