logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

जबलपुर की बरेला उपतहसील में पटवारियों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। आवाज़ न्यूज़ द्वारा 11 जून 2026 को दी गई जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में पटवारियों की मनमानी बदस्तूर जारी है।

20 hrs ago
user_Deepak Vishawakarma
Deepak Vishawakarma
Photographer पनागर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
20 hrs ago

जबलपुर की बरेला उपतहसील में पटवारियों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। आवाज़ न्यूज़ द्वारा 11 जून 2026 को दी गई जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में पटवारियों की मनमानी बदस्तूर जारी है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • Post by Bbmm time news
    1
    Post by Bbmm time news
    user_Bbmm time news
    Bbmm time news
    जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • बहोरीबंद विकासखंड की डिहुंता कॉलोनी के किसान सोनू कुमार ने वैज्ञानिक तरीके से खीरे की खेती कर एक नई मिसाल पेश की है। उन्होंने एक एकड़ जमीन पर मल्चिंग पेपर और ड्रिप इरिगेशन तकनीक का उपयोग करके खीरे की फसल लगाई है, जिससे लागत में कमी और उत्पादन में वृद्धि की उम्मीद है। करीब 50 हजार रुपये की लागत वाली इस खेती से किसान को एक लाख रुपये से अधिक की आय होने की संभावना है। यह उपलब्धि उद्यानिकी विभाग की सब्सिडी से मिली मल्चिंग पेपर और आधुनिक सिंचाई व्यवस्था के कारण संभव हुई है, जिससे खरपतवार और बीमारियाँ कम होती हैं, वहीं पानी की भी बचत होती है। फसल की तुड़ाई 15 जुलाई से शुरू होने की उम्मीद है। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने आज शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे किसानों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और परंपरागत खेती के साथ सब्जी उत्पादन अपनाने की अपील की है, ताकि कम जमीन में भी ज्यादा मुनाफा कमाया जा सके।
    1
    बहोरीबंद विकासखंड की डिहुंता कॉलोनी के किसान सोनू कुमार ने वैज्ञानिक तरीके से खीरे की खेती कर एक नई मिसाल पेश की है। उन्होंने एक एकड़ जमीन पर मल्चिंग पेपर और ड्रिप इरिगेशन तकनीक का उपयोग करके खीरे की फसल लगाई है, जिससे लागत में कमी और उत्पादन में वृद्धि की उम्मीद है। करीब 50 हजार रुपये की लागत वाली इस खेती से किसान को एक लाख रुपये से अधिक की आय होने की संभावना है।

यह उपलब्धि उद्यानिकी विभाग की सब्सिडी से मिली मल्चिंग पेपर और आधुनिक सिंचाई व्यवस्था के कारण संभव हुई है, जिससे खरपतवार और बीमारियाँ कम होती हैं, वहीं पानी की भी बचत होती है। फसल की तुड़ाई 15 जुलाई से शुरू होने की उम्मीद है। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने आज शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे किसानों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और परंपरागत खेती के साथ सब्जी उत्पादन अपनाने की अपील की है, ताकि कम जमीन में भी ज्यादा मुनाफा कमाया जा सके।
    user_Koushal tiwari
    Koushal tiwari
    Carpenter बहोरीबंद, कटनी, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • नरसिंहपुर जिले में पुलिस ने मंदिरों में चोरी करने वाले शातिर अपराधियों को पकड़कर एक बड़ी कार्रवाई की है। जिले के गोटेगांव, करकबेल, तेंदुखेड़ा सहित अन्य स्थानों पर स्थित मंदिरों में हुई चोरी की वारदातों के मामले में पुलिस ने अपराधियों का ग्रामीण क्षेत्र में जुलूस निकाला और उनसे मंदिरों से चुराई गई भगवान की मूर्तियाँ सहित अन्य सामग्री बरामद की है। पुलिस ने बताया कि ग्राम करकबेल के जैन मंदिर में कुछ दिन पहले अज्ञात चोरों ने मंदिर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस थाने में शिकायत के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए एक टीम गठित की गई। पूछताछ में चोरों ने जिले के कई अन्य मंदिरों में भी चोरी करने की बात कबूली, जिसके बाद पुलिस ने विभिन्न मंदिरों से चोरी की गई सामग्री को बरामद किया। इसके बाद पुलिस ने ग्राम करकबेल में इन चोरों का पैदल जुलूस निकाला। इस दौरान करकबेल के ग्रामीणों ने पुलिस की त्वरित सफलता की सराहना की। जैन समाज के सदस्य भी पुलिस की इस कार्रवाई से काफी प्रसन्न दिखे, क्योंकि जैन मंदिर और अन्य मंदिरों से चुराई गई भगवान की प्रतिमाएं, छत्र और विभिन्न सामग्री पुलिस द्वारा बरामद कर ली गई हैं।
    2
    नरसिंहपुर जिले में पुलिस ने मंदिरों में चोरी करने वाले शातिर अपराधियों को पकड़कर एक बड़ी कार्रवाई की है। जिले के गोटेगांव, करकबेल, तेंदुखेड़ा सहित अन्य स्थानों पर स्थित मंदिरों में हुई चोरी की वारदातों के मामले में पुलिस ने अपराधियों का ग्रामीण क्षेत्र में जुलूस निकाला और उनसे मंदिरों से चुराई गई भगवान की मूर्तियाँ सहित अन्य सामग्री बरामद की है।

