रोहतास जिले के अमझोर थाना क्षेत्र के भुन्दर बिगहा और डेहरी जक्खी बिगहा मुहल्ला निवासी पूर्व मुखिया रामगोपाल सिंह के पुत्र अभिषेक कुमार ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में 197वीं रैंक हासिल कर डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) बनकर एक नया इतिहास रच दिया है। उनकी इस कामयाबी ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पैतृक गांव भुन्दर बिगहा और डेहरी शहर का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। उनकी इस उपलब्धि पर सोमवार को ऐनीकट झारखंडी मंदिर के समीप सोन नद के तट पर स्थित मां लखपति पार्क में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान पूर्व विधायक इंजीनियर सत्यनारायण सिंह यादव ने अभिषेक कुमार को मिठाई खिलाई, अंगवस्त्र और माला पहनाकर सम्मानित किया। पूर्व विधायक ने कहा कि यह सफलता माता-पिता के त्याग और संघर्ष का फल है, और एक साधारण परिवार की परवरिश ने अभिषेक की सफलता और सादगी को लोगों के दिलों में जगह दिलाई है। अभिषेक कुमार की यह सफलता आज पूरे क्षेत्र के युवाओं, खासकर गांवों में रहने वाले उन छात्रों के लिए प्रेरणा बन चुकी है, जो संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों को अधूरा छोड़ देते हैं। उनकी कहानी यह विश्वास दिलाती है कि कड़ी मेहनत और लगन से हर सपना पूरा किया जा सकता है। DSP बनने के बाद अभिषेक के कंधों पर अब बड़ी जिम्मेदारी है; लोगों को उनसे उम्मीद है कि वे अपनी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से समाज में सकारात्मक बदलाव लाएंगे। उनकी यह सफलता सिर्फ एक परीक्षा पास करने की कहानी नहीं, बल्कि संघर्ष, समर्पण और उम्मीद की ऐसी मिसाल है जो आने वाली पीढ़ियों को आगे बढ़ने का हौसला देती रहेगी। इस अवसर पर रामनाथ यादव, अमित कुमार, नंद गोपाल यादव, दिनेश गुप्ता, शशि कुमार और उमाशंकर सिंह सहित कई अन्य लोग भी मौजूद थे।
रोहतास जिले के अमझोर थाना क्षेत्र के भुन्दर बिगहा और डेहरी जक्खी बिगहा मुहल्ला निवासी पूर्व मुखिया रामगोपाल सिंह के पुत्र अभिषेक कुमार ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में 197वीं रैंक हासिल कर डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) बनकर एक नया इतिहास रच दिया है। उनकी इस कामयाबी ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पैतृक गांव भुन्दर बिगहा और डेहरी शहर का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। उनकी इस उपलब्धि पर सोमवार को ऐनीकट झारखंडी मंदिर के समीप सोन नद के तट पर स्थित मां लखपति पार्क में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान पूर्व विधायक इंजीनियर सत्यनारायण सिंह यादव ने अभिषेक कुमार को मिठाई खिलाई, अंगवस्त्र और माला पहनाकर सम्मानित किया। पूर्व विधायक ने कहा कि यह सफलता माता-पिता के त्याग और संघर्ष का फल है, और एक साधारण परिवार की परवरिश ने अभिषेक की सफलता और सादगी को लोगों के दिलों में जगह दिलाई है। अभिषेक कुमार की यह सफलता आज पूरे क्षेत्र के युवाओं, खासकर गांवों में रहने वाले उन छात्रों के लिए प्रेरणा बन चुकी है, जो संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों को अधूरा छोड़ देते हैं। उनकी कहानी यह विश्वास दिलाती है कि कड़ी मेहनत और लगन से हर सपना पूरा किया जा सकता है। DSP बनने के बाद अभिषेक के कंधों पर अब बड़ी जिम्मेदारी है; लोगों को उनसे उम्मीद है कि वे अपनी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से समाज में सकारात्मक बदलाव लाएंगे। उनकी यह सफलता सिर्फ एक परीक्षा पास करने की कहानी नहीं, बल्कि संघर्ष, समर्पण और उम्मीद की ऐसी मिसाल है जो आने वाली पीढ़ियों को आगे बढ़ने का हौसला देती रहेगी। इस अवसर पर रामनाथ यादव, अमित कुमार, नंद गोपाल यादव, दिनेश गुप्ता, शशि कुमार और उमाशंकर सिंह सहित कई अन्य लोग भी मौजूद थे।
- अभिषेक कुमार ई-मीडिया ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर भरत तिवारी को आत्मसमर्पण कर देने के बाद भी पुलिस ने उन पर गोली क्यों चलाई।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में, भगवती मानव कल्याण संगठन के युवा साथियों ने इस अवसर पर योग दिवस का आयोजन किया।1
- जीतन राम मांझी ने भरत तिवारी जैसे युवाओं के कथित फर्जी एनकाउंटर को सही ठहराया है। इस बयान के लिए उन पर कड़ी आलोचना की जा रही है, जिसमें सीधे तौर पर कहा गया है कि मांझी को अपने इस कदम के लिए शर्म आनी चाहिए।1
- औरंगाबाद जिले के हसपुरा प्रखंड अंतर्गत जैतपुर गांव निवासी प्रमोद कुमार शर्मा की बेटी स्वाति कुमारी ने बीपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण कर ग्रामीण विकास पदाधिकारी का पद हासिल किया है। इस उपलब्धि पर उनके परिजनों सहित पूरे गांव के ग्रामीणों ने उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं, जिससे हसपुरा की बेटी के रूप में उनकी यह सफलता क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है।1
- मनसा पटेल के बिहिया पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्हें देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिसमें कई सामाजिक व्यक्ति भी शामिल हुए।1
- पटना जंक्शन के इन्क्वायरी काउंटर पर यात्रियों को ट्रेन की जानकारी के लिए लगातार आवाज लगानी पड़ी, लेकिन वहां मौजूद जिम्मेदार कर्मचारी नींद में पाए गए। इस घटना से 'राजधानी की राजधानी में व्यवस्था बेहोश' होने का आरोप लगा है। यात्रियों को समय पर जानकारी न मिलने पर रेल सेवा के बेहतर दावों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, और यह पूछा जा रहा है कि क्या यही यात्रियों के प्रति जवाबदेही है। इस दौरान 'यात्री परेशान, कर्मचारी आराम!' की स्थिति दिखी, और पटना स्टेशन का यह वीडियो वायरल हो गया है।1
- बिहार में एक पुलिसकर्मी द्वारा भरत तिवारी की कथित हत्या को लेकर आक्रोश व्यक्त किया गया है। पोस्ट में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि इस कृत्य के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मी को तत्काल फांसी की सजा दी जानी चाहिए। न्याय की इस तीव्र मांग के साथ 'जय बिहार' का नारा भी बुलंद किया गया है, जो स्थानीय भावनाओं और विरोध को दर्शाता है।1
- नीट परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को व्यापक स्तर पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों को परीक्षा केंद्र काफी दूर आवंटित किए जा रहे हैं, जिसके कारण उन्हें अतिरिक्त दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अभिषेक कुमार ई-मीडिया ने इस स्थिति पर प्रकाश डाला है।1