इटावा के लबेदी थाना क्षेत्र में स्थित भोगनी नहर से 18 वर्षीय एक किशोर का शव बरामद किया गया है। मृतक की पहचान इटावा शहर के कटरा शमशेर खा नई बस्ती निवासी समीर खा के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, समीर खा बीते शनिवार को अपने दोस्तों के साथ नहर में नहाने गया था। इसी दौरान वह अचानक गहरे पानी में चला गया और डूब गया। घटना के बाद से ही परिजन, ग्रामीण और पुलिस लगातार दोपहर 12 बजे से उसकी तलाश कर रहे थे। तलाशी अभियान के बाद रविवार को लबेदी थाना क्षेत्र के धरमपुरा गांव के सामने भोगनी नहर में उसका शव तैरता हुआ मिला। सूचना मिलते ही इकदिल थाना प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह, उपनिरीक्षक मंजीत दयाल, हेड कांस्टेबल नदेंद्र सिंह और कांस्टेबल पुपष्पेंद्र सिंह सहित अन्य पुलिस बल मौके पर पहुँचा। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायत नामाभरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस घटना से परिजनों में गहरा कोहराम मचा हुआ है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।
इटावा के लबेदी थाना क्षेत्र में स्थित भोगनी नहर से 18 वर्षीय एक किशोर का शव बरामद किया गया है। मृतक की पहचान इटावा शहर के कटरा शमशेर खा नई बस्ती निवासी समीर खा के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, समीर खा बीते शनिवार को अपने दोस्तों के साथ नहर में नहाने गया था। इसी दौरान वह अचानक गहरे पानी में चला गया और डूब गया। घटना के बाद से ही परिजन, ग्रामीण और पुलिस लगातार दोपहर 12 बजे से उसकी तलाश कर रहे थे। तलाशी अभियान के बाद
रविवार को लबेदी थाना क्षेत्र के धरमपुरा गांव के सामने भोगनी नहर में उसका शव तैरता हुआ मिला। सूचना मिलते ही इकदिल थाना प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह, उपनिरीक्षक मंजीत दयाल, हेड कांस्टेबल नदेंद्र सिंह और कांस्टेबल पुपष्पेंद्र सिंह सहित अन्य पुलिस बल मौके पर पहुँचा। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायत नामाभरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस घटना से परिजनों में गहरा कोहराम मचा हुआ है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।
- मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट और मोबाइल फोन पर प्राप्त एसओएस (इमरजेंसी) संदेश के बाद औरैया के अछल्दा क्षेत्र में लोगों ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी। शनिवार शाम को मौसम ने अचानक करवट ली और कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिली। लोगों ने मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए तुरंत आवश्यक सावधानियां अपनाईं। अलर्ट मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने खुले स्थानों से दूरी बनाए रखी और सुरक्षित जगहों पर पहुँचने का प्रयास किया। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों ने भी खेतों में काम कर रहे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। बारिश शुरू होते ही तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे उमस और गर्मी से परेशान लोगों को काफी राहत मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि मोबाइल पर अचानक मिली सरकारी चेतावनी ने उन्हें संभावित खराब मौसम के प्रति पहले ही सचेत कर दिया था, जिसके कारण बारिश और तेज हवाओं के दौरान लोग अधिक सावधान दिखे। मौसम विभाग ने आगामी घंटों में भी गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी सूचनाओं पर ध्यान देने और अनावश्यक रूप से खुले क्षेत्रों में न जाने की अपील की है।1
- उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के बिधूना में लोगों ने यह सवाल उठाया है कि क्या गरीबों के लिए भी कोई सरकार है या नहीं।3
- औरैया जिले के बिधूना थाना क्षेत्र के ग्राम सूरजपुर में हुई हत्या के मामले का पुलिस ने सफल अनावरण किया है। बिधूना थाना, स्वाट और सर्विलांस की संयुक्त पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए एक हत्याभियुक्त को आलाकत्ल (हत्या में प्रयुक्त हथियार) सहित गिरफ्तार किया है। इस सफलता की जानकारी औरैया के पुलिस अधीक्षक द्वारा दी गई।1
