दमोह जिले के मोहरा गाँव से बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ एक उपभोक्ता को पहले ₹4 लाख से अधिक का भारी-भरकम बिल थमा दिया गया था। उपभोक्ता फोरम की जाँच के बाद यह बिल घटाकर मात्र ₹58 हजार कर दिया गया, लेकिन आदेश के कई दिन बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई है। ग्राम मोहरा निवासी आनंद ठाकुर ने बताया कि उनकी पत्नी के नाम पर एक राइस मिल संचालित है, जो साल में केवल चार महीने ही चलती है, जबकि आठ महीने बंद रहती है। इसके बावजूद, बिजली विभाग लगातार पूरे वर्ष के हिसाब से बिल भेजता रहा, जो वर्ष 2024 में कभी ₹4 हजार तो कभी ₹6 हजार से अधिक के आते रहे। उपभोक्ता का आरोप है कि बढ़े हुए बिलों का विरोध करने और भुगतान न करने पर विभाग ने बकाया राशि बढ़ाते हुए इसे ₹4 लाख से अधिक कर दिया। साथ ही, राइस मिल के कनेक्शन के साथ-साथ घरेलू कनेक्शन भी काट दिया गया, जबकि घरेलू बिल नियमित रूप से जमा किया जाता रहा था। आनंद ठाकुर ने अपनी समस्या के समाधान के लिए बिजली विभाग और कलेक्टर कार्यालय में कई बार शिकायतें कीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने जबलपुर स्थित बिजली उपभोक्ता फोरम का रुख किया। फोरम ने मामले की सुनवाई और जाँच के उपरांत 2 जून को अपना निर्णय सुनाया, जिसमें ₹4 लाख से अधिक के बिल को निरस्त कर नया बिल ₹58 हजार निर्धारित किया गया। फोरम ने यह भी निर्देश दिया था कि पहले बिजली आपूर्ति बहाल की जाए और बाद में संशोधित बिल की राशि जमा कराई जाए। हालांकि, उपभोक्ता का आरोप है कि फोरम के स्पष्ट आदेश के बावजूद अब तक बिजली कनेक्शन बहाल नहीं किया गया है। उन्होंने हर्रई विद्युत वितरण केंद्र के कनिष्ठ अभियंता पर मनमानी करने और उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। इस पर कनिष्ठ अभियंता शिवदयाल ने बताया है कि उपभोक्ता फोरम का आदेश मौखिक हुआ है, अभी लिखित आदेश आना बाकी है, और बिल चुकता होने पर ही लाइट जुड़ेगी। इस मामले ने क्षेत्र में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और ग्रामीण पूछ रहे हैं कि यदि उपभोक्ता फोरम के आदेशों का भी पालन नहीं होगा, तो आम लोगों को न्याय कैसे मिलेगा।
दमोह जिले के मोहरा गाँव से बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ एक उपभोक्ता को पहले ₹4 लाख से अधिक का भारी-भरकम बिल थमा दिया गया था। उपभोक्ता फोरम की जाँच के बाद यह बिल घटाकर मात्र ₹58 हजार कर दिया गया, लेकिन आदेश के कई दिन बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई है। ग्राम मोहरा निवासी आनंद ठाकुर ने बताया कि उनकी पत्नी के नाम पर एक राइस मिल संचालित है, जो साल में केवल चार महीने ही चलती है, जबकि आठ महीने बंद रहती है। इसके बावजूद, बिजली विभाग लगातार पूरे वर्ष के हिसाब से बिल भेजता रहा, जो वर्ष 2024 में कभी ₹4 हजार तो कभी ₹6 हजार से अधिक के आते रहे। उपभोक्ता का आरोप है कि बढ़े हुए बिलों का विरोध करने और भुगतान न करने पर विभाग ने बकाया राशि बढ़ाते हुए इसे ₹4 लाख से अधिक कर दिया। साथ ही, राइस मिल के कनेक्शन के साथ-साथ घरेलू कनेक्शन भी काट दिया गया, जबकि घरेलू बिल नियमित रूप से जमा किया जाता रहा था। आनंद ठाकुर ने अपनी समस्या के समाधान के लिए बिजली विभाग और कलेक्टर कार्यालय में कई बार शिकायतें कीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने जबलपुर स्थित बिजली उपभोक्ता फोरम का रुख किया। फोरम ने मामले की सुनवाई और जाँच के उपरांत 2 जून को अपना निर्णय सुनाया, जिसमें ₹4 लाख से अधिक के बिल को निरस्त कर नया बिल ₹58 हजार निर्धारित किया गया। फोरम ने यह भी निर्देश दिया था कि पहले बिजली आपूर्ति बहाल की जाए और बाद में संशोधित बिल की राशि जमा कराई जाए। हालांकि, उपभोक्ता का आरोप है कि फोरम के स्पष्ट आदेश के बावजूद अब तक बिजली कनेक्शन बहाल नहीं किया गया है। उन्होंने हर्रई विद्युत वितरण केंद्र के कनिष्ठ अभियंता पर मनमानी करने और उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। इस पर कनिष्ठ अभियंता शिवदयाल ने बताया है कि उपभोक्ता फोरम का आदेश मौखिक हुआ है, अभी लिखित आदेश आना बाकी है, और बिल चुकता होने पर ही लाइट जुड़ेगी। इस मामले ने क्षेत्र में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और ग्रामीण पूछ रहे हैं कि यदि उपभोक्ता फोरम के आदेशों का भी पालन नहीं होगा, तो आम लोगों को न्याय कैसे मिलेगा।
- दमोह से थोड़ी दूरी पर स्थित असलाना स्टेशन पर आगामी 'जै जै सरकार कार्यक्रम' का आयोजन वर्ष 2026 में किया जाएगा। इस आयोजन की घोषणा 'जय श्री राम' और 'जय श्री राधे राधे' के भक्तिमय उद्घोष के साथ की गई है।1