पुलिस ने बताया कि ग्राम करकबेल के जैन मंदिर में कुछ दिन पहले अज्ञात चोरों ने मंदिर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस थाने में शिकायत के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए एक टीम गठित की गई। पूछताछ में चोरों ने जिले के कई अन्य मंदिरों में भी चोरी करने की बात कबूली, जिसके बाद पुलिस ने विभिन्न मंदिरों से चोरी की गई सामग्री को बरामद किया।

इसके बाद पुलिस ने ग्राम करकबेल में इन चोरों का पैदल जुलूस निकाला। इस दौरान करकबेल के ग्रामीणों ने पुलिस की त्वरित सफलता की सराहना की। जैन समाज के सदस्य भी पुलिस की इस कार्रवाई से काफी प्रसन्न दिखे, क्योंकि जैन मंदिर और अन्य मंदिरों से चुराई गई भगवान की प्रतिमाएं, छत्र और विभिन्न सामग्री पुलिस द्वारा बरामद कर ली गई हैं।
    user_DEEPAK SAHU
    DEEPAK SAHU
    रिपोर्टर गोटेगांव, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • पूरे भारत में 'खान सर' के नाम से पहचाने जाने वाले फैजल खान की 'घिनौनी सच्चाई' अब उजागर हो रही है। यह सामने आया है कि उनके माध्यम से एक 'एजुकेशन माफिया' का खेल चल रहा है, जहाँ पैसे देकर नाम कमाया जा रहा है और शिक्षा की आड़ में एक खास एजेंडे के तहत छात्रों का 'ब्रेनवॉश' किया जा रहा है। इसे एक 'भयानक षड्यंत्र' बताया गया है, जिसके प्रति हिंदुओं को आगाह किया गया है कि वे 'कट्टरपंथी विचारधारा' पर भरोसा करके खुद को और अपने परिवार को खतरे में न डालें। यह 'कट्टरपंथी विचारधारा' इसी तरह काम करती है कि पहले वह लोगों के दिलों में जगह बनाती है, और फिर षड्यंत्रकारी तरीके से अपने एजेंट के माध्यम से लोगों के दिमाग में 'जहर' भरती है तथा उनका ब्रेनवॉश करती है। दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से, ऐसे कई मामले सामने आने के बाद भी हिंदू समाज जागरूक नहीं हो रहा है और इस 'कट्टरपंथी विचारधारा' की चपेट में बार-बार आता जा रहा है। इसलिए, 'जागो हिंदू जागो' का आह्वान किया गया है और इस 'कट्टरपंथी विचारधारा' का पूर्ण रूप से आजीवन बहिष्कार करने की अपील की गई है।
    1
    पूरे भारत में 'खान सर' के नाम से पहचाने जाने वाले फैजल खान की 'घिनौनी सच्चाई' अब उजागर हो रही है। यह सामने आया है कि उनके माध्यम से एक 'एजुकेशन माफिया' का खेल चल रहा है, जहाँ पैसे देकर नाम कमाया जा रहा है और शिक्षा की आड़ में एक खास एजेंडे के तहत छात्रों का 'ब्रेनवॉश' किया जा रहा है। इसे एक 'भयानक षड्यंत्र' बताया गया है, जिसके प्रति हिंदुओं को आगाह किया गया है कि वे 'कट्टरपंथी विचारधारा' पर भरोसा करके खुद को और अपने परिवार को खतरे में न डालें।

