logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में शनिवार को हुई हिंसा के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है, जहाँ सुरक्षा बलों की मौजूदगी में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमला हुआ और उन पर पत्थर व चप्पल फेंके गए। इस घटना के बाद सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को नोटिस जारी कर 1 जून को दोपहर 12 बजे पश्चिम बंगाल पुलिस मुख्यालय, भबानी भवन स्थित अपने कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले पर गहरा आश्चर्य व्यक्त किया। उन्होंने अस्पताल में उनके इलाज के दौरान की सुरक्षा व्यवस्था और परिस्थितियों पर सवाल उठाए, यह कहते हुए कि राजनीतिक लड़ाई के लिए हिंसा का सहारा नहीं लेना चाहिए और वह किसी से डरने वाली नहीं हैं। ममता बनर्जी ने डॉक्टरों की शुरुआती रिपोर्ट पर भी संदेह जताया, जिसमें अभिषेक को मामूली चोटें बताई गई थीं। उन्होंने दावा किया कि उनके पारिवारिक डॉक्टर के अनुसार, अभिषेक को ऑक्सीजन सपोर्ट की आवश्यकता है और उनकी आँखों में भी समस्या है, क्योंकि उनके पहले आठ ऑपरेशन हो चुके हैं। बनर्जी ने चेतावनी दी कि यदि अभिषेक को कुछ होता है, तो वह सीधे तौर पर डॉक्टरों और संबंधित अस्पतालों को जिम्मेदार ठहराएंगी। उन्होंने भाजपा पर अमानवीय और क्रूर होने का आरोप लगाते हुए कहा कि सीपीएम के 35 साल के शासनकाल में भी ऐसा कुछ नहीं हुआ था, और अब तो लोगों को इलाज भी नहीं मिल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उन्हें फोन कर मदद की पेशकश की और कहा कि अगर इलाज नहीं मिल रहा है तो वह अभिषेक को हैदराबाद शिफ्ट करवा सकते हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को गलत ठहराते हुए कहा कि किसी को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। हालाँकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि जनता पिछले 15 सालों से उत्पीड़न सह रही है और उनका गुस्सा कहीं न कहीं तो निकलना ही था। घोष ने अभिषेक बनर्जी को चुनावी परिणामों के मद्देनजर स्थिति समझने की सलाह दी और सवाल किया कि वह 22 गाड़ियों के काफिले के साथ हीरो बनने क्यों गए थे, जिससे जनता को मौका मिल गया। लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस पूरी घटना के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया, इसे एक सांसद, जनता और लोकतंत्र पर हमला बताया। उन्होंने इसे भाजपा की बदले की राजनीति का घिनौना रूप करार देते हुए केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार से दोषियों पर तत्काल कार्रवाई करने और जन-प्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि हिंसा का सहारा नहीं लेना चाहिए, लेकिन बंगाल में टीएमसी ने जो संस्कृति बनाई है, अब वे खुद उसी के शिकार हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जो गुंडागर्दी टीएमसी करती थी, वही अब भाजपा कर रही है, और यह सब बंद होना चाहिए। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर डर और धमकी का माहौल बनाने का आरोप लगाया, यह कहते हुए कि जहाँ-जहाँ भाजपा सत्ता में आती है, वहाँ डर और हिंसा हावी हो जाते हैं। राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने हमले की कड़ी निंदा की और आरोप लगाया कि भाजपा कथनी और करनी दोनों में हिंसा का प्रतीक है, और यह हमला दर्शाता है कि भाजपा असामाजिक तत्वों से भरी हुई है जो सनातन धर्म से दूर हैं। इस घटनाक्रम के दौरान कई महिलाएँ घरों से बाहर आईं और अभिषेक बनर्जी के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने आरजीकार मेडिकल कॉलेज की घटना को लेकर बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया, यह आरोप लगाते हुए कि उन्होंने बलात्कारियों का साथ दिया, जबकि पूरा देश पीड़िता के साथ खड़ा था। पीएमओ में काम कर चुके कंचन गुप्ता ने अभिषेक बनर्जी के एक पुराने भाषण का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को चुनौती देते हुए कहा था, "पिछली बार मैंने तुम्हें (भाजपा मतदाताओं को) छोड़ दिया था, इस बार मैं तुमसे निपटने की पूरी जिम्मेदारी लूंगा। 