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भारत में शासन व्यवस्था के 'लूज' (ढीली या कमजोर) दिखने का मुख्य कारण जवाबदेही की कमी, जटिल और धीमी नौकरशाही (ब्यूरोक्रैसी), और कानूनों के कमजोर क्रियान्वयन जैसी व्यवस्थागत कमियां हैं। भारत की शासन प्रणाली में इस ढीलेपन के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं: 1. जिम्मेदारी का बिखराव (Lack of Accountability) शासन प्रणाली में शक्ति और जिम्मेदारी कई स्तरों पर बंटी होती है। किसी भी काम या विफलता के लिए स्पष्ट रूप से एक व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। जब कोई गलती होती है, तो विभाग एक-दूसरे पर आरोप लगाकर जिम्मेदारी से बच जाते हैं। 2. जटिल नौकरशाही और लाल फीताशाही (Bureaucratic Delays) सरकारी कामकाज में लाल फीताशाही (Red Tapism) बहुत अधिक है। LinkedIn +1 कोई भी फाइल या निर्णय दर्जनों टेबल से होकर गुजरता है, जिससे फैसलों में भारी देरी होती है। काम करने के बजाय नियमों में उलझने की प्रवृत्ति के कारण योजनाओं का क्रियान्वयन (Execution) कमजोर पड़ जाता है। LinkedIn 3. भ्रष्टाचार और कमजोर कानून का पालन ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल जैसी संस्थाओं की रिपोर्टों में भी प्रशासनिक पारदर्शिता की कमी और राजनीतिक दखलंदाजी को रेखांकित किया गया है। नियमों और कानूनों का सख्ती से पालन न होना और भ्रष्टाचार के कारण आम आदमी का व्यवस्था से भरोसा उठता है। Institute Of Peace & Conflict Studies +1 4. न्याय मिलने में देरी भारतीय न्याय प्रणाली में मुकदमों का भारी बैकलॉग (लंबित मामले) और लंबी कानूनी प्रक्रियाएं दोषियों में कानून का डर कम करती हैं।

1 hr ago
user_Ramashankar sharma
Ramashankar sharma
Communications central गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
1 hr ago

भारत में शासन व्यवस्था के 'लूज' (ढीली या कमजोर) दिखने का मुख्य कारण जवाबदेही की कमी, जटिल और धीमी नौकरशाही (ब्यूरोक्रैसी), और कानूनों के कमजोर क्रियान्वयन जैसी व्यवस्थागत कमियां हैं। भारत की शासन प्रणाली में इस ढीलेपन के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं: 1. जिम्मेदारी का बिखराव (Lack of Accountability) शासन प्रणाली में शक्ति और जिम्मेदारी कई स्तरों पर बंटी होती है। किसी भी काम या विफलता के लिए स्पष्ट रूप से एक व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। जब कोई गलती होती है, तो विभाग एक-दूसरे पर आरोप लगाकर जिम्मेदारी से बच जाते हैं। 2. जटिल नौकरशाही और लाल फीताशाही (Bureaucratic Delays) सरकारी कामकाज में लाल फीताशाही (Red Tapism) बहुत अधिक है। LinkedIn +1 कोई भी फाइल या निर्णय दर्जनों टेबल से होकर गुजरता है, जिससे फैसलों में भारी देरी होती है। काम करने के बजाय नियमों में उलझने की प्रवृत्ति के कारण योजनाओं का क्रियान्वयन (Execution) कमजोर पड़ जाता है। LinkedIn 3. भ्रष्टाचार और कमजोर कानून का पालन ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल जैसी संस्थाओं की रिपोर्टों में भी प्रशासनिक पारदर्शिता की कमी और राजनीतिक दखलंदाजी को रेखांकित किया गया है। नियमों और कानूनों का सख्ती से पालन न होना और भ्रष्टाचार के कारण आम आदमी का व्यवस्था से भरोसा उठता है। Institute Of Peace & Conflict Studies +1 4. न्याय मिलने में देरी भारतीय न्याय प्रणाली में मुकदमों का भारी बैकलॉग (लंबित मामले) और लंबी कानूनी प्रक्रियाएं दोषियों में कानून का डर कम करती हैं।

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    भारत में शासन व्यवस्था के 'लूज' (ढीली या कमजोर) दिखने का मुख्य कारण जवाबदेही की कमी, जटिल और धीमी नौकरशाही (ब्यूरोक्रैसी), और कानूनों के कमजोर क्रियान्वयन जैसी व्यवस्थागत कमियां हैं। 
भारत की शासन प्रणाली में इस ढीलेपन के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
