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17वां तेंदुआ पकड़े जाने से किसानों ने ली राहत की सांस दहशत का पर्याय बने गन्ने के खेत, बहापुर बलिया में तीन ग्रामीणों की जान ले चुका है तेंदुआ 17वां तेंदुआ पकड़े जाने से किसानों ने ली राहत की सांस दहशत का पर्याय बने गन्ने के खेत, बहापुर बलिया में तीन ग्रामीणों की जान ले चुका है तेंदुआ ठाकुरद्वारा। बहापुर बलिया गांव में शुक्रवार तड़के एक और तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने की जानकारी उस समय हुई, जब ग्रामीणों का एक समूह सुबह खेतों की ओर जा रहा था। इसी दौरान पिंजरे में कैद तेंदुआ गुर्राने लगा। आवाज सुनकर ग्रामीणों के कदम ठिठक गए और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। साहस जुटाकर ग्रामीणों ने जब पिंजरे की ओर देखा तो उसमें तेंदुआ कैद था। इसके बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही गांव में तैनात वन दरोगा पीयूष जोशी और मदन जोशी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। तेंदुए के पकड़े जाने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। भीड़ बढ़ने पर पुलिस और वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को समझाकर मौके से हटाया और तेंदुए को अपने कब्जे में ले लिया। तेंदुए के पिंजरे में कैद होने के बाद ग्रामीणों के साथ वन विभाग की टीम ने भी राहत की सांस ली। बहापुर बलिया गांव और आसपास का क्षेत्र लंबे समय से तेंदुओं की दहशत से जूझ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार इसी क्षेत्र में तेंदुए के हमलों में दो महिलाओं और एक पुरुष की जान जा चुकी है। इसके बाद वन विभाग और पुलिस प्रशासन ने तेंदुओं को पकड़ने के लिए गांव के आसपास पिंजरे लगाए थे। लगातार चलाए जा रहे अभियान के दौरान एक-एक कर तेंदुए पिंजरों में कैद हो रहे हैं। बहापुर बलिया में पकड़ा गया तेंदुआ 17वां तेंदुआ बताया जा रहा है। गन्ने के खेत बन गए दहशत का अड्डा खादर क्षेत्र में गन्ने के घने खेत ग्रामीणों के लिए लंबे समय से दहशत का कारण बने हुए हैं। गन्ने की ऊंची फसल तेंदुओं को छिपने के लिए सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराती है। यही वजह है कि खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों में लगातार डर बना हुआ है। हालात यह हैं कि पशुओं के लिए चारा लेने या खेती के जरूरी काम से खेतों में जाने वाले किसान भी गन्ने के खेत में कदम रखने से पहले कई बार सोचने को मजबूर हैं। खेत किसान की रोजी-रोटी का आधार हैं, लेकिन तेंदुओं की मौजूदगी ने इन्हीं खेतों को ग्रामीणों के लिए खतरे का मैदान बना दिया है। कई बार किसानों को समूह बनाकर खेतों की ओर जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि एक-एक कर तेंदुओं के पकड़े जाने से उन्हें राहत जरूर मिल रही है, लेकिन जब तक क्षेत्र में तेंदुओं की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होता और खेतों में काम करने वाले किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक दहशत पूरी तरह खत्म नहीं होगी। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से अभियान लगातार जारी रखने और गन्ने के खेतों में छिपे अन्य तेंदुओं को भी पकड़ने की मांग की है, ताकि किसान बिना डर के अपने खेतों में काम कर सकें।

4 hrs ago
user_इस्लाम सलमानी ठाकुरद्वारा जिला मुरादाबाद
इस्लाम सलमानी ठाकुरद्वारा जिला मुरादाबाद
Salesperson ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश•
4 hrs ago
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17वां तेंदुआ पकड़े जाने से किसानों ने ली राहत की सांस दहशत का पर्याय बने गन्ने के खेत, बहापुर बलिया में तीन ग्रामीणों की जान ले चुका है तेंदुआ 17वां तेंदुआ पकड़े जाने से किसानों ने ली राहत की सांस दहशत का पर्याय बने गन्ने के खेत, बहापुर बलिया में तीन ग्रामीणों की जान ले चुका है तेंदुआ ठाकुरद्वारा। बहापुर बलिया गांव में शुक्रवार तड़के एक और तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने की जानकारी उस समय हुई, जब ग्रामीणों का एक समूह सुबह खेतों की ओर जा रहा था। इसी दौरान पिंजरे में कैद तेंदुआ गुर्राने लगा। आवाज सुनकर ग्रामीणों के कदम ठिठक गए और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। साहस जुटाकर ग्रामीणों ने जब पिंजरे की ओर देखा तो उसमें तेंदुआ कैद था। इसके

