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सिद्धार्थनगर के विकास भवन में विकास की 'अनोखी' तस्वीर! 🏛️🚫 #Siddharthnagar #VikasBhawan #SwachhBharat #Awareness #GroundReality

2 hrs ago
user_Sunil Yadav
Sunil Yadav
बंसी, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

सिद्धार्थनगर के विकास भवन में विकास की 'अनोखी' तस्वीर! 🏛️🚫 #Siddharthnagar #VikasBhawan #SwachhBharat #Awareness #GroundReality

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • मिशन शक्ति टीम ने छात्र-छात्राओं को जागरूक किया ! #Maharajganj #police
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    मिशन शक्ति टीम ने छात्र-छात्राओं को जागरूक किया !
#Maharajganj 
#police
    user_R K SINGH Y
    R K SINGH Y
    News Anchor फरेन्दा, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • सीबीएसई हाईस्कूल परीक्षा में इस वर्ष विद्यालय का परिणाम 100% रहा, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने 90% के आसपास अंक हासिल कर शानदार प्रदर्शन किया। 📚 परिणाम घोषित होते ही विद्यालय परिसर में जश्न का माहौल बन गया। मेधावी छात्र-छात्राओं को संस्थान प्रबंधन द्वारा सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया गया। 💬 प्रबंधन ने छात्रों की मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों के मार्गदर्शन को इस सफलता का मुख्य आधार बताया। 👏 पूरे SR इंटरनेशनल एकेडमी परिवार को इस उपलब्धि पर ढेरों बधाई और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं! #SRInternationalAcademy #CBSE #BoardResult #StudentSuccess
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    सीबीएसई हाईस्कूल परीक्षा में इस वर्ष विद्यालय का परिणाम 100% रहा, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने 90% के आसपास अंक हासिल कर शानदार प्रदर्शन किया।
📚 परिणाम घोषित होते ही विद्यालय परिसर में जश्न का माहौल बन गया। मेधावी छात्र-छात्राओं को संस्थान प्रबंधन द्वारा सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया गया।
💬 प्रबंधन ने छात्रों की मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों के मार्गदर्शन को इस सफलता का मुख्य आधार बताया।
👏 पूरे SR इंटरनेशनल एकेडमी परिवार को इस उपलब्धि पर ढेरों बधाई और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं!
#SRInternationalAcademy #CBSE #BoardResult #StudentSuccess
    user_मिश्रा जी  पत्रकार
    मिश्रा जी पत्रकार
    Reporter खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • अजीत मिश्रा (खोजी) संपादकीय: हरदोई के कछौना थाने से आई शर्मनाक तस्वीरें हरदोई। "पुलिस मित्र" - यह स्लोगन अक्सर थानों की दीवारों पर चमकता हुआ दिखाई देता है, लेकिन वास्तविकता की धरातल पर यह कितना खोखला है, इसकी बानगी हरदोई जिले के कछौना थाने में देखने को मिली। जब अपनी जमीन के विवाद की गुहार लेकर एक बुजुर्ग, राजेश, न्याय की चौखट पर पहुँचे, तो उन्हें न्याय की जगह 'मां-बहन की गालियाँ' और 'धक्के' मिले। दरोगा की दबंगई और मानवता का कत्ल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो दिल दहला देने वाला है। एक जिम्मेदार पद पर बैठा दरोगा, एक बुजुर्ग के प्रति अपशब्दों की बौछार कर रहा है। गालियाँ ऐसी कि रूह कांप जाए। क्या खाकी वर्दी का उद्देश्य केवल अपनी शक्ति का प्रदर्शन असहायों पर करना रह गया है? वीडियो में साफ दिख रहा है कि किस तरह बुजुर्ग को धक्के मारकर थाने से बाहर निकाला जा रहा है, मानो वह कोई अपराधी हो। व्यवस्था पर सवालिया निशान उत्तर प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था और 'मिशन शक्ति' जैसे अभियानों की बात करती है, लेकिन कछौना जैसी घटनाएँ प्रशासन के दावों की पोल खोल देती हैं। सवाल यह है: क्या