- इटावा के विकास खंड महेवा स्थित ग्राम नगला रामसिंह में श्रीमद्भागवत कथा के अंतर्गत एक भव्य कीर्तन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस रात्रि कालीन आयोजन में दूर-दराज से आए कलाकारों और कीर्तन मंडलियों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। कन्नौज सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंची कीर्तन मंडलियों ने एक से बढ़कर एक भक्तिपूर्ण प्रस्तुतियां दीं। पूरी रात भक्ति गीतों, भजनों और कीर्तन की मधुर धुनें गूंजती रहीं, जिन पर गांव और आसपास के क्षेत्रों से आए बड़ी संख्या में श्रद्धालु देर रात तक झूमते और नृत्य करते नजर आए। इन श्रद्धालुओं में ग्रामीण परीक्षित, विनीता देवी पत्नी वीरेन्द्र सिंह कुशवाहा, पिंटू कुशवाहा, गौरव कुशवाहा, गोविन्द कुशवाहा सहित समस्त ग्रामवासी शामिल थे, जिन्होंने भक्ति रस में सराबोर होकर कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया। रात्रि भर चले इस आयोजन में श्रद्धा, उत्साह और भक्ति का एक अनूठा संगम देखने को मिला, और आयोजन स्थल पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने इसे यादगार बना दिया। कार्यक्रम के अंत में, आयोजकों ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया और उनसे भविष्य में भी कथा तथा अन्य धार्मिक आयोजनों में इसी प्रकार सहभागिता बनाए रखने की अपील की।1
- औरेया जिले के कुदरकोट से एरवा कटरा तक जाने वाली सड़क पर, विशेष रूप से कुदरकोट क्षेत्र में, पिछले दो वर्षों से लगातार पानी भरा रहता है। इसके साथ ही, इस इलाके में नाली का काम भी अधूरा पड़ा है। इस गंभीर स्थिति के कारण राहगीर अक्सर गिरते रहते हैं, और स्थानीय लोगों को आशंका है कि किसी दिन कोई बहुत बड़ा हादसा हो सकता है।1
- समाजसेवी विकास रावत ने इटावा नगर पालिका परिषद की अव्यवस्था को देखते हुए उसका घेराव करने का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि अपने समर्थकों के साथ मिलकर यह घेराव कल दिनांक 1 जून को किया जाएगा। एक अन्य घोषणा में, समाजसेवी विकास रावत ने 1 जनवरी को भी नगर पालिका को घेरने की बात कही है।1
- बुलंदशहर के कचहरी परिसर में एक हैरतअंगेज़ और अजीबोगरीब नज़ारा देखने को मिला, जब एक बंदर ने रुपयों से भरा एक बैग लेकर नीम के पेड़ पर चढ़ाई कर दी। देखते ही देखते पेड़ से नोटों की बरसात शुरू हो गई और मौके पर मौजूद सभी लोगों की नज़रें आसमान की ओर टिक गईं। यह घटना तब हुई जब एक अधिवक्ता रजिस्ट्री के लिए स्टांप पेपर खरीदने हेतु नकदी से भरा बैग लेकर कचहरी पहुँचे थे। इसी दौरान एक शरारती बंदर ने उनका बैग छीन लिया और पास के नीम के पेड़ पर चढ़ गया। लोगों के कुछ समझने से पहले ही बंदर ने बैग खोल दिया था। इसके बाद, पेड़ की डालियों पर बैठे बंदर ने बैग से एक-एक करके नोट निकालकर नीचे फेंकना शुरू कर दिया। हवा में नोटों को उड़ते देखकर कचहरी परिसर में वाकई 'नोटों की बारिश' होने लगी। इस अप्रत्याशित घटना को देखकर अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और आम लोगों की भीड़ तुरंत मौके पर उमड़ पड़ी। हर कोई उड़ते हुए नोटों को समेटने में लग गया, जिससे कुछ देर के लिए पूरा परिसर कौतूहल और अफरा-तफरी का केंद्र बन गया। घटना का यह पूरा वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। वीडियो देखने वाले लोग इसे 'बंदर का कैश वितरण अभियान' और 'कुदरत का एक अनोखा तमाशा' बताकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। कचहरी में अपने कानूनी काम निपटाने पहुँचे लोगों को ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसे वे शायद ज़िंदगी भर नहीं भूल पाएंगे।1
