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पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र गर्ग ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के हिमाचल दौरे के दौरान कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी को उनकी राजनीतिक हताशा का परिचायक बताया है। गर्ग ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जनता को गुमराह करने के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत कर रही है, जबकि नड्डा के प्रयासों से हिमाचल प्रदेश, विशेषकर बिलासपुर जिला को कई ऐतिहासिक विकास परियोजनाएं मिली हैं। उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एम्स बिलासपुर, फोरलेन परियोजनाएं, रेलवे विस्तार तथा स्वास्थ्य एवं आधारभूत ढांचे से जुड़े अनेक बड़े प्रकल्प जगत प्रकाश नड्डा की ही देन हैं। गर्ग ने इन परियोजनाओं को बिलासपुर और पूरे हिमाचल प्रदेश के विकास की नई दिशा देने वाला बताया। उन्होंने कांग्रेस के मंत्रियों द्वारा मेडिकल कॉलेज और आईआईटी को यूपीए सरकार की देन बताने वाले बयानों को तथ्यहीन और भ्रामक करार दिया, साथ ही तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी के बयानों को भी तथ्यों से परे बताया। गर्ग ने जोर देकर कहा कि घुमारवीं का 100 बिस्तरों वाला सिविल अस्पताल भी नड्डा के स्वास्थ्य क्षेत्र की जिम्मेदारी संभालने के दौरान ही अस्तित्व में आया और विकसित हुआ, जिससे हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलीं। पूर्व मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए कभी धन की कमी नहीं आने दी, लेकिन कांग्रेस सरकार उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है और सरकार के अपने नेता ही उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस सरकार जनहित के मुद्दों पर पूरी तरह असफल साबित हुई है। पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए गर्ग ने दावा किया कि बिलासपुर जिला में कांग्रेस का जनाधार तेजी से सिमट रहा है। उन्होंने बताया कि जिला परिषद की एक भी सीट कांग्रेस नहीं जीत सकी, और कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों को कई स्थानों पर करारी हार का सामना करना पड़ा। गर्ग के अनुसार, प्रधान, उपप्रधान और बीडीसी सदस्य पदों पर लगभग 80 प्रतिशत स्थानों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज कर जनता का विश्वास प्राप्त किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि पंचायती राज चुनावों के नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार की नीतियों से संतुष्ट नहीं है और जनता भाजपा की विकासोन्मुखी नीतियों के साथ खड़ी है। गर्ग ने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी, क्योंकि प्रदेश की जनता विकास, पारदर्शिता और जवाबदेही चाहती है, और कांग्रेस सरकार इन सभी मोर्चों पर विफल रही है। उन्होंने अंत में कहा कि कांग्रेस नेताओं की लगातार बढ़ती बयानबाजी इस बात का प्रमाण है कि पार्टी अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख बौखला गई है, और जनता अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि विकास के ठोस परिणाम देखना चाहती है, जिसका जवाब वह आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से देगी। इस अवसर पर मीडिया प्रभारी महेंद्र पाल रतवान, नवीन शर्मा जिला महामंत्री, पंकज चंदेल और सुरेन्द्र शर्मा उपस्थित रहे।

15 hrs ago
user_रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
Local News Reporter घुमारवीं, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
15 hrs ago

पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र गर्ग ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के हिमाचल दौरे के दौरान कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी को उनकी राजनीतिक हताशा का परिचायक बताया है। गर्ग ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जनता को गुमराह करने के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत कर रही है, जबकि नड्डा के प्रयासों से हिमाचल प्रदेश, विशेषकर बिलासपुर जिला को कई ऐतिहासिक विकास परियोजनाएं मिली हैं। उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एम्स बिलासपुर, फोरलेन परियोजनाएं, रेलवे विस्तार तथा स्वास्थ्य एवं आधारभूत ढांचे से जुड़े अनेक बड़े प्रकल्प जगत प्रकाश नड्डा की ही देन हैं। गर्ग ने इन परियोजनाओं को बिलासपुर और पूरे हिमाचल प्रदेश के विकास की नई दिशा देने वाला बताया। उन्होंने कांग्रेस के मंत्रियों द्वारा मेडिकल कॉलेज और आईआईटी को यूपीए सरकार की देन बताने वाले बयानों को तथ्यहीन और भ्रामक करार दिया, साथ ही तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी के बयानों को भी तथ्यों से परे बताया। गर्ग ने जोर देकर कहा कि घुमारवीं का 100 बिस्तरों वाला सिविल अस्पताल भी नड्डा के स्वास्थ्य क्षेत्र की जिम्मेदारी संभालने के दौरान ही अस्तित्व में आया और विकसित हुआ, जिससे हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलीं। पूर्व मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए कभी धन की कमी नहीं आने दी, लेकिन कांग्रेस सरकार उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है और सरकार के अपने नेता ही उसकी कार्यप्रणाली

