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समस्तीपुर और वैशाली के सीमावर्ती क्षेत्र लेओढ़न से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ होने की सूचना मिली है। इस मुठभेड़ के परिणामस्वरूप, जानकारी के अनुसार एक अपराधी के पैर में गोली मारी गई है। वहीं, एक अन्य अपराधी के बारे में यह चर्चा है कि वह घटनास्थल से भागने के दौरान अपना पैर तुड़वा बैठा है।
Mritunjay Kumar Thakur
समस्तीपुर और वैशाली के सीमावर्ती क्षेत्र लेओढ़न से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ होने की सूचना मिली है। इस मुठभेड़ के परिणामस्वरूप, जानकारी के अनुसार एक अपराधी के पैर में गोली मारी गई है। वहीं, एक अन्य अपराधी के बारे में यह चर्चा है कि वह घटनास्थल से भागने के दौरान अपना पैर तुड़वा बैठा है।
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- समस्तीपुर और वैशाली के सीमावर्ती क्षेत्र लेओढ़न से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ होने की सूचना मिली है। इस मुठभेड़ के परिणामस्वरूप, जानकारी के अनुसार एक अपराधी के पैर में गोली मारी गई है। वहीं, एक अन्य अपराधी के बारे में यह चर्चा है कि वह घटनास्थल से भागने के दौरान अपना पैर तुड़वा बैठा है।1
- एक व्यक्ति ने बताया है कि उनके घर का रास्ता पिछले दो साल से बंद है, जिसके कारण उनका पूरा परिवार अत्यधिक परेशानी झेल रहा है। मौजूदा बारिश के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो गई है। उन्होंने शिकायत की है कि इस मामले में पुलिस, मुखिया, सरपंच और ब्लॉक के सीईओ सहित किसी भी अधिकारी ने उनकी बात नहीं सुनी है। व्यक्ति ने इस गंभीर स्थिति में मदद की गुहार लगाई है।1
- बिहार के समस्तीपुर जिले में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक कुख्यात बदमाश घायल हो गया।1
- समस्तीपुर समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में 03 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी श्री रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया। इसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए आमजनों की समस्याओं और शिकायतों को सुना गया। जनता दरबार में भूमि विवाद, अतिक्रमण, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, लोक शिकायत, शिक्षा, स्वास्थ्य, विद्युत, पेयजल, सड़क, आवास योजना, आपूर्ति, पुलिस प्रशासन सहित अन्य विभागों से संबंधित कई आवेदन प्राप्त हुए। जिलाधिकारी ने सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि वे इन आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण और निष्पक्ष निष्पादन करें। इस दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन कर इसकी सूचना आवेदकों को भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि जिन मामलों में स्थल निरीक्षण अथवा संयुक्त जांच की आवश्यकता हो, उनमें शीघ्र कार्रवाई की जाए। जनता दरबार में प्राप्त सभी आवेदनों का विधिवत पंजीकरण करके उन्हें संबंधित विभागों को आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया, जिसके साथ जिला प्रशासन ने आमजनों की समस्याओं के प्रभावी समाधान के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता दोहराई।3
- दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है, जहाँ ओझौल पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सूरज कुमार पर वाहन छीनने और रंगदारी मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले में अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है, क्योंकि खुद ओझौल पंचायत की मुखिया निक्की कुमारी इन आरोपों के खिलाफ मैदान में उतर आई हैं। उन्होंने बहादुरपुर थाने में एक लिखित आवेदन देकर विरोधी पक्ष के सभी दावों को झूठा, बेबुनियाद और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है, आरोप लगाया है कि पंचायत चुनाव नजदीक आने के कारण उनके पति की छवि खराब करने और उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाने की कोशिश की जा रही है। मुखिया निक्की कुमारी ने पुलिस को दिए आवेदन में अपनी तरफ से पूरी कहानी बताई है। उनके अनुसार, हकीकत यह है कि आरोप लगाने वाले आनंद कुमार ने मुखिया प्रतिनिधि सूरज कुमार से ₹7 लाख का कर्ज लिया था। आनंद कुमार ने फोनपे और अन्य डिजिटल माध्यमों से किस्तों में कुछ पैसे तो लौटाए, लेकिन पूरी रकम वापस नहीं की। जब बचे हुए पैसों की मांग की गई, तो आनंद कुमार ने अपनी चार पहिया गाड़ी खुद मुखिया के घर भिजवाई और कहा कि पैसे लौटाकर वह गाड़ी वापस ले जाएंगे। मुखिया निक्की कुमारी का तर्क है कि गाड़ी घर पर खड़ी होने के बाद भी आनंद कुमार ने सूरज कुमार के बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर किए। उनका सवाल है कि अगर गाड़ी छीनी गई होती, तो कोई खाते में पैसे क्यों भेजता? इसी सबूत के आधार पर मुखिया का कहना है कि यह मामला 'वाहन छीनने' या 'रंगदारी' का नहीं, बल्कि आपसी लेन-देन का है, जिसे अब राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। मुखिया ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है, ताकि सच सामने आ सके। फिलहाल, बहादुरपुर थाना पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है, जिसमें दोनों पक्षों के दावों और बैंक दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पुलिसिया जांच के नतीजे का इंतजार है।1
