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वन रेंज लच्छीवाला में रेंजर जी.एच. धमादा ने दुश्की वन चौकी का निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने क्षेत्र की व्यवस्थाओं और वन सुरक्षा गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान, उन्होंने वन कर्मियों को जंगल की सुरक्षा, वन्यजीवों के संरक्षण, और अवैध कटान तथा अतिक्रमण पर प्रभावी निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। रेंजर धमादा ने जोर देकर कहा कि वन रेंज के तहत आने वाले सभी संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त और सतर्क निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वन संपदा की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने वन कर्मियों से समन्वय बनाकर काम करने और आमजन को भी वन संरक्षण के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
वन रेंज लच्छीवाला में रेंजर जी.एच. धमादा ने दुश्की वन चौकी का निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने क्षेत्र की व्यवस्थाओं और वन सुरक्षा गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान, उन्होंने वन कर्मियों को जंगल की सुरक्षा, वन्यजीवों के संरक्षण, और अवैध कटान तथा अतिक्रमण पर प्रभावी निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। रेंजर धमादा ने जोर देकर कहा कि वन रेंज के तहत आने वाले सभी संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त और सतर्क निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वन संपदा की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने वन कर्मियों से समन्वय बनाकर काम करने और आमजन को भी वन संरक्षण के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
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- देहरादून के लेखक गाँव में पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की पत्नी स्वर्गीय कुसुम कान्ता की पुण्यतिथि पर एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया, जहाँ कुसुम कान्ता फाउंडेशन ने क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सिलाई मशीनों का वितरण किया। कार्यक्रम के दौरान, बेटी आरुषि निशंक ने महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आर्थिक रूप से सशक्त महिला ही परिवार और समाज की प्रगति का आधार होती है। इस श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, महिलाएँ और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिन्होंने स्वर्गीय कुसुम कान्ता के समाजसेवा और महिला उत्थान के कार्यों को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।1
- ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में मुनि की रेती थाना क्षेत्र के शिवपुरी पुलिस चौकी प्रभारी विनोद कुमार शर्मा का निधन हो गया है। यह घटना 23 जून 2026 की देर रात या तड़के की है, जब देर रात्रि ड्यूटी पूरी कर शिवपुरी लौटते समय उनकी स्कॉर्पियो कार अनियंत्रित होकर एक गहरी खाई में गिर गई। यह हादसा रात के समय होने के कारण काफी घंटों तक किसी को इसकी जानकारी नहीं मिली। सुबह के समय जब राहगीरों ने वाहन को देखा, तब पुलिस और राहत टीमों को सूचित किया गया। रेस्क्यू टीम ने विनोद कुमार शर्मा के शव को गहरी खाई से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए एम्स ऋषिकेश भेजा। विनोद शर्मा मूल रूप से डोईवाला के रानीपोखरी के निवासी थे और पुलिस विभाग में आने से पहले वह भारतीय सेना में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे। वह पुलिस महकमे में एक बेहद लोकप्रिय और समर्पित अधिकारी के रूप में जाने जाते थे। उनके इस आकस्मिक निधन से पूरे उत्तराखंड पुलिस विभाग और स्थानीय क्षेत्र में शोक की लहर है।1
- बढ़ते तापमान और अग्नि दुर्घटनाओं की संभावना को देखते हुए, एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह ने जनपद के समस्त थाना प्रभारियों और अग्निशमन अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत, जनपद में संचालित कोचिंग संस्थानों, शॉपिंग मॉल, होटल, अस्पतालों, विद्यालयों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं का पुनः मूल्यांकन करने को कहा गया है। एसएसपी ने निर्देशित किया कि फायर उपकरणों की कार्यशीलता की जांच की जाए, आपातकालीन निकास मार्गों का निरीक्षण हो और अग्निशमन मानकों के अनुपालन की समीक्षा की जाए। फायर सेफ्टी ऑडिट में पाई गई कमियों को तत्काल दूर कराने के साथ-साथ, संबंधित संस्थानों के संचालकों को सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए हैं। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि जनसुरक्षा सर्वोपरि है और फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हरिद्वार पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि वे गर्मी के मौसम में विद्युत उपकरणों, गैस सिलेंडरों और ज्वलनशील पदार्थों के उपयोग में विशेष सावधानी बरतें। इसके अतिरिक्त, किसी भी अग्नि दुर्घटना की सूचना तत्काल अग्निशमन विभाग अथवा पुलिस को देने का आग्रह किया गया है, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके। हरिद्वार पुलिस गर्मी के मौसम में अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए पूरी तरह सतर्क है।1