पर सवाल उठा रहे हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस सरकार जनहित के मुद्दों पर पूरी तरह असफल साबित हुई है। पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए गर्ग ने दावा किया कि बिलासपुर जिला में कांग्रेस का जनाधार तेजी से सिमट रहा है। उन्होंने बताया कि जिला परिषद की एक भी सीट कांग्रेस नहीं जीत सकी, और कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों को कई स्थानों पर करारी हार का सामना करना पड़ा। गर्ग के अनुसार, प्रधान, उपप्रधान और बीडीसी सदस्य पदों पर लगभग 80 प्रतिशत स्थानों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज कर जनता का विश्वास प्राप्त किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि पंचायती राज चुनावों के नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार की नीतियों से संतुष्ट नहीं है और जनता भाजपा की विकासोन्मुखी नीतियों के साथ खड़ी है। गर्ग ने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी, क्योंकि प्रदेश की जनता विकास, पारदर्शिता और जवाबदेही चाहती है, और कांग्रेस सरकार इन सभी मोर्चों पर विफल रही है। उन्होंने अंत में कहा कि कांग्रेस नेताओं की लगातार बढ़ती बयानबाजी इस बात का प्रमाण है कि पार्टी अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख बौखला गई है, और जनता अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि विकास के ठोस परिणाम देखना चाहती है, जिसका जवाब वह आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से देगी। इस अवसर पर मीडिया प्रभारी महेंद्र पाल रतवान, नवीन शर्मा जिला महामंत्री, पंकज चंदेल और सुरेन्द्र शर्मा उपस्थित रहे।

