फतेहाबाद क्षेत्र के कोरियन का पुरा गांव में PWD द्वारा निर्मित सड़क को एक खेत मालिक द्वारा काटे जाने का आरोप सामने आया है, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों के आरोपों के अनुसार, गांव निवासी प्रदीप पुत्र फूल सिंह फामड़ा ने कोरियन का पुरा मार्ग पर बनी इस सड़क को काटा है और अपनी पत्नी से भी फामड़ा से इसे कटवाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क फतेहाबाद से कोरियन का पुरा आने-जाने का मुख्य मार्ग है, जो उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों ने सड़क काटने का विरोध करते हुए प्रदीप को रोकने का प्रयास किया था, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद सड़क काटने का कार्य नहीं रोका गया। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में तीव्र नाराजगी है। वे प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर सड़क को बचाने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि सड़क कटने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित होगा और उन्हें गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
फतेहाबाद क्षेत्र के कोरियन का पुरा गांव में PWD द्वारा निर्मित सड़क को एक खेत मालिक द्वारा काटे जाने का आरोप सामने आया है, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों के आरोपों के अनुसार, गांव निवासी प्रदीप पुत्र फूल सिंह फामड़ा ने कोरियन का पुरा मार्ग पर बनी इस सड़क को काटा है और अपनी पत्नी से भी फामड़ा से इसे कटवाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क फतेहाबाद से कोरियन का पुरा आने-जाने का मुख्य मार्ग है, जो उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों ने सड़क काटने का विरोध करते हुए प्रदीप को रोकने का प्रयास किया था, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद सड़क काटने का कार्य नहीं रोका गया। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में तीव्र नाराजगी है। वे प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर सड़क को बचाने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि सड़क कटने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित होगा और उन्हें गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
- फतेहाबाद क्षेत्र के कोरियन का पुरा गांव में PWD द्वारा निर्मित सड़क को एक खेत मालिक द्वारा काटे जाने का आरोप सामने आया है, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों के आरोपों के अनुसार, गांव निवासी प्रदीप पुत्र फूल सिंह फामड़ा ने कोरियन का पुरा मार्ग पर बनी इस सड़क को काटा है और अपनी पत्नी से भी फामड़ा से इसे कटवाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क फतेहाबाद से कोरियन का पुरा आने-जाने का मुख्य मार्ग है, जो उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों ने सड़क काटने का विरोध करते हुए प्रदीप को रोकने का प्रयास किया था, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद सड़क काटने का कार्य नहीं रोका गया। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में तीव्र नाराजगी है। वे प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर सड़क को बचाने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि सड़क कटने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित होगा और उन्हें गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।1
- कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी पहली बार आगरा पहुंचे, जहाँ उन्होंने कोर कमेटी की बैठक में हिस्सा लिया।1
- फतेहाबाद थाना क्षेत्र के भोलपुरा गांव के पास यमुना नदी पर निर्माणाधीन पुल पर गुरुवार दोपहर अचानक एक गार्डर गिरने से हड़कंप मच गया। गनीमत यह रही कि इस घटना के समय सभी मजदूर भोजन करने गए हुए थे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और कोई जनहानि नहीं हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पुल आगरा और फिरोजाबाद जनपद को जोड़ने का कार्य चल रहा है। गुरुवार दोपहर करीब 2:30 बजे, क्रेन की सहायता से दूसरा गार्डर पिलरों पर स्थापित करने की तैयारी की जा रही थी, तभी पहले से रखा एक गार्डर असंतुलित होकर नीचे गिर गया। तेज धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गार्डर के गिरते ही निर्माण स्थल पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। यह गिरा हुआ गार्डर लगभग 53 मीटर लंबा बताया जा रहा है। गार्डर गिरने के कारणों को लेकर दो अलग-अलग बातें सामने आई हैं। सेतु निगम के सुपरवाइजर ने बताया कि गार्डर को पिलर पर लकड़ी के गट्टों के सहारे रखा गया था, जो किसी कारणवश खिसक जाने से गार्डर नीचे गिर गया। उन्होंने पुष्टि की कि घटना में किसी भी कर्मचारी या मजदूर को चोट नहीं आई। वहीं, निर्माण कार्य से जुड़े कर्मचारी निखिल शर्मा ने बताया कि क्रेन के असंतुलित होने के कारण गार्डर का संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गया।1
- दिल्ली में हुए अग्निकांड के मद्देनज़र, फ़िरोज़ाबाद में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। इसी क्रम में, अग्निशमन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने फ़िरोज़ाबाद के विभिन्न होटलों का निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने होटलों में लगे आग नियंत्रण उपकरणों की गहनता से जांच की, ताकि आपातकालीन स्थिति में उनकी कार्यक्षमता सुनिश्चित की जा सके।1
- गाय माता को पशु मानने और उन्हें राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करने वालों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा गया है कि गाय पशु नहीं, माँ है। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि ऐसी मांग करने वालों को अपनी सोच में बदलाव लाकर गाय को 'राष्ट्रीय माता' घोषित करने की मांग करनी चाहिए थी। यह भी कहा गया है कि जो लोग गाय माता को पशु कहते हैं, वे हिंदुओं की भावनाओं की कद्र नहीं करते। ऐसे व्यक्तियों से अपेक्षा की गई है कि वे पहले अपनी सोच बदलें, हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान करना सीखें, और उसके बाद ही कोई मांग करें।1
- “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत फिरोजाबाद दबरई जिला मुख्यालय में हुआ भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम, पर्यावरण बचाने का लिया संकल्प।1
- फिरोजाबाद के सैलई वार्ड नंबर 1 स्थित रविदास नगर में CL कॉलेज के पीछे की एक छोटी गली में रहने वाले 12 परिवारों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवारों का कहना है कि स्थानीय पार्षद जानबूझकर उनकी गली में नाली और सड़क का निर्माण नहीं करवा रहा है। इस अनदेखी के कारण, नाली का रास्ता न होने से गंदा पानी और कीचड़ बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के बीच फैल रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा बना हुआ है और गंदगी से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इस गंभीर समस्या के निवारण हेतु, पीड़ित परिवारों ने नगर निगम, महापौर, मनीष असीजा, और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पोर्टल पर लिखित शिकायतें दर्ज कराकर अपनी बात रखी है। हालांकि, उनकी समस्या का आज तक कोई निवारण नहीं किया गया है, जिससे वे थक चुके हैं। अपनी इस दयनीय स्थिति और अधिकारियों की उदासीनता को उजागर करने के लिए, इन परिवारों ने हमारे चैनल के माध्यम से अपनी गली के हालात सबके सामने रखे हैं।1
- फतेहाबाद में शुक्रवार को एक ट्रक के कारण वाह चौराहे से लेकर फिरोजाबाद चौराहे से आगे तक लंबा जाम लग गया। इस भीषण जाम के चलते सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और सैकड़ों वाहन कई घंटों तक फंसे रहे। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब एक एम्बुलेंस भी इसी जाम में फंस गई, जिससे मरीज को समय पर अस्पताल पहुँचाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। राहगीरों और वाहन चालकों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जाम लगने की सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारी और पुलिस कर्मी तुरंत मौके पर पहुँचे और यातायात व्यवस्था को सुचारु करने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद, धीरे-धीरे वाहनों की आवाजाही को सामान्य कराया जा सका।1