1. जिम्मेदारी का बिखराव (Lack of Accountability)
शासन प्रणाली में शक्ति और जिम्मेदारी कई स्तरों पर बंटी होती है। 
किसी भी काम या विफलता के लिए स्पष्ट रूप से एक व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। 
जब कोई गलती होती है, तो विभाग एक-दूसरे पर आरोप लगाकर जिम्मेदारी से बच जाते हैं।
2. जटिल नौकरशाही और लाल फीताशाही (Bureaucratic Delays)
सरकारी कामकाज में लाल फीताशाही (Red Tapism) बहुत अधिक है। 
LinkedIn +1
कोई भी फाइल या निर्णय दर्जनों टेबल से होकर गुजरता है, जिससे फैसलों में भारी देरी होती है। 
काम करने के बजाय नियमों में उलझने की प्रवृत्ति के कारण योजनाओं का क्रियान्वयन (Execution) कमजोर पड़ जाता है। 
LinkedIn
3. भ्रष्टाचार और कमजोर कानून का पालन
ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल जैसी संस्थाओं की रिपोर्टों में भी प्रशासनिक पारदर्शिता की कमी और राजनीतिक दखलंदाजी को रेखांकित किया गया है। 
नियमों और कानूनों का सख्ती से पालन न होना और भ्रष्टाचार के कारण आम आदमी का व्यवस्था से भरोसा उठता है। 
Institute Of Peace & Conflict Studies +1
4. न्याय मिलने में देरी
भारतीय न्याय प्रणाली में मुकदमों का भारी बैकलॉग (लंबित मामले) और लंबी कानूनी प्रक्रियाएं दोषियों में कानून का डर कम करती हैं।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Communications central गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    1 hr ago
  • गांधी जयंती पर रंका सीएचसी में चला स्वच्छता अभियान, चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों ने लिया स्वच्छता का संकल्प और मनाया गांधी जयंती रंका। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में चिकित्सक डॉ. गोरखनाथ पांडे की अगुवाई में स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्र परिसर की साफ-सफाई कर स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया गया। अभियान में चिकित्सकों के साथ स्वास्थ्यकर्मियों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की सुबह करीब 9 बजे से ही रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में स्वच्छता अभियान शुरू किया गया। स्वास्थ्यकर्मियों ने परिसर के विभिन्न हिस्सों में जमा कचरे, गंदगी एवं अनावश्यक सामग्री को हटाकर साफ-सफाई की। अस्पताल परिसर को स्वच्छ रखने के साथ-साथ मरीजों और उनके परिजनों को भी साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया गया। वहीं दोपहर करीब 12 बजे स्वास्थ्य केंद्र परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर चिकित्सक डॉ. गोरखनाथ पांडे ने महात्मा गांधी के विचारों और उनके स्वच्छता के प्रति दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने में योगदान देना चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र परिसर में नियमित रूप से साफ-सफाई रखने तथा मरीजों और आम लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने महात्मा गांधी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया। मौके पर डॉ. मोहम्मद इश्तियाक, डॉ. अनुज, अनिल राम, अनिल ठाकुर समेत रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को स्वच्छता, स्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।
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    गांधी जयंती पर रंका सीएचसी में चला स्वच्छता अभियान, चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों ने लिया स्वच्छता का संकल्प और मनाया गांधी जयंती 