4 मई के बाद मैं देखूंगा कि दिल्ली से तुम्हारा कौन बाप तुम्हें बचाने आता है। मैं देखूंगा कि दिल्ली से कौन सा गॉडफादर तुम्हारी मदद के लिए आता है... मैं अमित शाह को चुनौती देता हूं... अगर हिम्मत है और अगर तुम सचमुच अपने बाप के बेटे हो तो नतीजे आने के बाद बंगाल में मौजूद रहना। मैं देखना चाहता हूं कि तुम कितने बड़े गुंडे हो।"

5 hrs ago
user_Naresh Bajaj
Naresh Bajaj
पत्रकार कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
5 hrs ago
fb723c92-366e-4c22-ad0e-cc0a1af0c44b

पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में शनिवार को हुई हिंसा के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है, जहाँ सुरक्षा बलों की मौजूदगी में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमला हुआ और उन पर पत्थर व चप्पल फेंके गए। इस घटना के बाद सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को नोटिस जारी कर 1 जून को दोपहर 12 बजे पश्चिम बंगाल पुलिस मुख्यालय, भबानी भवन स्थित अपने कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले पर गहरा आश्चर्य व्यक्त किया। उन्होंने अस्पताल में उनके इलाज के दौरान की सुरक्षा व्यवस्था और परिस्थितियों पर सवाल उठाए, यह कहते हुए कि राजनीतिक लड़ाई के लिए हिंसा का सहारा नहीं लेना चाहिए और वह किसी से डरने वाली नहीं हैं। ममता बनर्जी ने डॉक्टरों की शुरुआती रिपोर्ट पर भी संदेह जताया, जिसमें अभिषेक को मामूली चोटें बताई गई थीं। उन्होंने दावा किया कि उनके पारिवारिक डॉक्टर के अनुसार, अभिषेक को ऑक्सीजन सपोर्ट की आवश्यकता है और उनकी आँखों में भी समस्या है, क्योंकि उनके पहले आठ ऑपरेशन हो चुके हैं। बनर्जी ने चेतावनी दी कि यदि अभिषेक को कुछ होता है, तो वह सीधे तौर पर डॉक्टरों और संबंधित अस्पतालों को जिम्मेदार ठहराएंगी। उन्होंने भाजपा पर अमानवीय और क्रूर होने का आरोप लगाते हुए कहा कि सीपीएम के 35 साल के शासनकाल में भी ऐसा कुछ नहीं हुआ था, और अब तो लोगों को इलाज भी नहीं मिल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उन्हें फोन कर मदद की पेशकश की और कहा कि अगर इलाज नहीं मिल रहा है तो वह अभिषेक को हैदराबाद शिफ्ट करवा सकते हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को गलत ठहराते हुए कहा कि किसी को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। हालाँकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि जनता पिछले 15 सालों से उत्पीड़न सह रही है और उनका गुस्सा कहीं न कहीं तो निकलना ही था। घोष ने अभिषेक बनर्जी को चुनावी परिणामों के मद्देनजर स्थिति समझने की सलाह दी और सवाल किया कि वह 22 गाड़ियों के काफिले के साथ हीरो बनने क्यों गए थे, जिससे जनता को मौका मिल गया। लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस पूरी घटना के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया, इसे एक सांसद, जनता और लोकतंत्र पर हमला बताया। उन्होंने इसे भाजपा की बदले की राजनीति का घिनौना रूप करार देते हुए केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार से दोषियों पर तत्काल कार्रवाई करने और जन-प्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि हिंसा का सहारा नहीं लेना चाहिए, लेकिन बंगाल में टीएमसी ने जो संस्कृति बनाई है, अब वे खुद उसी के शिकार हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जो गुंडागर्दी टीएमसी करती थी, वही अब भाजपा कर रही है, और यह सब बंद होना चाहिए। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर डर और धमकी का माहौल बनाने का आरोप लगाया, यह कहते हुए कि जहाँ-जहाँ भाजपा सत्ता में आती है, वहाँ डर और हिंसा हावी हो जाते हैं। राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने हमले की कड़ी निंदा की और आरोप लगाया कि भाजपा कथनी और करनी दोनों में हिंसा का प्रतीक है, और यह हमला दर्शाता है कि भाजपा असामाजिक तत्वों से भरी हुई है जो सनातन धर्म से दूर हैं। इस घटनाक्रम के दौरान कई महिलाएँ घरों से बाहर आईं और अभिषेक बनर्जी के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने आरजीकार मेडिकल कॉलेज की घटना को लेकर बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया, यह आरोप लगाते हुए कि उन्होंने बलात्कारियों का साथ दिया, जबकि पूरा देश पीड़िता के साथ खड़ा था। पीएमओ में काम कर चुके कंचन गुप्ता ने अभिषेक बनर्जी के एक पुराने भाषण का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को चुनौती देते हुए कहा था, "पिछली बार मैंने तुम्हें (भाजपा मतदाताओं को) छोड़ दिया था, इस बार मैं तुमसे निपटने की पूरी जिम्मेदारी लूंगा। 4 मई के बाद मैं देखूंगा कि दिल्ली से तुम्हारा कौन बाप तुम्हें बचाने आता है। मैं देखूंगा कि दिल्ली से कौन सा गॉडफादर तुम्हारी मदद के लिए आता है... मैं अमित शाह को चुनौती देता हूं... अगर हिम्मत है और अगर तुम सचमुच अपने बाप के बेटे हो तो नतीजे आने के बाद बंगाल में मौजूद रहना। मैं देखना चाहता हूं कि तुम कितने बड़े गुंडे हो।"

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • उत्तराखंड में जोशीमठ के पास बद्रीनाथ यात्रा मार्ग पर कई किलोमीटर लंबा और हैरान कर देने वाला भीषण ट्रैफिक जाम देखा गया है। यात्रा में अत्यधिक भीड़ के कारण लोग कई-कई घंटों तक धूप में फंसे रहे। बार-बार यह सलाह दी जाती है कि मई-जून के पीक सीज़न में, खासकर वीकेंड पर, पहाड़ों पर जाने से बचना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि पहाड़ों पर पर्याप्त सुविधाएं नहीं होतीं और रास्ते भर दुकानों पर पीने का पानी या भोजन सामग्री जैसी चीजें हर जगह उपलब्ध नहीं होतीं। जाम में फंसने पर गाड़ी को वापस मोड़ना भी संभव नहीं होता। इसके बावजूद, लोग इन चेतावनियों को मानने को तैयार नहीं होते और पढ़े-लिखे तथा समझदार होने के बाद भी, खासकर शनिवार और रविवार को, बिना सोचे-समझे निकल पड़ते हैं। फिर जब वे घंटों जाम में फंसे रहते हैं, तो व्यवस्थाओं और सिस्टम को दोष देते हैं।
    1
    उत्तराखंड में जोशीमठ के पास बद्रीनाथ यात्रा मार्ग पर कई किलोमीटर लंबा और हैरान कर देने वाला भीषण ट्रैफिक जाम देखा गया है। यात्रा में अत्यधिक भीड़ के कारण लोग कई-कई घंटों तक धूप में फंसे रहे।

बार-बार यह सलाह दी जाती है कि मई-जून के पीक सीज़न में, खासकर वीकेंड पर, पहाड़ों पर जाने से बचना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि पहाड़ों पर पर्याप्त सुविधाएं नहीं होतीं और रास्ते भर दुकानों पर पीने का पानी या भोजन सामग्री जैसी चीजें हर जगह उपलब्ध नहीं होतीं। जाम में फंसने पर गाड़ी को वापस मोड़ना भी संभव नहीं होता। इसके बावजूद, लोग इन चेतावनियों को मानने को तैयार नहीं होते और पढ़े-लिखे तथा समझदार होने के बाद भी, खासकर शनिवार और रविवार को, बिना सोचे-समझे निकल पड़ते हैं। फिर जब वे घंटों जाम में फंसे रहते हैं, तो व्यवस्थाओं और सिस्टम को दोष देते हैं।
    user_Naresh Bajaj
    Naresh Bajaj
