(DYFI) अहमदाबाद के प्रेसिडेंट फैसल अली सिद्दीकी भी शामिल हुए और आंगनवाड़ी बहनों का पूर्ण समर्थन जताया। उन्होंने कहा, "आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं समाज की रीढ़ हैं। प्रेस नोट दिनांक: 20 मार्च 2026 स्थान: अहमदाबाद, गुजरात गीता मंदिर आरोग्य भवन, अहमदाबाद में हजारों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का जोरदार प्रदर्शन गुजरात हाईकोर्ट के आदेश की अनुपालन की मांग, अनुपालन न होने पर गांधीनगर में मुख्यमंत्री कार्यालय घेराव की चेतावनी अहमदाबाद के गीता मंदिर आरोग्य भवन परिसर में आज हजारों की संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं (बहनों) ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में रूपाबेन जासी बहन, नेहा बहन, संगीता बहन सहित बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं शामिल हुईं। महिलाओं ने गुजरात सरकार से तत्काल गुजरात उच्च न्यायालय के हालिया आदेश का पूर्ण अनुपालन करने की मांग की, जिसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को न्यूनतम मासिक वेतन 24,800 रुपये और सहायिकाओं को 20,300 रुपये करने का निर्देश दिया गया है (प्रभावी तिथि 1 अप्रैल 2025 से)। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने एक सुर में नारे लगाए और कहा कि वे वर्षों से कम मानदेय पर कार्यरत हैं, जो उनके परिवार की जीविका के लिए अपर्याप्त है। उन्होंने हाईकोर्ट के फैसले को लागू न करने पर सरकार की कड़ी निंदा की और चेतावनी दी कि यदि गुजरात सरकार जल्द से जल्द इस आदेश का पालन नहीं करती, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन तेज करेंगी और गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल जी के कार्यालय का घेराव करेंगी। इस प्रदर्शन में डीवाईएफआई (DYFI) अहमदाबाद के प्रेसिडेंट फैसल अली सिद्दीकी भी शामिल हुए और आंगनवाड़ी बहनों का पूर्ण समर्थन जताया। उन्होंने कहा, "आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं समाज की रीढ़ हैं। वे बच्चों के पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए दिन-रात मेहनत करती हैं, लेकिन उन्हें उचित सम्मान और वेतन नहीं मिल रहा। हाईकोर्ट का आदेश स्पष्ट है – सरकार को इसे तुरंत लागू करना चाहिए। हम इन बहनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ेंगे।" मुख्य मांगें: गुजरात हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का वेतन तत्काल बढ़ाया जाए। बकाया राशि का भुगतान किया जाए। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारियों के समान दर्जा और सुविधाएं प्रदान की जाएं। किसी भी प्रकार की दमनकारी कार्रवाई न की जाए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण और अनुशासित रहा। महिलाओं ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष निष्पक्ष और संवैधानिक है, तथा वे न्याय के लिए लड़ रही हैं। यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
(DYFI) अहमदाबाद के प्रेसिडेंट फैसल अली सिद्दीकी भी शामिल हुए और आंगनवाड़ी बहनों का पूर्ण समर्थन जताया। उन्होंने कहा, "आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं समाज की रीढ़ हैं। प्रेस नोट दिनांक: 20 मार्च 2026 स्थान: अहमदाबाद, गुजरात गीता मंदिर आरोग्य भवन, अहमदाबाद में हजारों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का जोरदार प्रदर्शन गुजरात हाईकोर्ट के आदेश की अनुपालन की मांग, अनुपालन न होने पर गांधीनगर में मुख्यमंत्री कार्यालय घेराव की चेतावनी अहमदाबाद के गीता मंदिर आरोग्य