भोपाल में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सोमवार से पीएम ई-बस सेवा के तहत इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल रन शुरू कर दिया गया है। महापौर मालती राय ने इस अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों के ट्रायल रन का शुभारंभ किया। फिलहाल यह ड्राई रन पांच दिनों तक चलेगा, जिसके दौरान आम यात्रियों को बसों में सफर करने की अनुमति नहीं होगी। यदि यह ट्रायल पूरी तरह सफल रहता है, तो अगस्त महीने से इन बसों का नियमित रूप से संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इस ट्रायल के दौरान बसों का संचालन दो अलग-अलग शिफ्टों में किया जा रहा है। पहली शिफ्ट सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी। ये बसें बैरागढ़ डिपो से पुराने भोपाल, बोर्ड ऑफिस, भोपाल रेलवे स्टेशन (प्लेटफॉर्म नंबर-1) और कोलार के बैरागढ़-चीचली रूट तक चलाई जा रही हैं ताकि तकनीकी क्षमता, चार्जिंग व्यवस्था और यातायात के अनुरूप प्रदर्शन का परीक्षण किया जा सके। यद्यपि आम यात्रियों को इसमें सफर की अनुमति नहीं है, लेकिन महापौर मालती राय और निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने भोपाल के पार्षदों को बसों में बैठाकर ट्रायल का अनुभव कराया ताकि उनके सुझाव लिए जा सकें। इससे पहले रविवार को जगदीशपुर में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इन्हीं इलेक्ट्रिक बसों में सफर किया था। महापौर मालती राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस योजना का स्वागत करते हुए बताया कि प्रत्येक बस में यात्रियों की सुरक्षा के लिए 7 सीसीटीवी कैमरे और दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए हाइड्रोलिक मशीन लगाई गई है, साथ ही महिलाओं के लिए अलग से आरक्षित सीटें निर्धारित की गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक भोपाल में अब तक 21 इलेक्ट्रिक बसें पहुंच चुकी हैं और अगले 10 से 12 दिनों में 20 और बसें आ जाएंगी, जिससे कुल बेड़ा 41 बसों का हो जाएगा। इनके लिए बैरागढ़ डिपो में 11 फास्ट चार्जिंग पॉइंट वाला आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है, जहां बसें मात्र 30 मिनट में चार्ज होकर करीब 250 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकेंगी।
भोपाल में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सोमवार से पीएम ई-बस सेवा के तहत इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल रन शुरू कर दिया गया है। महापौर मालती राय ने इस अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों के ट्रायल रन का शुभारंभ किया। फिलहाल यह ड्राई रन पांच दिनों तक चलेगा, जिसके दौरान आम यात्रियों को बसों में सफर करने की अनुमति नहीं होगी। यदि यह ट्रायल पूरी तरह सफल रहता है, तो अगस्त महीने से इन बसों का नियमित रूप से संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इस ट्रायल के दौरान बसों का संचालन दो अलग-अलग शिफ्टों में किया जा रहा है। पहली शिफ्ट सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी। ये बसें बैरागढ़ डिपो से पुराने भोपाल, बोर्ड ऑफिस, भोपाल रेलवे स्टेशन (प्लेटफॉर्म नंबर-1) और कोलार के बैरागढ़-चीचली रूट तक चलाई जा रही हैं ताकि तकनीकी क्षमता, चार्जिंग व्यवस्था और यातायात के अनुरूप प्रदर्शन का परीक्षण किया जा सके। यद्यपि आम यात्रियों को इसमें सफर की अनुमति नहीं है, लेकिन महापौर मालती राय और निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने भोपाल के पार्षदों को बसों में बैठाकर ट्रायल का अनुभव कराया ताकि उनके सुझाव लिए जा सकें। इससे पहले रविवार को जगदीशपुर में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इन्हीं इलेक्ट्रिक बसों में सफर किया था। महापौर मालती राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस योजना का स्वागत करते हुए बताया कि प्रत्येक बस में यात्रियों की सुरक्षा के लिए 7 सीसीटीवी कैमरे और दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए हाइड्रोलिक मशीन लगाई गई है, साथ ही महिलाओं के लिए अलग से आरक्षित सीटें निर्धारित की गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक भोपाल में अब तक 21 इलेक्ट्रिक बसें पहुंच चुकी हैं और अगले 10 से 12 दिनों में 20 और बसें आ जाएंगी, जिससे कुल बेड़ा 41 बसों का हो जाएगा। इनके लिए बैरागढ़ डिपो में 11 फास्ट चार्जिंग पॉइंट वाला आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है, जहां बसें मात्र 30 मिनट में चार्ज होकर करीब 250 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकेंगी।
- आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रवक्ता रमाकांत पटेल ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उसे "डबल इंजन, डबल भ्रष्टाचार" की सरकार करार दिया है। आप प्रवक्ता ने सलकनपुर माता मंदिर में कथित तौर पर ₹97 करोड़ के बड़े घोटाले का आरोप लगाते हुए भाजपा को घेरा है। आप प्रवक्ता रमाकांत पटेल ने भाजपा पर भर्ती परीक्षाओं से लेकर NEET तक में घोटालों के गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही उन्होंने राम मंदिर से लेकर महाकाल लोक तक में भी भ्रष्टाचार होने का दावा किया है। उनका आरोप है कि दीनदयाल रसोई योजना में फर्जी लाभार्थियों के जरिए घोटाला किया गया है। इन आरोपों के सहारे उन्होंने भाजपा पर "डबल इंजन, डबल घोटाले" करने का बड़ा आरोप मढ़ा है। गौरतलब है कि ये सभी आरोप आप प्रवक्ता रमाकांत पटेल द्वारा लगाए गए हैं, जिनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और इसमें भाजपा की प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।1
- विधानसभा में यूसीसी कानून को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया है।1
- मध्यप्रदेश के इंदौर लोकायुक्त ने बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके 9 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा है। शिवराम सेमिल पर अपनी वैध आय से 258 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। लोकायुक्त की डीएसपी और निरीक्षकों की संयुक्त टीम द्वारा इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना में कई फैक्ट्रियों और कार्यालयों को दायरे में लेकर यह सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। लोकायुक्त के अनुसार, आरोपी शिवराम सेमिल की 33 साल की नौकरी के दौरान उनकी वैध आय करीब 2 करोड़ रुपये होनी चाहिए थी, लेकिन इसके मुकाबले उनके द्वारा भारी निवेश किए जाने का खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में लगभग 7.16 करोड़ रुपये के व्यय और करोड़ों रुपये की अघोषित संपत्तियों का पता चला है। जांच में यह दावा भी किया गया है कि आरोपी के परिवार के नाम पर ट्रांसफार्मर निर्माण की फैक्ट्रियां और कंपनियां संचालित की जा रही हैं। जांच के दायरे में आई संपत्तियों में इंदौर की सिलिकॉन सिटी में 1.20 करोड़ रुपये का तीन मंजिला आलीशान मकान, पीथमपुर में 'शुभम इलेक्ट्रिकल' नाम की ट्रांसफार्मर फैक्ट्री (अनुमानित कीमत 1.25 करोड़ रुपये), और 'कर्निश पावरजोन' के नाम से दो औद्योगिक प्लॉट शामिल हैं जिन पर नई फैक्ट्री निर्माण के लिए करीब 1 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके अलावा, उज्जैनी (धार) में 'एस.एस. इलेक्ट्रिकल्स' के तीन औद्योगिक प्लॉट (निवेश करीब 1.50 करोड़ रुपये), इंदौर में तीन कार्यालय, ओमैक्स सिटी का प्लॉट, एक इलेक्ट्रिक कार और मुरैना का एक दो मंजिला मकान भी लोकायुक्त की इस बड़ी कार्रवाई में शामिल हैं।4
- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) का अध्यादेश विधानसभा के पटल पर रख दिया है, जिसे एक ऐतिहासिक और बहुप्रतीक्षित कदम माना जा रहा है। जल्द ही यह अध्यादेश कानून का रूप ले लेगा, जिससे प्रदेश में 'एक विधान' की नीति लागू होगी और सभी वर्गों के लोग एक समान कानून के तहत जीवन व्यतीत कर सकेंगे। मुख्यमंत्री का कहना है कि समान नागरिक संहिता का सबसे बड़ा लाभ मुस्लिम महिलाओं और बहनों को मिलेगा, जिन्हें हलाला जैसी कई गंभीर सामाजिक और व्यक्तिगत परेशानियों से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। 20 जुलाई को पुलिस मुख्यालय में हुई बैठक के बाद मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश की इस धरती पर राम, रहीम और रॉबिन सबके लिए एक ही कानून होना बेहद आवश्यक है। विधानसभा के इस वर्षाकालीन सत्र में इसे कानून का रूप देने की उम्मीद जताते हुए उन्होंने बताया कि जब यूसीसी के लिए सुझाव मांगे गए थे, तब बड़ी संख्या में खुद मुस्लिम बहनों ने इसका समर्थन किया था। उन्होंने देश को "एक देश, एक विधान, एक प्रधान और एक व्यवस्था" की राह पर ले जाने का संकल्प दोहराया और विपक्ष से भी प्रदेश की बेहतरी के लिए इस दिशा में एकजुट होकर आगे बढ़ने की अपील की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य की कानून व्यवस्था और पुलिस बल को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मध्यप्रदेश सरकार ने पुलिस भर्ती को मंजूरी दे दी है, क्योंकि सब इंस्पेक्टर की पिछली भर्ती 8 साल पहले हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशानुसार नशे के खिलाफ बड़ा अभियान चलाने की योजना बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि अपराधियों को बचने का कोई भी मौका नहीं दिया जाएगा। उन्होंने नक्सल मुक्त हो चुके इलाकों में विकास कार्यों को गति देने पर चर्चा की और संतोष व्यक्त किया कि सभी विभागों में से सबसे ज्यादा पदोन्नति पुलिस विभाग में की गई है। सरकार अब हर साल प्रमोशन की व्यवस्था करने और नई भर्तियां निकालने की तैयारी में है।1
- भोपाल में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सोमवार से पीएम ई-बस सेवा के तहत इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल रन शुरू कर दिया गया है। महापौर मालती राय ने इस अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों के ट्रायल रन का शुभारंभ किया। फिलहाल यह ड्राई रन पांच दिनों तक चलेगा, जिसके दौरान आम यात्रियों को बसों में सफर करने की अनुमति नहीं होगी। यदि यह ट्रायल पूरी तरह सफल रहता है, तो अगस्त महीने से इन बसों का नियमित रूप से संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इस ट्रायल के दौरान बसों का संचालन दो अलग-अलग शिफ्टों में किया जा रहा है। पहली शिफ्ट सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी। ये बसें बैरागढ़ डिपो से पुराने भोपाल, बोर्ड ऑफिस, भोपाल रेलवे स्टेशन (प्लेटफॉर्म नंबर-1) और कोलार के बैरागढ़-चीचली रूट तक चलाई जा रही हैं ताकि तकनीकी क्षमता, चार्जिंग व्यवस्था और यातायात के अनुरूप प्रदर्शन का परीक्षण किया जा सके। यद्यपि आम यात्रियों को इसमें सफर की अनुमति नहीं है, लेकिन महापौर मालती राय और निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने भोपाल के पार्षदों को बसों में बैठाकर ट्रायल का अनुभव कराया ताकि उनके सुझाव लिए जा सकें। इससे पहले रविवार को जगदीशपुर में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इन्हीं इलेक्ट्रिक बसों में सफर किया था। महापौर मालती राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस योजना का स्वागत करते हुए बताया कि प्रत्येक बस में यात्रियों की सुरक्षा के लिए 7 सीसीटीवी कैमरे और दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए हाइड्रोलिक मशीन लगाई गई है, साथ ही महिलाओं के लिए अलग से आरक्षित सीटें निर्धारित की गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक भोपाल में अब तक 21 इलेक्ट्रिक बसें पहुंच चुकी हैं और अगले 10 से 12 दिनों में 20 और बसें आ जाएंगी, जिससे कुल बेड़ा 41 बसों का हो जाएगा। इनके लिए बैरागढ़ डिपो में 11 फास्ट चार्जिंग पॉइंट वाला आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है, जहां बसें मात्र 30 मिनट में चार्ज होकर करीब 250 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकेंगी।1
