बुलंदशहर के कचहरी परिसर में एक हैरतअंगेज़ और अजीबोगरीब नज़ारा देखने को मिला, जब एक बंदर ने रुपयों से भरा एक बैग लेकर नीम के पेड़ पर चढ़ाई कर दी। देखते ही देखते पेड़ से नोटों की बरसात शुरू हो गई और मौके पर मौजूद सभी लोगों की नज़रें आसमान की ओर टिक गईं। यह घटना तब हुई जब एक अधिवक्ता रजिस्ट्री के लिए स्टांप पेपर खरीदने हेतु नकदी से भरा बैग लेकर कचहरी पहुँचे थे। इसी दौरान एक शरारती बंदर ने उनका बैग छीन लिया और पास के नीम के पेड़ पर चढ़ गया। लोगों के कुछ समझने से पहले ही बंदर ने बैग खोल दिया था। इसके बाद, पेड़ की डालियों पर बैठे बंदर ने बैग से एक-एक करके नोट निकालकर नीचे फेंकना शुरू कर दिया। हवा में नोटों को उड़ते देखकर कचहरी परिसर में वाकई 'नोटों की बारिश' होने लगी। इस अप्रत्याशित घटना को देखकर अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और आम लोगों की भीड़ तुरंत मौके पर उमड़ पड़ी। हर कोई उड़ते हुए नोटों को समेटने में लग गया, जिससे कुछ देर के लिए पूरा परिसर कौतूहल और अफरा-तफरी का केंद्र बन गया। घटना का यह पूरा वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। वीडियो देखने वाले लोग इसे 'बंदर का कैश वितरण अभियान' और 'कुदरत का एक अनोखा तमाशा' बताकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। कचहरी में अपने कानूनी काम निपटाने पहुँचे लोगों को ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसे वे शायद ज़िंदगी भर नहीं भूल पाएंगे।
बुलंदशहर के कचहरी परिसर में एक हैरतअंगेज़ और अजीबोगरीब नज़ारा देखने को मिला, जब एक बंदर ने रुपयों से भरा एक बैग लेकर नीम के पेड़ पर चढ़ाई कर दी। देखते ही देखते पेड़ से नोटों की बरसात शुरू हो गई और मौके पर मौजूद सभी लोगों की नज़रें आसमान की ओर टिक गईं। यह घटना तब हुई जब एक अधिवक्ता रजिस्ट्री के लिए स्टांप पेपर खरीदने हेतु नकदी से भरा बैग लेकर कचहरी पहुँचे थे। इसी दौरान एक शरारती बंदर ने उनका बैग छीन लिया और पास के नीम के पेड़ पर चढ़ गया। लोगों के कुछ समझने से पहले ही बंदर ने बैग खोल दिया था। इसके बाद, पेड़ की डालियों पर बैठे बंदर ने बैग से एक-एक करके नोट निकालकर नीचे फेंकना शुरू कर दिया। हवा में नोटों को उड़ते देखकर कचहरी परिसर में वाकई 'नोटों की बारिश' होने लगी। इस अप्रत्याशित घटना को देखकर अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और आम लोगों की भीड़ तुरंत मौके पर उमड़ पड़ी। हर कोई उड़ते हुए नोटों को समेटने में लग गया, जिससे कुछ देर के लिए पूरा परिसर कौतूहल और अफरा-तफरी का केंद्र बन गया। घटना का यह पूरा वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। वीडियो देखने वाले लोग इसे 'बंदर का कैश वितरण अभियान' और 'कुदरत का एक अनोखा तमाशा' बताकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। कचहरी में अपने कानूनी काम निपटाने पहुँचे लोगों को ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसे वे शायद ज़िंदगी भर नहीं भूल पाएंगे।
- इटावा में आई तेज आंधी और तूफान के बीच सुंदरपुर वार्ड के सभासद अविनाश कुशवाज ने एक पंछी की जान बचाई।1