भवन परिसर में आज हजारों की संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं (बहनों) ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में रूपाबेन जासी बहन, नेहा बहन, संगीता बहन सहित बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं शामिल हुईं। महिलाओं ने गुजरात सरकार से तत्काल गुजरात उच्च न्यायालय के हालिया आदेश का पूर्ण अनुपालन करने की मांग की, जिसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को न्यूनतम मासिक वेतन 24,800 रुपये और सहायिकाओं को 20,300 रुपये करने का निर्देश दिया गया है (प्रभावी तिथि 1 अप्रैल 2025 से)। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने एक सुर में नारे लगाए और कहा कि वे वर्षों से कम मानदेय पर कार्यरत हैं, जो उनके परिवार की जीविका के लिए अपर्याप्त है। उन्होंने हाईकोर्ट के फैसले को लागू न करने पर सरकार की कड़ी निंदा की और चेतावनी दी कि यदि गुजरात सरकार जल्द से जल्द इस आदेश का पालन नहीं करती, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन तेज करेंगी और गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल जी के कार्यालय का घेराव करेंगी। इस प्रदर्शन में डीवाईएफआई (DYFI) अहमदाबाद के प्रेसिडेंट फैसल अली सिद्दीकी भी शामिल हुए और आंगनवाड़ी बहनों का पूर्ण समर्थन जताया। उन्होंने कहा, "आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं समाज की रीढ़ हैं। वे बच्चों के पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए दिन-रात मेहनत करती हैं, लेकिन उन्हें उचित सम्मान और वेतन नहीं मिल रहा। हाईकोर्ट का आदेश स्पष्ट है – सरकार को इसे तुरंत लागू करना चाहिए। हम इन बहनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ेंगे।" मुख्य मांगें: गुजरात हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का वेतन तत्काल बढ़ाया जाए। बकाया राशि का भुगतान किया जाए। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारियों के समान दर्जा और सुविधाएं प्रदान की जाएं। किसी भी प्रकार की दमनकारी कार्रवाई न की जाए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण और अनुशासित रहा। महिलाओं ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष निष्पक्ष और संवैधानिक है, तथा वे न्याय के लिए लड़ रही हैं। यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
- પરી સ્કેચ સાથે સ્ટેડિયમે ઉભી રહી પણ ફેવરિટ ક્રિકેટરને મળી શકી નહીં હાર્દિક પંડ્યા, અક્ષર પટેલને મળવાની ઈચ્છા ધરાવતી 15 વર્ષની પરી પટેલે સૂર્ય કુમાર અને હાર્દિક પંડ્યાનો સ્કેચ બનાવ્યો હતો. તેણે મોદી સ્ટેડિયમમાં ટીમ ઇન્ડિયાના ખેલાડીઓને મળવાનો ઘણો પ્રયત્ન કર્યો હતો. પરંતુ સિક્યુરિટીના કારણે તે કોઈ ખેલાડીને મળી શકી ન હતી. હનુમાન મંદિરે પ્રાર્થના કરી ને બીજી જ મિનિટે હાર્દિક-સૂર્યા સામે દેખાયા ત્યાર બાદ પરી પટેલ નિરાશ થઈને મોદી સ્ટેડિયમ પાસે આવેલા હનુમાન ટેકરી મંદિરે ભગવાનને એ સ્કેચ બતાવવા માટે પહોંચી ભગવાનને પ્રાર્થના કરી હતી કે મારે હાર્દિક પંડ્યા અને ટીમ ઇન્ડિયાને મળવું છે. જાણે હનુમાન દાદાએ કોઈ ચમત્કાર કર્યો હોય તેવા દ્રશ્યો બીજી જ મિનિટે જોવા મળ્યા. સ્કેચ પર ઓટોગ્રાફ પણ લીધો પરી પટેલ સૂર્યકુમાર યાદવ હાર્દિક પંડ્યા અને સંજુ સેમસનના ત્રણ સ્કેચ લઈને મંદિરમાં ઉભી હતી ત્યારે ટીમ ઇન્ડિયાના ખેલાડીઓ હનુમાન ટેકરી મંદિર ખાતે દર્શન કરવા માટે પહોંચ્યા હતા અને પરીના હાથમાં સ્કેચ જોઈને સૂર્યકૂમાર યાદવ અને હાર્દિક પંડ્યા ખુશ થઈને તેને મળ્યા હતા. માત્ર એટલું જ નહીં, સ્કેચ પર તેમનો ઓટોગ્રાફ પણ લીધો હતો. ઓટોગ્રાફ લીધા બાદ પરી બીજા દિવસે ફરી હનુમાન ટેકરી દાદાના દર્શન કરવા માટે સ્કેચ લઈને પહોંચી હતી. ત્યારે દિવ્ય ભાસ્કર સાથેની ખાસ વાતચીતમાં પરી પટેલે જણાવ્યું હતું કે, મારો અનુભવ ખૂબ જ સારો રહ્યો છે. ભારત વર્લ્ડકપ જીતી ગયું, તેથી મને ખૂબ જ આનંદ થયો.1