रंका। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में चिकित्सक डॉ. गोरखनाथ पांडे की अगुवाई में स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्र परिसर की साफ-सफाई कर स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया गया। अभियान में चिकित्सकों के साथ स्वास्थ्यकर्मियों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की सुबह करीब 9 बजे से ही रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में स्वच्छता अभियान शुरू किया गया। स्वास्थ्यकर्मियों ने परिसर के विभिन्न हिस्सों में जमा कचरे, गंदगी एवं अनावश्यक सामग्री को हटाकर साफ-सफाई की। अस्पताल परिसर को स्वच्छ रखने के साथ-साथ मरीजों और उनके परिजनों को भी साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया गया।
वहीं दोपहर करीब 12 बजे स्वास्थ्य केंद्र परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर चिकित्सक डॉ. गोरखनाथ पांडे ने महात्मा गांधी के विचारों और उनके स्वच्छता के प्रति दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने में योगदान देना चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र परिसर में नियमित रूप से साफ-सफाई रखने तथा मरीजों और आम लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने महात्मा गांधी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया। मौके पर डॉ. मोहम्मद इश्तियाक, डॉ. अनुज, अनिल राम, अनिल ठाकुर समेत रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को स्वच्छता, स्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    13 hrs ago
  • गांधी जयंती पर कठौतिया गांव में चला स्वच्छता अभियान, महिलाओं ने झाड़ू लगाकर दिया स्वच्छता का संदेश चिनिया (गढ़वा): झारखंड राज्य जल छाजन मिशन एवं स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार सुबह चिनिया प्रखंड के कठौतिया गांव में स्वच्छता अभियान चलाया गया। गढ़वा दक्षिणी वन प्रमंडल के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में दर्जनों महिलाओं ने गांव की सड़कों पर झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया। अभियान के दौरान महिलाओं ने श्रमदान कर ग्रामीणों को अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने और स्वच्छ वातावरण के निर्माण के प्रति जागरूक किया। पूरे कार्यक्रम में स्वच्छता और सामूहिक सहभागिता का संदेश देखने को मिला। इस मौके पर जल छाजन मिशन के कई कर्मियों के साथ अध्यक्ष गुड्डू यादव सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को स्वच्छता को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया गया।
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    गांधी जयंती पर कठौतिया गांव में चला स्वच्छता अभियान, महिलाओं ने झाड़ू लगाकर दिया स्वच्छता का संदेश

चिनिया (गढ़वा): झारखंड राज्य जल छाजन मिशन एवं स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार सुबह चिनिया प्रखंड के कठौतिया गांव में स्वच्छता अभियान चलाया गया। गढ़वा दक्षिणी वन प्रमंडल के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में दर्जनों महिलाओं ने गांव की सड़कों पर झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया।
अभियान के दौरान महिलाओं ने श्रमदान कर ग्रामीणों को अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने और स्वच्छ वातावरण के निर्माण के प्रति जागरूक किया। पूरे कार्यक्रम में स्वच्छता और सामूहिक सहभागिता का संदेश देखने को मिला।
इस मौके पर जल छाजन मिशन के कई कर्मियों के साथ अध्यक्ष गुड्डू यादव सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को स्वच्छता को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया गया।
    user_Hemant Kumar.  (7294972353)
    Hemant Kumar. (7294972353)
    चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
    5 hrs ago