- बुलंदशहर के कचहरी परिसर में एक हैरतअंगेज़ और अजीबोगरीब नज़ारा देखने को मिला, जब एक बंदर ने रुपयों से भरा एक बैग लेकर नीम के पेड़ पर चढ़ाई कर दी। देखते ही देखते पेड़ से नोटों की बरसात शुरू हो गई और मौके पर मौजूद सभी लोगों की नज़रें आसमान की ओर टिक गईं। यह घटना तब हुई जब एक अधिवक्ता रजिस्ट्री के लिए स्टांप पेपर खरीदने हेतु नकदी से भरा बैग लेकर कचहरी पहुँचे थे। इसी दौरान एक शरारती बंदर ने उनका बैग छीन लिया और पास के नीम के पेड़ पर चढ़ गया। लोगों के कुछ समझने से पहले ही बंदर ने बैग खोल दिया था। इसके बाद, पेड़ की डालियों पर बैठे बंदर ने बैग से एक-एक करके नोट निकालकर नीचे फेंकना शुरू कर दिया। हवा में नोटों को उड़ते देखकर कचहरी परिसर में वाकई 'नोटों की बारिश' होने लगी। इस अप्रत्याशित घटना को देखकर अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और आम लोगों की भीड़ तुरंत मौके पर उमड़ पड़ी। हर कोई उड़ते हुए नोटों को समेटने में लग गया, जिससे कुछ देर के लिए पूरा परिसर कौतूहल और अफरा-तफरी का केंद्र बन गया। घटना का यह पूरा वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। वीडियो देखने वाले लोग इसे 'बंदर का कैश वितरण अभियान' और 'कुदरत का एक अनोखा तमाशा' बताकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। कचहरी में अपने कानूनी काम निपटाने पहुँचे लोगों को ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसे वे शायद ज़िंदगी भर नहीं भूल पाएंगे।1
- इटावा में हिंदी पत्रकारिता दिवस की 200वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में रविवार को संयुक्त प्रेस क्लब इटावा ने एक भव्य पत्रकार सम्मेलन और सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर जनपद के अस्सी से अधिक वरिष्ठ और नवोदित पत्रकारों को दुर्घटना बीमा पॉलिसी और पहचान पत्र वितरित कर सम्मानित किया गया, जो आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण रहा। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विधायक सदर श्रीमती सरिता भदौरिया ने पत्रकारों के अतुलनीय योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आजादी के समय से ही पत्रकारों ने इस देश और समाज की भलाई के लिए बहुत कुछ सहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सच्ची पत्रकारिता वही है जो सही को सही और गलत को गलत लिखे, लेकिन साथ ही यह चिंता व्यक्त की कि सच लिखने वाले पत्रकार को कई बार इसकी सज़ा मिलती है। इसलिए, उन्होंने सच्चे पत्रकारों को सम्मान और संरक्षण प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया, और कहा कि वरिष्ठ पत्रकारों का सम्मान करके वे स्वयं को बहुत गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। विशिष्ट अतिथि डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश कुमार त्रिपाठी एडवोकेट ने पत्रकार और अधिवक्ता के परस्पर अभिन्न संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि ये दोनों ही पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं, और इनके बिना अन्याय तथा उत्पीड़न के खिलाफ कोई भी लड़ाई संभव नहीं। वरिष्ठ पत्रकार गणेश ज्ञानार्थी ने हिंदी पत्रकारिता के इतिहास और वर्तमान चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की और पत्रकारिता को लोकतंत्र की आत्मा बताया। उन्होंने यह भी कहा कि सच्चे पत्रकार हमेशा सत्य और न्याय के लिए संघर्ष करते आए हैं और आगे भी करते रहेंगे। इस समारोह में नरेश भदौरिया, करुणाशंकर दुबे, स्वामीशरण श्रीवास्तव, खादिम अब्बास, गणेश ज्ञानार्थी, महेंद्र सिंह चौहान, महाराज सिंह भदौरिया, धर्मलाल चतुर्वेदी, रणवीर सिंह भदौरिया, त्रिलोकी सिंह चौहान, गौरव डुडेजा, संतोष पाठक सहित अस्सी से अधिक अन्य पत्रकारों को अंग वस्त्र, प्रतीक चिन्ह, दुर्घटना बीमा पॉलिसी और संगठन का पहचान पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, समाजसेवा के लिए समर्पित शहर की विशिष्ट शख्सियतों में सभासद श्रीमती पूनम पाण्डेय, गुरुद्वारा