फरियादी को न्याय दिलाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता, निस्तारण में लापरवाही व अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं: डीएम बदायूँ: 01 अगस्त। तहसील सदर में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी अवनीश राय ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने अन्य अधिकारियों के साथ आमजन की शिकायतों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक फरियादी को न्याय दिलाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि सम्पूर्ण समाधान दिवस शासन की महत्वपूर्ण व्यवस्था है, जिसके माध्यम से आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान कराया जाता है। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समयसीमा में स्थलीय सत्यापन कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करते हुए अनुपालन आख्या उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। समाधान दिवस के दौरान राजस्व की 24, पूर्ति विभाग की 03, विद्युत की 04, पुलिस की 06 एवं अन्य विभागों की 04 सहित कुल 41 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 05 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कराया गया तथा शेष प्रकरणों के लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर प्राप्त शिकायती पत्रों में भूमि की पैमाइश कराने, चकरोड पर से अवैध कब्जा हटवाने आदि की शिकायते प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी ने भूमि विवाद से सम्बंधित मामलों में राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर सीडीओ गामिनी सिंगला व अन्य जिला स्तरीय विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
फरियादी को न्याय दिलाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता, निस्तारण में लापरवाही व अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं: डीएम बदायूँ: 01 अगस्त। तहसील सदर में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी अवनीश राय ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने अन्य अधिकारियों के साथ आमजन की शिकायतों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक फरियादी को न्याय दिलाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी स्तर
पर लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि सम्पूर्ण समाधान दिवस शासन की महत्वपूर्ण व्यवस्था है, जिसके माध्यम से आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान कराया जाता है। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समयसीमा में स्थलीय सत्यापन कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करते हुए अनुपालन आख्या उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। समाधान दिवस के दौरान राजस्व की 24, पूर्ति विभाग की 03, विद्युत की 04, पुलिस की 06 एवं अन्य विभागों की 04 सहित कुल 41 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 05
शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कराया गया तथा शेष प्रकरणों के लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर प्राप्त शिकायती पत्रों में भूमि की पैमाइश कराने, चकरोड पर से अवैध कब्जा हटवाने आदि की शिकायते प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी ने भूमि विवाद से सम्बंधित मामलों में राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर सीडीओ गामिनी सिंगला व अन्य जिला स्तरीय विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
- जनपद संभल की चंदौसी तहसील क्षेत्र के ग्राम बेरनी में स्थित प्राचीन शिव मंदिर पर पहुंचे जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई। जनपद संभल की चंदौसी तहसील क्षेत्र के ग्राम बेरनी में स्थित प्राचीन शिव मंदिर पर पहुंचे जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई।1
- संभल में वंदे मातरम' बिल पर AIMIM का विरोध, बोले सय्यद असलम- देश में भाईचारे की जगह विवाद बढ़ाएगी सरकार राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' के समान कानूनी संरक्षण देने से जुड़े प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट टू नेशनल ऑनर (संशोधन) बिल-2026 को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर एआईएमआईएम के पश्चिमी उत्तर प्रदेश महासचिव सय्यद असलम ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए बिल का विरोध किया। सय्यद असलम ने कहा कि केंद्र सरकार ऐसे कानून लाकर देश में विवाद और सामाजिक तनाव बढ़ाने का प्रयास कर रही है। उनका आरोप है कि किसी भी नागरिक पर किसी विशेष नारे या गीत को गाने के लिए कानूनी दबाव बनाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि संविधान और देश के कानून को देश के निर्माताओं ने व्यापक सोच-विचार के बाद तैयार किया था और उसमें इस प्रकार के बदलाव नहीं किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे कानून लाने के बजाय बेरोजगारी, रोजगार सृजन, सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। उनके मुताबिक देश को मजबूत बनाने का रास्ता हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे से होकर जाता है, न कि ऐसे विवादित मुद्दों से। जब उनसे पूछा गया कि क्या इस बिल से देश कमजोर होगा, तो उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि देश नहीं बल्कि समाज में अनावश्यक तनाव बढ़ सकता है। उन्होंने दोहराया कि किसी भी नागरिक पर किसी गीत को गाने की बाध्यता नहीं होनी चाहिए और सरकार को संविधान की मूल भावना का सम्मान करना चाहिए। AIMIM नेता ने अंत में इस प्रस्तावित संशोधन की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऐसे कदम देश में भाईचारे और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए ठीक नहीं हैं।1
- kabulpura gotiya badayun pakdi wali jarat ke pass pura road gir Rakha Hai ise hatwaya jaaye bahut pareshani Hoti Hai sabko namajon ki bahut pareshani hoti hai1
- दिल्ली पीएम मोदी को गाली देने वाली रूचिका सिंह ने मांगी माफी पीएम मोदी को गाली देने वाली रूचिका सिंह ने मांगी माफी1
- ग्रामीणों ने मौके पर पकड़कर पुलिस को सौंपा, वायरल वीडियो की जांच में जुटी पुलिस गौतम हत्याकांड में मुख्य आरोपी समीर का कबूलनामा वायरल, कहा– "बहन के साथ गलत किया, इसलिए मारा" ग्रामीणों ने मौके पर पकड़कर पुलिस को सौंपा, वायरल वीडियो की जांच में जुटी पुलिस शाहजहाँपुर के कांट थाना क्षेत्र में गौतम मौर्य हत्याकांड के बाद एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मुख्य आरोपी बताए जा रहे समीर को ग्रामीणों ने मौके पर पकड़ रखा है। वीडियो में वह कथित तौर पर यह कहते हुए दिखाई दे रहा है कि, "उसने मेरी बहन के साथ गलत किया, इसलिए मैंने उसे मार दिया।" हालांकि, वायरल वीडियो में किए गए दावों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है और मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है।1