Shuru
Apke Nagar Ki App…
गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 7091077898
Pankaj kumar
गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 7091077898
More news from Ranchi and nearby areas
- 12 दिनों से लापता अंश और अंशिका को ढूंढने में पुलिस समर्थ,बीजेपी कार्यकर्ताओं ने किया S.S.P ऑफिस का घेराव।1
- #BREAKING_NEWS गोला प्रखंड के चोपादारू गांव मे एक जंगली हाथी की मौत जांच मे जुटी वन विभाग की टीम1
- ग्रामीणों के आंदोलन का असर: नरेश रजवार हादसे में कंपनी ने दिया मुआवजा1
- झारखंड में आज भी परंपरागत और रोचक खेल है 'मुर्गा लड़ाई'। झारखंड के जनजातीय ओर ग्रामीण इलाकों में लगने वाले ग्रामीण हाट-बाजारों के अलावा कई अन्य स्थानों पर आज भी एक परंपरागत खेल 'मुर्गा लड़ाई' बेहद लोकप्रिय है। इसमें हारने वाला मुर्गा जीतने वाले मुर्गा के मालिक को मिल जाता, कई जिलों में इस लड़ाई को आदिवासियों की संस्कृति से जोड़कर देखा जाता है. इस छेत्र के समाज के ग्रामीणों में ऐसी मान्यता है कि उनकी कई पीढ़ियों से ये मुर्गा लड़ाई म हुदा के भदवार टाँड़ राजा के जमाने होता आ रहा है। सबसे बड़ी बात है लाखो की संख्या में लोग आते है कोई अपनी घर परिवार को चलाने के लिए ठेला लगता है तो कोई कपड़ा बेचता है तो कोई गन्ना तो कोई होटल खोलकर अपना रोजगार करता है कुछ घंटों के इस मैले में। ये मुर्गा लड़ाई कोई भी कमिटी नही करती ओर न कोई इसका आयोजन कर्ता होता है झारखंड के हर जिले के अलावा उससे सटे कई राज्यो के लोग इस मेले में आते है। जिसे लोग बावड़ी मेला कहते है। करीब 20 फुट के घेरे में दो मुर्गो की लड़ाई होती है. लड़ाई के दौरान मुर्गे की पैंतरेबाजी देखने लायक होती है. लड़ाई में एक चक्र अमूमन सात से 10 मिनट तक चलता है. लड़ाई शुरू होने से पहले और लड़ाई के दौरान लोग मुर्गो पर दांव लगाते हैं. सट्टेबाज लोगों को उकसाते हुए चारों तरफ घूमते रहते हैं. इस दौरान मुर्गे को उत्साहित करने के लिए मुर्गा का मालिक तरह-तरह की आवाजें निकालता रहता है, जिसके बाद मुर्गा और खतरनाक हो जाता है. मुर्गा लड़ाई के लिए मुर्गा पालने के शौकीन लड़ाई में प्रशिक्षित मुर्गे उतारे जाते हैं. लड़ने के लिए तैयार मुर्गे के एक पैर में 'कत्थी' बांधा जाता है ऐसा नहीं कि यह कत्थी कोई व्यक्ति बांध सकता है. इसके बांधने की भी अपनी कला है. कत्थी बांधने का कार्य करने वालों को 'कातकीर' कहा जाता है जो इस कला में माहिर होता है. मुर्गे आपस में कत्थी द्वारा एक दूसरे पर वार करते रहते हैं. इस दौरान मुर्गा लहुलूहान हो जाता है. जो मुर्गा गिर या बैठ जाता इस लड़ाई में तभी समाप्त होती है जब तक मुर्गा घायल न हो जाए या मैदान छोड़कर भाग जाए. तब तक जीत हार का मान्य नही होता। जानकार बताते हैं कि मुर्गा को लड़ाकू बनाने के लिए खास तौर पर न केवल प्रशिक्षण दिया जाता है बल्कि उसके खान-पान पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है. लड़ाई के लिए तैयार किए जाने वाले मुर्गे को ताकतवर बनाने के लिए उन्हें सूखी मछली का घोल, किशमिश, उबला हुआ मक्का और विटामिन के इंजेक्शन तक दिए जाते हैं.1
- मासूम लड़की और भेड़िया1
- धनबाद कोयलांचल में मकर संक्रांति 2 दिन होने के कारण लोगों में अजमंजश देखी गई लेकिन बाजारों में लोगों की भीड़ देखने को बनती है लोग दही चूड़ा अच्छा तिलकुट एवं अन्य सामग्री लेने के लिए दुकानों में जुटे आइए हम आपको दिखाते हैं तिलकुट किस प्रकार बनता है और आपके घर तक पहुंचता है हमने इस संबंध में कई दुकानदारों से बात की तो उन्होंने क्या कुछ कहा आइए जानते हैं इस खबर में1
- गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 70910778981
- बाघमारा क्षेत्र के बाघमारा क्षेत्र के कतरास स्थित जी एन एम प्लस टू खेल मैदान में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के तत्वाधान में राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया गया इसमें आगे क्या कुछ हुआ लिए जानते हैं इस खबर में1
- एक मिस कॉल प्यार में बदल गया 4 महीने के बाद सच्चाई आई सामने .. #बिहार 55 साल की महिला को 35 साल के युवक से प्यार हो गया है। महिला बीच सड़क में युवक को नहीं छोड़ रही है। यह मामला बिहार के बांका जिले का है। महिला ने इस युवक से शादी कर लिया है। अब इसी के साथ रहने की जिद्द पर है। भागलपुर रेलवे स्टेशन पर मुलाकात की, जिसके बाद साथ जीवन बिताने का फैसला करते हुए लुधियाना जाने का निर्णय लिया। लुधियाना पहुंचकर दोनों ने शादी कर ली और तब से पति-पत्नी की तरह साथ रह रहे थे। महिला ने यह भी दावा किया कि वह अपनी मर्जी से युवक के साथ रह रही है। अब दोनों पुलिस के पास सुरक्षित हैं मामले की जांच चल रही है1