झालावाड़ जिले के डग क्षेत्र में पेयजल संकट को लेकर हरनावदा फंटा और कुण्डीया गांव के ग्रामीणों में जबरदस्त गुस्सा है। एक तरफ जहां लोगों के घरों में नल सूखे पड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ पानी सड़कों पर बहकर बर्बाद हो रहा है। हरनावदा फंटा में पिछले 20 दिनों से और कुण्डीया गांव में एक महीने से ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। जलदाय विभाग की लापरवाही इस हाहाकार की मुख्य वजह बताई जा रही है। विभाग ने पाइपलाइन के लिए नालियां तो खोदीं, लेकिन पाइपों को खुले में छोड़ दिया, जिसके कारण पानी घरों तक पहुँचने के बजाय सड़कों पर बह रहा है। आरोप है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सख्त निर्देशों के बावजूद विभाग इस समस्या पर मूकदर्शक बना हुआ है और कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की गई और इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
झालावाड़ जिले के डग क्षेत्र में पेयजल संकट को लेकर हरनावदा फंटा और कुण्डीया गांव के ग्रामीणों में जबरदस्त गुस्सा है। एक तरफ जहां लोगों के घरों में नल सूखे पड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ पानी सड़कों पर बहकर बर्बाद हो रहा है।
हरनावदा फंटा में पिछले 20 दिनों से और कुण्डीया गांव में एक महीने से ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। जलदाय विभाग की लापरवाही इस हाहाकार की मुख्य वजह बताई जा रही है। विभाग ने पाइपलाइन के लिए नालियां तो खोदीं, लेकिन
पाइपों को खुले में छोड़ दिया, जिसके कारण पानी घरों तक पहुँचने के बजाय सड़कों पर बह रहा है। आरोप है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सख्त निर्देशों के बावजूद विभाग इस समस्या पर मूकदर्शक बना हुआ है और कई बार शिकायत करने
के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की गई और इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
- झालावाड़ जिले के डग क्षेत्र में पेयजल संकट को लेकर हरनावदा फंटा और कुण्डीया गांव के ग्रामीणों में जबरदस्त गुस्सा है। एक तरफ जहां लोगों के घरों में नल सूखे पड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ पानी सड़कों पर बहकर बर्बाद हो रहा है। हरनावदा फंटा में पिछले 20 दिनों से और कुण्डीया गांव में एक महीने से ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। जलदाय विभाग की लापरवाही इस हाहाकार की मुख्य वजह बताई जा रही है। विभाग ने पाइपलाइन के लिए नालियां तो खोदीं, लेकिन पाइपों को खुले में छोड़ दिया, जिसके कारण पानी घरों तक पहुँचने के बजाय सड़कों पर बह रहा है। आरोप है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सख्त निर्देशों के बावजूद विभाग इस समस्या पर मूकदर्शक बना हुआ है और कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की गई और इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।4
- झालावाड़ के गंगधार क्षेत्र में एक नदी से अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और अब इस मामले की गहनता से जाँच में जुटी हुई है।1
- बड़ौद में गुरुवार को डग रोड स्थित गौशाला में दैनिक अग्निपथ उज्जैन के संस्थापक, वरिष्ठ पत्रकार एवं निर्भीक लेखनी के धनी स्वर्गीय ठाकुर शिवप्रताप सिंह चंदेल की 113वीं जयंती के अवसर पर एक गौ सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पत्रकारों और समाजजनों ने गौ माता को हरा चारा खिलाकर स्व. चंदेल को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने स्वर्गीय चंदेल के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला, साथ ही पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को याद किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्व. चंदेल ने अपनी निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता के माध्यम से समाज को एक नई दिशा प्रदान की थी। उनकी लेखनी हमेशा सत्य और जनसरोकारों के पक्ष में खड़ी रही, जो आज भी पत्रकारों के लिए प्रेरणा का एक महत्वपूर्ण स्रोत बनी हुई है। इस अवसर पर उपस्थित सभी पत्रकारों और समाजजनों ने गौ सेवा के माध्यम से स्वर्गीय ठाकुर शिवप्रताप सिंह चंदेल के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की और उनके दर्शाए आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।2
- એક બાત યાદ રખના ચાહિયે ગેસડીhjjj kahhohcfo હોખગી દક્ષતક બોડોળા h1
- सोयत कला में लगा चक्का जाम जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में बनी सहमति के बाद दो घंटे की अवधि में खोल दिया गया। यह निर्णय स्थानीय जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हुए समझौते के परिणामस्वरूप लिया गया।1
- Post by Manish Dhakd1
- मध्यप्रदेश के सुसनेर स्थित आमला चौराहे पर ग्रामीणों ने गौवंश की मौत के विरोध में भारी गुस्सा दिखाते हुए चक्काजाम कर दिया। इस प्रदर्शन के चलते नेशनल हाईवे पूरी तरह से ठप हो गया, जिससे आवागमन रुक गया।1
- झालावाड़ जिले के गंगधार थाना क्षेत्र में आज सुबह छोटी काली सिंध नदी से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया गया है। यह शव गोल खेड़ी गांव के पास मिला, जिसके बाद पुलिस ने उसकी पहचान के लिए जांच शुरू कर दी है। गंगधार पुलिस के अनुसार, मृतक के एक पैर घुटने से कटा हुआ था, जबकि दूसरा पैर नीचे से क्षतिग्रस्त पाया गया है। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने कल शाम उस व्यक्ति को गांव के पास देखा था। ग्रामीणों के अनुसार, वह नशे की हालत में था और उसकी भाषा स्थानीय नहीं लग रही थी। शव पर पहचान के लिए कुछ विशेष सुराग मिले हैं, जिनमें दाहिने हाथ पर ‘जय भीम’ लिखा होना, दोनों कानों में बाली, बाएं हाथ में कड़ा और गले में लाल धागा बंधा होना शामिल है। पुलिस इन्हीं विवरणों के आधार पर शिनाख्त के प्रयास कर रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए चोमेला मोर्चरी भिजवा दिया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो पाएगी। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि अगर किसी को इस व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी हो तो वे गंगधार थाना या पुलिस कंट्रोल रूम झालावाड़ से संपर्क करें, जिसका संपर्क नंबर 9636469879 है। फिलहाल, पुलिस आसपास के थानों और जिलों को सूचना भेजकर शिनाख्त की प्रक्रिया चला रही है और मामले में जांच जारी है।4