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गोंडा में उर्वरक प्राप्त करने के लिए लगी किसानों की लाइन के पास भाजपा के सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह, ब्लॉक प्रमुख के साथ पहुंचे। इस दौरान विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने किसानों से सीधे बातचीत करते हुए पूछा कि वे कितनी देर से लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
अंकुर गर्ग
गोंडा में उर्वरक प्राप्त करने के लिए लगी किसानों की लाइन के पास भाजपा के सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह, ब्लॉक प्रमुख के साथ पहुंचे। इस दौरान विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने किसानों से सीधे बातचीत करते हुए पूछा कि वे कितनी देर से लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- गोंडा के जिलाधिकारी ने पल्स पोलियो अभियान को लेकर एक अपील की है।1
- धौलपुर जिले के डांग क्षेत्र स्थित भवुतीपुरा गांव में चंबल क्षेत्र के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार बुधवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ। सुरक्षा के मद्देनजर, पूरे गांव को पुलिस छावनी में बदल दिया गया था और करीब 100 पुलिसकर्मियों सहित 9 थानों की पुलिस, एसटीएफ और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर तैनात रहे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रवण कुमार और सीओ महेंद्र कुमार ने पूरी घटना पर नजर रखी, जिसके चलते कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। जगन गुर्जर का शव बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे उसके पैतृक गांव भवुतीपुरा पहुँचा, जहाँ परिजनों और ग्रामीणों ने अंतिम दर्शन किए। इसके बाद श्मशान घाट पर उसके पुत्र आसाराम गुर्जर ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर, लाल सिंह और पान सिंह को एसटीएफ की कड़ी सुरक्षा के बीच अलग-अलग वाहनों से लाया गया और कार्यक्रम के बाद वापस पुलिस सुरक्षा में ले जाया गया। उल्लेखनीय है कि जगन गुर्जर की मौत 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हुई थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि जेल में बंद एक अन्य आरोपी विष्णु ने तौलिये से गला दबाकर उसकी हत्या की। इस घटना के बाद परिजनों ने कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया था। मंगलवार को प्रशासन और परिजनों के बीच वार्ता के बाद पाँच बिंदुओं पर सहमति बनी, जिसके बाद पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंपा गया। इस सहमति में परिवार को सुरक्षा प्रदान करना, जगन के भाई पप्पू गुर्जर को अन्य जेल में स्थानांतरित करना, जेल स्टाफ की जांच करना और दोषियों पर कार्रवाई करना जैसे मुद्दे शामिल थे। जगन गुर्जर धौलपुर के भवुतीपुरा गांव का निवासी था और उसके खिलाफ राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में हत्या, अपहरण, डकैती, फिरौती और लूट जैसे 100 से अधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं। चंबल क्षेत्र में लंबे समय तक उसका नाम अपराध जगत में चर्चा का विषय रहा।1
- आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज, मिल्कीपुर के सब्जी विज्ञान प्रक्षेत्र स्थित बीज विक्रय केंद्र पर बुधवार को दिनभर ताला लटका रहा, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रुदौली के गनौली गांव से आए किसान राजेश कुमार पांडे और भेलसर निवासी कृषक व मीडिया कर्मी जगदंबा श्रीवास्तव सुबह 11:45 बजे से ही केंद्र खुलने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन विश्वविद्यालय का ‘बड़ा नाम’ किसानों को बीज उपलब्ध कराने की ‘छोटी व्यवस्था’ के आगे फीका पड़ गया। घंटों इंतजार के बाद थक-हार चुके किसानों ने आखिरकार सीधे कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह को मोबाइल पर शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के बाद ही दोपहर 2:50 बजे बीज विक्रय केंद्र का ताला खुल सका और किसानों को तीन घंटे से अधिक के इंतजार के बाद बीज मिल पाया। शिकायत के बाद ऑल्टो कार से हड़बड़ाकर मौके पर पहुंचे केंद्र प्रभारी ने पहले तो दावा किया कि वे ‘यहीं पर थे’, लेकिन तुरंत ही पलटते हुए कहा कि वे ‘खाना खाने गए थे’। यह स्थिति तब सामने आई जब विश्वविद्यालय प्रशासन ने अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए लंच टाइम 1:00 बजे से 1:30 बजे तक निर्धारित कर रखा है, लेकिन कर्मचारियों ने कुलपति के आदेश को ताक पर रखकर 11:45 बजे से 2:50 बजे तक केंद्र बंद रखा। कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कार्यभार संभालते समय किसानों को ‘सिंगल विंडो’ से बीज उपलब्ध कराने का वादा किया था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी यह घोषणा पूरी नहीं हुई है और विक्रय केंद्रों की अव्यवस्था जस की तस बनी हुई है। किसान आज भी ताला खुलने के इंतजार में घंटों बैठने को मजबूर हैं और बीज के लिए उन्हें बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। किसान राजेश कुमार पांडे ने अपना दर्द बयां करते हुए सवाल किया, “अगर कृषि विश्वविद्यालय में ही बीज के लिए धक्के खाने पड़ें, तो आम किसान कहां जाएगा?” यह घटना कई अनुत्तरित प्रश्न छोड़ जाती है: जब लंच टाइम 1:00 से 1:30 बजे तय है, तो काउंटर 11:45 से 2:50 तक क्यों बंद रहा? ‘सिंगल विंडो’ का वादा कब पूरा होगा? और कुलपति के आदेश को नजरअंदाज करने वाले कर्मचारियों पर कब कार्रवाई होगी? यह स्थिति दर्शाती है कि कृषि विश्वविद्यालय का मूल मकसद किसान की मदद करना है, लेकिन काउंटर पर लटका ताला बता रहा है कि सिस्टम को सबसे पहले खुद ‘इलाज’ की सख्त जरूरत है।2
- आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 01 जुलाई 2026 को अपनी आगे की यात्रा जारी रखी है। इसके परिणामस्वरूप, उत्तर अरब सागर के कुछ और हिस्से, गुजरात और दमन एवं दीव के संपूर्ण क्षेत्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ और भाग, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के शेष भाग, जम्मू-कश्मीर का संपूर्ण क्षेत्र, तथा हरियाणा और पंजाब के कुछ भाग अब मानसून की चपेट में आ गए हैं। 01 जुलाई 2026 की स्थिति के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) 22°उ.अ./60°पू.दे., 22°उ.अ./65°पू.दे., पोरबंदर, वल्लभ विद्यानगर, शाजापुर, नौगांव, मिर्जापुर, आज़मगढ़, अयोध्या, बदायूं, मेरठ, करनाल, गुरदासपुर तथा 32.8°उ.अ./73°पू.दे. से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि अगले 2 दिनों के दौरान उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के कुछ और भागों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनी हुई हैं।1
- उत्तर प्रदेश के अयोध्या में करणी सेना सनातन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष सिंह राजा के तत्वावधान में अवध प्रांत का गठन किया गया है। यह गठन जिला कार्यकारी अवध प्रांत राष्ट्रीय युवा शक्ति अध्यक्ष और राष्ट्रीय कवि दुर्गेश पांडे उर्फ दुर्लभ के सानिध्य में संपन्न हुआ। इस दौरान, राहुल सिंह को सर्वसम्मति से अवध प्रांत का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति कार्यकारिणी की बैठक में की गई। इस पूरे घटनाक्रम के लिए करणी सेना सनातन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष सिंह राजा ने अयोध्या का दौरा किया।2
- अयोध्या से एक ख़बर के अनुसार, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उन्हें पत्रकारों के प्रति आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए देखा और सुना जा रहा है। साथ ही, वीडियो में चंपत राय कथित तौर पर 4-5 वर्ष पुराने एक ज़मीन विवाद का भी जिक्र कर रहे हैं। हालांकि, अयोध्या हलचल न्यूज़ ग्रुप इस वायरल वीडियो की प्रामाणिकता, इसकी रिकॉर्डिंग की तिथि और इसके संदर्भ की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह वीडियो हाल ही का है या पुराना। सोशल मीडिया पर कई पोस्ट इसे एक पुराना वीडियो बता रही हैं, लेकिन इसकी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।1
- कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने अयोध्या पहुँचकर रामलला और हनुमान गढ़ी में दर्शन किए, जिसके बाद उन्होंने राम मंदिर दान गबन मामले में ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाए। मीडिया से बात करते हुए अजय राय ने कहा कि इस प्रकरण में बड़े लोगों को बचाया जा रहा है और निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल छोटे लोगों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर भी जांच होनी चाहिए। राय ने मांग की कि राम मंदिर ट्रस्ट को भंग किया जाए और इसमें शंकराचार्यों, संतों व अयोध्यावासियों को जगह दी जाए। उन्होंने दावा किया कि भगवान राम भ्रष्टाचार करने वालों को अवश्य दंड देंगे। उन्होंने 'चंदा चोर' के प्रकरण को लेकर ट्रस्ट के सभी ट्रस्टी को हटाने और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की। बताया गया कि प्रशासन ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वे दर्शन करके ही लौटे।1
- अयोध्या के दर्शन नगर चौकी क्षेत्र में अवैध खनन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि उन्होंने कानून-व्यवस्था को सीधी चुनौती दे डाली। लोढ़ा ग्रुप के पास अवैध खनन की सूचना पर पहुँची पीआरबी (PRV) 112 की टीम पर खनन माफियाओं ने ट्रैक्टर-ट्रॉली चढ़ाने का प्रयास किया। इस दौरान, उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता और गाली-गलौज भी की। जानकारी के अनुसार, घटनास्थल पर 25 से 30 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ खनन माफिया बेखौफ होकर अवैध मिट्टी और बालू का उत्खनन कर रहे थे। जब पीआरबी 112 टीम ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो माफियाओं ने न केवल पुलिस से उलझना शुरू किया बल्कि उन पर ट्रैक्टर चढ़ाने का भी प्रयास किया। घटना की सूचना स्थानीय दर्शन नगर चौकी को दी गई, लेकिन पुलिस बल के पहुँचने से पहले ही सभी आरोपी अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों सहित मौके से फरार हो गए। इस पूरे क्षेत्र में माफियाओं का सिंडिकेट अत्यंत सक्रिय है, जिसके चलते बैकुंठ धाम और आसपास के इलाकों में पोकलैंड व जेसीबी मशीनें 24 घंटे अवैध खनन में लगी रहती हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रतिदिन 100 से अधिक ट्रक और डंपर बेरोकटोक सरयू नदी के तटों को खोखला कर रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि खनन विभाग को इन अवैध गतिविधियों की लगातार जानकारी दी जा रही है, फिर भी विभाग द्वारा 5 दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। अधिकारियों के फोन न उठाने से उनकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिससे पुलिस और खनन विभाग की कथित मिलीभगत पर संदेह गहरा गया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। नागरिकों ने जिलाधिकारी से तत्काल संज्ञान लेते हुए अवैध खनन में लिप्त माफियाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है, ताकि इन माफियाओं के दुस्साहस पर लगाम लग सके और वे कानून को ठेंगा न दिखा पाएं।1