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बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही गांव में तैनात वन दरोगा पीयूष जोशी और मदन जोशी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। तेंदुए के पकड़े जाने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। भीड़ बढ़ने पर पुलिस और वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को समझाकर मौके से हटाया और तेंदुए को अपने कब्जे में ले लिया। तेंदुए के पिंजरे में कैद होने के बाद ग्रामीणों के साथ वन विभाग की टीम ने भी राहत की सांस ली। बहापुर बलिया गांव और आसपास का क्षेत्र लंबे समय से तेंदुओं की दहशत से जूझ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार इसी क्षेत्र में तेंदुए के हमलों में दो महिलाओं और एक पुरुष की जान जा चुकी है। इसके बाद वन विभाग और

पुलिस प्रशासन ने तेंदुओं को पकड़ने के लिए गांव के आसपास पिंजरे लगाए थे। लगातार चलाए जा रहे अभियान के दौरान एक-एक कर तेंदुए पिंजरों में कैद हो रहे हैं। बहापुर बलिया में पकड़ा गया तेंदुआ 17वां तेंदुआ बताया जा रहा है। गन्ने के खेत बन गए दहशत का अड्डा खादर क्षेत्र में गन्ने के घने खेत ग्रामीणों के लिए लंबे समय से दहशत का कारण बने हुए हैं। गन्ने की ऊंची फसल तेंदुओं को छिपने के लिए सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराती है। यही वजह है कि खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों में लगातार डर बना हुआ है। हालात यह हैं कि पशुओं के लिए चारा लेने या खेती के जरूरी काम से खेतों में जाने वाले किसान भी गन्ने के खेत में कदम रखने से पहले कई बार सोचने को

मजबूर हैं। खेत किसान की रोजी-रोटी का आधार हैं, लेकिन तेंदुओं की मौजूदगी ने इन्हीं खेतों को ग्रामीणों के लिए खतरे का मैदान बना दिया है। कई बार किसानों को समूह बनाकर खेतों की ओर जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि एक-एक कर तेंदुओं के पकड़े जाने से उन्हें राहत जरूर मिल रही है, लेकिन जब तक क्षेत्र में तेंदुओं की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होता और खेतों में काम करने वाले किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक दहशत पूरी तरह खत्म नहीं होगी। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से अभियान लगातार जारी रखने और गन्ने के खेतों में छिपे अन्य तेंदुओं को भी पकड़ने की मांग की है, ताकि किसान बिना डर के अपने खेतों में काम कर सकें।

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    17वां तेंदुआ पकड़े जाने से किसानों ने ली राहत की सांस दहशत का पर्याय बने गन्ने के खेत, बहापुर बलिया में तीन ग्रामीणों की जान ले चुका है तेंदुआ
17वां तेंदुआ पकड़े जाने से किसानों ने ली राहत की सांस
दहशत का पर्याय बने गन्ने के खेत, बहापुर बलिया में तीन ग्रामीणों की जान ले चुका है तेंदुआ
ठाकुरद्वारा। बहापुर बलिया गांव में शुक्रवार तड़के एक और तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने की जानकारी उस समय हुई, जब ग्रामीणों का एक समूह सुबह खेतों की ओर जा रहा था। इसी दौरान पिंजरे में कैद तेंदुआ गुर्राने लगा। आवाज सुनकर ग्रामीणों के कदम ठिठक गए और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। साहस जुटाकर ग्रामीणों ने जब पिंजरे की ओर देखा तो उसमें तेंदुआ कैद था। इसके बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही गांव में तैनात वन दरोगा पीयूष जोशी और मदन जोशी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। तेंदुए के पकड़े जाने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। भीड़ बढ़ने पर पुलिस और वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को समझाकर मौके से हटाया और तेंदुए को अपने