सोरों मेला मैदान पर निर्माण को लेकर सियासत तेज, पालिका बोर्ड एकजुट साइबर थाना निर्माण का सभासदों ने किया विरोध, डीएम को सौंपेंगे ज्ञापन सोरों शूकरक्षेत्र। नगर के ऐतिहासिक मेला मैदान पर प्रस्तावित निर्माण को लेकर अब सियासत गरमा गई है। सोमवार को नगर पालिका परिषद सभागार में आयोजित बोर्ड बैठक में सभासदों ने प्रस्तावित साइबर थाना निर्माण का जोरदार विरोध करते हुए निर्माण रोकने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया। पालिका अध्यक्ष रामेश्वर दयाल महेरे की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कहा गया कि मेला मैदान सोरों की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में इस भूमि को नगर पालिका परिषद की अधिकृत संपत्ति के रूप में सुरक्षित रखा जाना चाहिए। बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों और सभासदों ने एकजुट होकर मांग उठाई कि मेला मैदान की भूमि नगर निकाय को हस्तांतरित की जाए तथा किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य रोका जाए। पालिका अध्यक्ष रामेश्वर दयाल महेरे ने कहा कि मेला मैदान केवल भूमि नहीं, बल्कि नगर की आस्था और विरासत का प्रतीक है। इसकी मूल पहचान बनाए रखना नगर हित में आवश्यक है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मंगलवार 12 मई को सभी सभासद जिलाधिकारी कासगंज को ज्ञापन सौंपेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री से समय लेकर पूरे प्रकरण से अवगत कराने की तैयारी की जा रही है। सभासद संघ अध्यक्ष विष्णुकान्त तिवारी ने कहा कि नगर की ऐतिहासिक धरोहर और जनता की भावनाओं की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा। बैठक में एसडीएम, अधिशासी अधिकारी हर्षिता देवड़ा सहित सभासद नीतेश पचौरी, विष्णुकान्त तिवारी, जयपाल कश्यप, पवनेश सक्सेना, अतुल तिवारी, अतुल महेरे, विजय गोस्वामी, मुनीश चौधरी, अनुभव निर्भय, मेहरुद्दीन, इकरार, राहुल अग्रवाल, संपूर्णानंद भारद्वाज समेत अन्य सभासद मौजूद रहे।
सोरों मेला मैदान पर निर्माण को लेकर सियासत तेज, पालिका बोर्ड एकजुट साइबर थाना निर्माण का सभासदों ने किया विरोध, डीएम को सौंपेंगे ज्ञापन सोरों शूकरक्षेत्र। नगर के ऐतिहासिक मेला मैदान पर प्रस्तावित निर्माण को लेकर अब सियासत गरमा गई है। सोमवार को नगर पालिका परिषद सभागार में आयोजित बोर्ड बैठक में सभासदों ने प्रस्तावित साइबर थाना निर्माण का जोरदार विरोध करते हुए निर्माण रोकने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया। पालिका अध्यक्ष रामेश्वर दयाल महेरे की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कहा गया कि मेला मैदान सोरों की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में इस भूमि को नगर पालिका परिषद की अधिकृत संपत्ति के रूप में सुरक्षित रखा जाना चाहिए। बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों और सभासदों ने एकजुट होकर मांग उठाई कि मेला मैदान की भूमि नगर निकाय को हस्तांतरित की जाए तथा किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य रोका जाए। पालिका अध्यक्ष रामेश्वर दयाल महेरे ने कहा कि मेला मैदान केवल भूमि नहीं, बल्कि नगर की आस्था और विरासत का प्रतीक है। इसकी मूल पहचान बनाए रखना नगर हित में आवश्यक है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मंगलवार 12 मई को सभी सभासद जिलाधिकारी कासगंज को ज्ञापन सौंपेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री से समय लेकर पूरे प्रकरण से अवगत कराने की तैयारी की जा रही है। सभासद संघ अध्यक्ष विष्णुकान्त तिवारी ने कहा कि नगर की ऐतिहासिक धरोहर और जनता की भावनाओं की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा। बैठक में एसडीएम, अधिशासी अधिकारी हर्षिता देवड़ा सहित सभासद नीतेश पचौरी, विष्णुकान्त तिवारी, जयपाल कश्यप, पवनेश सक्सेना, अतुल तिवारी, अतुल महेरे, विजय गोस्वामी, मुनीश चौधरी, अनुभव निर्भय, मेहरुद्दीन, इकरार, राहुल अग्रवाल, संपूर्णानंद भारद्वाज समेत अन्य सभासद मौजूद रहे।
