उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में, सोशल मीडिया पर जे.डी. हॉस्पिटल के खिलाफ फैलाई गई एक वायरल खबर को पूरी तरह से भ्रामक और गलत बताया गया है। हॉस्पिटल के अनुसार, यह खबर पैसों के लालच में गलत बयानबाजी का परिणाम थी। घटना के संबंध में, प्रीति नामक महिला रात लगभग 11 बजे अपने जेठ अमरेश और सास के साथ जे.डी. हॉस्पिटल पहुंची थीं। डॉक्टरों ने शुरू में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी थी, क्योंकि समय से पहले बच्चे का जन्म जोखिम भरा ऑपरेशन था। हालांकि, परिवार की सहमति के बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया, जिसके फलस्वरूप बच्चा स्वस्थ पैदा हुआ। जे.डी. हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने बच्चे को तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। लेकिन, परिवार बच्चे को किसी दूसरे अस्पताल ले गया, जहाँ कथित तौर पर पैसों के विवाद के बाद बच्चे को बाहर निकाल दिया गया और बाद में उसकी दुखद मृत्यु हो गई। इन तथ्यों के बावजूद, सोशल मीडिया पर जे.डी. हॉस्पिटल और वहाँ के डॉक्टरों को गलत तरीके से बदनाम किया गया। अब परिवार ने स्वयं लिखित रूप में यह स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर वायरल की गई खबर गलत और भ्रामक थी। परिवार ने यह भी पुष्टि की है कि प्रीति पूरी तरह स्वस्थ हैं। यह स्थिति इस बात पर जोर देती है कि सच्चाई को सामने लाना अत्यंत आवश्यक है। यह घटना सोशल मीडिया पर बिना पूरी सच्चाई जाने किसी के खिलाफ गलत खबरें फैलाने की प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि पत्रकारिता का मूल कार्य सच्चाई को दिखाना है, न कि किसी को बदनाम करना, और ऐसी भ्रामक खबरों पर रोक लगनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में, सोशल मीडिया पर जे.डी. हॉस्पिटल के खिलाफ फैलाई गई एक वायरल खबर को पूरी तरह से भ्रामक और गलत बताया गया है। हॉस्पिटल के अनुसार, यह खबर पैसों के लालच में गलत बयानबाजी का परिणाम थी। घटना के संबंध में, प्रीति नामक महिला रात लगभग 11 बजे अपने जेठ अमरेश और सास के साथ जे.डी. हॉस्पिटल पहुंची थीं। डॉक्टरों ने शुरू में स्थिति की गंभीरता
को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी थी, क्योंकि समय से पहले बच्चे का जन्म जोखिम भरा ऑपरेशन था। हालांकि, परिवार की सहमति के बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया, जिसके फलस्वरूप बच्चा स्वस्थ पैदा हुआ। जे.डी. हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने बच्चे को तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। लेकिन, परिवार बच्चे को किसी दूसरे अस्पताल ले गया, जहाँ कथित तौर पर पैसों के विवाद के बाद
बच्चे को बाहर निकाल दिया गया और बाद में उसकी दुखद मृत्यु हो गई। इन तथ्यों के बावजूद, सोशल मीडिया पर जे.डी. हॉस्पिटल और वहाँ के डॉक्टरों को गलत तरीके से बदनाम किया गया। अब परिवार ने स्वयं लिखित रूप में यह स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर वायरल की गई खबर गलत और भ्रामक थी। परिवार ने यह भी पुष्टि की है कि प्रीति पूरी तरह स्वस्थ हैं। यह
स्थिति इस बात पर जोर देती है कि सच्चाई को सामने लाना अत्यंत आवश्यक है। यह घटना सोशल मीडिया पर बिना पूरी सच्चाई जाने किसी के खिलाफ गलत खबरें फैलाने की प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि पत्रकारिता का मूल कार्य सच्चाई को दिखाना है, न कि किसी को बदनाम करना, और ऐसी भ्रामक खबरों पर रोक लगनी चाहिए।
- जनपद बाराबंकी के रामनगर थाना क्षेत्र में गुरुवार को बकरा ईद (ईद-उल-अजहा) का पर्व पूरे अकीदत, भाईचारे और शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। सुबह से ही रामनगर नगर पंचायत स्थित जामा मस्जिद, नूरी मस्जिद और बड़नपुर की ईदगाह में मुस्लिम समुदाय के बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिन्होंने नए वस्त्र पहनकर नमाज़ अदा की तथा देश में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी। नमाज़ का सिलसिला सुबह करीब आठ बजे शुरू हुआ, जिसका नेतृत्व मौलाना महफूज ने किया, और लगभग नौ बजे तक यह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस