जिला बस्तर मे अवैध रेत खनन परिवहन के बाद, अब नियम को ताक मे रखकर किया जा रहा मिट्टी खनन,ना रॉयलटी बुक और ना ही ट्रांजीट पास, आखिर खनिज विभाग क्यूँ है मौन कब होगा घेरा बंधी, कब करेंगे कार्यवाही, कब रुकेगा यह अवैध कार्य : नरेन्द्र भवानी जगदलपुर। मामले मे छत्तीसगढ़ युवा मंच के संस्थापक नरेन्द्र भवानी ने बयान जारी कर बताया है की जिले मे अवैध रेत खनन परिवहन तो धडले से चल ही रहा है पर वही बकावंड ब्लॉक मे अब नियम को ताक मे रखकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हुवे किया जा खुदाई, हर ट्रिप मे होना है रॉयलटी का पर्ची पर यहाँ इस मिट्टी खुदाई मे चल रहा मनमानी, पुरे गाड़ियों का सबूत के साथ है यह आरोप क्या खनिज विभाग करेगा कार्यवाही या यहाँ भी चलता रहेगा मनमानी। मामले मे भवानी ने बयान मे आगे बताया है की अधिकतर मिट्टी खुदाई, मुरुम खुदाई, रेत खनन कर इस पे व्यापार करने वाले छत्तीसगढ़ीया है ही नहीं पर सिस्टम को काबू मे कर मनमाने यह कार्य कर फलफूल रहे है और जिम्मेदार विभाग अधिकारी केवल मुख दर्श्क बने हुवे है तो ऐसे मे कौन करेगा कार्यवाही। भवानी ने बयान मे कहा है की परिवहन नियम के तहत मिट्टी, गिट्टी, रेती, मुरुम ले जाने वाले वाहनों में खनिज विभाग द्वारा जारी ट्रांजिट पास या रवन्ना (Royalty Book) होना अनिवार्य है पर ऐसा हो नहीं रहा क्यूँ और अगर रॉयल्टी बुक किसी के पास है भी तो एक ही रसीद मे कई ट्रिप का कार्य किया जा रहा और जांच करने वाले अधिकार मस्त मजे मे तो जांच करेगा कौन। बिना अनुमति के निजी जमीन या पोखरों, तालाबों, कुओं से मिट्टी/मुरुम निकाली जाती है, तो छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 59 के तहत जुर्माना और खनिज की जब्ती की कार्यवाही की जाती पर इस मामले मे अनुमति तो लिया जाता है पर खुदाई कही और एवं अनुमति कही और का इसका जांच करेगा कौन। भवानी ने आगे कहा है की कुल मिलाकर खनिज विभाग चौ तरफ़ा इन कृतयो को रोकने मे नाकामयाब ऐसा बिलकुल भी नहीं होना चाहिए जल्द ही मामलो पर विभाग एक्टिव नहीं होंगे तो विभाग का करूँगा घेराव यह अवैध कृत्य बर्दाश्त नहीं।
जिला बस्तर मे अवैध रेत खनन परिवहन के बाद, अब नियम को ताक मे रखकर किया जा रहा मिट्टी खनन,ना रॉयलटी बुक और ना ही ट्रांजीट पास, आखिर खनिज विभाग क्यूँ है मौन कब होगा घेरा बंधी, कब करेंगे कार्यवाही, कब रुकेगा यह अवैध कार्य : नरेन्द्र भवानी जगदलपुर। मामले मे छत्तीसगढ़ युवा मंच के संस्थापक नरेन्द्र भवानी ने बयान जारी कर बताया है की जिले मे अवैध रेत खनन परिवहन तो धडले से चल ही रहा है पर वही बकावंड ब्लॉक मे अब नियम को ताक मे रखकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हुवे किया जा खुदाई, हर ट्रिप मे होना है रॉयलटी का पर्ची पर यहाँ इस मिट्टी खुदाई मे चल रहा मनमानी, पुरे गाड़ियों का सबूत के साथ है यह आरोप क्या खनिज विभाग करेगा कार्यवाही या यहाँ भी चलता रहेगा मनमानी। मामले मे भवानी ने बयान मे आगे बताया है की अधिकतर मिट्टी खुदाई, मुरुम खुदाई, रेत खनन कर इस पे व्यापार करने वाले छत्तीसगढ़ीया है ही नहीं पर सिस्टम को काबू मे कर मनमाने यह कार्य कर फलफूल रहे है और जिम्मेदार विभाग अधिकारी केवल मुख दर्श्क
बने हुवे है तो ऐसे मे कौन करेगा कार्यवाही। भवानी ने बयान मे कहा है की परिवहन नियम के तहत मिट्टी, गिट्टी, रेती, मुरुम ले जाने वाले वाहनों में खनिज विभाग द्वारा जारी ट्रांजिट पास या रवन्ना (Royalty Book) होना अनिवार्य है पर ऐसा हो नहीं रहा क्यूँ और अगर रॉयल्टी बुक किसी के पास है भी तो एक ही रसीद मे कई ट्रिप का कार्य किया जा रहा और जांच करने वाले अधिकार मस्त मजे मे तो जांच करेगा कौन। बिना अनुमति के निजी जमीन या पोखरों, तालाबों, कुओं से मिट्टी/मुरुम निकाली जाती है, तो छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 59 के तहत जुर्माना और खनिज की जब्ती की कार्यवाही की जाती पर इस मामले मे अनुमति तो लिया जाता है पर खुदाई कही और एवं अनुमति कही और का इसका जांच करेगा कौन। भवानी ने आगे कहा है की कुल मिलाकर खनिज विभाग चौ तरफ़ा इन कृतयो को रोकने मे नाकामयाब ऐसा बिलकुल भी नहीं होना चाहिए जल्द ही मामलो पर विभाग एक्टिव नहीं होंगे तो विभाग का करूँगा घेराव यह अवैध कृत्य बर्दाश्त नहीं।