- थाना सोरों क्षेत्रांतर्गत एक व्यक्ति का शव बरामद होने की सूचना पर स्थानीय पुलिस द्वारा मौके पर पहुंच शव को पोस्टमार्टम हेतु भिजवाया गया है। प्रारम्भिक छानबीन से शरीर पर कोई जाहिरा चोट के निशान नहीं पाए गए हैं, प्रथमदृष्टया किसी जहरीले पदार्थ के सेवन से मृत्यु होना प्रतीत होता है। प्रकरण में थानास्तर से आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। कानून एवं शांति व्यवस्था सामान्य है।1
- PM मोदी के सोमनाथ पूजन का सोरों में LIVE प्रसारण | महिलाओं ने निकाली कलश यात्रा सोरों में दिखी सनातन आस्था की भव्य तस्वीर | चक्रेश्वर महादेव मंदिर में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व LIVE PM मोदी के सोमनाथ पूजन का सोरों में LIVE प्रसारण | महिलाओं ने निकाली कलश यात्रा सोरों चक्रेश्वर महादेव मंदिर में गूंजा ‘ॐ नमः शिवाय’ | भव्य धार्मिक आयोजन सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर सोरों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब | LIVE कार्यक्रम सोरों शूकरक्षेत्र की पावन धरती पर सोमवार को सनातन आस्था और संस्कृति का भव्य संगम देखने को मिला… तीर्थ नगरी स्थित चक्रेश्वर महादेव मंदिर में “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं और भाजपा कार्यकर्ताओं ने एलईडी टीवी के माध्यम से गुजरात के सोमनाथ मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जा रहे पूजा-अर्चना कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखा। वहीं महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में भव्य कलश यात्रा निकालकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मंदिर परिसर “हर हर महादेव” और “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष से गूंज उठा। इस अवसर पर आयोजित “ॐ नमः शिवाय” लेखन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। भाजपा नगर अध्यक्ष आदित्य काकोरिया ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं। मनीष शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर के धार्मिक स्थलों का गौरव पुनर्स्थापित हो रहा है। कार्यक्रम में महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सांत्वना पाराशर, आशुतोष त्रिवेदी, विष्णु तिवारी, नीतेश पचौरी, विजय गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- कासगंज के सहवार गेट इलाके से कूड़ा तो हटा दिया गया है, लेकिन वहां झाड़ू नहीं लगाई गई है। इससे क्षेत्र में सफाई का काम अधूरा रह गया है और गंदगी जस की तस बनी हुई है।1
- कासगंज के ग्राम किलोनी रफातपुर में नालियां ओवरफ्लो हैं और गंदगी के कारण बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सफाईकर्मी और ग्राम प्रधान दोनों ही समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। बदबू और कीचड़ के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- आगरा के एक थाने में एक महिला दरोगा ने अपनी ही महिला इंस्पेक्टर को बेरहमी से पीटा। इस घटना से पूरे पुलिस स्टेशन में हड़कंप मच गया और अधिकारी भी सकते में आ गए।1
- यह मेरे गांव जाने वाली सड़क है, यह अभी भी ठीक नहीं है, यह कब ठीक होगी? इस सड़क पर गांव के लोगों के लिए कोई रोशनी की बत्ती नहीं है।1
- कासगंज में महाराणा प्रताप की जयंती पर कल एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें सजीव झांकियां और पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवा आकर्षण का केंद्र रहे, 'जय राजपूताना' के जयघोष से पूरा नगर गूंज उठा। हजारों लोगों ने राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का सामूहिक संकल्प लिया।1
- कसगंज के सोरों शूकरक्षेत्र में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के फ्लैक्स से स्थानीय प्रमुख मंदिरों के नाम गायब होने पर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने पर्यटन विभाग की इस चूक पर कड़ी नाराजगी जताई है, इसे आस्था का अपमान बताया। विभाग ने गलती स्वीकारते हुए जल्द सुधार और कार्रवाई का आश्वासन दिया है।1