कब्जे में ले लिया। तेंदुए के पिंजरे में कैद होने के बाद ग्रामीणों के साथ वन विभाग की टीम ने भी राहत की सांस ली। बहापुर बलिया गांव और आसपास का क्षेत्र लंबे समय से तेंदुओं की दहशत से जूझ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार इसी क्षेत्र में तेंदुए के हमलों में दो महिलाओं और एक पुरुष की जान जा चुकी है। इसके बाद वन विभाग और पुलिस प्रशासन ने तेंदुओं को पकड़ने के लिए गांव के आसपास पिंजरे लगाए थे। लगातार चलाए जा रहे अभियान के दौरान एक-एक कर तेंदुए पिंजरों में कैद हो रहे हैं। बहापुर बलिया में पकड़ा गया तेंदुआ 17वां तेंदुआ बताया जा रहा है।
गन्ने के खेत बन गए दहशत का अड्डा
खादर क्षेत्र में गन्ने के घने खेत ग्रामीणों के लिए लंबे समय से दहशत का कारण बने हुए हैं। गन्ने की ऊंची फसल तेंदुओं को छिपने के लिए सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराती है। यही वजह है कि खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों में लगातार डर बना हुआ है।
हालात यह हैं कि पशुओं के लिए चारा लेने या खेती के जरूरी काम से खेतों में जाने वाले किसान भी गन्ने के खेत में कदम रखने से पहले कई बार सोचने को मजबूर हैं। खेत किसान की रोजी-रोटी का आधार हैं, लेकिन तेंदुओं की मौजूदगी ने इन्हीं खेतों को ग्रामीणों के लिए खतरे का मैदान बना दिया है। कई बार किसानों को समूह बनाकर खेतों की ओर जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि एक-एक कर तेंदुओं के पकड़े जाने से उन्हें राहत जरूर मिल रही है, लेकिन जब तक क्षेत्र में तेंदुओं की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होता और खेतों में काम करने वाले किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक दहशत पूरी तरह खत्म नहीं होगी। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से अभियान लगातार जारी रखने और गन्ने के खेतों में छिपे अन्य तेंदुओं को भी पकड़ने की मांग की है, ताकि किसान बिना डर के अपने खेतों में काम कर सकें।
    user_इस्लाम सलमानी ठाकुरद्वारा जिला मुरादाबाद
    इस्लाम सलमानी ठाकुरद्वारा जिला मुरादाबाद
    Salesperson ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • काशीपुर ब्यूरो रिपोर्ट उत्तराखंड पुलिस किसी भी समय कांग्रेस विधायक आदेश चौहान और बीजेपी के विधायक अरविंद पांडे को गिरफ्तार कर सकती है।
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    काशीपुर ब्यूरो रिपोर्ट उत्तराखंड पुलिस किसी भी समय कांग्रेस विधायक आदेश चौहान और बीजेपी के विधायक अरविंद पांडे को गिरफ्तार कर सकती है।
    user_द कहर न्यूज़ एजेंसी
    द कहर न्यूज़ एजेंसी
    Journalist Kashipur, Udam Singh Nagar•
    11 hrs ago
  • ek tellent ka swal h baddy bnaya gya modi ji ka dhami ji Azeem kalakar sport kre dhami ji ka full sport h kalakar ko full sport viral share kre is post ko viral share kre kalakar apni I'd pe dale upload kre story viral kre modi ke badddy Dhami ji bnaya kalakar bhai ne bahut achha gaya h sub viral share kre
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    ek tellent ka swal h baddy bnaya gya modi ji ka dhami ji Azeem kalakar sport kre dhami ji ka full sport h kalakar ko full sport viral share kre 
is post ko viral share kre kalakar apni I'd pe dale upload kre story viral kre modi ke badddy  Dhami ji bnaya kalakar bhai ne bahut achha gaya h sub viral share kre
    user_Badshah
    Badshah
    Actor काशीपुर, उधम सिंह नगर, उत्तराखंड•
    14 hrs ago
  • मुजफ्फरनगर महापंचायत में गूंजा बाजपुर के 20 गांवों की भूमि का मुद्दा मुजफ्फरनगर महापंचायत में गूंजा बाजपुर के 20 गांवों की भूमि का मुद्दा बाजपुर। मुजफ्फरनगर के जीआईसी ग्राउंड में आयोजित किसान-मजदूर महापंचायत में बाजपुर के 20 गांवों की 5,838 एकड़ भूमि के भूमिधरी अधिकारों का मुद्दा उठाया गया। भूमि बचाओ मुहिम के संयोजक किसान नेता जगतार सिंह बाजवा ने किसानों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट होने का आह्वान किया। बाजवा ने कहा कि भूमिधरी अधिकारों की बहाली के लिए आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर किसान नेता राकेश टिकैत से भी बातचीत हुई है और आगामी दिनों में आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