More news from Bilaspur and nearby areas
  • बिलासपुर जिले के नम्होल जिला परिषद वार्ड से जिला परिषद प्रत्याशी रहीं अधिवक्ता मधु ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि वह आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा प्रयासरत रहेंगी।
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    बिलासपुर जिले के नम्होल जिला परिषद वार्ड से जिला परिषद प्रत्याशी रहीं अधिवक्ता मधु ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि वह आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा प्रयासरत रहेंगी।
    user_North India bulletin
    North India bulletin
    Jhanduta, Bilaspur•
    17 hrs ago
  • har har Mahadev 🌹🌹🌹 Har Har Mahadev 🌹🌹🌹 Jay shiv shankar
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    har har Mahadev 🌹🌹🌹 Har Har Mahadev 🌹🌹🌹 Jay shiv shankar
    user_Dinesh Kumar
    Dinesh Kumar
    Farmer भोटा, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    7 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में स्थित भटवाड़ा गांव आजादी के इतने दशकों बाद भी मूलभूत सड़क सुविधा से वंचित है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने बदतर हैं कि मरीजों को आज भी चारपाई पर लादकर ले जाने की मजबूरी बनी हुई है। यह स्थिति तब है जब केवल 1 किलोमीटर सड़क बनने से लोगों को 15 किलोमीटर की दुर्गम यात्रा का दर्द झेलने से मुक्ति मिल सकती है, जिसे देखकर किसी की भी आंखें फटी रह जाएंगी।
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    हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में स्थित भटवाड़ा गांव आजादी के इतने दशकों बाद भी मूलभूत सड़क सुविधा से वंचित है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने बदतर हैं कि मरीजों को आज भी चारपाई पर लादकर ले जाने की मजबूरी बनी हुई है। यह स्थिति तब है जब केवल 1 किलोमीटर सड़क बनने से लोगों को 15 किलोमीटर की दुर्गम यात्रा का दर्द झेलने से मुक्ति मिल सकती है, जिसे देखकर किसी की भी आंखें फटी रह जाएंगी।
    user_BHK News Himachal
    BHK News Himachal
    Local News Reporter Rewalsar, Mandi•
    17 hrs ago
  • पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र कंवर ने दावा किया है कि जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के कार्यकाल में कुटलैहड़ क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए गए थे। उन्होंने बताया कि बंगाणा अस्पताल को सिविल अस्पताल का दर्जा दिलाना और थानाकला अस्पताल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के रूप में विकसित करना भाजपा सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रहा है। कंवर ने आरोप लगाया कि वर्ष 2022 में हिमाचल प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से विकास कार्यों की गति धीमी पड़ गई है। वीरेंद्र कंवर ने जोर देकर कहा कि तत्कालीन सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना था, ताकि लोगों को उपचार के लिए जिला मुख्यालयों या बड़े शहरों की ओर न जाना पड़े। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य ढांचे को योजनाबद्ध तरीके से मजबूत किया गया था और कुटलैहड़ क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई थी। केवल भवन निर्माण ही नहीं, बल्कि डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य कर्मचारियों की पर्याप्त नियुक्तियों पर भी विशेष ध्यान दिया गया था, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास किया गया। बंगाणा सिविल अस्पताल में बेहतर ऑपरेशन थियेटर (ओटी), अल्ट्रासाउंड सुविधा, कैंटीन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं सहित आधुनिक सुविधाएं स्थापित करने की योजना थी। कंवर के अनुसार, बंगाणा अस्पताल के भवनों और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर लगभग आठ करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जा रही थी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी शहरी जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना था। उन्होंने दावा किया कि उस समय स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाती थी और जनता में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास बढ़ा था। वीरेंद्र कंवर ने आरोप लगाया कि सत्ता परिवर्तन के बाद, भाजपा सरकार के समय जो कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहे थे, वे अब कछुआ चाल से चल रहे हैं। उनके कैबिनेट मंत्री रहते हुए कुटलैहड़ क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए अनेक योजनाएं स्वीकृत हुई थीं, लेकिन वर्तमान समय में उन योजनाओं पर अपेक्षित गति से कार्य नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि कई स्वीकृत कार्यों के लिए धनराशि भी अभी तक पूरी तरह खर्च नहीं हो पाई है, जिससे जनता को मिलने वाले लाभ में देरी हो रही है। कंवर ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का सीधा संबंध आम जनता की जिंदगी से होता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि कुटलैहड़ क्षेत्र में लंबित स्वास्थ्य परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि लोगों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।
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    पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र कंवर ने दावा किया है कि जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के कार्यकाल में कुटलैहड़ क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए गए थे। उन्होंने बताया कि बंगाणा अस्पताल को सिविल अस्पताल का दर्जा दिलाना और थानाकला अस्पताल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के रूप में विकसित करना भाजपा सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रहा है। कंवर ने आरोप लगाया कि वर्ष 2022 में हिमाचल प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से विकास कार्यों की गति धीमी पड़ गई है।

वीरेंद्र कंवर ने जोर देकर कहा कि तत्कालीन सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना था, ताकि लोगों को उपचार के लिए जिला मुख्यालयों या बड़े शहरों की ओर न जाना पड़े। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य ढांचे को योजनाबद्ध तरीके से मजबूत किया गया था और कुटलैहड़ क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई थी। केवल भवन निर्माण ही नहीं, बल्कि डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य कर्मचारियों की पर्याप्त नियुक्तियों पर भी विशेष ध्यान दिया गया था, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास किया गया। बंगाणा सिविल अस्पताल में बेहतर ऑपरेशन थियेटर (ओटी), अल्ट्रासाउंड सुविधा, कैंटीन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं सहित आधुनिक सुविधाएं स्थापित करने की योजना थी। कंवर के अनुसार, बंगाणा अस्पताल के भवनों और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर लगभग आठ करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जा रही थी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी शहरी जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना था। उन्होंने दावा किया कि उस समय स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाती थी और जनता में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास बढ़ा था।