एक बुजुर्ग को अपनी बात रखने का हक नहीं है? सवाल यह भी: क्या वर्दी पहनने के बाद किसी को मर्यादा लांघने का लाइसेंस मिल जाता है? देर आए, पर क्या दुरुस्त आए? मामला गरमाने और वीडियो वायरल होने के बाद दरोगा को निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। लेकिन क्या निलंबन काफी है? निलंबन एक अस्थायी प्रक्रिया है। असली न्याय तब होगा जब ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में कोई दूसरा 'वर्दीधारी' किसी गरीब या बुजुर्ग की पगड़ी उछालने से पहले सौ बार सोचे। निष्कर्ष पुलिस विभाग को आत्मचिंतन की आवश्यकता है। यदि जनता का पुलिस पर से विश्वास उठ गया, तो समाज में अराजकता फैलने में देर नहीं लगेगी। हरदोई की यह घटना केवल एक बुजुर्ग का अपमान नहीं है, बल्कि उस पूरी व्यवस्था का अपमान है जिसे हम 'न्याय' कहते हैं। वक्त आ गया है कि खाकी की गरिमा को गालियों से बचाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
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    अजीत मिश्रा (खोजी)
संपादकीय: हरदोई के कछौना थाने से आई शर्मनाक तस्वीरें
हरदोई। "पुलिस मित्र" - यह स्लोगन अक्सर थानों की दीवारों पर चमकता हुआ दिखाई देता है, लेकिन वास्तविकता की धरातल पर यह कितना खोखला है, इसकी बानगी हरदोई जिले के कछौना थाने में देखने को मिली। जब अपनी जमीन के विवाद की गुहार लेकर एक बुजुर्ग, राजेश, न्याय की चौखट पर पहुँचे, तो उन्हें न्याय की जगह 'मां-बहन की गालियाँ' और 'धक्के' मिले।
दरोगा की दबंगई और मानवता का कत्ल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो दिल दहला देने वाला है। एक जिम्मेदार पद पर बैठा दरोगा, एक बुजुर्ग के प्रति अपशब्दों की बौछार कर रहा है। गालियाँ ऐसी कि रूह कांप जाए। क्या खाकी वर्दी का उद्देश्य केवल अपनी शक्ति का प्रदर्शन असहायों पर करना रह गया है? वीडियो में साफ दिख रहा है कि किस तरह बुजुर्ग को धक्के मारकर थाने से बाहर निकाला जा रहा है, मानो वह कोई अपराधी हो।
व्यवस्था पर सवालिया निशान
उत्तर प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था और 'मिशन शक्ति' जैसे अभियानों की बात करती है, लेकिन कछौना जैसी घटनाएँ प्रशासन के दावों की पोल खोल देती हैं।
सवाल यह है: क्या एक बुजुर्ग को अपनी बात रखने का हक नहीं है?
सवाल यह भी: क्या वर्दी पहनने के बाद किसी को मर्यादा लांघने का लाइसेंस मिल जाता है?
देर आए, पर क्या दुरुस्त आए?
मामला गरमाने और वीडियो वायरल होने के बाद दरोगा को निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। लेकिन क्या निलंबन काफी है? निलंबन एक अस्थायी प्रक्रिया है। असली न्याय तब होगा जब ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में कोई दूसरा 'वर्दीधारी' किसी गरीब या बुजुर्ग की पगड़ी उछालने से पहले सौ बार सोचे।
निष्कर्ष
पुलिस विभाग को आत्मचिंतन की आवश्यकता है। यदि जनता का पुलिस पर से विश्वास उठ गया, तो समाज में अराजकता फैलने में देर नहीं लगेगी। हरदोई की यह घटना केवल एक बुजुर्ग का अपमान नहीं है, बल्कि उस पूरी व्यवस्था का अपमान है जिसे हम 'न्याय' कहते हैं।
वक्त आ गया है कि खाकी की गरिमा को गालियों से बचाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • ✍️*_आशु सिंह_* 👉जनपद में स्कूली वाहनों को लेकर *एआरटीओ प्रियंवदा सिंह* ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी स्कूल संचालकों और वाहन मालिकों से अपील की है कि अपने वाहनों को समय रहते संबंधित पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकृत कराएं। 🚫 *चेतावनी भी साफ है* — यदि निर्धारित समय के भीतर वाहन पंजीकरण नहीं कराया गया, तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 👉 *बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन अब पूरी तरह सतर्क है।* #संतकबीरनगर #BreakingNews #NewsUpdate #SchoolVehicle #ARTO #SafetyFirst *@liveuponenews*