- बेगूसराय जिले के बछवाड़ा प्रखंड अंतर्गत अरवा चौड़ में भीषण गर्मी और पानी की कमी के कारण नीलगायों का बड़ा जमावड़ा देखा जा रहा है। ये वन्यजीव रिहायशी इलाकों और खेतों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे स्थानीय किसान भारी संकट का सामना कर रहे हैं। नीलगायों का झुंड न केवल पानी की तलाश में भटक रहा है, बल्कि रात-दिन किसानों की खड़ी फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुँचा रहा है। किसानों का कहना है कि नीलगायों के लगातार आतंक से उनकी मेहनत पर पानी फिर रहा है और फसलों की बर्बादी ने उनकी कमर तोड़ दी है। स्थानीय ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए तत्काल पहल करने की मांग की है। यह समस्या केवल किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव और वन्यजीव के बीच बढ़ते द्वंद्व का भी संकेत देती है। इस स्थिति से निपटने के लिए वन विभाग और संबंधित अधिकारियों को कई कदम उठाने का सुझाव दिया गया है। इनमें जंगल और आसपास के क्षेत्रों में कृत्रिम जल स्रोतों या 'वॉटर होल्स' का निर्माण करना शामिल है, ताकि नीलगायों को पानी की तलाश में बस्तियों की ओर न आना पड़े। साथ ही, फसलों की सुरक्षा के लिए प्रभावित किसानों को सोलर फेंसिंग या अन्य सुरक्षित तरीकों के लिए अनुदान या सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए। ग्रामीणों को नीलगायों के स्वभाव और उन्हें बिना नुकसान पहुँचाए खेतों से दूर रखने के वैज्ञानिक तरीकों के बारे में जागरूक करने के लिए अभियान चलाने की भी सलाह दी गई है। इसके अतिरिक्त, प्रशासन को उन किसानों की पहचान कर उन्हें उचित मुआवजा देना चाहिए जिनकी फसलें नीलगायों के कारण नष्ट हुई हैं, ताकि वे अपनी खेती दोबारा शुरू कर सकें।4
- समस्तीपुर और वैशाली जिले की सीमा पर पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक कुख्यात बदमाश पुलिस की जवाबी फायरिंग में घायल हो गया, जबकि उसका एक साथी भागने के दौरान घायल हो गया। दोनों को पुलिस अभिरक्षा में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सदर एसडीपीओ संजय कुमार पांडे ने जानकारी दी कि घायल बदमाश अमन एक सक्रिय अपराधी गिरोह का सदस्य है। वह हत्या और लूट के मामलों में जमानत पर बाहर आने के बाद लगातार आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहा था। पुलिस के अनुसार, अमन पर समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर जिलों में लूट की कई घटनाओं में शामिल होने का आरोप है। एसडीपीओ ने बताया कि गिरोह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार सूचनाएं एकत्रित कर रही थी और निगरानी कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि अपराधी किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। जब पुलिस ने उनका पीछा किया, तो बदमाशों ने पुलिस बल पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें अमन के पैर में गोली लगी। पुलिस के मुताबिक, अमन के साथ मौजूद लक्ष्मी कुमार भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन इसी दौरान वह गिरकर घायल हो गया। घटनास्थल से दोनों के पास से एक-एक पिस्तौल बरामद की गई है, और पुलिस ने हथियार सहित अन्य साक्ष्यों को जब्त कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच के लिए एफएसएल टीम भी घटनास्थल पर पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र कर रही है। एसडीपीओ ने यह भी बताया कि दोनों के परिजनों को इस घटना की सूचना दे दी गई है, और मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है। जांच पूरी होने के बाद इस संबंध में और जानकारी साझा की जाएगी।1
- समस्तीपुर जिले के पूसा थाना क्षेत्र में एक गंभीर विवाद का मामला सामने आया है, जहाँ पैसा मांगने पर एक ड्राइवर दिलीप कुमार और उनकी पत्नी महासुंदरी कुमारी के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। पीड़ित दिलीप कुमार ने पूसा थाना में दिए एक आवेदन में आरोप लगाया है कि 1 जुलाई 2022 को दोपहर करीब 2 बजे उनके साले मुकेश कुमार ने उन्हें ध्रुव गामा वार्ड संख्या-1 स्थित अपने घर बुलाया था। यह घटना ड्राइवर और मालिक के बीच जीजा-साला के रिश्ते के बावजूद हुई, जिसमें दिलीप कुमार ड्राइवर की भूमिका में थे। दिलीप कुमार के अनुसार, घर पहुंचने पर वहाँ पहले से मौजूद मुकेश कुमार, मुन्नी देवी, उनके बहनोई चंदन महतो, सुरेश कुमार तथा अन्य लोगों ने कथित तौर पर उन्हें एक कमरे में बंद कर लाठी-डंडों और लात-घूंसों से पीटा। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी महासुंदरी कुमारी के साथ भी मारपीट की गई, उनके कपड़े फाड़ दिए गए, उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और गले से मंगलसूत्र भी छीन लिया गया। दिलीप कुमार ने यह भी आरोप लगाया है कि चंदन महतो और अन्य लोगों ने उन्हें घर में बंधक बनाकर जान से मारने की कोशिश भी की। इस मामले में पीड़ित दिलीप कुमार ने पूसा थाना में आवेदन देकर निष्पक्ष जांच करने, सभी नामजद आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। समाचार लिखे जाने तक, इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।1