- औरैया में नौतपा की भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच, प्यास से व्याकुल पशु-पक्षियों को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से समाजसेवी संगठन 'एक विचित्र पहल सेवा समिति (रजि.) औरैया' द्वारा रविवार सुबह एक सराहनीय जनसेवा अभियान चलाया गया। इस पहल के तहत, समिति ने शहर और आसपास के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर पक्षियों और अन्य जीवों के लिए पानी से भरे मिट्टी के प्याले रखवाकर मानवीय संवेदनाओं का परिचय दिया। समिति के तत्वावधान में, प्रातः 7 बजे स्वामी विवेकानंद पार्क, वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई पार्क, भूतेश्वर मंदिर, जमालशाह, शिव शक्ति पीठ खानपुर, कालेश्वर मंदिर, पीएसी सुरक्षा कैंप, बीहड़ स्थित मंगला काली मंदिर, यमुना तट, बड़ी माता मंदिर तथा गुरुद्वारा सहित अनेक स्थानों पर मिट्टी के पात्रों में स्वच्छ पानी भरकर रखा गया। इसके साथ ही, लोगों को अपने घरों की छतों, आंगनों और आसपास के खुले स्थानों पर पक्षियों के लिए पानी रखने हेतु मिट्टी के प्यालों का निःशुल्क वितरण भी किया गया। समिति के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण में पशु-पक्षियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और बढ़ती गर्मी के कारण उत्पन्न हुए जल संकट में उन्हें पानी उपलब्ध कराना सभी का सामाजिक एवं नैतिक दायित्व है। समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने इस बात पर जोर दिया कि लगातार बढ़ रहे तापमान के कारण अनेक बेजुबान जीव पानी की तलाश में भटकते रहते हैं और कई बार जल के अभाव में उनकी मृत्यु तक हो जाती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों की छतों, बालकनियों और खुले स्थानों पर मिट्टी या प्लास्टिक के बर्तनों, बाल्टी, भगोने आदि में नियमित रूप से पानी भरकर रखें, जिससे पक्षियों, गिलहरियों, बंदरों और अन्य जीवों को राहत मिल सके। इस जनहितकारी अभियान में श्री गोपाल सेवा संस्थान का भी उल्लेखनीय सहयोग रहा। कार्यक्रम में डॉ. एस.एस. परिहार, रमन पोरवाल, डॉ. एस.पी. सिंह चौहान, मनीष पुरवार (हीरु), ईशा मिश्रा, संजय अग्रवाल, सचिन कुमार पोरवाल, मनोज कुमार मिश्रा, देवमुनि पोरवाल, विपुल पोरवाल, सतीश चंद्र सहित अनेक गणमान्य लोग एवं समिति सदस्य उपस्थित रहे। नगरवासियों ने इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे जीव संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल बताया।2
- रविवार दोपहर बाद इटावा जनपद में अचानक मौसम बदलने से तेज धूलभरी आंधी और मूसलाधार बारिश का कहर देखने को मिला, जिसने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। इस अचानक बदले मौसम के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई और चारों ओर सन्नाटा पसर गया, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। दोपहर करीब 3 बजे आसमान में घने बादल छाने के बाद शुरू हुई आंधी की रफ्तार अनुमानित 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे थी, जिसने सड़क यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया। धूल के गुबार और लगातार बारिश के कारण दृश्यता इतनी कम हो गई कि हाईवे और शहर की प्रमुख सड़कों पर वाहनों को रुक-रुककर चलना पड़ा। तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर पेड़ों की शाखाएं टूटकर सड़कों पर गिरीं, वहीं कुछ जगहों पर टीन शेड और विज्ञापन होर्डिंग्स भी हवा में उड़ गए, जिससे आवागमन में बाधा आई। आंधी और बारिश के कारण कई इलाकों में बिजली के तार क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हुई। इसके अलावा, लगातार हुई बारिश ने शहर के निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पैदा कर दी। कई मोहल्लों और प्रमुख मार्गों पर पानी भरने से लोगों को आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। बाजारों में भी अचानक तूफान के कारण अफरा-तफरी मच गई, जहाँ खरीदारी कर रहे लोग दुकानों और प्रतिष्ठानों जैसे सुरक्षित स्थानों पर भागते नजर आए। इस दौरान बाइक और ई-रिक्शा चालकों को सर्वाधिक परेशानी झेलनी पड़ी। मौसम विभाग द्वारा पूर्व में जारी आंधी-बारिश के अलर्ट के मद्देनजर प्रशासन पहले से ही सतर्क था। नगर पालिका की टीमें जलभराव वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही हैं और प्रशासन व पुलिस की टीमें बाधित रास्तों को सुचारु करने में जुटी हुई हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। समाचार लिखे जाने तक, किसी बड़े जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। मौसम साफ होने के बाद स्थिति के सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।2