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    ✍️*_आशु सिंह_* 
👉जनपद में स्कूली वाहनों को लेकर *एआरटीओ प्रियंवदा सिंह* ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी स्कूल संचालकों और वाहन मालिकों से अपील की है कि अपने वाहनों को समय रहते संबंधित पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकृत कराएं।
🚫 *चेतावनी भी साफ है* —
यदि निर्धारित समय के भीतर वाहन पंजीकरण नहीं कराया गया, तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
👉 *बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन अब पूरी तरह सतर्क है।*
#संतकबीरनगर #BreakingNews 
#NewsUpdate #SchoolVehicle 
#ARTO #SafetyFirst
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    user_LIVE UP ONE NEWS UTTAR PRADESH
    LIVE UP ONE NEWS UTTAR PRADESH
    खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • थाना महुली पुलिस की तत्परता से एक 02 वर्षीय खोई हुई बच्ची को महज 03 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थी मो० इरशाद पुत्र मो० इस्माइल निवासी ग्राम महादेवा, थाना मेहदावल, जनपद संतकबीरनगर की पुत्री इकरा उम्र लगभग 02 वर्ष दिनांक 17.04.2026 को घर के बाहर खेलते-खेलते अचानक कहीं चली गई और कुछ समय बाद घर के पास नहीं मिली। बच्ची के न मिलने पर परिजनों द्वारा आस-पास तथा रिश्तेदारों के यहाँ काफी खोजबीन की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। सूचना मिलने पर थाना महुली पुलिस द्वारा तत्काल सक्रियता दिखाते हुए आसपास के क्षेत्र में खोजबीन की गई। इसी दौरान नापता पुलिया के पास एक बच्ची मिलने की सूचना प्राप्त हुई। पुलिस द्वारा मौके पर पहुँचकर सत्यापन किया गया, जिस पर उक्त बच्ची इकरा पाई गई। तत्पश्चात बच्ची को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। अपनी बच्ची को सकुशल पाकर परिजनों ने थाना महुली पुलिस की सराहना करते हुए धन्यवाद व्यक्त किया।
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    थाना महुली पुलिस की तत्परता से एक 02 वर्षीय खोई हुई बच्ची को महज 03 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थी मो० इरशाद पुत्र मो० इस्माइल निवासी ग्राम महादेवा, थाना मेहदावल, जनपद संतकबीरनगर की पुत्री इकरा उम्र लगभग 02 वर्ष दिनांक 17.04.2026 को घर के बाहर खेलते-खेलते अचानक कहीं चली गई और कुछ समय बाद घर के पास नहीं मिली।
बच्ची के न मिलने पर परिजनों द्वारा आस-पास तथा रिश्तेदारों के यहाँ काफी खोजबीन की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। सूचना मिलने पर थाना महुली पुलिस द्वारा तत्काल सक्रियता दिखाते हुए आसपास के क्षेत्र में खोजबीन की गई। इसी दौरान नापता पुलिया के पास एक बच्ची मिलने की सूचना प्राप्त हुई।
पुलिस द्वारा मौके पर पहुँचकर सत्यापन किया गया, जिस पर उक्त बच्ची इकरा पाई गई। तत्पश्चात बच्ची को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
अपनी बच्ची को सकुशल पाकर परिजनों ने थाना महुली पुलिस की सराहना करते हुए धन्यवाद व्यक्त किया।
    user_Ashwini Kumar Pandey
    Ashwini Kumar Pandey
    पत्रकार Khalilabad, Sant Kabeer Nagar•
    6 hrs ago
  • बस्ती में ‘ज़िंदा आदमी’ ने खुद को किया पेश, DM ऑफिस में लेटकर लगाया न्याय की गुहार उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक बुज़ुर्ग व्यक्ति कफ़न और मालाओं में लिपटा हुआ जिला अधिकारी (DM) कार्यालय पहुंचा और ज़मीन पर लेट गया। कुछ देर बाद वह उठकर एक तख्ती हाथ में लेकर बैठ गया, जिस पर लिखा था— “DM साहब, मैं ज़िंदा हूँ।” बुज़ुर्ग का आरोप है कि राजस्व रिकॉर्ड में उसे गलती से मृत घोषित कर दिया गया है, जिसकी वजह से उसकी ज़मीन और अधिकारों पर संकट खड़ा हो गया है। उसने प्रशासन से अपनी ‘जिंदगी’ वापस दिलाने की गुहार लगाई। यह अनोखा विरोध देख वहां मौजूद लोग और अधिकारी भी हैरान रह गए। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच का भरोसा दिया है।