कमेटी एवं लायंस क्लब के अध्यक्ष तरनपाल सिंह कालरा, सैफई मेडिकल कॉलेज के सीनियर सर्जन डॉ. अनिल शर्मा और पत्रकारों की बीमा पॉलिसी के लिए विशेष सहयोग करने वाली बेटी भव्या भसीन को भी मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संयुक्त प्रेस क्लब इटावा के अध्यक्ष राजेंद्र भसीन ने अपने जीवन के ध्येय को दोहराते हुए कहा कि वे दूसरों की सेवा के लिए जितना अधिक से अधिक कर सकते हैं, उसी रास्ते पर चलते आए हैं, और आगे भी पत्रकार हित में अपना सारा जीवन लगा देंगे। उन्होंने इस अवसर पर एक सुंदर भजन भी गाया और सभी के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। संगठन के महामंत्री सुधीर मिश्र ने कार्यक्रम का संचालन किया, जिसमें भरथना, बकेवर, लखना, जसवंत नगर, इकदिल, महेवा, बसरेहर, उदी आदि पूरे जनपद से बड़ी संख्या में पत्रकारों ने भाग लिया। संगठन के संरक्षक राजेंद्र यादव, अनुराग गुप्ता, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया अध्यक्ष अन्नू चौरसिया, उपाध्यक्ष ओम रतन कश्यप, मसूद तैमूरी, संगठन मंत्री रघुवीर यादव, कमल मिश्रा, प्रचार मंत्री नितेश प्रताप सिंह, संजीव शर्मा, मुनव्वर अली अर्शी, शाकिर अली, डॉ. सुशील सम्राट, डॉ. हरी शंकर पटेल, वहाज अली खान निहाल, मो.फारिक, कुलदीप सिंह, विपिन भदौरिया, सतनाम सिंह, दामोदर पाठक, संजीव राजपूत, वत्सला मिश्रा, भगवान दास शर्मा प्रशांत और मोहम्मद इदरीस सहित अन्य सदस्यों ने आयोजन में विशेष सहयोग प्रदान किया।4
- इटावा पुलिस ने कथित अपहरण और नशीला पदार्थ देकर बेहोश करने की एक घटना का सफलतापूर्वक पर्दाफाश करते हुए इसे पूरी तरह फर्जी पाया है। पुलिस जांच में सामने आया कि एक महिला ने अपने सहयोगी के साथ मिलकर निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाने के इरादे से यह साजिश रची थी। यह मामला तब सामने आया जब 27 मई 2026 को सरिता पत्नी राजेश कुमार ने थाना लवेदी क्षेत्र में शिकायत दर्ज कराई कि कुछ अज्ञात लोगों ने उसे एक वाहन में बैठाकर कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाया और बेहोशी की हालत में एक सुनसान जगह पर छोड़ दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसओजी, सर्विलांस और थाना लवेदी पुलिस की एक संयुक्त टीम गठित कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, तकनीकी विश्लेषण और अन्य साक्ष्यों का गहनता से अध्ययन किया गया, जिसमें आरोपित व्यक्तियों की घटनास्थल पर कोई मौजूदगी नहीं पाई गई। साथ ही, यह भी पता चला कि शिकायतकर्ता और शिकायत में नामजद किए गए लोगों के बीच पहले से ही विवाद चल रहा था। विवेचना में सरिता और अमरपाल यादव की भूमिका स्पष्ट हुई। इन दोनों ने मिलकर एक झूठी कहानी तैयार की थी और पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया था। पुलिस ने अब अमरपाल यादव और सरिता को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में आगे की कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 231, 61(2) और 319(2) के तहत की जा रही है।2
- चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के एक समर्पित प्रशंसक ने टीम और उसके प्रमुख खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी (@mahi7781) के प्रति अपना गहरा और अटूट समर्थन व्यक्त किया है। प्रशंसक ने चेन्नई सुपर किंग्स की सेना (@cskarmy_07) और टीम के आधिकारिक हैंडल (@chennaiipl) को टैग करते हुए 'हमेशा CSK' के नारे के साथ अपनी वफादारी दोहराई। यह पोस्ट 'CSK फॉरएवर' के संदेश को पुष्ट करती है और IPL 2026 तक के लिए भी टीम के प्रति उत्साह प्रदर्शित करती है।1
