रेलवे ओवरब्रिज पर दर्दनाक हादसा: ट्रक की चपेट में आने से युवक की मौत, नो-एंट्री नियमों की अनदेखी बनी वजह बुधनी थाना क्षेत्र में सोमवार शाम करीब 5 बजे रेलवे ओवरब्रिज पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने गंभीर रूप से घायल युवक को ऑटो की मदद से नजदीकी मधुबन अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान अमीश अली (22) पिता परवेज अली के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार युवक घटना के समय अपने पिता को लेने जा रहा था। इसी दौरान नर्मदापुरम की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद युवक का शव सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां परिजनों की भीड़ जमा हो गई और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मामले में ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया है तथा शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है। नो-एंट्री नियमों की अनदेखी पर उठे सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि बुधनी एसडीएम द्वारा रेलवे ओवरब्रिज पर भारी वाहनों के लिए नो-एंट्री लागू की गई है, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है। बड़े-बड़े ट्रक और डंपर लगातार नो-एंट्री में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं और लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। चेकिंग अभियान नहीं होने से बढ़ी लापरवाही वहीं, पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग और हेलमेट को लेकर पिछले कई दिनों से कोई सख्त अभियान नहीं चलाया गया है। इसके चलते सड़क पर बाइक सवार बेखौफ तेज रफ्तार से निकलते दिखाई देते हैं। बताया जा रहा है कि हादसे में युवक के सिर में गंभीर चोट लगी थी—यदि उसने हेलमेट पहना होता, तो संभव है उसकी जान बच सकती थी। प्रशासन से कार्रवाई की मांग घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है और वे प्रशासन से नो-एंट्री नियमों का सख्ती से पालन कराने, भारी वाहनों पर नियंत्रण लगाने तथा नियमित चेकिंग अभियान चलाने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह के दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।
रेलवे ओवरब्रिज पर दर्दनाक हादसा: ट्रक की चपेट में आने से युवक की मौत, नो-एंट्री नियमों की अनदेखी बनी वजह बुधनी थाना क्षेत्र में सोमवार शाम करीब 5 बजे रेलवे ओवरब्रिज पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने गंभीर रूप से घायल युवक को ऑटो की मदद से नजदीकी मधुबन अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान अमीश अली (22) पिता परवेज अली के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार युवक घटना के समय अपने पिता को लेने जा रहा था। इसी दौरान नर्मदापुरम की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद युवक का शव सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां परिजनों की भीड़ जमा हो गई और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मामले में ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया है तथा शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है। नो-एंट्री नियमों की अनदेखी पर उठे सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि बुधनी एसडीएम द्वारा रेलवे ओवरब्रिज पर भारी वाहनों के लिए नो-एंट्री लागू की गई है, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है। बड़े-बड़े ट्रक और डंपर लगातार नो-एंट्री में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं और लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। चेकिंग अभियान नहीं होने से बढ़ी लापरवाही वहीं, पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग और हेलमेट को लेकर पिछले कई दिनों से कोई सख्त अभियान नहीं चलाया गया है। इसके चलते सड़क पर बाइक सवार बेखौफ तेज रफ्तार से निकलते दिखाई देते हैं। बताया जा रहा है कि हादसे में युवक के सिर में गंभीर चोट लगी थी—यदि उसने हेलमेट पहना होता, तो संभव है उसकी जान बच सकती थी। प्रशासन से कार्रवाई की मांग घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है और वे प्रशासन से नो-एंट्री नियमों का सख्ती से पालन कराने, भारी वाहनों पर नियंत्रण लगाने तथा नियमित चेकिंग अभियान चलाने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह के दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।
- नर्मदापुरम। बैशाख पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्री खेड़ापति कीर्तन मण्डल द्वारा सेठानी घाट पर शीतल पेय (शर्बत) वितरण सेवा का आयोजन किया गया। भीषण गर्मी के बीच आयोजित इस सेवा कार्य से घाट पर पहुंचे श्रद्धालुओं और आमजन को राहत मिली। मण्डल के सदस्य श्री सोमनाथ सिंह गौर ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी श्रद्धा और सेवा भाव के साथ किया गया। उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में लोगों को ठंडा पेय उपलब्ध कराना मण्डल की परंपरा का हिस्सा है। कार्यक्रम में मण्डल के कई सदस्य सक्रिय रूप से शामिल रहे। इनमें सुरेश अग्रवाल, रोहित दुबे, गोविंद सराठे, जीवन मीना, प्रमोद दुबे, एडवोकेट बलवंत सिंह यादव, प्रदीप तंवर, अतुल नायर, प्रेम सिंह, सक्षम पाठक, नितिन खण्डेलवाल, प्रवीण नवलानी, आदित्य दुबे, मनोज अग्रवाल, अधिराज सिंह, रानी सराठे, सुषमा सोनी, राधा यादव और जिया नवलानी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने मण्डल के इस सेवा कार्य की सराहना की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया।1