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- Post by मोहम्मद शफी अंसारी सुल्तानी4
- प्रेस नोट दिनांक: 20 मार्च 2026 स्थान: अहमदाबाद, गुजरात गीता मंदिर आरोग्य भवन, अहमदाबाद में हजारों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का जोरदार प्रदर्शन गुजरात हाईकोर्ट के आदेश की अनुपालन की मांग, अनुपालन न होने पर गांधीनगर में मुख्यमंत्री कार्यालय घेराव की चेतावनी अहमदाबाद के गीता मंदिर आरोग्य भवन परिसर में आज हजारों की संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं (बहनों) ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में रूपाबेन जासी बहन, नेहा बहन, संगीता बहन सहित बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं शामिल हुईं। महिलाओं ने गुजरात सरकार से तत्काल गुजरात उच्च न्यायालय के हालिया आदेश का पूर्ण अनुपालन करने की मांग की, जिसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को न्यूनतम मासिक वेतन 24,800 रुपये और सहायिकाओं को 20,300 रुपये करने का निर्देश दिया गया है (प्रभावी तिथि 1 अप्रैल 2025 से)। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने एक सुर में नारे लगाए और कहा कि वे वर्षों से कम मानदेय पर कार्यरत हैं, जो उनके परिवार की जीविका के लिए अपर्याप्त है। उन्होंने हाईकोर्ट के फैसले को लागू न करने पर सरकार की कड़ी निंदा की और चेतावनी दी कि यदि गुजरात सरकार जल्द से जल्द इस आदेश का पालन नहीं करती, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन तेज करेंगी और गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल जी के कार्यालय का घेराव करेंगी। इस प्रदर्शन में डीवाईएफआई (DYFI) अहमदाबाद के प्रेसिडेंट फैसल अली सिद्दीकी भी शामिल हुए और आंगनवाड़ी बहनों का पूर्ण समर्थन जताया। उन्होंने कहा, "आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं समाज की रीढ़ हैं। वे बच्चों के पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए दिन-रात मेहनत करती हैं, लेकिन उन्हें उचित सम्मान और वेतन नहीं मिल रहा। हाईकोर्ट का आदेश स्पष्ट है – सरकार को इसे तुरंत लागू करना चाहिए। हम इन बहनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ेंगे।" मुख्य मांगें: गुजरात हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का वेतन तत्काल बढ़ाया जाए। बकाया राशि का भुगतान किया जाए। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारियों के समान दर्जा और सुविधाएं प्रदान की जाएं। किसी भी प्रकार की दमनकारी कार्रवाई न की जाए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण और अनुशासित रहा। महिलाओं ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष निष्पक्ष और संवैधानिक है, तथा वे न्याय के लिए लड़ रही हैं। यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।1
- જય શ્રીકષ્ટભંજનદેવ સાળંગપુર હનુમાનજી મહારાજના દર્શન કરી આપના કામધંધાની શરૂઆત કરો.1
- रिश्वतखोर के आंसू! महोबा| CMO आफिस के बाबू जीतेश सोनी परिवार कल्याण के प्रोजेक्ट मैनेजर है. ट्रांसफर कराने के लिए 2 लाख की रिश्वत मांगी. एक होटल में रिश्वत लेते पकड़े गये. अब मुंह फाड़कर रो रहे है.1
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- Post by Patel nil bhai2