  • लेस्लीगंज मे गांधी जयंती पर एसडीपीओ ने किया माल्यार्पण,गांधी के सत्य-अहिंसा के संदेश को किया याद लेस्लीगंज मे गांधी जयंती पर एसडीपीओ ने किया माल्यार्पण,गांधी के सत्य-अहिंसा के संदेश को किया याद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर गुरुवार को लेस्लीगंज बाजार स्थित गांधी जी की प्रतिमा पर पुलिस पदाधिकारियों ने माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में पांकी-लेस्लीगंज एसडीपीओ प्रशांत कुमार-2 ने गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उनके आदर्शों को याद किया। इस अवसर पर एसडीपीओ प्रशांत कुमार-2 ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और सद्भाव के मार्ग पर चलकर देश को आजादी की राह दिखाई। उनके विचार आज भी समाज और देश के लिए प्रेरणादायी हैं। गांधी जी के बताए मार्ग पर चलकर ही समाज में शांति, भाईचारा और आपसी सौहार्द को मजबूत किया जा सकता है। पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों ने भी गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।लोगों ने राष्ट्रपिता के विचारों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान लेस्लीगंज थाना के एसआई सुबीर किस्कू, एएसआई हरेंद्र पासवान सहित थाना के जवान मौजूद रहे।
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    लेस्लीगंज मे गांधी जयंती पर एसडीपीओ ने किया माल्यार्पण,गांधी के सत्य-अहिंसा के संदेश को किया याद
लेस्लीगंज मे गांधी जयंती पर एसडीपीओ ने किया माल्यार्पण,गांधी के सत्य-अहिंसा के संदेश को किया याद
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर गुरुवार को लेस्लीगंज बाजार स्थित गांधी जी की प्रतिमा पर पुलिस पदाधिकारियों ने माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में पांकी-लेस्लीगंज एसडीपीओ प्रशांत कुमार-2 ने गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उनके आदर्शों को याद किया।
इस अवसर पर एसडीपीओ प्रशांत कुमार-2 ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और सद्भाव के मार्ग पर चलकर देश को आजादी की राह दिखाई। उनके विचार आज भी समाज और देश के लिए प्रेरणादायी हैं। गांधी जी के बताए मार्ग पर चलकर ही समाज में शांति, भाईचारा और आपसी सौहार्द को मजबूत किया जा सकता है।
पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों ने भी गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।लोगों ने राष्ट्रपिता के विचारों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान लेस्लीगंज थाना के एसआई सुबीर किस्कू, एएसआई हरेंद्र पासवान सहित थाना के जवान मौजूद रहे।
    user_Ramashish Kumar Mo:-6202682271
    Ramashish Kumar Mo:-6202682271
    पाटन, पलामू, झारखंड•
    13 hrs ago
  • जांबाज हिंदुस्तानी PILOT से PM मोदी की बातचीत.......... जांबाज हिंदुस्तानी PILOT से PM मोदी की बातचीत
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    जांबाज हिंदुस्तानी PILOT से PM मोदी की बातचीत..........
जांबाज हिंदुस्तानी PILOT से PM मोदी की बातचीत
    user_Nitesh Kumar
    Nitesh Kumar
    Mandi Agent Mahuli•
    6 hrs ago
  • डोमाखाड़ कोयल नदी से कलश यात्रा के साथ वन्य प्राणी सप्ताह सह प्रकृति पूजा एवं मेला शुरू *डोमाखाड़ कोयल नदी से गारू तक गूंजा प्रकृति संरक्षण का संदेश* *14 किमी की भव्य कलश यात्रा के साथ वन्य प्राणी सप्ताह सह प्रकृति पूजा एवं मेला शुरू* विधायक रामचंद्र सिंह व डीडी कुमार आशीष ने किया उद्घाटन, 9 अक्टूबर तक चलेगा आयोजन जोहार झारखण्ड /आरपी सिंह गारू प्रखंड मुख्यालय स्थित खेल मैदान शुक्रवार को आस्था, संस्कृति और प्रकृति संरक्षण के संदेश से गूंज उठा। वन्य प्राणी सप्ताह सह प्रकृति पूजा एवं मेला का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। डोमाखाड़ स्थित कोयल नदी से शुरू हुई कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, किशोरियां एवं पुरुष शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने गाजे-बाजे के बीच कोयल नदी से कलश में जल भरा और करीब 14 किलोमीटर पैदल यात्रा कर गारू खेल मैदान पहुंचे। कार्यक्रम का उद्घाटन मनिका विधायक रामचंद्र सिंह एवं पलामू टाइगर रिजर्व दक्षिणी वन प्रमंडल के उपनिदेशक कुमार आशीष ने किया। गारू पहुंचने के बाद विधि-विधान