वीरेंद्र कंवर ने आरोप लगाया कि सत्ता परिवर्तन के बाद, भाजपा सरकार के समय जो कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहे थे, वे अब कछुआ चाल से चल रहे हैं। उनके कैबिनेट मंत्री रहते हुए कुटलैहड़ क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए अनेक योजनाएं स्वीकृत हुई थीं, लेकिन वर्तमान समय में उन योजनाओं पर अपेक्षित गति से कार्य नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि कई स्वीकृत कार्यों के लिए धनराशि भी अभी तक पूरी तरह खर्च नहीं हो पाई है, जिससे जनता को मिलने वाले लाभ में देरी हो रही है। कंवर ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का सीधा संबंध आम जनता की जिंदगी से होता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि कुटलैहड़ क्षेत्र में लंबित स्वास्थ्य परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि लोगों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।
    user_Abhishek Kumar Bhatia
    Abhishek Kumar Bhatia
    Local News Reporter बंगाना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    7 hrs ago
  • अजौली गांव के वार्ड नंबर 5 में जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण स्थानीय निवासियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में लगी पानी की पाइपें लंबे समय से जाम पड़ी हैं, जिसके चलते गंदा पानी सड़कों पर और आसपास के खेतों में जमा हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया है कि खेतों में गंदा पानी भर जाने से फसलों को भारी नुकसान पहुंच रहा है और खेती करना मुश्किल होता जा रहा है। इसके साथ ही, गंदे पानी के जमाव से बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों में चिंता का माहौल व्याप्त है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जाम पड़ी पाइपों की सफाई करवाकर जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि उन्हें इस परेशानी से निजात मिल सके। ग्रामीणों ने यह भी उल्लेख किया कि क्षेत्र में सड़क निर्माण का कार्य प्रस्तावित है, लेकिन इसकी शुरुआत की तिथि अभी स्पष्ट नहीं है। गांववासियों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग उनकी समस्या का तुरंत समाधान करेगा।
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    अजौली गांव के वार्ड नंबर 5 में जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण स्थानीय निवासियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में लगी पानी की पाइपें लंबे समय से जाम पड़ी हैं, जिसके चलते गंदा पानी सड़कों पर और आसपास के खेतों में जमा हो रहा है।

ग्रामीणों ने बताया है कि खेतों में गंदा पानी भर जाने से फसलों को भारी नुकसान पहुंच रहा है और खेती करना मुश्किल होता जा रहा है। इसके साथ ही, गंदे पानी के जमाव से बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों में चिंता का माहौल व्याप्त है।

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जाम पड़ी पाइपों की सफाई करवाकर जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि उन्हें इस परेशानी से निजात मिल सके। ग्रामीणों ने यह भी उल्लेख किया कि क्षेत्र में सड़क निर्माण का कार्य प्रस्तावित है, लेकिन इसकी शुरुआत की तिथि अभी स्पष्ट नहीं है। गांववासियों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग उनकी समस्या का तुरंत समाधान करेगा।
    user_Himachal Punjab News
    Himachal Punjab News
    Local News Reporter मेहटपुर, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    14 hrs ago
  • कांग्रेस नेता विवेक कटोच ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कटोच के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के अपने दौरे के दौरान नड्डा को प्रदेश की जमीनी हकीकत का पूरी तरह से एहसास हो गया है। उन्हें यह स्पष्ट हो गया है कि वर्ष 2027 में हिमाचल की जनता एक बार फिर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व पर विश्वास जताने जा रही है और कांग्रेस सरकार को दोबारा सत्ता सौंपेगी। विवेक कटोच ने बलपूर्वक कहा कि नड्डा ने स्वयं देखा है कि केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए कठोर आर्थिक प्रतिबंधों, वित्तीय दबाव और पिछली भाजपा सरकार की तुलना में लगभग 60 हजार करोड़ रुपये कम संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद सुक्खू सरकार जनहित के कार्यों को निरंतर प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने दावा किया कि सीमित संसाधनों के बावजूद प्रदेश सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण विकास तथा कल्याणकारी योजनाओं के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव ला रही है। लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों से किया गया वादा निभाते हुए पुरानी पेंशन योजना लागू की गई है, जिससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर पेंशन का लाभ मिल रहा है, और वर्तमान कर्मचारियों को भी नियमित रूप से वेतन प्रदान किया जा रहा है। सरकार ने आर्थिक चुनौतियों के बावजूद कर्मचारी हितों और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। कटोच ने आगे कहा कि नड्डा ने यह भी महसूस किया होगा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कार्यशैली और जनहितकारी नीतियों से समाज का प्रत्येक वर्ग — जिसमें किसान, मजदूर, कर्मचारी, महिलाएं, युवा और बुजुर्ग शामिल हैं — पूरी तरह संतुष्ट है। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि नड्डा को यह भी समझ आ गया होगा कि हिमाचल भाजपा का एक गुट लगातार दिल्ली नेतृत्व को प्रदेश की वास्तविक स्थिति से दूर रखता रहा है, और जनादेश के साथ राजनीतिक सौदेबाजी करने वाले लोग उन्हें भ्रमित करते रहे हैं। लेकिन अब जब नड्डा ने स्वयं प्रदेश का दौरा किया और विकास कार्यों को देखा, तो उन्हें वास्तविकता का पता चल गया है। विवेक कटोच ने निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि शायद यही कारण है कि नड्डा ने सार्वजनिक रूप से कहा कि वे दिल्ली में खुश हैं। उन्हें यह आभास हो गया है कि हिमाचल प्रदेश में भाजपा के लिए राजनीतिक परिस्थितियां लगातार चुनौतीपूर्ण होती जा रही हैं, जबकि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार जनता के विश्वास को और मजबूत कर रही है। कटोच ने दोहराया कि हिमाचल की जनता विकास, पारदर्शिता और जनसेवा की राजनीति को पसंद करती है, और वर्ष 2027 में जनता एक बार फिर विकास और जनकल्याण के आधार पर अपना फैसला सुनाएगी और कांग्रेस सरकार को पुनः जनादेश देगी।
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    कांग्रेस नेता विवेक कटोच ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कटोच के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के अपने दौरे के दौरान नड्डा को प्रदेश की जमीनी हकीकत का पूरी तरह से एहसास हो गया है। उन्हें यह स्पष्ट हो गया है कि वर्ष 2027 में हिमाचल की जनता एक बार फिर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व पर विश्वास जताने जा रही है और कांग्रेस सरकार को दोबारा सत्ता सौंपेगी।