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    मुजफ्फरनगर महापंचायत में गूंजा बाजपुर के 20 गांवों की भूमि का मुद्दा
मुजफ्फरनगर महापंचायत में गूंजा बाजपुर के 20 गांवों की भूमि का मुद्दा
बाजपुर। मुजफ्फरनगर के जीआईसी ग्राउंड में आयोजित किसान-मजदूर महापंचायत में बाजपुर के 20 गांवों की 5,838 एकड़ भूमि के भूमिधरी अधिकारों का मुद्दा उठाया गया। भूमि बचाओ मुहिम के संयोजक किसान नेता जगतार सिंह बाजवा ने किसानों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट होने का आह्वान किया। बाजवा ने कहा कि भूमिधरी अधिकारों की बहाली के लिए आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर किसान नेता राकेश टिकैत से भी बातचीत हुई है और आगामी दिनों में आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
    user_LOVE SHRIVASTAV
    LOVE SHRIVASTAV
    Local News Reporter बाजपुर, उधम सिंह नगर, उत्तराखंड•
    6 hrs ago
  • लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़ा ऐलान किया है विश्वकर्मा जयंती को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाएगा साथ ही नदी किनारे भगवान विश्वकर्मा का मंदिर बनाया जाएगा
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    लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 
बड़ा ऐलान किया है विश्वकर्मा जयंती को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाएगा  साथ ही नदी किनारे भगवान विश्वकर्मा का मंदिर बनाया जाएगा
    user_Sonu Kumar Gautam midia
    Sonu Kumar Gautam midia
    Local News Reporter टांडा, रामपुर, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • ऐसी क्या बात हुई जो पुलिस में इतनी नोक झोक ऐसी हुई की गलियों पर उतराई महिलाएं इस वीडियो में महिलाओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक दिखाई दे रही है। महिलाओं की ओर से पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज और बदतमीजी करते हुए बोलने के दृश्य सामने आए हैं। सवाल है कि विवाद की वजह क्या थी? क्या पुलिस की कार्रवाई गलत थी या महिलाओं का व्यवहार? आप कमेंट में बताइए कि पुलिस गलत है या महिलाएँ? कमेंट में जरूर बताएं।
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    ऐसी क्या बात हुई जो पुलिस में इतनी नोक झोक ऐसी हुई की गलियों पर उतराई महिलाएं
इस वीडियो में महिलाओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक दिखाई दे रही है। महिलाओं की ओर से पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज और बदतमीजी करते हुए बोलने के दृश्य सामने आए हैं। सवाल है कि विवाद की वजह क्या थी? क्या पुलिस की कार्रवाई गलत थी या महिलाओं का व्यवहार? आप कमेंट में बताइए कि पुलिस गलत है या महिलाएँ? कमेंट में जरूर बताएं।
    user_Khabre Uttar Pradesh ki
    Khabre Uttar Pradesh ki
    Local News Reporter Amroha, Uttar Pradesh•
    2 hrs ago
  • जर्जर कांशीराम कॉलोनी में रहने वाले परिवारों की बढ़ी चिंता, घर खाली करने के नोटिस से मचा हड़कंप जर्जर कांशीराम कॉलोनी में रहने वाले परिवारों की बढ़ी चिंता, घर खाली करने के नोटिस से मचा हड़कंप नोटिस के बाद करीब 200 परिवारों के सामने छत का संकट, पहले आवास की व्यवस्था की मांग ठाकुरद्वारा। गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई नगर की कांशीराम कॉलोनी अब जर्जर हालत में पहुंच गई है। करीब 12 से 14 वर्ष पहले आवंटित किए गए फ्लैटों में समय के साथ जगह-जगह दरारें पड़ गई हैं और कई भवनों की स्थिति खराब हो चुकी है। प्रशासन की ओर से कॉलोनी के कुछ आवास खाली करने के नोटिस दिए जाने के बाद यहां रहने वाले करीब 200 परिवारों में चिंता बढ़ गई है। कॉलोनी में रहने वाले