पुलिस ने गोताखोर को जबरन नदी में उतारा , मौत के बाद महिलाओं ने थाने घेर लिया – "थाना फूंक देंगे" का हुंकार! सरयू नदी में डूबा गोताखोर, पुलिस पर हत्या का आरोप! बीमार गोताखोर को डर से छिपा रहा था परिवार , फिर भी जबरदस्ती उतारा पानी में किसान की लाश नहीं मिली, लेकिन पुलिस ने गोताखोर की जान ले ली! परिवार का गुस्सा: "पुलिस जिम्मेदार, हत्या हुई है" बरहज में पुलिस की लापरवाही: गोताखोर को बुखार में भी नदी में उतारा, अब मौत के लिए थाने पर हमला! "पुलिस के डर से छिपा था गोताखोर" – पत्नी का दर्दभरा आरोप, महिलाओं ने थाने में हंगामा मचाया सरयू नदी अब मौत का दूसरा नाम बन चुकी है! पहले किसान धरमू प्रसाद डूबा, अब उसी की तलाश में गए गोताखोर सुरेंद्र साहनी (45) की भी पुलिस की लापरवाही से डूबकर मौत हो गई। पुलिस ने बीमार और बुखार से तड़पते गोताखोर को जबरदस्ती नदी में उतारा – वो पुलिस के डर से छिप भी रहा था, लेकिन नहीं माना गया! घटना के दो दिन बाद भी किसान की लाश नहीं मिली, लेकिन पुलिस ने अपना "सर्च ऑपरेशन" जारी रखा। सुरेंद्र एसडीआरएफ के साथ नाव पर थे, लेकिन अचानक डूब गए। 20 मिनट तक पानी में डूबे रहे, फिर बेहोशी में निकाले गए – लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल में मौत! मौत के लिए पुलिस जिम्मेदार – परिवार का गुस्सा फूट पड़ा! सुरेंद्र की पत्नी उर्मिला देवी ने रोते हुए कहा – "मेरे पति को बुखार था, पुलिस से डरकर छिप गए थे। उन्होंने मना किया था काम करने से, लेकिन पुलिस ने जबरन उठाकर नदी लेगए द! ये हादसा नहीं, हत्या है!" मौत की खबर फैलते ही सैकड़ों महिलाएं थाने पर धावा बोल दीं। नारेबाजी हुई – "पुलिस मुर्दाबाद!", "थाना फूंक देंगे!", "गोताखोर की हत्या की साजिश!" पुलिस पर लापरवाही, जबरदस्ती और मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर आरोप लगे। ग्रामीणों का कहना है – पुलिस ने जानबूझकर बीमार आदमी को खतरे में डाला, सिर्फ इसलिए कि किसान की लाश ढूंढनी थी! क्षेत्राधिकार राजेश चतुर्वेदी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है
पुलिस ने गोताखोर को जबरन नदी में उतारा , मौत के बाद महिलाओं ने थाने घेर लिया – "थाना फूंक देंगे" का हुंकार! सरयू नदी में डूबा गोताखोर, पुलिस पर हत्या का आरोप! बीमार गोताखोर को डर से छिपा रहा था परिवार , फिर भी जबरदस्ती उतारा पानी में किसान की लाश नहीं मिली, लेकिन पुलिस ने गोताखोर की जान ले ली! परिवार का गुस्सा: "पुलिस जिम्मेदार, हत्या हुई है" बरहज में पुलिस की लापरवाही: गोताखोर को बुखार में भी नदी में उतारा, अब मौत के लिए थाने पर हमला! "पुलिस के डर से छिपा था गोताखोर" – पत्नी का दर्दभरा आरोप, महिलाओं ने थाने में हंगामा मचाया सरयू नदी अब मौत का दूसरा नाम बन चुकी है! पहले किसान धरमू प्रसाद डूबा, अब उसी की तलाश में गए गोताखोर सुरेंद्र साहनी (45) की भी पुलिस की लापरवाही से डूबकर मौत हो गई। पुलिस ने बीमार और बुखार से तड़पते गोताखोर को जबरदस्ती नदी में उतारा – वो पुलिस के डर से छिप भी रहा था, लेकिन नहीं माना गया! घटना के दो दिन बाद भी किसान की लाश नहीं मिली, लेकिन पुलिस ने अपना "सर्च ऑपरेशन" जारी रखा। सुरेंद्र एसडीआरएफ के साथ नाव पर थे, लेकिन अचानक डूब गए। 