    पत्रकार कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • कटनी में जायन्ट्स ग्रुप ऑफ कटनी सहेली एवं जायन्ट्स वेलफेयर फाउंडेशन ने मंगलवार को माधव नगर गेट के सामने स्थित बजरंगबली जी मंदिर में विशाल मां भंडारा और शरबत वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया। भीषण गर्मी और लगभग 42 डिग्री सेल्सियस तापमान के बावजूद, संगठन के सदस्यों और महिला शक्ति ने पूरे उत्साह, अनुशासन तथा सेवा भावना के साथ इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक रूप दिया, जिससे यह सेवा, समर्पण और संगठन शक्ति का अद्भुत संगम बन गया। इस दौरान, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान बजरंगबली के दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में कटनी जिले के समाजसेवी बसंती यादव, शिवराज गोस्वामी, राजेंद्र शर्मा, देशराज, बालकिशन नामदेव, बसंत भैया के बेटे सहित सैकड़ों की संख्या में महिला मित्र मंडली, ग्रुप के सदस्य एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। महिला शक्ति का योगदान विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहा, जहाँ ग्रुप की अध्यक्ष और महिला सदस्यों ने तपती धूप में श्रद्धालुओं को शरबत वितरित कर मानव सेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की। उन्होंने पूरी व्यवस्था को कुशलतापूर्वक संभालते हुए यह प्रमाणित किया कि समाज सेवा, धार्मिक आस्था और संगठन को मजबूत बनाने में महिला शक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से गूंजता रहा और श्रद्धालुओं के लिए मां भंडारे तथा शरबत वितरण की सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई, जिसकी स्थानीय नागरिकों ने जमकर सराहना की। आयोजकों ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य मानव सेवा, सामाजिक एकता, धार्मिक आस्था और संगठन को और अधिक मजबूत बनाना था। कार्यक्रम के अंत में, सभी सदस्यों ने भगवान बजरंगबली से क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की, और यह सेवा, सहयोग तथा सामाजिक समर्पण की भावना से आयोजित कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जो लोगों के लिए प्रेरणा का केंद्र बना।
    4
    कटनी में जायन्ट्स ग्रुप ऑफ कटनी सहेली एवं जायन्ट्स वेलफेयर फाउंडेशन ने मंगलवार को माधव नगर गेट के सामने स्थित बजरंगबली जी मंदिर में विशाल मां भंडारा और शरबत वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया। भीषण गर्मी और लगभग 42 डिग्री सेल्सियस तापमान के बावजूद, संगठन के सदस्यों और महिला शक्ति ने पूरे उत्साह, अनुशासन तथा सेवा भावना के साथ इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक रूप दिया, जिससे यह सेवा, समर्पण और संगठन शक्ति का अद्भुत संगम बन गया।

इस दौरान, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान बजरंगबली के दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में कटनी जिले के समाजसेवी बसंती यादव, शिवराज गोस्वामी, राजेंद्र शर्मा, देशराज, बालकिशन नामदेव, बसंत भैया के बेटे सहित सैकड़ों की संख्या में महिला मित्र मंडली, ग्रुप के सदस्य एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। महिला शक्ति का योगदान विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहा, जहाँ ग्रुप की अध्यक्ष और महिला सदस्यों ने तपती धूप में श्रद्धालुओं को शरबत वितरित कर मानव सेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की। उन्होंने पूरी व्यवस्था को कुशलतापूर्वक संभालते हुए यह प्रमाणित किया कि समाज सेवा, धार्मिक आस्था और संगठन को मजबूत बनाने में महिला शक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से गूंजता रहा और श्रद्धालुओं के लिए मां भंडारे तथा शरबत वितरण की सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई, जिसकी स्थानीय नागरिकों ने जमकर सराहना की। आयोजकों ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य मानव सेवा, सामाजिक एकता, धार्मिक आस्था और संगठन को और अधिक मजबूत बनाना था। कार्यक्रम के अंत में, सभी सदस्यों ने भगवान बजरंगबली से क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की, और यह सेवा, सहयोग तथा सामाजिक समर्पण की भावना से आयोजित कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जो लोगों के लिए प्रेरणा का केंद्र बना।