- बढ़ते तापमान और आग लगने की संभावित घटनाओं को देखते हुए, एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह ने जनपद के समस्त थाना प्रभारियों और अग्निशमन अधिकारियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत, जनपद में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों, शॉपिंग मॉल, होटल, अस्पताल, विद्यालयों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य सार्वजनिक स्थानों की फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं का पुनः मूल्यांकन किया जाना है। एसएसपी ने यह भी निर्देशित किया है कि फायर उपकरणों की कार्यशीलता की गहनता से जांच की जाए, आपातकालीन निकास मार्गों का निरीक्षण हो, और अग्निशमन मानकों के अनुपालन की समीक्षा की जाए। फायर सेफ्टी ऑडिट में पाई गई किसी भी कमी को तत्काल दूर कराने के साथ-साथ, संबंधित संस्थानों के संचालकों को सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए हैं। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि जनसुरक्षा सर्वोपरि है और फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हरिद्वार पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि गर्मी के इस मौसम में विद्युत उपकरणों, गैस सिलेंडरों और ज्वलनशील पदार्थों के प्रयोग में विशेष सावधानी बरतें। किसी भी प्रकार की अग्नि दुर्घटना की सूचना तत्काल अग्निशमन विभाग अथवा पुलिस को देने का आग्रह भी किया गया है।1
- लखनऊ में हुई अग्निकांड की घटना के मद्देनजर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ का अपना रात्रि प्रवास रद्द कर दिया है। जानकारी के अनुसार, वह अलीगढ़ से सीधे लखनऊ लौट रहे हैं।1
- सोमवार को नई टिहरी स्थित जिला सभागार में जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जनपद के निवासियों की समस्याओं और शिकायतों को सुना गया, जहां कुल 51 आवेदन प्राप्त हुए। ये शिकायतें पेयजल, मुआवजा और आपदा सहित विभिन्न अन्य विषयों से संबंधित थीं। जनता दरबार के दौरान कई विशिष्ट मामले सामने आए। नई टिहरी के सी ब्लॉक टाइप-3 की बीना सजवाण और अन्य महिलाओं ने एक नजदीकी आश्रम द्वारा सड़क पर अवैध कब्जा करने, कूड़ा फेंकने और गाली-गलौज करने की शिकायत की, जिस पर जिलाधिकारी ने पुलिस, नगर पालिका और लोनिवि को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जाखणीधार के ग्राम करास के निवासियों ने पेयजल की कमी और ग्रामीणों द्वारा पेयजल संचालन का मुद्दा उठाया। इस पर जिलाधिकारी ने गांव की पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए इसे विभाग को सौंपने की बात ग्रामीणों से कही। जाख-कुट्ठा मोटर मार्ग निर्माण के मुआवजे की मांग संबंधित गांवों के निवासियों द्वारा की गई, जिस पर लोनिवि बौराडी को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश मिले। विकासखंड जौनपुर के ग्राम बंगसील की पूजा देवी ने भी पेयजल की दिक्कत बताई, जिस पर जल संस्थान को उप जिलाधिकारी धनोल्टी के माध्यम से रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। चंबा पुरानी टिहरी रोड के ग्राम पुरषोल निवासी हरिदास ने अपने घर के समीप सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की, जिस संबंध में लोनिवि चंबा को जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया। नई टिहरी बौराड़ी निवासी ध्यान सिंह नेगी ने अपने घर के सामने बने पार्क व रास्ते पर अतिक्रमण की शिकायत की, जिस पर तहसीलदार टिहरी को जांच रिपोर्ट देने को कहा गया। चंबा के नागणी निवासी गुरु प्रसाद उबराल ने सड़क कटान में पेड़ों का मुआवजा न मिलने की शिकायत दर्ज कराई। इस पर लोनिवि चंबा के अभियंता ने बताया कि भुगतान के लिए शासन से धनराशि प्राप्त हो गई है और संबंधित कार्यवाही प्रक्रिया में है। कार्यक्रम के दौरान सीएम हेल्पलाइन और जन समर्पण पोर्टल पर दर्ज लंबित शिकायतों की समीक्षा भी की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्राप्त सभी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।1
- ऋषिकेश-शिवपुरी मार्ग पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में शिवपुरी चौकी इंचार्ज विनोद कुमार का दुखद निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि उनकी स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर गंगा नदी में गिर गई थी, जिसके परिणामस्वरूप यह दुर्घटना हुई। विनोद कुमार रानी पोखरी निवासी एक पुलिस अधिकारी थे। उनके निधन से पुलिस विभाग और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है, क्योंकि वे एक कर्तव्यनिष्ठ और जनप्रिय पुलिस अधिकारी थे। दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई है।1
- अलीगंज के पुरनिया इलाके में एक दुकान में भीषण आग लग गई, जिसके कारण पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दुकान के ऊपर एक कोचिंग सेंटर चल रहा था, जिसमें कई छात्र-छात्राएं फंस गए। आग की लपटों और धुएं से घिर जाने के कारण, अपनी जान बचाने के लिए लोगों को छज्जों और छत से कूदना पड़ा। पूरी इमारत धुएं और लपटों की चपेट में आ गई थी। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य में सहयोग देना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर, दमकल और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के साथ-साथ फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास लगातार जारी है।1