दौरान लोगों ने प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया। नमाज़ के बाद, लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरा ईद की मुबारकबाद दी और आपसी सौहार्द व भाईचारे का संदेश दिया। इसके बाद, बड़ी संख्या में लोग कब्रिस्तान पहुंचे, जहां उन्होंने अपने पूर्वजों की कब्रों पर फातिहा पढ़कर दुआ-ए-मगफिरत की। त्योहार को लेकर ईदगाहों और मस्जिदों के बाहर विशेष रौनक देखी गई, जहाँ खाने-पीने की दुकानों और बच्चों के खिलौनों व अन्य सामान की दुकानों पर भीड़ लगी रही। लोगों ने जमकर खरीदारी की और खुशियां साझा कीं, वहीं कई अकीदतमंदों ने भागू शाह की मजार पर पहुंचकर माथा टेका और दुआ मांगी। इस अवसर पर मौलाना महफूज, सफी अहमद, जाबिर अहमद, राजा अहमद, मोहम्मद सलीम, मोहम्मद नफीस, मोहम्मद उमर, समीम, जमाल अंसारी, हबीब, जुबेर, मोहम्मद नईम, मोहम्मद रियाज, मोहम्मद गयाश, अयाज, मिथुन, अखलाक, रफीक, मोहम्मद हसीब, अलीम, इरशाद, उबेद तथा राजा मोहम्मद शमी उर्फ मुन्ना सहित हजारों लोग मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रामनगर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। पुलिस क्षेत्राधिकारी गरिमा पंत, थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह, एसएसआई प्रमोद कुमार यादव, सुभाष कुमार तथा अतिरिक्त थाना प्रभारी राज बहादुर सरोज सहित भारी पुलिस बल ईदगाहों और संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहा, जिसके चलते पर्व चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।1
- बाराबंकी में स्वाट/सर्विलांस और थाना देवा की संयुक्त पुलिस टीम ने ग्राम ग्वारी में हुई डकैती की घटना का सफलतापूर्वक अनावरण किया है। इस कार्रवाई में कुल पाँच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से दो अभियुक्तों को पुलिस मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे और निशानदेही से लूटे गए जेवरात, चार अवैध तमंचे, 4 लाख 64 हजार रुपये नकद, घटना में प्रयुक्त एक वैगनआर कार और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक बाराबंकी श्री अर्पित विजयवर्गीय ने जानकारी दी।1
- जनपद बाराबंकी में स्वाट/सर्विलांस और थाना देवा की संयुक्त पुलिस टीम ने ग्राम ग्वारी में हुई डकैती की घटना का सफलतापूर्वक अनावरण किया है। पुलिस ने इस मामले में कुल पाँच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिसमें से दो अभियुक्तों को पुलिस मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे और निशांदेही से लूटे गए जेवरात, चार अवैध तमंचे, ₹4 लाख 64 हज़ार नगद, घटना में इस्तेमाल की गई एक वैगनआर कार और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक बाराबंकी श्री अर्पित विजयवर्गीय ने जानकारी दी।1
- बाराबंकी के थाना देवा क्षेत्र के ग्राम ग्वारी में कुछ दिनों पहले हुई सनसनीखेज डकैती का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस मुठभेड़ में दो बदमाश घायल भी हुए हैं। पुलिस अधीक्षक श अर्पित विजयवर्गीय के निर्देशन में स्वाट, सर्विलांस और थाना देवा पुलिस की संयुक्त टीम ने लगातार कार्रवाई कर इस गिरोह का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, यह घटना 22 मई की रात को हुई थी, जब बदमाश घर के पीछे के रास्ते से अंदर घुसे थे। आरोपियों ने परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट कर लाखों रुपये की नकदी और सोने-चांदी के जेवरात लूट लिए थे, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कई टीमें गठित की गईं, जिन्होंने सर्विलांस, डिजिटल डेटा और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की। पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे और निशानदेही पर लगभग चार लाख 64 हजार रुपये नकद, भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात, चार अवैध तमंचे, कारतूस, एक वैगनआर कार और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे एक संगठित गिरोह के रूप में वारदातों को अंजाम देते थे। गिरोह का सरगना बुलंदशहर निवासी रोहित जाट बताया जा रहा है। यह गिरोह पहले संभावित स्थानों की रेकी करता था और ऐसे घरों को निशाना बनाता था, जहां कम लोग और अधिक धन होता था। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह बाराबंकी के अलावा लखनऊ, सीतापुर और गोंडा जनपदों में भी कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे चुका है। फिलहाल, पुलिस फरार गैंग लीडर रोहित जाट की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। इस डकैती कांड का शीघ्र खुलासा पुलिस की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।3