यह 'कट्टरपंथी विचारधारा' इसी तरह काम करती है कि पहले वह लोगों के दिलों में जगह बनाती है, और फिर षड्यंत्रकारी तरीके से अपने एजेंट के माध्यम से लोगों के दिमाग में 'जहर' भरती है तथा उनका ब्रेनवॉश करती है।

दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से, ऐसे कई मामले सामने आने के बाद भी हिंदू समाज जागरूक नहीं हो रहा है और इस 'कट्टरपंथी विचारधारा' की चपेट में बार-बार आता जा रहा है। इसलिए, 'जागो हिंदू जागो' का आह्वान किया गया है और इस 'कट्टरपंथी विचारधारा' का पूर्ण रूप से आजीवन बहिष्कार करने की अपील की गई है।
    user_Naresh Bajaj
    Naresh Bajaj
    पत्रकार कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    54 min ago
  • यह संदेश इस बात पर जोर देता है कि धरती हमारी माता है, और इसलिए इस पर समय-समय पर ध्यान देना अत्यंत महत्वपूर्ण है। मूल पाठ में पृथ्वी की देखभाल और उसके प्रति निरंतर सजगता बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
    1
    यह संदेश इस बात पर जोर देता है कि धरती हमारी माता है, और इसलिए इस पर समय-समय पर ध्यान देना अत्यंत महत्वपूर्ण है। मूल पाठ में पृथ्वी की देखभाल और उसके प्रति निरंतर सजगता बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
    user_Bbmm time news
    Bbmm time news
    जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • दमोह जिले के मोहरा गाँव से बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ एक उपभोक्ता को पहले ₹4 लाख से अधिक का भारी-भरकम बिल थमा दिया गया था। उपभोक्ता फोरम की जाँच के बाद यह बिल घटाकर मात्र ₹58 हजार कर दिया गया, लेकिन आदेश के कई दिन बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई है। ग्राम मोहरा निवासी आनंद ठाकुर ने बताया कि उनकी पत्नी के नाम पर एक राइस मिल संचालित है, जो साल में केवल चार महीने ही चलती है, जबकि आठ महीने बंद रहती है। इसके बावजूद, बिजली विभाग लगातार पूरे वर्ष के हिसाब से बिल भेजता रहा, जो वर्ष 2024 में कभी ₹4 हजार तो कभी ₹6 हजार से अधिक के आते रहे। उपभोक्ता का आरोप है कि बढ़े हुए बिलों का विरोध करने और भुगतान न करने पर विभाग ने बकाया राशि बढ़ाते हुए इसे ₹4 लाख से अधिक कर दिया। साथ ही, राइस मिल के कनेक्शन के साथ-साथ घरेलू कनेक्शन भी काट दिया गया, जबकि घरेलू बिल नियमित रूप से जमा किया जाता रहा था। आनंद ठाकुर ने अपनी समस्या के समाधान के लिए बिजली विभाग और कलेक्टर कार्यालय में कई बार शिकायतें कीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने जबलपुर स्थित बिजली उपभोक्ता फोरम का रुख किया। फोरम ने मामले की सुनवाई और जाँच के उपरांत 2 जून को अपना निर्णय सुनाया, जिसमें ₹4 लाख से अधिक के बिल को निरस्त कर नया बिल ₹58 हजार निर्धारित किया गया। फोरम ने यह भी निर्देश दिया था कि पहले बिजली आपूर्ति बहाल की जाए और बाद में संशोधित बिल की राशि जमा कराई जाए। हालांकि, उपभोक्ता का आरोप है कि फोरम के स्पष्ट आदेश के बावजूद अब तक बिजली कनेक्शन बहाल नहीं किया गया है। उन्होंने हर्रई विद्युत वितरण केंद्र के कनिष्ठ अभियंता पर मनमानी करने और उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। इस पर कनिष्ठ अभियंता शिवदयाल ने बताया है कि उपभोक्ता फोरम का आदेश मौखिक हुआ है, अभी लिखित आदेश आना बाकी है, और बिल चुकता होने पर ही लाइट जुड़ेगी। इस मामले ने क्षेत्र में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और ग्रामीण पूछ रहे हैं कि यदि उपभोक्ता फोरम के आदेशों का भी पालन नहीं होगा, तो आम लोगों को न्याय कैसे मिलेगा।
    1
    दमोह जिले के मोहरा गाँव से बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ एक उपभोक्ता को पहले ₹4 लाख से अधिक का भारी-भरकम बिल थमा दिया गया था। उपभोक्ता फोरम की जाँच के बाद यह बिल घटाकर मात्र ₹58 हजार कर दिया गया, लेकिन आदेश के कई दिन बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई है।