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    बस्ती में ‘ज़िंदा आदमी’ ने खुद को किया पेश, DM ऑफिस में लेटकर लगाया न्याय की गुहार
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक बुज़ुर्ग व्यक्ति कफ़न और मालाओं में लिपटा हुआ जिला अधिकारी (DM) कार्यालय पहुंचा और ज़मीन पर लेट गया। कुछ देर बाद वह उठकर एक तख्ती हाथ में लेकर बैठ गया, जिस पर लिखा था— “DM साहब, मैं ज़िंदा हूँ।”
बुज़ुर्ग का आरोप है कि राजस्व रिकॉर्ड में उसे गलती से मृत घोषित कर दिया गया है, जिसकी वजह से उसकी ज़मीन और अधिकारों पर संकट खड़ा हो गया है। उसने प्रशासन से अपनी ‘जिंदगी’ वापस दिलाने की गुहार लगाई।
यह अनोखा विरोध देख वहां मौजूद लोग और अधिकारी भी हैरान रह गए। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच का भरोसा दिया है।
    user_Naresh rawal
    Naresh rawal
    Basti, Uttar Pradesh•
    9 hrs ago
  • यात्रियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता- डीजीपी रेलवे आनंद नगर रेलवे स्टेशन का डीजीपी रेलवे ने किया औचक निरीक्षण महराजगंज। गोरखपुर- नौतनवा रेलखंड पर स्थित आनन्दनगर रेलवे स्टेशन का गुरुवार को पुलिस महानिदेशक रेलवे (डीजीपी रेलवे) प्रकाश डी ने औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।इस दौरान उन्होंने स्टेशन परिसर का गहन निरीक्षण करते हुए सुरक्षा व्यवस्था और यात्री सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की।निरीक्षण के दौरान डीजीपी रेलवे ने जीआरपी रेलवे पुलिस की कार्यप्रणाली का परीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।उन्होंने स्पष्ट कहा कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।डीजीपी रेलवे ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने जीआरपी को अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण,मानव तस्करी की रोकथाम तथा ट्रेन या स्टेशन पर अपने परिजनों से बिछड़ने वाले बच्चों को सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाने के कार्य को प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए।इसके साथ ही उन्होंने बताया कि वर्तमान में “मिशन शक्ति” का पांचवां चरण संचालित है, जिसके तहत ट्रेनों और स्टेशनों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्टेशन पर साफ-सफाई, प्रतीक्षालय, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि यात्रियों को बेहतर और सुचारू सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध कराई जाएं।इस अवसर पर संबंधित अधिकारी एवं रेलवे कर्मचारी उपस्थित रहें। #anandnagar
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    यात्रियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता- डीजीपी रेलवे
आनंद नगर रेलवे स्टेशन का डीजीपी रेलवे ने किया औचक निरीक्षण 
महराजगंज। गोरखपुर- नौतनवा रेलखंड पर स्थित आनन्दनगर रेलवे स्टेशन का गुरुवार को पुलिस महानिदेशक रेलवे (डीजीपी रेलवे) प्रकाश डी ने औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।इस दौरान उन्होंने स्टेशन परिसर का गहन निरीक्षण करते हुए सुरक्षा व्यवस्था और यात्री सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की।निरीक्षण के दौरान डीजीपी रेलवे ने जीआरपी रेलवे पुलिस की कार्यप्रणाली का परीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।उन्होंने स्पष्ट कहा कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।डीजीपी रेलवे ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने जीआरपी को अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण,मानव तस्करी की रोकथाम तथा ट्रेन या स्टेशन पर अपने परिजनों से बिछड़ने वाले बच्चों को सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाने के कार्य को प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए।इसके साथ ही उन्होंने बताया कि वर्तमान में “मिशन शक्ति” का पांचवां चरण संचालित है, जिसके तहत ट्रेनों और स्टेशनों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्टेशन पर साफ-सफाई, प्रतीक्षालय, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि यात्रियों को बेहतर और सुचारू सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध कराई जाएं।इस अवसर पर संबंधित अधिकारी एवं रेलवे कर्मचारी उपस्थित रहें।
#anandnagar
    user_R K SINGH Y
    R K SINGH Y
    News Anchor फरेन्दा, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश। ​साहब, अगर आप सोच रहे हैं कि आप ज़िंदा हैं क्योंकि आप सांस ले रहे हैं, तो रुकिए! अपनी धड़कन नहीं, जरा सरकारी कागज़ चेक कीजिए। क्योंकि बस्ती के राजस्व विभाग ने वह कर दिखाया है जो बड़े-बड़े तांत्रिक नहीं कर पाए—उन्होंने एक चलते-फिरते इंसान को जीते-जी 'भूत' बना दिया। ​साहब मैं ज़िंदा हूँ... सबूत? ये कफ़न देख लीजिए! ​मामला हमारे सेवानिवृत्त कर्मचारी इशहाक अली साहब का है। बेचारे 2019 में अस्पताल से रिटायर हुए, लेकिन राजस्व विभाग के रजिस्टर में तो वो 2012 में ही 'स्वर्गवासी' हो चुके थे। अब इसे विभाग की फुर्ती कहें या लेखपाल साहब की 'दिव्य दृष्टि', कि उन्होंने 7 साल पहले ही इशहाक अली का परलोक गमन तय कर दिया। ​जब दफ्तरों के चक्कर काट-काट कर पैर घिस गए, तो थक-हारकर इशहाक अली को कफ़न ओढ़कर डीएम कार्यालय पहुंचना पड़ा। शायद उन्हें लगा कि 'मुर्दा' बनकर ही इस 'मुर्दा व्यवस्था' को जगाया जा सकता है। ​लेखपाल की 'जादुई कलम' का कमाल ​इस पूरी पटकथा के असली डायरेक्टर हैं हमारे 'लेखपाल साहब'। उनकी कलम में वो ताकत है कि: ​एक झटके में ज़िंदा आदमी को मृत घोषित कर दिया। ​और उससे भी बड़ा चमत्कार—उनकी पैतृक जमीन एक महिला के नाम 'दाखिल-खारिज' भी कर दी। ​इसे भ्रष्टाचार कहें या कलाकारी? ज़मीन हड़पने का ऐसा 'क्रिएटिव' तरीका कि न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी। जब कागजों में इंसान ही मर गया, तो ज़मीन पर हक किसका? ​7 साल का वनवास और पहचान की जंग ​हैरानी की बात यह है कि इशहाक अली पिछले 7 सालों से चीख-चीख कर कह रहे हैं कि "हुजूर, मैं यहीं हूँ, ज़िंदा हूँ", लेकिन सरकारी फाइलों के कान नहीं होते। फाइलों के लिए तो वही सच है जो लेखपाल की स्याही ने लिख दिया। एक सरकारी कर्मचारी, जिसने पूरी उम्र सिस्टम की सेवा की, आज उसी सिस्टम के सामने खुद के 'अस्तित्व' की भीख मांग रहा है। ​व्यवस्था पर बड़ा सवाल ​यह सिर्फ़ एक ज़मीन का विवाद नहीं है, यह हमारी प्रशासनिक व्यवस्था पर करारा तमाचा है। ​क्या ऊपर के अधिकारियों की आँखों पर पट्टी बंधी है? ​क्या एक रिपोर्ट लगाने से पहले वेरिफिकेशन की कोई ज़रूरत नहीं समझी गई? ​निष्कर्ष: बस्ती का यह मामला बताता है कि यहाँ 'यमराज' भैंसे पर नहीं, बल्कि सरकारी बाइक पर चलते हैं और हाथ में गदा नहीं, लेखपाल का बस्ता रखते हैं। इशहाक अली जी, आप कफ़न ओढ़कर सही जगह पहुंचे हैं, क्योंकि यह सिस्टम सालों से गहरी नींद में सोया हुआ है। दुआ कीजिए कि साहब की नींद खुले, वरना कागजों की दुनिया में तो आप कब के 'स्वर्ग' सिधार चुके हैं!
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    अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश।
​साहब, अगर आप सोच रहे हैं कि आप ज़िंदा हैं क्योंकि आप सांस ले रहे हैं, तो रुकिए! अपनी धड़कन नहीं, जरा सरकारी कागज़ चेक कीजिए। क्योंकि बस्ती के राजस्व विभाग ने वह कर दिखाया है जो बड़े-बड़े तांत्रिक नहीं कर पाए—उन्होंने एक चलते-फिरते इंसान को जीते-जी 'भूत' बना दिया।
​साहब मैं ज़िंदा हूँ... सबूत? ये कफ़न देख लीजिए!
