चित्रकूट जनपद के मऊ थाना क्षेत्र में पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर लाइसेंसी राइफल लहराते हुए घूम रहे दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से एक लाइसेंसी .315 बोर की राइफल, पाँच जिंदा कारतूस और एक बिना नंबर की हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल बरामद की है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान टिकरा सिरावल, थाना राजापुर, जनपद चित्रकूट निवासी सुल्तान पुत्र बच्चा लाल और हरिश्चन्द्र पुत्र चुन्ना के रूप में हुई है। उन्हें ग्राम अहिरी रोड पर मोटरसाइकिल से राइफल लहराते हुए लालता रोड की ओर जाते समय घेराबंदी कर पकड़ा गया। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के निर्देशन में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, प्रभारी निरीक्षक मऊ श्रीप्रकाश यादव के मार्गदर्शन में उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार वर्मा अपनी टीम के साथ गश्त कर रहे थे, तभी यह कार्रवाई हुई। पूछताछ में युवकों ने बताया कि बरामद लाइसेंसी राइफल ग्राम मवई, थाना मऊ निवासी एक व्यक्ति (ठाकुर साहब) की है। इस मामले में मऊ थाने में मु.अ.सं. 230/2026 के तहत आयुध अधिनियम की धारा 30 के अंतर्गत दोनों अभियुक्तों और लाइसेंसी राइफल धारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, बिना नंबर की मोटरसाइकिल को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया गया है। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार वर्मा, उपनिरीक्षक अनिल कुमार, आरक्षी हिमांशू और चालक मुख्य आरक्षी बृजेश यादव शामिल थे।
चित्रकूट जनपद के मऊ थाना क्षेत्र में पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर लाइसेंसी राइफल लहराते हुए घूम रहे दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से एक लाइसेंसी .315 बोर की राइफल, पाँच जिंदा कारतूस और एक बिना नंबर की हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल बरामद की है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान टिकरा सिरावल, थाना राजापुर, जनपद चित्रकूट निवासी सुल्तान पुत्र बच्चा लाल और हरिश्चन्द्र पुत्र चुन्ना के रूप में हुई है। उन्हें ग्राम अहिरी रोड पर मोटरसाइकिल से राइफल लहराते हुए लालता रोड की ओर जाते समय घेराबंदी कर पकड़ा गया। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के निर्देशन में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, प्रभारी निरीक्षक मऊ श्रीप्रकाश यादव के मार्गदर्शन में उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार वर्मा अपनी टीम के साथ गश्त कर रहे थे, तभी यह कार्रवाई हुई। पूछताछ में युवकों ने बताया कि बरामद लाइसेंसी राइफल ग्राम मवई, थाना मऊ निवासी एक व्यक्ति (ठाकुर साहब) की है। इस मामले में मऊ थाने में मु.अ.सं. 230/2026 के तहत आयुध अधिनियम की धारा 30 के अंतर्गत दोनों अभियुक्तों और लाइसेंसी राइफल धारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, बिना नंबर की मोटरसाइकिल को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया गया है। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार वर्मा, उपनिरीक्षक अनिल कुमार, आरक्षी हिमांशू और चालक मुख्य आरक्षी बृजेश यादव शामिल थे।
- चित्रकूट में उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश सीमा पर ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध चल रही प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान एक गंभीर मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और नायब तहसीलदार बरौधा ने एक ओवरलोड ट्रक को पकड़ा था और उसे थाना माझगवां ले जाने का निर्देश दिया था। सुरक्षा कारणों से ट्रक में दो चौकीदारों को भी बैठाया गया था। बताया जा रहा है कि ट्रक चालक ने वाहन को उत्तर प्रदेश क्षेत्र में स्थित गौतम पेट्रोल पंप पर खड़ा कर दिया और मौके से फरार हो गया। इसके चलते प्रशासनिक अधिकारियों को ट्रक को आगे ले जाने में खासी परेशानी हुई। आरोप है कि इस दौरान गौतम पेट्रोल पंप के संचालक ने अपने कर्मचारियों के मोबाइल फोन से नायब तहसीलदार से बात की और कथित तौर पर धमकी भरे लहजे में कहा कि "मेरे पेट्रोल पंप से गाड़ी नहीं हटनी चाहिए, नहीं तो अच्छा नहीं होगा। यह उत्तर प्रदेश है।" स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि ऐसी प्रशासनिक कार्रवाई के समय ओवरलोड वाहन अक्सर इसी पेट्रोल पंप पर खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे कार्रवाई में बाधा उत्पन्न होती है। कुछ लोगों का मानना है कि इस प्रकार की घटनाओं से अवैध बालू परिवहन को संरक्षण मिलने की आशंका है।1
- भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में मेरठ में सब इंस्पेक्टर प्रकाश चंद को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उसने एक मुकदमे से नाम हटाने के एवज में ₹2 लाख की रिश्वत की मांग की थी। इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। सवाल यह उठाया गया है कि जब कानून के रखवाले ही न्याय का सौदा करने लगें, तो आम जनता आखिर किस पर भरोसा करे?1
- Post by Anil kumar Rawt4