- बाराबंकी के थाना देवा क्षेत्र के ग्राम ग्वारी में 22 मई की रात हुई सनसनीखेज डकैती का पुलिस ने सफल खुलासा कर दिया है। स्वाट, सर्विलांस और थाना देवा पुलिस की संयुक्त टीम ने एक मुठभेड़ के दौरान दो बदमाशों को घायल अवस्था में गिरफ्तार करते हुए कुल पांच अभियुक्तों को दबोच लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर 4 लाख 64 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के जेवरात, चार अवैध तमंचे, कारतूस, और घटना में प्रयुक्त वैगनआर कार तथा मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय के निर्देशन में गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल डेटा और मैनुअल इंटेलिजेंस की मदद से इस घटना का खुलासा किया। गिरफ्तार अभियुक्तों में जसीम अहमद, जो बहराइच का निवासी है, और सैफ, जो बाराबंकी का निवासी है, मुठभेड़ में घायल हुए हैं। इनके अतिरिक्त, मो. इस्माइल, मो. अबरार और बलवंत सिंह को गोवर्धन कॉलोनी गेट के पास से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका एक संगठित गैंग है, जिसका सरगना बुलंदशहर निवासी रोहित जाट है। यह गैंग पहले ऐसे घरों और प्रतिष्ठानों की रेकी करता था, जहाँ कम लोग रहते हों और नगदी या जेवर अधिक हों। आरोपियों ने बाराबंकी के अलावा लखनऊ, सीतापुर और गोंडा में भी कई लूट की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस के अनुसार, बरामद जेवरों में पायल, झुमकी, हार, अंगूठी, मांगटीका, नथ, बिछुआ सहित कई कीमती सामान शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ डकैती, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, इस घटना का फरार गैंग लीडर रोहित जाट अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।4
- गुवारी में हुए लूट कांड का सफल खुलासा हो गया है, जिसमें पुलिस ने इस मामले से जुड़े सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के संबंध में, एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने एक बड़ा बयान दिया है।1
- आगामी त्योहारों के मद्देनजर, जनपद बाराबंकी में जिलाधिकारी श्री ईशान प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक श्री अर्पित विजयवर्गीय ने कोतवाली नगर क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर व्यापक फ्लैग मार्च और पैदल गश्त किया। इस दौरान दंगा नियंत्रण उपकरणों से लैस भारी पुलिस बल उनके साथ रहा। इसके उपरांत, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने ईदगाह मैदान पीरबटावन में धर्मगुरुओं से संवाद स्थापित किया। उन्होंने सभी से आपसी भाईचारे, परस्पर सम्मान और सहयोग की भावना के साथ त्योहार मनाने की अपील की। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने, सोशल मीडिया पर भ्रामक या उत्तेजक पोस्ट करने, अथवा कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आमजनमानस से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील भी की गई है, साथ ही यह आग्रह किया गया है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या असामाजिक तत्वों की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस या डायल 112 पर दें। इसी क्रम में, जनपद के अन्य थानों द्वारा भी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में फ्लैग मार्च/पैदल गश्त और पीस कमेटी की बैठकें आयोजित की गईं।4