के साथ मां दुर्गा एवं केशरा चंडी की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की गई। इस दौरान पूरा क्षेत्र धार्मिक एवं उत्सवी माहौल में नजर आया। एक सप्ताह तक होंगे विविध आयोजन गारू पूर्वी वन क्षेत्र के रेंजर उमेश कुमार दुबे ने बताया कि कार्यक्रम 2 से 9 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान खेल, सांस्कृतिक, धार्मिक एवं जागरूकता से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पुरुषों एवं किशोरियों के लिए फुटबॉल टूर्नामेंट, नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता होगी। बच्चों के लिए भाषण एवं क्विज प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। वन्यजीव संरक्षण पर रहेगा विशेष जोर आयोजन का उद्देश्य मनोरंजन के साथ-साथ लोगों को वन्यजीव एवं प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करना भी है। कार्यक्रम में वन्य प्राणियों पर आधारित झांकी, नुक्कड़ नाटक एवं जागरूकता कार्यक्रम विशेष आकर्षण होंगे। धार्मिक आयोजनों के तहत कथा-प्रवचन एवं दुर्गा सप्तशती पाठ भी होगा। भक्ति जागरण में गूंजेंगे भजनों के स्वर वन्य प्राणी सप्ताह एवं प्रकृति पूजा मेले के दौरान रंगारंग भक्ति जागरण का भी आयोजन किया जाएगा। भक्ति जागरण में विभिन्न चर्चित गायक अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं एवं दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। कार्यक्रम में मनीता श्री, प्रकाश पंडित, कुणाल तिवारी, पवन दीवाना एवं शशि श्रीवास्तव, रानी पांडेय समेत अन्य कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। भक्ति जागरण को लेकर आयोजन समिति की ओर से विशेष तैयारियां की जा रही हैं। धार्मिक माहौल के बीच भक्ति गीतों एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मेले में आने वाले लोगों को मनोरंजन का भी अवसर मिलेगा। मेले में उमड़ेगा मनोरंजन का रंग खेल मैदान में आयोजित मेले में झूला, उछल-कूद, चक्कर समेत मनोरंजन के विभिन्न साधन लगाए गए हैं। शाम के समय सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों के कारण मेले में लोगों की भीड़ जुट रही है। मुख्य रूप मौजूद रहे कार्यक्रम में जिप सदस्य जीरा देवी, विधायक प्रतिनिधि मनोज यादव, वनपाल अमृत कुमार श्रीवास्तव, सालिमोन कुल्लू, विवेक सिंह विशाल, आयोजन समिति के अध्यक्ष मंगल उरांव, भाजपा नेता सुनेश्वर सिंह समेत वन विभाग के कर्मी, आयोजन समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम की खास बातें आयोजन: 2 से 9 अक्टूबर स्थल: खेल मैदान, गारू कलश यात्रा: डोमाखाड़ कोयल नदी से गारू तक दूरी: करीब 14 किलोमीटर मुख्य आयोजन: फुटबॉल टूर्नामेंट सांस्कृतिक कार्यक्रम: नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता बच्चों के लिए: भाषण एवं क्विज प्रतियोगिता विशेष आकर्षण: वन्य प्राणी झांकी एवं नुक्कड़ नाटक धार्मिक आयोजन: कथा-प्रवचन एवं दुर्गा सप्तशती पाठ भक्ति जागरण: मनीता श्री, प्रकाश पंडित, कुणाल तिवारी, पवन दीवाना, शशि श्रीवास्तव, रानी पांडेय एवं अन्य कलाकार आस्था • संस्कृति • प्रकृति • मनोरंजन
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    डोमाखाड़ कोयल नदी से कलश यात्रा के साथ वन्य प्राणी सप्ताह सह प्रकृति पूजा एवं मेला शुरू 
*डोमाखाड़ कोयल नदी से गारू तक गूंजा प्रकृति संरक्षण का संदेश*
*14 किमी की भव्य कलश यात्रा के साथ वन्य प्राणी सप्ताह सह प्रकृति पूजा एवं मेला शुरू*
विधायक रामचंद्र सिंह व डीडी कुमार आशीष ने किया उद्घाटन, 9 अक्टूबर तक चलेगा आयोजन
जोहार झारखण्ड /आरपी सिंह 
गारू प्रखंड मुख्यालय स्थित खेल मैदान शुक्रवार को आस्था, संस्कृति और प्रकृति संरक्षण के संदेश से गूंज उठा। वन्य प्राणी सप्ताह सह प्रकृति पूजा एवं मेला का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। डोमाखाड़ स्थित कोयल नदी से शुरू हुई कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, किशोरियां एवं पुरुष शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने गाजे-बाजे के बीच कोयल नदी से कलश में जल भरा और करीब 14 किलोमीटर पैदल यात्रा कर गारू खेल मैदान पहुंचे।