- चित्रकूट जनपद के कर्वी तहसील क्षेत्र के पथरौड़ी गांव के ग्रामीण आज सोमवार सुबह 11:30 बजे जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचे, जहाँ उन्होंने शिवरामपुर से पथरौड़ी संपर्क मार्ग को पक्का बनवाए जाने की माँग की। ग्रामीणों का आरोप है कि वे साल 2019 से लगातार संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत करा रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत शिवरामपुर में गाटा संख्या 26 से होते हुए यह संपर्क मार्ग राजस्व के नक्शे में पास है, फिर भी इसे पक्का नहीं किया गया है। पक्की सड़क न होने के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानी होती है, उनके गांव तक चार पहिया वाहन और एंबुलेंस भी नहीं पहुँच पातीं, और यहाँ तक कि साइकिल ले जाना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर संपर्क मार्ग का निर्माण जल्द से जल्द कराने की माँग दोहराई है।2
- चित्रकूट में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ सामने से आई तेज रोशनी के कारण अजय की सांसें थम गईं। यह एक दुखद पल रहा।2
- उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत, मंगलवार सुबह 10:00 बजे से चित्रकूट के सीतापुर स्थित राष्ट्रीय रामायण मेला परिसर में 75 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया है। यह आयोजन सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है, जिसके तहत युवक-युवतियों का निशुल्क विवाह कराया जाता है। मुख्य विकास अधिकारी डी.पी. पाल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत नवविवाहित जोड़ों को कीमती उपहार और सहायता राशि भी प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए कुल 150 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसमें से आज 75 जोड़ों ने परिणय सूत्र में बंधने का सौभाग्य प्राप्त किया है। शेष बचे जोड़ों का विवाह भी अगले कुछ दिनों के भीतर ही कराया जाएगा।1
- सतना जिले में सरकारी जमीन पर एक 'बड़ा खेल' होने का आरोप सामने आया है, जहाँ एक पीड़िता ने, जो पिछले 36 सालों से उस जमीन पर रह रही है, दावा किया है कि प्रभावशाली लोगों को फायदा पहुँचाने की तैयारी की जा रही है। इस मामले पर भारतीय जन मोर्चा पार्टी के पण्डित जितेंद्र राय ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यूपी-बिहार से आए पूर्वांचल के लोगों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा, क्योंकि न्याय की व्यवस्था करना उनकी पार्टी का मूल उद्देश्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी किसी के भी साथ अन्याय का घोर विरोध करती है। पार्टी ने सरकारी महकमे को भ्रष्टाचार से लिप्त बताया, जिसके कारण ऐसी व्यवस्थाएं चल रही हैं और सरकारें इस पर मौन हैं। उनका आरोप है कि जिन्हें जेल में होना चाहिए, वे भ्रष्टाचार के बल पर ठहाके लगा रहे हैं। एक विशिष्ट घटना का उल्लेख करते हुए, पार्टी ने सवाल उठाया कि यदि पटवारी की बात मानी जाए कि तहसीलदार बीके मिश्रा दिमागी संतुलन खो चुके थे, तो ऐसे व्यक्ति अभी भी कार्य कैसे कर रहे हैं। उन्होंने कलेक्ट्रर सतना और मध्य प्रदेश सरकार में अधिकारियों से इस 'भ्रष्ट पटवारी' के खिलाफ कार्यवाही की मांग की, जिन्होंने कथित तौर पर तहसीलदार के दिमागी संतुलन बिगड़ने की बात कही थी। पार्टी ने आशंका जताई कि भ्रष्टाचार से लिप्त व्यवस्थाएं ऐसे कर्मचारियों को संरक्षण देती हैं, इसलिए शायद उन पर अपराध कायम कर जेल नहीं भेजा जाएगा। हालांकि, भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने यह प्रतिज्ञा की कि जब भी उनकी सरकार आएगी, तो ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों को जेल भेजने के लिए भी कानून पारित किया जाएगा।1
- चित्रकूट जनपद के मऊ थाना क्षेत्र में पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर लाइसेंसी राइफल लहराते हुए घूम रहे दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से एक लाइसेंसी .315 बोर की राइफल, पाँच जिंदा कारतूस और एक बिना नंबर की हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल बरामद की है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान टिकरा सिरावल, थाना राजापुर, जनपद चित्रकूट निवासी सुल्तान पुत्र बच्चा लाल और हरिश्चन्द्र पुत्र चुन्ना के रूप में हुई है। उन्हें ग्राम अहिरी रोड पर मोटरसाइकिल से राइफल लहराते हुए लालता रोड की ओर जाते समय घेराबंदी कर पकड़ा गया। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के निर्देशन में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, प्रभारी निरीक्षक मऊ श्रीप्रकाश यादव के मार्गदर्शन में उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार वर्मा अपनी टीम के साथ गश्त कर रहे थे, तभी यह कार्रवाई हुई। पूछताछ में युवकों ने बताया कि बरामद लाइसेंसी राइफल ग्राम मवई, थाना मऊ निवासी एक व्यक्ति (ठाकुर साहब) की है। इस मामले में मऊ थाने में मु.अ.सं. 230/2026 के तहत आयुध अधिनियम की धारा 30 के अंतर्गत दोनों अभियुक्तों और लाइसेंसी राइफल धारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, बिना नंबर की मोटरसाइकिल को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया गया है। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार वर्मा, उपनिरीक्षक अनिल कुमार, आरक्षी हिमांशू और चालक मुख्य आरक्षी बृजेश यादव शामिल थे।1