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झारखंड के पलामू जिले में स्थित मेदिनीनगर में हुई पहली तेज़ बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। इस भारी बरसात के कारण कई इलाकों में सड़कें पूरी तरह से जलमग्न हो गईं, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश का पानी नालियों से निकलकर घरों तक पहुँच गया, जिससे निवासियों की मुश्किलें और बढ़ गईं। यह स्थिति शहरी जल निकासी और बुनियादी ढांचे की खराब व्यवस्था को उजागर करती है।
Sunil Kumar journalist
झारखंड के पलामू जिले में स्थित मेदिनीनगर में हुई पहली तेज़ बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। इस भारी बरसात के कारण कई इलाकों में सड़कें पूरी तरह से जलमग्न हो गईं, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश का पानी नालियों से निकलकर घरों तक पहुँच गया, जिससे निवासियों की मुश्किलें और बढ़ गईं। यह स्थिति शहरी जल निकासी और बुनियादी ढांचे की खराब व्यवस्था को उजागर करती है।
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- झारखंड सरकार के निर्देशों के तहत डोमचांच प्रखंड कार्यालय में शुक्रवार को सुबह 10 बजे से एक प्रखंड स्तरीय ड्राइविंग लाइसेंस शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर विशेष रूप से लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए था। शिविर में लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए कुल 76 लोगों ने आवेदन किया। ऑनलाइन ड्राइविंग टेस्ट में 28 अभ्यर्थी सफल रहे, जबकि 15 अभ्यर्थी असफल घोषित हुए। वहीं, 33 अभ्यर्थियों का टेस्ट लिया जाना अभी शेष है। इस शिविर के दौरान जिला परिवहन पदाधिकारी विजय कुमार सोनी और मोटर यान निरीक्षक जोसफ टोप्पो सहित परिवहन विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे।1
- Post by Md Javed Ansari1
- हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड स्थित ललकी माटी गांव आजादी के दशकों बाद भी बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। ग्रामीण आज भी इन मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वे सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब इस छोटे से गांव तक विकास पहुंचेगा और कब उनकी आवाज सुनी जाएगी।1
- चौपारण प्रखंड के छोटे से गांव ललकी माटी में आजादी के दशकों बाद भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। ग्रामीणों को आज भी बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। यह गंभीर सवाल बना हुआ है कि आखिर कब इस गांव तक विकास पहुंचेगा और कब यहां के ग्रामीणों की आवाज सुनी जाएगी, जो दशकों से बुनियादी जरूरतों का इंतजार कर रहे हैं।1
- चलते ई-रिक्शा को बंद करने वाले चाइनीज एप्स पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि बदमाश इन एप्स का इस्तेमाल ब्लूटूथ के जरिए ई-रिक्शा की बैटरी को बंद करने के लिए करते थे। इस तकनीक से चलते हुए ई-रिक्शा अचानक रुक जाते थे, जिससे खतरा पैदा होता था। हालांकि, इलेक्ट्रिक कार और स्कूटर को इस तरह के खतरे का सामना नहीं करना पड़ेगा, वे इस प्रणाली से अप्रभावित और सुरक्षित हैं।1
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- कोडरमा उपायुक्त उत्कृष्ट गुप्ता ने शुक्रवार दोपहर 12 बजे आयोजित जनता दरबार में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं और शिकायतें सुनीं। इस दौरान, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त सभी शिकायतों के निष्पक्ष जांच प्रतिवेदन एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत किए जाएं, ताकि मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित हो सके। उपायुक्त ने जनता को यह भी आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतों का ससमय और पारदर्शी तरीके से समाधान किया जाएगा, तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1
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