20 मिनट तक पानी में डूबे रहे, फिर बेहोशी में निकाले गए – लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल में मौत! मौत के लिए पुलिस जिम्मेदार – परिवार का गुस्सा फूट पड़ा! सुरेंद्र की पत्नी उर्मिला देवी ने रोते हुए कहा – "मेरे पति को बुखार था, पुलिस से डरकर छिप गए थे। उन्होंने मना किया था काम करने से, लेकिन पुलिस ने जबरन उठाकर नदी लेगए द! ये हादसा नहीं, हत्या है!" मौत की खबर फैलते ही सैकड़ों महिलाएं थाने पर धावा बोल दीं। नारेबाजी हुई – "पुलिस मुर्दाबाद!", "थाना फूंक देंगे!", "गोताखोर की हत्या की साजिश!" पुलिस पर लापरवाही, जबरदस्ती और मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर आरोप लगे। ग्रामीणों का कहना है – पुलिस ने जानबूझकर बीमार आदमी को खतरे में डाला, सिर्फ इसलिए कि किसान की लाश ढूंढनी थी! क्षेत्राधिकार राजेश चतुर्वेदी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है
- Post by Namrata Shukla1
- थाना खामपार पुलिस द्वारा हत्या के प्रकरण से संबंधित चार अभियुक्तों को किया गिरफ्तार देवरिया के थाना खामपार पुलिस ने हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर भटवा तिवारी के पास से दो अपाचे बाइक के साथ आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार अभियुक्तों पर बीएनएस की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।1
- बैतालपुर नगर पंचायत स्थित केन-यूनियन प्रांगण में शुक्रवार को नौ दिवसीय श्रीरुद्र महायज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। इस यात्रा में रथ, हाथी, घोड़े और बैंड बाजे शामिल थे, जिसने नगर की सड़कों पर आस्था का माहौल बना दिया। यज्ञाचार्य पंडित चूड़ामणि दीक्षित उर्फ रामू बाबा और उनके सहयोगी आचार्यों - राजन तिवारी, अमित भारद्वाज, बृजभूषण मिश्रा व अभय मिश्रा के सानिध्य में यह महायज्ञ शुरू हुआ। इस दौरान सिर पर कलश धारण किए महिलाएं, हाथों में ध्वज लिए श्रद्धालु, शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चारण से पूरा वातावरण दिव्य हो उठा। कलश यात्रा केन यूनियन प्रांगण से निकलकर विशुनपुरा, बैतालपुर बाजार, आयल डिपो और बरारी होते हुए रुच्चापार स्थित दुर्गा मंदिर के जलाशय तक पहुंची। यहां विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया और वैदिक मंत्रों की गूंज के बीच जलाशय से पवित्र जल भरकर कलश यात्रा पुनः यज्ञ स्थल के लिए रवाना हुई। श्रद्धालुओं का मानना है कि श्रीरुद्र महायज्ञ से क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक भावनाओं को मजबूत किया, बल्कि सामाजिक एकता और सनातन संस्कृति की परंपरा को भी जीवंत किया है। आयोजकों के अनुसार, नौ दिनों तक चलने वाले इस महायज्ञ में प्रतिदिन रुद्राभिषेक, हवन, पूजन, धार्मिक प्रवचन और भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इस अवसर पर राजकुमार मद्धेशिया, सुयश मणि, सूर्यप्रकाश मणि, अजय मणि, त्रिलोकी जायसवाल, धर्मेन्द्र मोदनवाल, प्रवीण दुबे, राघवेंद्र तिवारी, भरथ मणि, अनिल मणि (गुल्लू), संजय जायसवाल, राधेश्याम जायसवाल और मुकुल मणि सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।3
- यूपी के देवरिया से एक चौंकाने वाली और फिल्मी जैसी खबर सामने आई है। भटनी नगर पंचायत में एक दुकान की मालकिन ने अपने ही नौकर को दिल दे दिया। चोरी-छिपे शुरू हुआ यह प्यार धीरे-धीरे खुल गया और आखिरकार मालकिन अपने प्रेमी के साथ अंबेडकर नगर भाग गई, जबकि पांच बच्चे घर पर रह गए। परेशान पति ने अंततः मजबूरी में अपनी पत्नी की शादी प्रेमी से मंदिर में करा दी। देवरिया के लोग इस अनोखी प्रेम कहानी को सुनकर हैरान और मज़ाक में कह रहे हैं कि “देवरिया की यह रियल-लाइफ कहानी बॉलीवुड को भी पीछे छोड़ गई!1
- देवरिया बैतालपुर श्री श्री 108 रुद्र महायज्ञ प्राण प्रतिष्ठा गन्ना समिति बैतालपुर केन यूनियन के द्वारा आयोजन किया गया आयोजन अध्यक्ष सूर्य प्रकाश मणि एवं राजकुमार गुप्ता मुकेश राव पूर्व प्रधान राजेंद्र सिंह उपस्थित रहे1
