एक राजनीतिक बयान में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) को मौजूदा राजनीतिक हालात पर सीधे तौर पर चेताया गया है। बयान में स्पष्ट किया गया है कि यह किसी तरह की नसीहत नहीं है और न ही इसे बड़े नेता का दावा माना जाए, बल्कि यह केवल वर्तमान परिस्थितियों की ओर एक इशारा मात्र है। इस बयान के अनुसार, अगर समाजवादी पार्टी मजबूती से राहुल गांधी का हाथ थामती है, तो उसे मौजूदा राजनीतिक दलदल से बाहर निकलने का रास्ता मिल सकता है। साथ ही यह भी दावा किया गया कि यदि सपा ऐसा नहीं करती है, तो पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र जैसी राजनीतिक स्थिति बनने की आशंका है। बयान में जोर देकर कहा गया है कि "बचने का एक ही रास्ता है — राहुल गांधी का साथ", और समाजवादी पार्टी को सलाह दी गई है कि अगर वह खुद को बचाना चाहती है तो राहुल गांधी का हाथ मजबूती से थामे, वरना उसका हश्र बंगाल-महाराष्ट्र जैसा हो सकता है।
एक राजनीतिक बयान में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) को मौजूदा राजनीतिक हालात पर सीधे तौर पर चेताया गया है। बयान में स्पष्ट किया गया है कि यह किसी तरह की नसीहत नहीं है और न ही इसे बड़े नेता का दावा माना जाए, बल्कि यह केवल वर्तमान परिस्थितियों की ओर एक इशारा मात्र है। इस बयान के अनुसार, अगर समाजवादी पार्टी मजबूती से राहुल गांधी का हाथ थामती है, तो उसे मौजूदा राजनीतिक दलदल से बाहर निकलने का रास्ता मिल सकता है। साथ ही यह भी दावा किया गया कि यदि सपा ऐसा नहीं करती है, तो पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र जैसी राजनीतिक स्थिति बनने की आशंका है। बयान में जोर देकर कहा गया है कि "बचने का एक ही रास्ता है — राहुल गांधी का साथ", और समाजवादी पार्टी को सलाह दी गई है कि अगर वह खुद को बचाना चाहती है तो राहुल गांधी का हाथ मजबूती से थामे, वरना उसका हश्र बंगाल-महाराष्ट्र जैसा हो सकता है।
- लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी स्थित बाबा टेंढेनाथ मंदिर परिसर और गर्भगृह में पूजा-पाठ के नाम पर एक युवक द्वारा रील बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करने का मामला सामने आया है। इस घटना ने धार्मिक स्थलों की गरिमा और मर्यादा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि युवक ने लाइक, कमेंट और शेयर पाने की होड़ में बिना किसी रोक-टोक के मंदिर परिसर के भीतर यह वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है, और वे बाबा टेंढेनाथ मंदिर की पवित्रता एवं मर्यादा बनाए रखने की कड़ी मांग कर रहे हैं।1
- एक राजनीतिक बयान में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) को मौजूदा राजनीतिक हालात पर सीधे तौर पर चेताया गया है। बयान में स्पष्ट किया गया है कि यह किसी तरह की नसीहत नहीं है और न ही इसे बड़े नेता का दावा माना जाए, बल्कि यह केवल वर्तमान परिस्थितियों की ओर एक इशारा मात्र है। इस बयान के अनुसार, अगर समाजवादी पार्टी मजबूती से राहुल गांधी का हाथ थामती है, तो उसे मौजूदा राजनीतिक दलदल से बाहर निकलने का रास्ता मिल सकता है। साथ ही यह भी दावा किया गया कि यदि सपा ऐसा नहीं करती है, तो पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र जैसी राजनीतिक स्थिति बनने की आशंका है। बयान में जोर देकर कहा गया है कि "बचने का एक ही रास्ता है — राहुल गांधी का साथ", और समाजवादी पार्टी को सलाह दी गई है कि अगर वह खुद को बचाना चाहती है तो राहुल गांधी का हाथ मजबूती से थामे, वरना उसका हश्र बंगाल-महाराष्ट्र जैसा हो सकता है।1
- लखीमपुर खीरी जिले के बेहजम विकासखंड में बहुजन समाज पार्टी के युवा नेता और 'बहुजनों की बुलंद आवाज़' के रूप में प्रसिद्ध सचिन सिंह नितिन के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बेहतर व्यवस्था निर्माण, सामाजिक परिवर्तन, सत्ता परिवर्तन और भाईचारे जैसे अहम विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। बैठक का मुख्य केंद्र वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति तय करना था, जहाँ गांव स्तर पर संगठन को मजबूत बनाने तथा सोशल मीडिया के माध्यम से जन जागरण अभियान को गति देने पर विशेष बल दिया गया। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि 'मिशन-2027' में बसपा को ऐतिहासिक सफलता दिलाने और Mayawati को पुनः मुख्यमंत्री बनाने के लक्ष्य के साथ कार्यकर्ताओं को पूरी सक्रियता से काम करना होगा। इसके अतिरिक्त, देश की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने, किसानों की खुशहाली सुनिश्चित करने, बहन-बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा करने, बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने तथा सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' की भावना पर आधारित व्यवस्था निर्माण और लोकतांत्रिक भागीदारी के लिए लोगों को मतदान के महत्व व उसकी शक्ति के प्रति जागरूक किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों युवाओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और संगठन को मजबूत बनाने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प दोहराया। युवा नेता सचिन सिंह नितिन ने घोषणा की कि बहुजन समाज पार्टी की नीतियों और विचारधारा को हर व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेंगे, ताकि सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई को और अधिक मजबूती मिल सके।1
- लखीमपुर खीरी में दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन की दक्षिण निघासन रेंज से रेस्क्यू किए गए एक तेंदुए को सुरक्षित रूप से कैमूर वन प्रभाग में छोड़ दिया गया है। यह पूरी प्रक्रिया वन विभाग की निगरानी में संपन्न हुई। अधिकारियों के अनुसार, रेस्क्यू किया गया तेंदुआ पूरी तरह स्वस्थ है और उसे उसके प्राकृतिक आवास में ही छोड़ा गया है।1
- पलिया स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में कर्मचारियों के कथित अभद्र व्यवहार को लेकर खाताधारकों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर इस संबंध में खबर प्रसारित होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं देते हुए बैंक कर्मचारियों पर दुर्व्यवहार और काम में अनावश्यक टालमटोल करने के आरोप लगाए हैं। खाताधारक सतीश श्रीवास्तव, समीर गुप्ता, बाबू जायसवाल और विशाल चंद्र गुप्ता ने बताया कि बैंक कर्मचारियों द्वारा उनके साथ भी पहले अभद्र भाषा का प्रयोग किया जा चुका है। रूही नामक खाताधारक ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि उनका बैंक खाता पिछले दो वर्षों से फ्रीज है और 25 किलोमीटर की दूरी तय करके बैंक आने के बावजूद कर्मचारी हर बार सात या दस दिन बाद आने की बात कहकर लौटा देते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी हो रही है। एक अन्य खाताधारक ने चार महीनों से अपने कार्य के लिए बैंक के चक्कर काटने का आरोप लगाया है, जबकि नूर मोहम्मद, आदित्य और आकाश कुमार सहित कई लोगों ने भी कर्मचारियों पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया है। सोमवार को भी कपिल कुमार और संजय ने बताया कि वे केवाईसी अपडेट के लिए एक महीने से बैंक के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें टरका दिया जाता है; आज सुबह से लाइन में लगने के बाद ढाई बजे लंच की घोषणा कर दी गई और काम होने की कोई निश्चितता नहीं थी। इसके अतिरिक्त, हबीब नामक खाताधारक को 20 हजार रुपये निकालने के लिए कैशियर ने मना कर दिया और उन्हें निकटस्थ बीसी प्वाइंट से आधार के माध्यम से पैसे निकालने को कहा। यह समस्या केवल बैंक ऑफ बड़ौदा की पलिया शाखा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसकी नगला और कबीरगंज शाखा का भी यही हाल है। लोगों का यह भी कहना है कि बैंक ऑफ इंडिया और भारतीय स्टेट बैंक की स्थानीय शाखाओं में भी ग्राहकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता है और समय-समय पर इनकी भी शिकायतें सामने आती रहती हैं। खाताधारकों का आरोप है कि कुछ बैंक कर्मचारी ग्राहकों के साथ ऐसा व्यवहार करते हैं मानो वे खुद बैंक के मालिक हों और उन्हें आम जनता की समस्याओं से कोई सरोकार न हो, यह व्यवहार भिखारी के साथ भी नहीं किया जाता। उनका यह भी कहना है कि लगातार शिकायतें होने के बावजूद आज तक न कोई कर्मचारी निलंबित हुआ और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई, जिससे कर्मचारियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं और लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्राहकों ने मांग की है कि बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा के पूरे स्टाफ के कार्य व्यवहार की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और ग्राहकों को सम्मानजनक एवं बेहतर बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। बैंक कर्मचारियों के कथित रवैये को लेकर उठे इस मुद्दे ने क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है, और अब लोगों की नजर बैंक प्रबंधन तथा उच्च अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी है।4
- उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहाँ रचना नाम की एक महिला पर अपने पति सचिन की हत्या का आरोप लगा है। आरोप है कि रचना ने पहले अपने पति सचिन को खीर में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोश किया। इसके बाद, उसने रात में अपने प्रेमी सोनू के साथ मिलकर सचिन का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और आरोपी पत्नी रचना को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालाँकि, इस मामले में आरोपी प्रेमी सोनू अभी भी फरार बताया जा रहा है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें सक्रिय रूप से तलाश में जुटी हुई हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे मामले की जांच अभी भी जारी है। बताया गया है कि मृतक सचिन और आरोपी रचना की शादी लगभग 12 साल पहले हुई थी और उनके दो बच्चे हैं, जिनकी उम्र करीब 8 और 10 वर्ष है। इस घटना से परिवार और पूरे इलाके में शोक और गहरी चर्चा का माहौल बना हुआ है। यह जानकारी फिलहाल आरोपों और पुलिस जांच पर आधारित है, और अंतिम निष्कर्ष अदालत की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगा।1
- बिजुआ, खीरी के विकास खंड बिजुआ क्षेत्र में सोमवार को सोमवती अमावस्या का पर्व अत्यधिक श्रद्धा और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखने वाली इस अमावस्या पर क्षेत्र की महिलाओं और कन्याओं ने अपने पति एवं बच्चों की लंबी आयु, परिवार की सुख-समृद्धि तथा मंगलमय जीवन के लिए विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। सुबह से ही तालाबों, सरोवरों और अन्य जलाशयों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ स्नान के लिए उमड़ पड़ी। स्नान के बाद महिलाओं ने पीपल वृक्ष का दूध, जल, पुष्प और अन्य पूजन सामग्री से पूजन किया, साथ ही पीपल वृक्ष की 108 परिक्रमा कर धागा लपेटा और परिवार की सुख-शांति व समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर क्षेत्र के मंदिरों में भी भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली, जिसमें कस्बा पड़रिया तुला स्थित शनि मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान से सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया। पंडित मिथिलेश कुमार शुक्ल ने बताया कि इस वर्ष अमावस्या के सोमवार को पड़ने से इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ गया है, और इसे अत्यंत शुभ तथा पुण्यदायी माना जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस दिन स्नान, दान, जप और पीपल पूजन का विशेष महत्व है, क्योंकि मान्यता है कि पीपल वृक्ष में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का वास होता है, जिससे इसकी पूजा और 108 परिक्रमा करने से विशेष पुण्य मिलता है। पंडित शुक्ल के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष होता है, उनके लिए भी यह दिन विशेष फलदायी है, और श्रद्धापूर्वक पूजा-पाठ तथा दान-पुण्य से दोषों का निवारण होता है एवं जीवन में सुख-समृद्धि आती है। पूरे क्षेत्र में मंदिरों और पूजा स्थलों पर दिनभर श्रद्धालुओं की चहल-पहल बनी रही और धार्मिक आयोजनों का माहौल दिखा।1
- लखीमपुर खीरी के ग्राम पंचायत क्षेत्र के मोहल्ला गोविंद नगर, सलेमपुर में अधूरे नाली और सड़क निर्माण कार्य के कारण स्थानीय लोग गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा नाली और रास्ते का निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है, जिसके चलते मोहल्ले में नालियों का गंदा पानी लगातार जमा हो रहा है। इस जलभराव और गंदगी के कारण क्षेत्र में संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है, वहीं स्कूल जाने वाले बच्चों और अन्य राहगीरों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए कई बार ग्राम प्रधान से संपर्क किया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों ने अब संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कराकर अधूरे पड़े निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने और इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।2