- जगदलपुर। मामले मे छत्तीसगढ़ युवा मंच के संस्थापक नरेन्द्र भवानी ने बयान जारी कर बताया है की जिले मे अवैध रेत खनन परिवहन तो धडले से चल ही रहा है पर वही बकावंड ब्लॉक मे अब नियम को ताक मे रखकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हुवे किया जा खुदाई, हर ट्रिप मे होना है रॉयलटी का पर्ची पर यहाँ इस मिट्टी खुदाई मे चल रहा मनमानी, पुरे गाड़ियों का सबूत के साथ है यह आरोप क्या खनिज विभाग करेगा कार्यवाही या यहाँ भी चलता रहेगा मनमानी। मामले मे भवानी ने बयान मे आगे बताया है की अधिकतर मिट्टी खुदाई, मुरुम खुदाई, रेत खनन कर इस पे व्यापार करने वाले छत्तीसगढ़ीया है ही नहीं पर सिस्टम को काबू मे कर मनमाने यह कार्य कर फलफूल रहे है और जिम्मेदार विभाग अधिकारी केवल मुख दर्श्क बने हुवे है तो ऐसे मे कौन करेगा कार्यवाही। भवानी ने बयान मे कहा है की परिवहन नियम के तहत मिट्टी, गिट्टी, रेती, मुरुम ले जाने वाले वाहनों में खनिज विभाग द्वारा जारी ट्रांजिट पास या रवन्ना (Royalty Book) होना अनिवार्य है पर ऐसा हो नहीं रहा क्यूँ और अगर रॉयल्टी बुक किसी के पास है भी तो एक ही रसीद मे कई ट्रिप का कार्य किया जा रहा और जांच करने वाले अधिकार मस्त मजे मे तो जांच करेगा कौन। बिना अनुमति के निजी जमीन या पोखरों, तालाबों, कुओं से मिट्टी/मुरुम निकाली जाती है, तो छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 59 के तहत जुर्माना और खनिज की जब्ती की कार्यवाही की जाती पर इस मामले मे अनुमति तो लिया जाता है पर खुदाई कही और एवं अनुमति कही और का इसका जांच करेगा कौन। भवानी ने आगे कहा है की कुल मिलाकर खनिज विभाग चौ तरफ़ा इन कृतयो को रोकने मे नाकामयाब ऐसा बिलकुल भी नहीं होना चाहिए जल्द ही मामलो पर विभाग एक्टिव नहीं होंगे तो विभाग का करूँगा घेराव यह अवैध कृत्य बर्दाश्त नहीं।2
- क्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया अक्तई तिहार, किसानों ने नई फ़सल की तैयारी को लेकर की पुजा फरसगांव :- ब्लॉक के कई ग्रामों सहित ग्राम बड़ेडोंगर में भी सोमवार को अक्षय तृतीया के शुभ दिन पर अक्तई तिहार का पर्व अत्यंत श्रद्धा, उत्साह एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। इस शुभ अवसर पर ग्रामवासियों ने अपने-अपने इष्ट एवं कुल देवी-देवताओं का स्मरण कर विधिवत पूजा-अर्चना की। पूरे गांव में भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण व्याप्त रहा। ग्राम के सभी वर्गों के लोगों ने आपसी भाईचारा एवं सौहार्द का परिचय देते हुए एकजुट होकर इस पर्व को मनाया। महिलाओं, पुरुषो एवं युवाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-पाठ मे भाग लेकर सामाजिक एकता का संदेश दिया। पर्व के अवसर पर परंपरागत मान्यताओं का पालन करते हुए घर-घर में विशेष पूजा का आयोजन किया गया। इसी क्रम में सोमवार के शुभ दिन को कृषि कार्य के लिए भी अत्यंत मंगलकारी मानते हुए किसानो द्वारा धान बीज निकालकर नई फसल की शुरुआत की गई। ग्रामीणो ने खेत-खलिहानो से जुड़ी अपनी परंपराओं का निर्वहन करते हुए समृद्धी एवं अच्छी पैदावार की कामना की। किसानो मे नई फसल को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। ग्राम बड़ेडोंगर में अक्षय तृतीया का पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि सामाजिक एकता, परंपरा एवं कृषि संस्कृति के समन्वय का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।3
