दमोह शहर के बड़ापुरा क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री और बढ़ते अपराधों के विरोध में रविवार को अंबेडकर धर्मशाला में एक सामाजिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में क्षेत्र के बुद्धिजीवियों, महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने हिस्सा लिया। उन्होंने अवैध शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और अपराधों पर नियंत्रण के लिए ठोस कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की। वक्ताओं ने इस दौरान कहा कि अवैध शराब के कारण क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसे रोकने के लिए प्रशासन को एक विशेष अभियान चलाना चाहिए। बैठक में बड़ापुरा चौराहा से इमलाई चौराहा, सिताबाबरी, आशाराम चौराहा और चमन चौराहा तक के प्रमुख मार्गों पर चाकूबाजी एवं अन्य आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने हेतु सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी मांग उठाई गई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इन मांगों को लेकर सोमवार, 15 जून को कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के नाम एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके लिए सभी लोग सुबह 11 बजे बड़ापुरा स्थित अंबेडकर धर्मशाला में एकत्रित होंगे और एक रैली के रूप में प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाएंगे। इस दौरान उपस्थित लोगों ने “अवैध शराब बंद करो”, “बढ़ते अपराधों पर मुहिम चलाओ” तथा “जय भीम, जय भारत, जय संविधान” जैसे नारों के साथ एक जनजागरण अभियान चलाने का भी संकल्प लिया। इस पूरे आयोजन को अहिरवार बड़ापुरा समिति द्वारा आयोजित किया गया।
दमोह शहर के बड़ापुरा क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री और बढ़ते अपराधों के विरोध में रविवार को अंबेडकर धर्मशाला में एक सामाजिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में क्षेत्र के बुद्धिजीवियों, महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने हिस्सा लिया। उन्होंने अवैध शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और अपराधों पर नियंत्रण के लिए ठोस कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की। वक्ताओं ने इस दौरान कहा कि अवैध शराब के कारण क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसे रोकने के लिए प्रशासन को एक विशेष अभियान चलाना चाहिए। बैठक में बड़ापुरा चौराहा से इमलाई चौराहा, सिताबाबरी, आशाराम चौराहा और चमन चौराहा तक के प्रमुख मार्गों पर चाकूबाजी एवं अन्य आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने हेतु सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी मांग उठाई गई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इन मांगों को लेकर सोमवार, 15 जून को कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के नाम एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके लिए सभी लोग सुबह 11 बजे बड़ापुरा स्थित अंबेडकर धर्मशाला में एकत्रित होंगे और एक रैली के रूप में प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाएंगे। इस दौरान उपस्थित लोगों ने “अवैध शराब बंद करो”, “बढ़ते अपराधों पर मुहिम चलाओ” तथा “जय भीम, जय भारत, जय संविधान” जैसे नारों के साथ एक जनजागरण अभियान चलाने का भी संकल्प लिया। इस पूरे आयोजन को अहिरवार बड़ापुरा समिति द्वारा आयोजित किया गया।
- दमोह नगर में माँ भारती के वीर सपूत, मेवाड़ के गौरव और शौर्य के प्रतीक महाराणा प्रताप जी की जयंती के अवसर पर टीम जीवन सिंह शेरपुर करणी सेना परिवार द्वारा एक भव्य वाहन रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में बड़ी संख्या में युवाओं और समाजजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिन्होंने महाराणा प्रताप के आदर्शों को नमन किया। देशभक्ति और वीरता के नारों के बीच आयोजित इस रैली के माध्यम से, समाज के लोगों ने महाराणा प्रताप के त्याग, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति को विशेष रूप से स्मरण किया।1
- दमोह जिले से एक नागरिक ने विधायक माननीय श्री लखन पटेल जी से अपने घर के रास्ते की खराब स्थिति को लेकर निवेदन किया है। नागरिक ने विधायक से आग्रह किया है कि कृपया उनके घर का रास्ता बनवा दें, क्योंकि इसकी हालत बहुत खराब है। इसके साथ ही, उन्होंने विधायक से कुछ आर्थिक सहायता भी प्रदान करने की विनती की है, ताकि वे अपना रास्ता खुद बनवा सकें। नागरिक ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उन्हें इस खराब रास्ते के कारण बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।1
- जून माह में अश्वगंधा की फसल लगाने की तैयारी की जा रही है। इस फसल से प्रति एकड़ लाखों रुपए की आय प्राप्त होने की उम्मीद है।1
- कल रात एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा की गाड़ी का कांच फोड़ दिया गया। इस घटना के बाद, शासन-प्रशासन को इस मामले में कार्रवाई करने के लिए 24 घंटे की मोहलत दी गई है।1
- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई क्षेत्र से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिसकर्मियों और एक आम नागरिक के बीच हाथापाई और मारपीट होती दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि यह घटना घरेलू विवाद की सूचना पर मौके पर पहुंची 112 डायल पुलिस के साथ हुई। इसी दौरान पुलिसकर्मियों और संबंधित व्यक्ति के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। आरोप है कि अभद्रता के बाद पुलिस द्वारा व्यक्ति के साथ मारपीट की गई, जिससे गुस्साए व्यक्ति ने भी अपना आपा खो दिया और विवाद हाथापाई में बदल गया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस के व्यवहार और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। खास बात यह है कि यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब कुछ ही दिनों बाद राष्ट्रपति के बैतूल आगमन का कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिससे पुलिस और जनता के बीच यह टकराव प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, और मामले को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। वीडियो की सत्यता एवं घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि संबंधित जांच और प्रशासनिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1