- बाराबंकी पुलिस ने ग्राम ग्वारी में हुई डकैती की घटना का सफलतापूर्वक अनावरण किया है। स्वाट, सर्विलांस और थाना देवा की एक संयुक्त पुलिस टीम ने इस मामले में कुल पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से दो को पुलिस मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटे गए जेवरात, 4 लाख 64 हजार रुपये नकद, चार अवैध तमंचे और घटना में प्रयुक्त एक वैगनार कार तथा एक मोटरसाइकिल बरामद की है। यह डकैती की घटना 22 मई 2026 को हुई थी, जब ग्राम ग्वारी चौराहा, मजरे शाहपुर, थाना देवा निवासी आलोक कुमार जायसवाल ने पुलिस में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि रात में 3-4 अज्ञात लोग उनके घर के पिछले दरवाजे से घुस आए थे और परिजनों के साथ मारपीट कर घर से जेवरात व नकदी लूट ले गए थे। इस तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने डकैती की घटना के शीघ्र अनावरण और अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमों का गठन किया था। इसी क्रम में, 27 मई 2026 को स्वाट, सर्विलांस और थाना देवा की संयुक्त पुलिस टीम ने मैनुअल इंटेलिजेंस, डिजिटल डेटा और सीसीटीवी कैमरों की मदद से जांच शुरू की। जांच के दौरान, गोवर्धन कॉलोनी गेट के पास से पांच अभियुक्तों को एक वैगनार कार के साथ गिरफ्तार किया गया। उनकी निशानदेही पर 4 लाख 64 हजार रुपये नकद, सोने व चांदी के जेवरात, चार अवैध तमंचे (315 बोर), दो खोखे और चार जिंदा कारतूस (315 बोर) बरामद हुए। साथ ही, घटना में इस्तेमाल की गई वैगनार कार और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई, जिसके आधार पर संबंधित धाराओं में एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जिसका सरगना बुलंदशहर निवासी रोहित जाट है। यह गिरोह ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और घरों को निशाना बनाता था जहाँ लोगों की संख्या कम हो और धन अधिक हो। बाराबंकी के अलावा, इस गिरोह ने लखनऊ, सीतापुर और गोंडा जनपदों में भी लूट की कई घटनाओं को अंजाम दिया है। पुलिस वांछित अभियुक्त रोहित जाट की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है।1
- बाराबंकी में एक व्यापारी के घर हुई डकैती की घटना का स्वाट, सर्विलांस और थाना देवा पुलिस की संयुक्त टीम ने खुलासा कर दिया है। देवा थाना क्षेत्र के ग्वारी गाँव में हुई इस वारदात में शामिल पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से दो बदमाश पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई नकदी और जेवर सहित अवैध तमंचे भी बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय के अनुसार, 22 मई की रात ग्वारी चौराहा निवासी आलोक कुमार जायसवाल के घर के पिछले रास्ते से घुसे बदमाशों ने परिवार के साथ मारपीट कर नकदी और जेवर लूट लिए थे। पुलिस जाँच में सामने आया कि बेकरी का काम करने वाले सैफ उर्फ बादशाह ने ही घर की रेकी कर गैंग को सूचना दी थी कि घर में कम लोग रहते हैं और पर्याप्त धन-जेवर मौजूद हैं। सैफ उर्फ बादशाह घुंघटेर थाना क्षेत्र के सोढ़ीपुर का निवासी है और वह घटनास्थल के आसपास आता-जाता था। पुलिस टीम ने मैनुअल इंटेलिजेंस, डिजिटल डेटा और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों को चिन्हित किया। बुधवार को गोवर्धन कॉलोनी गेट के पास पुलिस ने घेराबंदी की, तो बदमाशों ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में जसीम अहमद और सैफ घायल हो गए, जबकि इस्माइल, अबरार और बलवंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से और उनकी निशानदेही पर 4 लाख 64 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के जेवर, चार तमंचे, कारतूस, घटना में प्रयुक्त वैगनआर कार और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस अधीक्षक ने खुलासे और बरामदगी करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका गिरोह बुलंदशहर निवासी रोहित जाट संचालित करता है और यह गिरोह बाराबंकी के अलावा लखनऊ, सीतापुर और गोण्डा में भी लूट की वारदातें कर चुका है। बदमाश पहले ऐसे घरों और प्रतिष्ठानों को चिन्हित करते थे, जहाँ लोगों की संख्या कम और नकदी अधिक हो। पुलिस अब गिरोह के सरगना रोहित जाट की तलाश में दबिश दे रही है। सभी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न जनपदों में लूट, चोरी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। इस खुलासे के दौरान एएसपी उत्तरी विकास चंद्र त्रिपाठी, नगर सीओ संगम कुमार, देंवा कोतवाल और अन्य पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।1