लोगों का कहना है कि वे वर्षों से इन्हीं आवासों में अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। अब यदि उन्हें मकान खाली करने के लिए मजबूर किया गया तो उनके सामने सबसे बड़ी समस्या बच्चों और परिवार के साथ रहने की होगी। लोगों का कहना है कि उनके पास दूसरा कोई ठिकाना नहीं है। ऐसे में सरकार और प्रशासन को पहले उनके रहने की वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए, इसके बाद ही कॉलोनी को खाली कराने का निर्णय लिया जाए। स्थानीय लोगों के मुताबिक कॉलोनी के कई फ्लैटों की दीवारों में दरारें आ चुकी हैं। भवनों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। जर्जर भवनों को लेकर परिवारों में सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। वहीं नोटिस मिलने के बाद लोगों को यह डर सता रहा है कि उन्हें अचानक अपने आवास से बेदखल न कर दिया जाए। मामले की जानकारी मिलने पर आजाद समाज पार्टी के ठाकुरद्वारा विधानसभा के संभावित प्रत्याशी जरीफ मलिक एडवोकेट भी कांशीराम कॉलोनी पहुंचे। उन्होंने कॉलोनीवासियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और जर्जर आवासों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि वर्षों से इन मकानों में रह रहे परिवारों के सामने आवास का संकट खड़ा करना उचित नहीं है। सरकार और प्रशासन को प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करनी चाहिए। जरीफ मलिक एडवोकेट ने कॉलोनी के निर्माण में कथित तौर पर हुई लापरवाही और अनियमितताओं की जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। उन्होंने कॉलोनीवासियों को उनकी समस्या को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाने का भरोसा भी दिलाया। कॉलोनीवासियों का कहना है कि वे जर्जर भवनों में रहने के कारण पहले ही परेशान हैं, लेकिन मकान खाली करने के नोटिस ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। उनका कहना है कि सरकार उन्हें उजाड़ने के बजाय सुरक्षित आवास उपलब्ध कराए, ताकि उनके परिवारों के सामने छत का संकट पैदा न हो।
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    जर्जर कांशीराम कॉलोनी में रहने वाले परिवारों की बढ़ी चिंता, घर खाली करने के नोटिस से मचा हड़कंप
जर्जर कांशीराम कॉलोनी में रहने वाले परिवारों की बढ़ी चिंता, घर खाली करने के नोटिस से मचा हड़कंप
नोटिस के बाद करीब 200 परिवारों के सामने छत का संकट, पहले आवास की व्यवस्था की मांग
ठाकुरद्वारा। गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई नगर की कांशीराम कॉलोनी अब जर्जर हालत में पहुंच गई है। करीब 12 से 14 वर्ष पहले आवंटित किए गए फ्लैटों में समय के साथ जगह-जगह दरारें पड़ गई हैं और कई भवनों की स्थिति खराब हो चुकी है। प्रशासन की ओर से कॉलोनी के कुछ आवास खाली करने के नोटिस दिए जाने के बाद यहां रहने वाले करीब 200 परिवारों में चिंता बढ़ गई है। कॉलोनी में रहने वाले लोगों का कहना है कि वे वर्षों से इन्हीं आवासों में अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। अब यदि उन्हें मकान खाली करने के लिए मजबूर किया गया तो उनके सामने सबसे बड़ी समस्या बच्चों और परिवार के साथ रहने की होगी। लोगों का कहना है कि उनके पास दूसरा कोई ठिकाना नहीं है। ऐसे में सरकार और प्रशासन को पहले उनके रहने की वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए, इसके बाद ही कॉलोनी को खाली कराने का निर्णय लिया जाए। स्थानीय लोगों के मुताबिक कॉलोनी के कई फ्लैटों की दीवारों में दरारें आ चुकी हैं। भवनों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। जर्जर भवनों को लेकर परिवारों में सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। वहीं नोटिस मिलने के बाद लोगों को यह डर सता रहा है कि उन्हें अचानक अपने आवास से बेदखल न कर दिया जाए। मामले की जानकारी मिलने पर आजाद समाज पार्टी के ठाकुरद्वारा विधानसभा के संभावित प्रत्याशी जरीफ मलिक एडवोकेट भी कांशीराम कॉलोनी पहुंचे। उन्होंने कॉलोनीवासियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और जर्जर