विवेक कटोच ने बलपूर्वक कहा कि नड्डा ने स्वयं देखा है कि केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए कठोर आर्थिक प्रतिबंधों, वित्तीय दबाव और पिछली भाजपा सरकार की तुलना में लगभग 60 हजार करोड़ रुपये कम संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद सुक्खू सरकार जनहित के कार्यों को निरंतर प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने दावा किया कि सीमित संसाधनों के बावजूद प्रदेश सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण विकास तथा कल्याणकारी योजनाओं के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव ला रही है। लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों से किया गया वादा निभाते हुए पुरानी पेंशन योजना लागू की गई है, जिससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर पेंशन का लाभ मिल रहा है, और वर्तमान कर्मचारियों को भी नियमित रूप से वेतन प्रदान किया जा रहा है। सरकार ने आर्थिक चुनौतियों के बावजूद कर्मचारी हितों और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

कटोच ने आगे कहा कि नड्डा ने यह भी महसूस किया होगा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कार्यशैली और जनहितकारी नीतियों से समाज का प्रत्येक वर्ग — जिसमें किसान, मजदूर, कर्मचारी, महिलाएं, युवा और बुजुर्ग शामिल हैं — पूरी तरह संतुष्ट है। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि नड्डा को यह भी समझ आ गया होगा कि हिमाचल भाजपा का एक गुट लगातार दिल्ली नेतृत्व को प्रदेश की वास्तविक स्थिति से दूर रखता रहा है, और जनादेश के साथ राजनीतिक सौदेबाजी करने वाले लोग उन्हें भ्रमित करते रहे हैं। लेकिन अब जब नड्डा ने स्वयं प्रदेश का दौरा किया और विकास कार्यों को देखा, तो उन्हें वास्तविकता का पता चल गया है।