- नारायणपुर में एक अनोखा और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पालतू तोते को पकड़ने के लिए फायर ब्रिगेड की टीम को बुलाना पड़ा। तोता पेड़ पर जा बैठा था, जिसे सुरक्षित नीचे उतारने के लिए फायर टीम ने मशक्कत की और आखिरकार उसे पकड़ लिया गया। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। #Narayanpur #CGNews #FireBrigade #ViralVideo #Chhattisgarh #LocalNews1
- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले से एक हैरान करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में आग बुझाने और आपातकालीन सेवाओं के लिए इस्तेमाल होने वाली फायर ब्रिगेड की गाड़ी एक पेड़ पर पानी का छिड़काव करती नजर आ रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह कार्रवाई किसी आग या आपदा के लिए नहीं, बल्कि एक पालतू तोते को पकड़ने के लिए की गई।नारायणपुर के OBC बॉयज हॉस्टल के पास स्थित एक साल वृक्ष पर बैठा एक पालतू तोता अचानक चर्चा का केंद्र बन गया। बताया जा रहा है कि तोता अपने मालिक के पिंजरे से निकलकर पेड़ की ऊंचाई पर जा बैठा। लेकिन उसकी यह “आजादी” मालिक को रास नहीं आई। इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे प्रशासनिक सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए। तोते को नीचे लाने के लिए सीधे फायर ब्रिगेड की मदद ली गई। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि फायर ब्रिगेड की गाड़ी पेड़ पर पानी का तेज छिड़काव कर रही है, ताकि तोता भीगकर नीचे आ जाए और उसे फिर से पकड़कर पिंजरे में बंद किया जा सके। यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। जिस फायर ब्रिगेड का उपयोग आगजनी, दुर्घटनाओं और आपातकालीन स्थितियों में लोगों की जान बचाने के लिए किया जाता है, उसका इस्तेमाल एक पालतू पक्षी को पकड़ने के लिए किया जाना क्या उचित है? स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ साल पहले नगर सेना कार्यालय के पास स्थित पुराने मान सरोवर क्षेत्र में आग लगी थी, जहां समय पर पर्याप्त संसाधन नहीं पहुंच पाने के कारण स्थिति गंभीर हो गई थी और एक व्यक्ति की जान भी चली गई थी। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या फायर ब्रिगेड की यही तत्परता उस समय नहीं दिखाई जानी चाहिए थी? यह भी चिंताजनक है कि यदि उसी समय किसी अन्य स्थान पर वास्तविक आपात स्थिति उत्पन्न हो जाती, तो क्या फायर ब्रिगेड उपलब्ध हो पाती? क्या एक तोते को पकड़ना इतना बड़ा “आपातकाल” था कि सरकारी मशीनरी को इस तरह झोंक दिया जाए?1
- पूरी वीडियो अवश्य देखिए *SANT RAMPAL JI MAHARAJ* YouTube Channel पर1
- Post by Ashish parihar Parihar1
- गरियाबंद_पुलिया निर्माण की मांग को लेकर फिर नेशनल हाइवे जाम किया नेशनल हाइवे 130 सी को जुगाड़ के पास जाम किया गया है पट्टाबहाल नाला पर पुलिया निर्माण की मांग को लेकर जाम किया ग्राम पंचायत अमाड़ के ग्रामीण कर रहे प्रदर्शन सड़क के दोनों छोर लगी है वाहनों की लंबी कतार जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम और लोकेश्वरी नेताम के नेतृत्व में महिला स्कूली बच्चे भी है प्रदर्शन में शामिल मंजूर पुलिया के निर्माण के लिए तोड़ फोड़ कर काम बंद करने से आक्रोशित हैं ग्रामीण कलेक्टर को ज्ञापन देकर पखवाड़े भर पहले अवगत करा चुके थे समस्या4
- जगदलपुर : लोकसभा में नारी शक्ति वंदन बिल पास न होने पर फूटा भाजपा महिला मोर्चा का गुस्सा , धरना प्रदर्शन कर कांग्रेस पर बरसीं महिलाएं... बाइट - वेदवती कश्यप, बस्तर जिला पंचायत अध्यक्ष बाइट - सफिरा साहू , भाजपा जिला उपाध्यक्ष1