- दमोह शहर के बड़ापुरा क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री और बढ़ते अपराधों के विरोध में रविवार को अंबेडकर धर्मशाला में एक सामाजिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में क्षेत्र के बुद्धिजीवियों, महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने हिस्सा लिया। उन्होंने अवैध शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और अपराधों पर नियंत्रण के लिए ठोस कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की। वक्ताओं ने इस दौरान कहा कि अवैध शराब के कारण क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसे रोकने के लिए प्रशासन को एक विशेष अभियान चलाना चाहिए। बैठक में बड़ापुरा चौराहा से इमलाई चौराहा, सिताबाबरी, आशाराम चौराहा और चमन चौराहा तक के प्रमुख मार्गों पर चाकूबाजी एवं अन्य आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने हेतु सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी मांग उठाई गई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इन मांगों को लेकर सोमवार, 15 जून को कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के नाम एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके लिए सभी लोग सुबह 11 बजे बड़ापुरा स्थित अंबेडकर धर्मशाला में एकत्रित होंगे और एक रैली के रूप में प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाएंगे। इस दौरान उपस्थित लोगों ने “अवैध शराब बंद करो”, “बढ़ते अपराधों पर मुहिम चलाओ” तथा “जय भीम, जय भारत, जय संविधान” जैसे नारों के साथ एक जनजागरण अभियान चलाने का भी संकल्प लिया। इस पूरे आयोजन को अहिरवार बड़ापुरा समिति द्वारा आयोजित किया गया।1
- कटनी जिले की रीठी तहसील और आसपास के क्षेत्रों में मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ तेज आंधी के साथ हल्की बारिश शुरू हो गई, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। आंधी इतनी प्रचंड थी कि कई स्थानों पर पेड़ टूटकर सड़कों और अन्य जगहों पर गिर गए, जिससे व्यापक अवरोध उत्पन्न हुआ। तेज हवाओं के कारण एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। सूत्रों के अनुसार, कई जगहों पर बिजली के खंभों के क्षतिग्रस्त होने और टूटने की भी खबरें सामने आई हैं, जिसके परिणामस्वरूप विद्युत व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। स्थानीय लोगों को आंधी और बारिश के कारण आवागमन में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। फिलहाल, प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। मौसम का मिजाज अभी भी बना हुआ है, जिसके मद्देनजर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक रूप से अपने घरों से बाहर न निकलें।1
- जबलपुर की बरेला उपतहसील में पटवारियों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। आवाज़ न्यूज़ द्वारा 11 जून 2026 को दी गई जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में पटवारियों की मनमानी बदस्तूर जारी है।1
- दमोह जिले के मोहरा गाँव से बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ एक उपभोक्ता को पहले ₹4 लाख से अधिक का भारी-भरकम बिल थमा दिया गया था। उपभोक्ता फोरम की जाँच के बाद यह बिल घटाकर मात्र ₹58 हजार कर दिया गया, लेकिन आदेश के कई दिन बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई है। ग्राम मोहरा निवासी आनंद ठाकुर ने बताया कि उनकी पत्नी के नाम पर एक राइस मिल संचालित है, जो साल में केवल चार महीने ही चलती है, जबकि आठ महीने बंद रहती है। इसके बावजूद, बिजली विभाग लगातार पूरे वर्ष के हिसाब से बिल भेजता रहा, जो वर्ष 2024 में कभी ₹4 हजार तो कभी ₹6 हजार से अधिक के आते रहे। उपभोक्ता का आरोप है कि बढ़े हुए बिलों का विरोध करने और भुगतान न करने पर विभाग ने बकाया राशि बढ़ाते हुए इसे ₹4 लाख से अधिक कर दिया। साथ ही, राइस मिल के कनेक्शन के साथ-साथ घरेलू कनेक्शन भी काट दिया गया, जबकि घरेलू बिल नियमित रूप से जमा किया जाता रहा था। आनंद ठाकुर ने अपनी समस्या के समाधान के लिए बिजली विभाग और कलेक्टर कार्यालय में कई बार शिकायतें कीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने जबलपुर स्थित बिजली उपभोक्ता फोरम का रुख किया। फोरम ने मामले की सुनवाई और जाँच के उपरांत 2 जून को अपना निर्णय सुनाया, जिसमें ₹4 लाख से अधिक के बिल को निरस्त कर नया बिल ₹58 हजार निर्धारित किया गया। फोरम ने यह भी निर्देश दिया था कि पहले बिजली आपूर्ति बहाल की जाए और बाद में संशोधित बिल की राशि जमा कराई जाए। हालांकि, उपभोक्ता का आरोप है कि फोरम के स्पष्ट आदेश के बावजूद अब तक बिजली कनेक्शन बहाल नहीं किया गया है। उन्होंने हर्रई विद्युत वितरण केंद्र के कनिष्ठ अभियंता पर मनमानी करने और उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। इस पर कनिष्ठ अभियंता शिवदयाल ने बताया है कि उपभोक्ता फोरम का आदेश मौखिक हुआ है, अभी लिखित आदेश आना बाकी है, और बिल चुकता होने पर ही लाइट जुड़ेगी। इस मामले ने क्षेत्र में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और ग्रामीण पूछ रहे हैं कि यदि उपभोक्ता फोरम के आदेशों का भी पालन नहीं होगा, तो आम लोगों को न्याय कैसे मिलेगा।1
- राजघाट केवलारी मार्ग पर आए आंधी-तूफान के कारण कई पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए हैं। इस घटना से मार्ग बाधित हो गया है, जिसके चलते बड़े वाहनों का आगमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।1