कार्यक्रम का उद्घाटन मनिका विधायक रामचंद्र सिंह एवं पलामू टाइगर रिजर्व दक्षिणी वन प्रमंडल के उपनिदेशक कुमार आशीष ने किया। गारू पहुंचने के बाद विधि-विधान के साथ मां दुर्गा एवं केशरा चंडी की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की गई। इस दौरान पूरा क्षेत्र धार्मिक एवं उत्सवी माहौल में नजर आया।
एक सप्ताह तक होंगे विविध आयोजन
गारू पूर्वी वन क्षेत्र के रेंजर उमेश कुमार दुबे ने बताया कि कार्यक्रम 2 से 9 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान खेल, सांस्कृतिक, धार्मिक एवं जागरूकता से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पुरुषों एवं किशोरियों के लिए फुटबॉल टूर्नामेंट, नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता होगी। बच्चों के लिए भाषण एवं क्विज प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
वन्यजीव संरक्षण पर रहेगा विशेष जोर
आयोजन का उद्देश्य मनोरंजन के साथ-साथ लोगों को वन्यजीव एवं प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करना भी है। कार्यक्रम में वन्य प्राणियों पर आधारित झांकी, नुक्कड़ नाटक एवं जागरूकता कार्यक्रम विशेष आकर्षण होंगे। धार्मिक आयोजनों के तहत कथा-प्रवचन एवं दुर्गा सप्तशती पाठ भी होगा।
भक्ति जागरण में गूंजेंगे भजनों के स्वर
वन्य प्राणी सप्ताह एवं प्रकृति पूजा मेले के दौरान रंगारंग भक्ति जागरण का भी आयोजन किया जाएगा। भक्ति जागरण में विभिन्न चर्चित गायक अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं एवं दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। कार्यक्रम में मनीता श्री, प्रकाश पंडित, कुणाल तिवारी, पवन दीवाना एवं शशि श्रीवास्तव, रानी पांडेय समेत अन्य कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे।
भक्ति जागरण को लेकर आयोजन समिति की ओर से विशेष तैयारियां की जा रही हैं। धार्मिक माहौल के बीच भक्ति गीतों एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मेले में आने वाले लोगों को मनोरंजन का भी अवसर मिलेगा।
मेले में उमड़ेगा मनोरंजन का रंग
खेल मैदान में आयोजित मेले में झूला, उछल-कूद, चक्कर समेत मनोरंजन के विभिन्न साधन लगाए गए हैं। शाम के समय सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों के कारण मेले में लोगों की भीड़ जुट रही है।
मुख्य रूप मौजूद रहे 
कार्यक्रम में जिप सदस्य जीरा देवी, विधायक प्रतिनिधि मनोज यादव, वनपाल अमृत कुमार श्रीवास्तव, सालिमोन कुल्लू, विवेक सिंह विशाल, आयोजन समिति के अध्यक्ष मंगल उरांव, भाजपा नेता सुनेश्वर सिंह समेत वन विभाग के कर्मी, आयोजन समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
कार्यक्रम की खास बातें
आयोजन: 2 से 9 अक्टूबर
स्थल: खेल मैदान, गारू
कलश यात्रा: डोमाखाड़ कोयल नदी से गारू तक 
दूरी: करीब 14 किलोमीटर
मुख्य आयोजन: फुटबॉल टूर्नामेंट
सांस्कृतिक कार्यक्रम: नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता
बच्चों के लिए: भाषण एवं क्विज प्रतियोगिता
विशेष आकर्षण: वन्य प्राणी झांकी एवं नुक्कड़ नाटक
धार्मिक आयोजन: कथा-प्रवचन एवं दुर्गा सप्तशती पाठ
भक्ति जागरण: मनीता श्री, प्रकाश पंडित, कुणाल तिवारी, पवन दीवाना, शशि श्रीवास्तव, रानी पांडेय एवं अन्य कलाकार
आस्था • संस्कृति • प्रकृति • मनोरंजन
    user_𝑅 𝑃 𝑆𝐼𝑁𝐺𝐻 𝑃𝑅𝐸𝑆𝑆
    𝑅 𝑃 𝑆𝐼𝑁𝐺𝐻 𝑃𝑅𝐸𝑆𝑆
    गारू, लातेहार, झारखंड•
    6 hrs ago