    user_Balkishan Namdev
    Balkishan Namdev
    Electrician कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • कटनी जिले के बहोरीबंद तहसील क्षेत्र के ग्राम अमाड़ी में आंगनवाड़ी भवन वर्षों से बेहद जर्जर हालत में पड़ा हुआ है। भवन की दीवारें जगह-जगह से दरक चुकी हैं और छत का प्लास्टर गिर रहा है, जिसके कारण कभी भी कोई बड़ा और गंभीर हादसा होने की आशंका बनी हुई है। भवन के असुरक्षित होने की वजह से, छोटे बच्चों को तेज धूप और मौसम की मार के बीच खुले आसमान के नीचे ही पढ़ाई करनी पड़ रही है और वहीं पोषण आहार लेना भी पड़ रहा है। यहां तक कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी बच्चों को पेड़ों की छांव में या खुले मैदान में संभालने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर स्थिति को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन महिला एवं बाल विकास विभाग और स्थानीय प्रशासन ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। अभिभावकों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों की यह मांग है कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल्द ही एक नया आंगनवाड़ी भवन बनाया जाए या फिर इस जर्जर भवन का तत्काल पुनर्निर्माण कराया जाए।
    1
    कटनी जिले के बहोरीबंद तहसील क्षेत्र के ग्राम अमाड़ी में आंगनवाड़ी भवन वर्षों से बेहद जर्जर हालत में पड़ा हुआ है। भवन की दीवारें जगह-जगह से दरक चुकी हैं और छत का प्लास्टर गिर रहा है, जिसके कारण कभी भी कोई बड़ा और गंभीर हादसा होने की आशंका बनी हुई है।

भवन के असुरक्षित होने की वजह से, छोटे बच्चों को तेज धूप और मौसम की मार के बीच खुले आसमान के नीचे ही पढ़ाई करनी पड़ रही है और वहीं पोषण आहार लेना भी पड़ रहा है। यहां तक कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी बच्चों को पेड़ों की छांव में या खुले मैदान में संभालने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर स्थिति को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन महिला एवं बाल विकास विभाग और स्थानीय प्रशासन ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। अभिभावकों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों की यह मांग है कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल्द ही एक नया आंगनवाड़ी भवन बनाया जाए या फिर इस जर्जर भवन का तत्काल पुनर्निर्माण कराया जाए।
    user_Koushal tiwari
    Koushal tiwari
    Carpenter Bahoriband, Katni•
    21 hrs ago
  • मैहर में तेज आंधी और बारिश के कारण मौसम खराब होने के मद्देनज़र, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए अस्थायी रूप से बंद की गई माँ शारदा मंदिर की रोपवे सेवा को अब पुनः शुरू कर दिया गया है। मौसम सामान्य होने और स्थिति सुरक्षित पाए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया। इसके साथ ही, अब दर्शनार्थी पहले की तरह रोपवे के माध्यम से मंदिर पहुंचकर माँ शारदा के दर्शन कर सकते हैं। प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से मौसम संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
    1
    मैहर में तेज आंधी और बारिश के कारण मौसम खराब होने के मद्देनज़र, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए अस्थायी रूप से बंद की गई माँ शारदा मंदिर की रोपवे सेवा को अब पुनः शुरू कर दिया गया है। मौसम सामान्य होने और स्थिति सुरक्षित पाए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया। इसके साथ ही, अब दर्शनार्थी पहले की तरह रोपवे के माध्यम से मंदिर पहुंचकर माँ शारदा के दर्शन कर सकते हैं। प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से मौसम संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