- जंतर-मंतर पर हुए हालिया घटनाक्रमों के बाद देश के युवाओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक युवक का बयान तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। इस युवक ने साफ तौर पर कहा है कि वह अपने धर्म और संस्कृति का पूरा सम्मान करता है, लेकिन उसका मुख्य सरोकार देश की महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से है। युवाओं का गंभीर आरोप है कि बुनियादी समस्याओं का समाधान करने के बजाय लगातार राजनीति का ध्यान भटकाया जाता है। इस स्थिति से नाराज होकर युवा अब सीधे तौर पर सरकार से काम और रोजगार पर जवाब मांग रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी युवा आक्रोशित होकर यह कह रहे हैं कि हमारे मुद्दे शिक्षा और रोजगार हैं, जुमलेबाजी नहीं।1
- मध्यप्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर विपक्ष ने सरकार को चौतरफा घेरा है, जिससे सदन में राजनीतिक गरमाहट बढ़ गई है। कांग्रेस ने इस मामले पर जोरदार विरोध दर्ज कराते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार जनता के असली और बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ही UCC लाने की तैयारी कर रही है। इस विरोध के बीच भाजपा ने सरकार का बचाव किया है और इसे सभी नागरिकों के लिए समान कानून की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम करार दिया है। इस मुद्दे को लेकर सदन के भीतर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस देखने को मिली, जिसके बाद राजनीतिक बयानबाजी काफी तेज हो गई है।1
- भोपाल के शाहजहाँनाबाद थाना पुलिस ने नशा मुक्ति अभियान 2.0 के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ब्राउन शुगर तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से विमल के रैपर में छिपाकर रखी गई 4.00 ग्राम ब्राउन शुगर जब्त की है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 4000 रुपये बताई जा रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान 25 वर्षीय राकेश साहू (पिता हजारी लाल साहू) के रूप में हुई है, जो वर्तमान में भानपुर मल्टी, थाना छोला मंदिर, भोपाल का निवासी है और उसका स्थाई पता सिन्धी कालोनी, विदिशा है। पुलिस ने 19.07.26 को मुखबिर की सूचना पर उपनिरीक्षक माधव सिंह परिहार के नेतृत्व में टीम गठित कर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पकड़े गए आरोपी राकेश साहू का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है और उसके खिलाफ पहले से ही एनडीपीएस, लूट, मारपीट, अवैध शराब रखने, जहरीली शराब बेचने और अवैध हथियार रखने जैसे 6 अपराध दर्ज हैं। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 443/26, धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है। यह पूरी कार्रवाई भोपाल पुलिस आयुक्त संजय कुमार, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान, पुलिस उपायुक्त आयुष गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त शालिनी दीक्षित और सहायक पुलिस आयुक्त अनिल वाजपेयी के मार्गदर्शन में की गई। इस कार्रवाई को सफल बनाने में थाना प्रभारी उमेश पाल सिंह चौहान, उपनिरीक्षक माधव सिंह परिहार, उपनिरीक्षक शेषनाथ सिंह, आरक्षक विजय शर्मा और आरक्षक सोन सिंह की सराहनीय भूमिका रही है।1