  • नाली बनी या ताश का महल बलरामपुर के पिपरौल में पहली बारिश में ही बही लाखों की नाली, किसानों की फसल पर मंडराया संकट बलरामपुर जिले के ग्राम पिपरौल में सरकारी दावों और घटिया निर्माण की पोल पहली ही बारिश ने खोलकर रख दी है। तालाब का ओवरफ्लो पानी खेतों में घुसने से रोकने और किसानों की फसलों को बचाने के लिए लाखों रुपये की लागत से नाली का निर्माण कराया गया था। लेकिन पहली ही तेज बारिश में यह नाली ताश के पत्तों की तरह ढह गई। ​ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि इस नाली का निर्माण बारिश से ठीक पहले क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य बद्री यादव द्वारा कराया गया था। निर्माण कार्य में गुणवत्ता की भारी अनदेखी की गई। ग्रामीणों के मुताबिक, नाली बनाने में सरिया (लोहा) का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया गया और सीमेंट-रेत का मिलावट भी तय मानकों से बहुत कम रखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधि होने के बावजूद इस तरह से सरकारी धन की बंदरबांट की गई है, जिससे विकास के बड़े-बड़े दावों की हकीकत सामने आ गई है। ​नाली टूटने से अब तालाब का पानी सीधे खेतों में भर रहा है, जिससे किसानों की तैयार फसल पूरी तरह बर्बाद होने की कगार पर पहुँच गई है। जिस नुकसान से बचाने के लिए सरकार ने लाखों रुपये खर्च किए थे, वही घटिया निर्माण अब किसानों के लिए गले की फांस बन चुका है। ​ग्रामीणों ने मांग की है कि इस पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और सरकारी पैसे का दुरुपयोग करने वाले जिम्मेदार जनप्रतिनिधि व ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की जाए। नाली बनी या ताश का महल बलरामपुर के पिपरौल में पहली बारिश में ही बही लाखों की नाली, किसानों की फसल पर मंडराया संकट बलरामपुर जिले के ग्राम पिपरौल में सरकारी दावों और घटिया निर्माण की पोल पहली ही बारिश ने खोलकर रख दी है। तालाब का ओवरफ्लो पानी खेतों में घुसने से रोकने और किसानों की फसलों को बचाने के लिए लाखों रुपये की लागत से नाली का निर्माण कराया गया था। लेकिन पहली ही तेज बारिश में यह नाली ताश के पत्तों की तरह ढह गई। ​ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि इस नाली का निर्माण बारिश से ठीक पहले क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य बद्री यादव द्वारा कराया गया था। निर्माण कार्य में गुणवत्ता की भारी अनदेखी की गई। ग्रामीणों के मुताबिक, नाली बनाने में सरिया (लोहा) का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया गया और सीमेंट-रेत का मिलावट भी तय मानकों से बहुत कम रखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधि होने के बावजूद इस तरह से सरकारी धन की बंदरबांट की गई है, जिससे विकास के बड़े-बड़े दावों की हकीकत सामने आ गई है। ​नाली टूटने से अब तालाब का पानी सीधे खेतों में भर रहा है, जिससे किसानों की तैयार फसल पूरी तरह बर्बाद होने की कगार पर पहुँच गई है। जिस नुकसान से बचाने के लिए सरकार ने लाखों रुपये खर्च किए थे, वही घटिया निर्माण अब किसानों के लिए गले की फांस बन चुका है। ​ग्रामीणों ने मांग की है कि इस पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और सरकारी पैसे का दुरुपयोग करने वाले जिम्मेदार जनप्रतिनिधि व ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की जाए।
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    नाली बनी या ताश का महल बलरामपुर के पिपरौल में पहली बारिश में ही बही लाखों की नाली, किसानों की फसल पर मंडराया संकट

बलरामपुर जिले के ग्राम पिपरौल में सरकारी दावों और घटिया निर्माण की पोल पहली ही बारिश ने खोलकर रख दी है। तालाब का ओवरफ्लो पानी खेतों में घुसने से रोकने और किसानों की फसलों को बचाने के लिए लाखों रुपये की लागत से नाली का निर्माण कराया गया था। लेकिन पहली ही तेज बारिश में यह नाली ताश के पत्तों की तरह ढह गई।

​ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि इस नाली का निर्माण बारिश से ठीक पहले क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य बद्री यादव द्वारा कराया गया था। निर्माण कार्य में गुणवत्ता की भारी अनदेखी की गई। ग्रामीणों के मुताबिक, नाली बनाने में सरिया (लोहा) का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया गया और सीमेंट-रेत का मिलावट भी तय मानकों से बहुत कम रखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधि होने के बावजूद इस तरह से सरकारी धन की बंदरबांट की गई है, जिससे विकास के बड़े-बड़े दावों की हकीकत सामने आ गई है।

​नाली टूटने से अब तालाब का पानी सीधे खेतों में भर रहा है, जिससे किसानों की तैयार फसल पूरी तरह बर्बाद होने की कगार पर पहुँच गई है। जिस नुकसान से बचाने के लिए सरकार ने लाखों रुपये खर्च किए थे, वही घटिया निर्माण अब किसानों के लिए गले की फांस बन चुका है।
​ग्रामीणों ने मांग की है कि इस पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और सरकारी पैसे का दुरुपयोग करने वाले जिम्मेदार जनप्रतिनिधि व ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की जाए।
नाली बनी या ताश का महल बलरामपुर के पिपरौल में पहली बारिश में ही बही लाखों की नाली, किसानों की फसल पर मंडराया संकट
बलरामपुर जिले के ग्राम पिपरौल में सरकारी दावों और घटिया निर्माण की पोल पहली ही बारिश ने खोलकर रख दी है। तालाब का ओवरफ्लो पानी खेतों में घुसने से रोकने और किसानों की फसलों को बचाने के लिए लाखों रुपये की लागत से नाली का निर्माण कराया गया था। लेकिन पहली ही तेज बारिश में यह नाली ताश के पत्तों की तरह ढह गई।
​ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि इस नाली का निर्माण बारिश से ठीक पहले क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य बद्री यादव द्वारा कराया गया था। निर्माण कार्य में गुणवत्ता की भारी अनदेखी की गई। ग्रामीणों के मुताबिक, नाली बनाने में सरिया (लोहा) का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया गया और सीमेंट-रेत का मिलावट भी तय मानकों से बहुत कम रखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधि होने के बावजूद इस तरह से सरकारी धन की बंदरबांट की गई है, जिससे विकास के बड़े-बड़े दावों की हकीकत सामने आ गई है।
​नाली टूटने से अब तालाब का पानी सीधे खेतों में भर रहा है, जिससे किसानों की तैयार फसल पूरी तरह बर्बाद होने की कगार पर पहुँच गई है। जिस नुकसान से बचाने के लिए सरकार ने लाखों रुपये खर्च किए थे, वही घटिया निर्माण अब किसानों के लिए गले की फांस बन चुका है।
​ग्रामीणों ने मांग की है कि इस पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और सरकारी पैसे का दुरुपयोग करने वाले जिम्मेदार जनप्रतिनिधि व ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की जाए।
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • 🚨 ब्रेकिंग: सोनभद्र ओबरा डैम से छह दिन से लापता 24 वर्षीय हिमांशु मिश्रा का शव मिलने से सनसनी। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए पटीदारों पर गंभीर आरोप लगाए। पुराने विवाद से जुड़ा बताया जा रहा मामला। दरोगा की भूमिका की जांच की भी मांग। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू की, सीओ ने दरोगा पर लगे आरोपों को निराधार बताया। #Sonbhadra #BreakingNews #Obra #Jugail #SonbhadraNews
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    🚨 ब्रेकिंग: सोनभद्र ओबरा डैम से छह दिन से लापता 24 वर्षीय हिमांशु मिश्रा का शव मिलने से सनसनी। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए पटीदारों पर गंभीर आरोप लगाए। पुराने विवाद से जुड़ा बताया जा रहा मामला। दरोगा की भूमिका की जांच की भी मांग। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू की, सीओ ने दरोगा पर लगे आरोपों को निराधार बताया।
#Sonbhadra #BreakingNews #Obra #Jugail #SonbhadraNews
    user_Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    आवाज न्यूज़ 24X7 ब्यूरो चीफ ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
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