    user_Deepak Tiwari (Sonu)
    Deepak Tiwari (Sonu)
    Salesperson मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    40 min ago
  • जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी के आज, रविवार, 31 मई 2026 को प्रातः काल के श्रृंगार दर्शन हुए। इस अवसर पर भक्तों ने 'जय हो माई की' का जयघोष किया।
    2
    जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी के आज, रविवार, 31 मई 2026 को प्रातः काल के श्रृंगार दर्शन हुए। इस अवसर पर भक्तों ने 'जय हो माई की' का जयघोष किया।
    user_Satyanarayan tiwari
    Satyanarayan tiwari
    Local News Reporter मैहर•
    4 hrs ago
  • जिला कलेक्टर के निर्देश पर एक वार्डन को शो काज नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर के सीधे आदेश पर की गई।
    1
    जिला कलेक्टर के निर्देश पर एक वार्डन को शो काज नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर के सीधे आदेश पर की गई।
    user_Ankur Pandey
    Ankur Pandey
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • चंद घंटों के एक अबोध बच्चे के सामने ही उसकी माँ का गला रेतकर उसे तड़प-तड़पकर मरने के लिए छोड़ दिया गया। वह मासूम बच्चा, जो केवल अपनी माँ को ही जानता है और उसी का दूध पीकर अपना पेट भरता है, असहाय होकर अपनी तड़पती माँ को 'माँ-माँ' कहकर पुकारता रहा, जबकि माँ की जान तड़प-तड़पकर निकल रही थी। इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए सवाल उठाया गया है कि यह कैसी निर्दयता है और यह कैसा त्योहार है, जहाँ गर्दनें काटकर जश्न मनाया जा रहा है।
    1
    चंद घंटों के एक अबोध बच्चे के सामने ही उसकी माँ का गला रेतकर उसे तड़प-तड़पकर मरने के लिए छोड़ दिया गया। वह मासूम बच्चा, जो केवल अपनी माँ को ही जानता है और उसी का दूध पीकर अपना पेट भरता है, असहाय होकर अपनी तड़पती माँ को 'माँ-माँ' कहकर पुकारता रहा, जबकि माँ की जान तड़प-तड़पकर निकल रही थी। इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए सवाल उठाया गया है कि यह कैसी निर्दयता है और यह कैसा त्योहार है, जहाँ गर्दनें काटकर जश्न मनाया जा रहा है।
    user_Naresh Bajaj
    Naresh Bajaj
    पत्रकार कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • पूरा पटेल समाज मनीष पटेल के लिए न्याय की मांग कर रहा है। उनकी स्पष्ट चेतावनी है कि यदि मनीष पटेल को न्याय नहीं मिलता है, तो 'शुद्ध प्रदेश' में शासन-प्रशासन पर से जनता का भरोसा उठ जाएगा। समाज का कहना है कि जातिवाद के आधार पर एफ.आई.आर. दर्ज की जा रही हैं, जिसके खिलाफ आवाज उठाई गई है। पटेल समाज ने दृढ़ संकल्प लिया है कि जब तक मनीष पटेल को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे। इस मांग के समर्थन में "पटेल एकता जिंदाबाद जिंदाबाद जय सरदार पटेल" के नारे भी लगाए गए हैं।
    1
    पूरा पटेल समाज मनीष पटेल के लिए न्याय की मांग कर रहा है। उनकी स्पष्ट चेतावनी है कि यदि मनीष पटेल को न्याय नहीं मिलता है, तो 'शुद्ध प्रदेश' में शासन-प्रशासन पर से जनता का भरोसा उठ जाएगा।

समाज का कहना है कि जातिवाद के आधार पर एफ.आई.आर. दर्ज की जा रही हैं, जिसके खिलाफ आवाज उठाई गई है। पटेल समाज ने दृढ़ संकल्प लिया है कि जब तक मनीष पटेल को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे। इस मांग के समर्थन में "पटेल एकता जिंदाबाद जिंदाबाद जय सरदार पटेल" के नारे भी लगाए गए हैं।
    user_Aman Kumar Patel
    Aman Kumar Patel
    Farmer बरही, कटनी, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.