ग्राम मोहरा निवासी आनंद ठाकुर ने बताया कि उनकी पत्नी के नाम पर एक राइस मिल संचालित है, जो साल में केवल चार महीने ही चलती है, जबकि आठ महीने बंद रहती है। इसके बावजूद, बिजली विभाग लगातार पूरे वर्ष के हिसाब से बिल भेजता रहा, जो वर्ष 2024 में कभी ₹4 हजार तो कभी ₹6 हजार से अधिक के आते रहे। उपभोक्ता का आरोप है कि बढ़े हुए बिलों का विरोध करने और भुगतान न करने पर विभाग ने बकाया राशि बढ़ाते हुए इसे ₹4 लाख से अधिक कर दिया। साथ ही, राइस मिल के कनेक्शन के साथ-साथ घरेलू कनेक्शन भी काट दिया गया, जबकि घरेलू बिल नियमित रूप से जमा किया जाता रहा था।

आनंद ठाकुर ने अपनी समस्या के समाधान के लिए बिजली विभाग और कलेक्टर कार्यालय में कई बार शिकायतें कीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने जबलपुर स्थित बिजली उपभोक्ता फोरम का रुख किया। फोरम ने मामले की सुनवाई और जाँच के उपरांत 2 जून को अपना निर्णय सुनाया, जिसमें ₹4 लाख से अधिक के बिल को निरस्त कर नया बिल ₹58 हजार निर्धारित किया गया। फोरम ने यह भी निर्देश दिया था कि पहले बिजली आपूर्ति बहाल की जाए और बाद में संशोधित बिल की राशि जमा कराई जाए।

हालांकि, उपभोक्ता का आरोप है कि फोरम के स्पष्ट आदेश के बावजूद अब तक बिजली कनेक्शन बहाल नहीं किया गया है। उन्होंने हर्रई विद्युत वितरण केंद्र के कनिष्ठ अभियंता पर मनमानी करने और उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। इस पर कनिष्ठ अभियंता शिवदयाल ने बताया है कि उपभोक्ता फोरम का आदेश मौखिक हुआ है, अभी लिखित आदेश आना बाकी है, और बिल चुकता होने पर ही लाइट जुड़ेगी। इस मामले ने क्षेत्र में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और ग्रामीण पूछ रहे हैं कि यदि उपभोक्ता फोरम के आदेशों का भी पालन नहीं होगा, तो आम लोगों को न्याय कैसे मिलेगा।
    user_भगवत सिंह लोधी पत्रकार
    भगवत सिंह लोधी पत्रकार
    Farmer Jabera, Damoh•
    19 hrs ago
  • राजघाट केवलारी मार्ग पर आए आंधी-तूफान के कारण कई पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए हैं। इस घटना से मार्ग बाधित हो गया है, जिसके चलते बड़े वाहनों का आगमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
    1
    राजघाट केवलारी मार्ग पर आए आंधी-तूफान के कारण कई पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए हैं। इस घटना से मार्ग बाधित हो गया है, जिसके चलते बड़े वाहनों का आगमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
    user_भगवत सिंह लोधी पत्रकार
    भगवत सिंह लोधी पत्रकार
    Farmer Jabera, Damoh•
    15 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.