विवेक कटोच ने निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि शायद यही कारण है कि नड्डा ने सार्वजनिक रूप से कहा कि वे दिल्ली में खुश हैं। उन्हें यह आभास हो गया है कि हिमाचल प्रदेश में भाजपा के लिए राजनीतिक परिस्थितियां लगातार चुनौतीपूर्ण होती जा रही हैं, जबकि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार जनता के विश्वास को और मजबूत कर रही है। कटोच ने दोहराया कि हिमाचल की जनता विकास, पारदर्शिता और जनसेवा की राजनीति को पसंद करती है, और वर्ष 2027 में जनता एक बार फिर विकास और जनकल्याण के आधार पर अपना फैसला सुनाएगी और कांग्रेस सरकार को पुनः जनादेश देगी।
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    20 hrs ago
  • भराड़ी में दि भराड़ी एक्स स्टुडेंट्स सोशल वेलफेयर समिति की मासिक बैठक 14 जून को आयोजित की गई, जहाँ कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से पुनर्गठन किया गया। वरिष्ठ सदस्य ठाकुर रूप सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में, प्रधान आजाद चंद वर्मा ने पुरानी कार्यकारिणी को भंग कर नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया पूरी करवाई। इस पुनर्गठन में, अधिकांश पदाधिकारियों को यथावत रखते हुए कार्यकारिणी का विस्तार किया गया, जिसमें आजाद चंद वर्मा को प्रधान, ज्ञानचंद भारद्वाज को उपप्रधान, जे.के. शर्मा को महासचिव, जनक राज शर्मा को प्रेस सचिव और जगन्नाथ शर्मा को कोषाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। प्रधान आजाद चंद वर्मा ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक लोगों से समिति से जुड़ने और जरूरतमंदों की सहायता में सहयोग करने का आह्वान किया। बैठक के दौरान, समिति ने अपने सामाजिक दायित्व को निभाते हुए लक्ष्मी देवी (भपराल) को विवाह हेतु 5,100 रुपये, प्रेमी देवी (भ्योल) को उपचार के लिए 7,000 रुपये और रतनी देवी (हरितल्यांगर) को मकान आगजनी से हुए नुकसान के लिए 7,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। इस प्रकार कुल 19,100 रुपये की सहायता राशि वितरित की गई। इसी अवसर पर, गांव मलोट के सेवानिवृत्त एसआई हेमराज शर्मा ने समिति की सदस्यता ग्रहण की, और बैठक में समिति के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
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    भराड़ी में दि भराड़ी एक्स स्टुडेंट्स सोशल वेलफेयर समिति की मासिक बैठक 14 जून को आयोजित की गई, जहाँ कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से पुनर्गठन किया गया। वरिष्ठ सदस्य ठाकुर रूप सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में, प्रधान आजाद चंद वर्मा ने पुरानी कार्यकारिणी को भंग कर नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया पूरी करवाई।

इस पुनर्गठन में, अधिकांश पदाधिकारियों को यथावत रखते हुए कार्यकारिणी का विस्तार किया गया, जिसमें आजाद चंद वर्मा को प्रधान, ज्ञानचंद भारद्वाज को उपप्रधान, जे.के. शर्मा को महासचिव, जनक राज शर्मा को प्रेस सचिव और जगन्नाथ शर्मा को कोषाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। प्रधान आजाद चंद वर्मा ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक लोगों से समिति से जुड़ने और जरूरतमंदों की सहायता में सहयोग करने का आह्वान किया।

बैठक के दौरान, समिति ने अपने सामाजिक दायित्व को निभाते हुए लक्ष्मी देवी (भपराल) को विवाह हेतु 5,100 रुपये, प्रेमी देवी (भ्योल) को उपचार के लिए 7,000 रुपये और रतनी देवी (हरितल्यांगर) को मकान आगजनी से हुए नुकसान के लिए 7,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। इस प्रकार कुल 19,100 रुपये की सहायता राशि वितरित की गई। इसी अवसर पर, गांव मलोट के सेवानिवृत्त एसआई हेमराज शर्मा ने समिति की सदस्यता ग्रहण की, और बैठक में समिति के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
    user_रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    Local News Reporter घुमारवीं, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    15 hrs ago
  • बिलासपुर जिले के घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कसारु के गांव कलोह में लगातार हुई बारिश के कारण एक परिवार की पशुशाला ढह गई। इस घटना से परिवार को आर्थिक क्षति हुई है, वहीं पशुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पीड़ित विपिन कुमार धीमान ने बताया कि शनिवार रात पशुओं को चारा देने के बाद वह घर लौट आए थे, जिसके कुछ समय बाद जोरदार आवाज सुनाई दी। बाहर जाकर देखने पर पशुशाला की दीवारें गिरी हुई पाई गईं। पशुओं को बाहर निकालने के प्रयास में परिवार की एक महिला की टांग में चोट लग गई। घटना की सूचना मिलने पर हल्का पटवारी गुरदीप ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया और अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
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    बिलासपुर जिले के घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कसारु के गांव कलोह में लगातार हुई बारिश के कारण एक परिवार की पशुशाला ढह गई। इस घटना से परिवार को आर्थिक क्षति हुई है, वहीं पशुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पीड़ित विपिन कुमार धीमान ने बताया कि शनिवार रात पशुओं को चारा देने के बाद वह घर लौट आए थे, जिसके कुछ समय बाद जोरदार आवाज सुनाई दी। बाहर जाकर देखने पर पशुशाला की दीवारें गिरी हुई पाई गईं। पशुओं को बाहर निकालने के प्रयास में परिवार की एक महिला की टांग में चोट लग गई।

घटना की सूचना मिलने पर हल्का पटवारी गुरदीप ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया और अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
    user_रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    Local News Reporter घुमारवीं, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    14 hrs ago
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