- देवरिया। भाटपार रानी व बनकटा थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पशु तस्करी कर रहे तीन अभियुक्तों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मौके से एक पिकअप वाहन, चार गौवंशीय पशु तथा एक देशी तमंचा व कारतूस बरामद किया है। जानकारी के अनुसार, थानाध्यक्ष भाटपार रानी व बनकटा मय पुलिस बल क्षेत्र में संदिग्ध वाहन व व्यक्तियों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि बनकटा-अमेठिया मार्ग ऐंठी के पास एक पिकअप वाहन में गौवंशीय पशुओं की तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर वाहन को रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखकर वाहन सवार अभियुक्तों ने भागने की कोशिश की। इस दौरान एक अभियुक्त ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर देशी तमंचे से फायर कर दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस द्वारा की गई फायरिंग में उक्त अभियुक्त के पैर में गोली लग गई, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्त ने अपना नाम छोटे अली उर्फ कमरे आलम पुत्र इब्राहिम अली निवासी खगौरा थाना धनौती, जनपद सिवान (बिहार) बताया। उसके पास से एक देशी तमंचा, एक जिंदा कारतूस व एक खोखा कारतूस बरामद हुआ। मौके से दो अन्य अभियुक्तों अरविन्द पासवान उर्फ टेनी पुत्र श्रीकान्त मांझी निवासी बघड़ा थाना मुफस्सिल, जनपद सिवान (बिहार) तथा अफरोज आलम उर्फ सुड्डू पुत्र शलाउद्यीन निवासी खगौरा थाना धनौती, जनपद सिवान (बिहार) को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त पिकअप वाहन तथा चार गौवंशीय पशुओं को अपने कब्जे में लेकर अभियुक्तों के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। बरामदगी में: एक पिकअप वाहन, एक देशी तमंचा, दो कारतूस व चार गौवंशीय पशु शामिल हैं। इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष भाटपार रानी उ0नि0 अभिषेक कुमार राय, थानाध्यक्ष बनकटा उ0नि0 विशाल कुमार, उ0नि0 दुग्रेश बरनवाल, उ0नि0 जय प्रकाश दुबे, कांस्टेबल अजय मौर्या, दिनेश सोनकर, शिवम सिंह, राकेश तिवारी व सज्जन चौहान की प्रमुख भूमिका रही।1
- देवरिया जिले के थाना भाटपार रानी व बनकटा पुलिस की सयुक्त कार्यवाही में पिकअप गाड़ी से तीन पशु तस्कर के साथ चार गौकशी पशु बरामद कर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही हैं।1
- देवरिया में शिक्षा के मंदिर पर हमला, प्राथमिक विद्यालय में तोड़फोड़ से हड़कंप देवरिया जिले में असामाजिक तत्वों ने शिक्षा के माहौल पर सीधा हमला करते हुए एक प्राथमिक विद्यालय को निशाना बनाया है। सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के घटैला गाजी स्थित प्राथमिक विद्यालय में अज्ञात लोगों ने घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। कक्षाओं में रखी बेंचें तोड़ दी गईं, किताबें इधर-उधर बिखेर दी गईं और कई कक्षाओं के दरवाजों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही विद्यालय प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई। विद्यालय के शिक्षकों ने मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस घटना से विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हुई है, वहीं बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रधानाचार्य ने बताया कि घटना की सूचना डायल 112 के माध्यम से पुलिस को दे दी गई है। पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है और अज्ञात आरोपियों की तलाश की जा रही है।2