आवासों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि वर्षों से इन मकानों में रह रहे परिवारों के सामने आवास का संकट खड़ा करना उचित नहीं है। सरकार और प्रशासन को प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करनी चाहिए। जरीफ मलिक एडवोकेट ने कॉलोनी के निर्माण में कथित तौर पर हुई लापरवाही और अनियमितताओं की जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। उन्होंने कॉलोनीवासियों को उनकी समस्या को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाने का भरोसा भी दिलाया। कॉलोनीवासियों का कहना है कि वे जर्जर भवनों में रहने के कारण पहले ही परेशान हैं, लेकिन मकान खाली करने के नोटिस ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। उनका कहना है कि सरकार उन्हें उजाड़ने के बजाय सुरक्षित आवास उपलब्ध कराए, ताकि उनके परिवारों के सामने छत का संकट पैदा न हो।
    user_इस्लाम सलमानी ठाकुरद्वारा जिला मुरादाबाद
    इस्लाम सलमानी ठाकुरद्वारा जिला मुरादाबाद
    Salesperson ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस ने दबोचा, कोर्ट ने भेजा जेल ठाकुरद्वारा। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग किशोरी को प्रेम जाल में फंसाकर उसके साथ दुष्कर्म और शारीरिक शोषण करने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी का चालान कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। बताया गया कि कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी 16 वर्षीय बेटी को आरोपी फरियाद ने प्रेम जाल में फंसाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को आरोपी फरियाद को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया। नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस ने दबोचा, कोर्ट ने भेजा जेल ठाकुरद्वारा। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग किशोरी को प्रेम जाल में फंसाकर उसके साथ दुष्कर्म और शारीरिक शोषण करने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी का चालान कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। बताया गया कि कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी 16 वर्षीय बेटी को आरोपी फरियाद ने प्रेम जाल में फंसाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को आरोपी फरियाद को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया।
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    नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस ने दबोचा, कोर्ट ने भेजा जेल

ठाकुरद्वारा। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग किशोरी को प्रेम जाल में फंसाकर उसके साथ दुष्कर्म और शारीरिक शोषण करने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी का चालान कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। बताया गया कि कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी 16 वर्षीय बेटी को आरोपी फरियाद ने प्रेम जाल में फंसाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को आरोपी फरियाद को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया।
नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस ने दबोचा, कोर्ट ने भेजा जेल
ठाकुरद्वारा। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग किशोरी को प्रेम जाल में फंसाकर उसके साथ दुष्कर्म और शारीरिक शोषण करने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी का चालान कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। बताया गया कि कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी 16 वर्षीय बेटी को आरोपी फरियाद ने प्रेम जाल में फंसाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को आरोपी फरियाद को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया।
    user_नाजिम हुसैन पत्रकार डिलारी
    नाजिम हुसैन पत्रकार डिलारी
    Local Politician Moradabad, Uttar Pradesh•
    4 hrs ago
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