​मामला हमारे सेवानिवृत्त कर्मचारी इशहाक अली साहब का है। बेचारे 2019 में अस्पताल से रिटायर हुए, लेकिन राजस्व विभाग के रजिस्टर में तो वो 2012 में ही 'स्वर्गवासी' हो चुके थे। अब इसे विभाग की फुर्ती कहें या लेखपाल साहब की 'दिव्य दृष्टि', कि उन्होंने 7 साल पहले ही इशहाक अली का परलोक गमन तय कर दिया।
​जब दफ्तरों के चक्कर काट-काट कर पैर घिस गए, तो थक-हारकर इशहाक अली को कफ़न ओढ़कर डीएम कार्यालय पहुंचना पड़ा। शायद उन्हें लगा कि 'मुर्दा' बनकर ही इस 'मुर्दा व्यवस्था' को जगाया जा सकता है।
​लेखपाल की 'जादुई कलम' का कमाल
​इस पूरी पटकथा के असली डायरेक्टर हैं हमारे 'लेखपाल साहब'। उनकी कलम में वो ताकत है कि:
​एक झटके में ज़िंदा आदमी को मृत घोषित कर दिया।
​और उससे भी बड़ा चमत्कार—उनकी पैतृक जमीन एक महिला के नाम 'दाखिल-खारिज' भी कर दी।
​इसे भ्रष्टाचार कहें या कलाकारी? ज़मीन हड़पने का ऐसा 'क्रिएटिव' तरीका कि न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी। जब कागजों में इंसान ही मर गया, तो ज़मीन पर हक किसका?
​7 साल का वनवास और पहचान की जंग
​हैरानी की बात यह है कि इशहाक अली पिछले 7 सालों से चीख-चीख कर कह रहे हैं कि "हुजूर, मैं यहीं हूँ, ज़िंदा हूँ", लेकिन सरकारी फाइलों के कान नहीं होते। फाइलों के लिए तो वही सच है जो लेखपाल की स्याही ने लिख दिया। एक सरकारी कर्मचारी, जिसने पूरी उम्र सिस्टम की सेवा की, आज उसी सिस्टम के सामने खुद के 'अस्तित्व' की भीख मांग रहा है।
​व्यवस्था पर बड़ा सवाल
​यह सिर्फ़ एक ज़मीन का विवाद नहीं है, यह हमारी प्रशासनिक व्यवस्था पर करारा तमाचा है।
​क्या ऊपर के अधिकारियों की आँखों पर पट्टी बंधी है?
​क्या एक रिपोर्ट लगाने से पहले वेरिफिकेशन की कोई ज़रूरत नहीं समझी गई?
​निष्कर्ष: बस्ती का यह मामला बताता है कि यहाँ 'यमराज' भैंसे पर नहीं, बल्कि सरकारी बाइक पर चलते हैं और हाथ में गदा नहीं, लेखपाल का बस्ता रखते हैं। इशहाक अली जी, आप कफ़न ओढ़कर सही जगह पहुंचे हैं, क्योंकि यह सिस्टम सालों से गहरी नींद में सोया हुआ है। दुआ कीजिए कि साहब की नींद खुले, वरना कागजों की दुनिया में तो आप कब के 'स्वर्ग' सिधार चुके हैं!
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • बस्ती में शादी समारोह में दिल दहला देने वाली घटना उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के छावनी थाना क्षेत्र के मलौली गोसाई गांव में एक शादी समारोह के दौरान हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक मामूली रसगुल्ले के विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। आरोप है कि कैटरिंग ठेकेदार ने गुस्से में आकर 11 साल के एक बच्चे को जलते तंदूर में फेंक दिया। आग की लपटों से बच्चा चेहरे से लेकर कमर तक बुरी तरह झुलस गया। परिवार वालों ने तुरंत बच्चे को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपी की तलाश की जा रही है।
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    बस्ती में शादी समारोह में दिल दहला देने वाली घटना
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के छावनी थाना क्षेत्र के मलौली गोसाई गांव में एक शादी समारोह के दौरान हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक मामूली रसगुल्ले के विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया।
आरोप है कि कैटरिंग ठेकेदार ने गुस्से में आकर 11 साल के एक बच्चे को जलते तंदूर में फेंक दिया। आग की लपटों से बच्चा चेहरे से लेकर कमर तक बुरी तरह झुलस गया।
परिवार वालों ने तुरंत बच्चे को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है।
घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपी की तलाश की जा रही है।
    user_Kedar mhapatra
    Kedar mhapatra
    Basti, Uttar Pradesh•
    12 hrs ago
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