- इटावा जनपद के निवासियों की समस्याओं को लेकर 1 जून को नगर पालिका इटावा का घेराव किया जाएगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी समाजसेवी विकास रावत ने दी।1
- जसवंतनगर में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर नगर के प्रेरणा सभागार और कोठी कैस्त के सामने स्थित लक्ष्मी मैरिज होम में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रेरणा सभागार में आयोजित कार्यक्रम में विधायक शिवपाल सिंह यादव के प्रतिनिधि और पूर्व ब्लॉक प्रमुख अनुज मोंटी यादव ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने अपने संबोधन में अहिल्याबाई होल्कर के जीवन चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज सेवा, धर्म और न्याय के क्षेत्र में उनके कार्य आज भी लोगों को प्रेरणा देते हैं। इस दौरान विकास खंड अधिकारी डॉ. मनोज कुमार, सहायक विकास अधिकारी कृषि महेश कुमार और धनगर समाज जागृति फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. रामकुमार पाल सहित कई कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे। वक्ताओं ने लोकमाता के सामाजिक योगदान, न्यायप्रियता, जनसेवा और महिला सशक्तिकरण के कार्यों को याद करते हुए उनके जीवन को समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत बताया। इसी क्रम में, लक्ष्मी मैरिज होम में पूर्व प्रधानाचार्य दाऊ दयाल धनगर और राकेश पाल के नेतृत्व में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें धनगर समाज के सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर आयोजन की गरिमा बढ़ाई। इस समारोह में जिला समाज कल्याण अधिकारी संध्या रानी बघेल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में बताया कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने अपने शासनकाल में धार्मिक स्थलों का निर्माण कराया, गरीबों की सहायता की और अनेक समाज कल्याण के कार्य किए। दोनों कार्यक्रमों में उपस्थित सभी लोगों ने लोकमाता के आदर्शों को अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया और उनके चित्र पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।1
- राजधानी दिल्ली के महरौली इलाके से एक भयावह घटना सामने आई है, जहाँ एक पाँच मंजिला इमारत चंद सेकंड में ही भरभराकर ज़मीन पर आ गिरी और मलबे के ढेर में बदल गई। इस घटना ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है, और सामने आए इसके वीडियो ने लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन अचानक इमारत में कंपन महसूस हुई और देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग ताश के पत्तों की तरह ढह गई। कुछ ही पलों में, यह बहुमंजिला इमारत धूल के एक विशाल गुबार और मलबे के ढेर में तब्दील हो गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। हादसे के दौरान आसपास मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए, और पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और राहत-बचाव टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं। मलबे में किसी के फंसे होने की आशंका को देखते हुए तत्काल सर्च ऑपरेशन चलाया गया। प्रशासन अब घटना के कारणों की गहन जांच में जुट गया है, यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इमारत की संरचना में कोई खामी थी या किसी अन्य वजह से यह भयावह हादसा हुआ। यह घटना न केवल एक त्रासदी है, बल्कि शहरी सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल खड़े करती है।1