- “हंसी-खुशी का घर… और अचानक खाली आंगन — बुधनी की एक मार्मिक, मगर अजीब कहानी” स्टोरी: बुधनी के वार्ड क्रमांक 12 में रहने वाला एक छोटा सा परिवार, जो अब तक हंसी-खुशी और सादगी भरी जिंदगी का उदाहरण माना जाता था, अचानक एक ऐसी घटना का शिकार हो गया, जिसने पूरे मोहल्ले को हैरान भी किया और सोचने पर मजबूर भी। घर में सब कुछ सामान्य था — दो नन्हीं बच्चियों की किलकारियां, पति-पत्नी की रोजमर्रा की नोकझोंक, और जिंदगी अपनी रफ्तार से चल रही थी। लेकिन 27 अप्रैल की एक तारीख इस परिवार के लिए जैसे सब कुछ बदलकर ले आई। बताया जा रहा है कि दो बच्चियों की मां, करीब 15 साल के वैवाहिक जीवन के बाद, अपने ही एक 24 वर्षीय अविवाहित प्रेमी के साथ घर छोड़कर चली गई। जाते-जाते वह सिर्फ अपने कदमों के निशान ही नहीं छोड़ गई, बल्कि घर से चांदी का कारधोना, दो जोड़ी बिछुड़ी, मंगलसूत्र, सोने का पेंडल, पायल, अंगूठी, कपड़े और करीब 20 हजार रुपये भी साथ ले गई। अब इस कहानी में दर्द तो है ही, लेकिन एक अजीब सा विडंबनात्मक पहलू भी है — पति ठाकुर बरगले, जो इस घटना के बाद टूट चुके हैं, वे अपनी पत्नी को वापस बुलाने के लिए खुद का वीडियो जारी कर रहे हैं। वीडियो में उनकी आंखों में आंसू हैं, आवाज में दर्द है, लेकिन शब्दों में एक अजीब सी सादगी — “कुछ नहीं पूछूंगा… बस बच्चियों के लिए वापस आ जाओ…” यह सुनकर जहां दिल पसीज जाता है, वहीं हालात की विडंबना पर हल्की सी मुस्कान भी आ जाती है — मानो जीवन कभी-कभी फिल्मों से भी ज्यादा उलझी हुई पटकथा लिख देता है। इधर, पुलिस थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद भी मामला उलझा हुआ है। बताया जा रहा है कि जिस युवक के साथ महिला गई है, उसका मोबाइल नंबर चालू है, लेकिन लोकेशन अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। पति अपनी दोनों बच्चियों को साथ लेकर कभी थाने के चक्कर लगा रहा है, तो कभी आसपास के इलाकों में खोजबीन कर रहा है। मोहल्ले में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं — कोई इसे प्यार की कहानी बता रहा है, तो कोई जिम्मेदारियों से भागने का नाम दे रहा है। लेकिन इन सबके बीच सबसे ज्यादा सवाल उन दो मासूम बच्चियों की आंखों में हैं, जो शायद अब भी अपनी मां के लौटने का इंतजार कर रही हैं। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि रिश्तों की डोर कितनी नाजुक होती है — और जब यह टूटती है, तो सिर्फ दो लोग नहीं, पूरा परिवार बिखर जाता है। (समापन लाइन): बुधनी की यह कहानी सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि उन अनकहे सवालों का आईना है, जिनका जवाब शायद वक्त ही दे पाएगा।1
- हादसे और बचाव का विवरण:घटना: 75 वर्षीय बेटी बाई (निवासी जिला नरसिंहपुर) गाड़ी संख्या 20103 के रवाना होते समय चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश कर रही थीं, जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया।RPF की भूमिका: महिला को गिरते देख पास ही ड्यूटी पर मौजूद RPF के एएसआई प्रकाश बिल्लोरे और महिला आरक्षक प्रज्ञा ने तुरंत दौड़कर ट्रेन रुकवाई और महिला को प्लेटफॉर्म व ट्रेन के बीच के गैप से बाहर निकाला।परिणाम: महिला को हल्की चोटें आईं और उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद इटारसी के शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।वायरल वीडियो: घटना का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें RPF जवानों की त्वरित कार्रवाई और सतर्कता की जमकर तारीफ हो रही है। यात्रियों के लिए सलाह:RPF ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी सूरत में चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें।1
- Post by Santram Chouhan10
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- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बीजेपी कार्यालय में आऐ जुगल किशोर ने अपनी पूरी बात बताई कि कैसे क्या वह अमित शाह से मिले और उन्होंने जो अपने सीने में टैटू बनवाया हुआ है अमित शाह का तब अमित शाह ने उनसे पूछा दर्द नहीं हुआ देखिए पूरी रिपोर्ट1
- बरगी डैम हादसा: मौत के बाद भी मां की ममता ने नहीं छोड़ा मासूम का साथ, सीने से चिपके बेटे को देख छलक उठीं आंखें1
- पिपरिया के समीप ग्राम सुरेला कलां में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात एक दर्दनाक घटना सामने आई। तेज आंधी के बीच रात करीब 1 बजे घर में सो रहे 33 वर्षीय युवक को जहरीले सर्प या कीड़े ने काट लिया। परिजनों को सही जानकारी न होने के कारण वे तत्काल उसे अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक करने वाले स्थानीय पंडा के पास ले गए। रातभर हालत बिगड़ती रही, लेकिन उचित चिकित्सा न मिलने से स्थिति गंभीर हो गई। सुबह लगभग 9 बजे युवक को शासकीय अस्पताल पिपरिया लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन काफी देर हो जाने के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना से परिवार में मातम छा गया है। बीएमओ डॉ. ऋचा कटकवार ने आज शाम 5 बजे बताया कि सर्पदंश जैसे मामलों में समय पर सही इलाज बेहद जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि अंधविश्वास और झाड़-फूंक के कारण कई बार मरीज की जान चली जाती है। यदि पीड़ित को तुरंत अस्पताल लाया जाए, तो अधिकांश मामलों में उसकी जान बचाई जा सकती है।1