शाहजहांपुर: फैज ने अपनाया सनातन धर्म, 'घर वापसी' कर बने सोनू चौहान शाहजहांपुर जिले से आस्था और हृदय परिवर्तन की एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ तिलहर क्षेत्र के निवासी फैज ने स्वेच्छा से सनातन धर्म अपना लिया है। शुद्धिकरण संस्कार के पश्चात अब उन्हें सोनू चौहान के नाम से जाना जाएगा। कालीबाड़ी मंदिर में हुआ 'घर वापसी' कार्यक्रम शहर के प्रसिद्ध कालीबाड़ी मंदिर में पूरे विधि-विधान के साथ सोनू चौहान (पूर्व नाम फैज) का 'घर वापसी' कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान: पंडितों द्वारा विशेष हवन-पूजन कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगाजल पिलाकर उनका शुद्धिकरण किया गया। भगवा वस्त्र और तिलक लगाकर उनका स्वागत किया गया। अयोध्या यात्रा और महादेव की भक्ति ने बदला जीवन सोनू चौहान ने बताया कि सनातन धर्म के प्रति उनका लगाव नया नहीं है, बल्कि वह वर्ष 2000 से ही इसकी ओर आकर्षित थे। उनके इस परिवर्तन के पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित रहे: "मुझे शुरू से ही सनातन धर्म में अटूट आस्था थी। मैं अक्सर अयोध्या, हरिद्वार और वाराणसी जैसे पवित्र स्थलों की यात्रा करता था। अयोध्या में भगवान राम की जन्मभूमि पर मिले धार्मिक प्रमाणों ने मेरे विश्वास को और पुख्ता कर दिया। मुझ पर किसी का दबाव नहीं है, यह मेरी अंतरात्मा का निर्णय है।" — सोनू चौहान उन्होंने विशेष रूप से भगवान शिव के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की और कहा कि वह काफी समय से इस निर्णय पर विचार कर रहे थे। आयोजकों का पक्ष: 'यह धर्म परिवर्तन नहीं, घर वापसी है' इस कार्यक्रम को संपन्न कराने में मुख्य भूमिका निभाने वाले राजेश अवस्थी ने इसे धर्म परिवर्तन मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा: यह पूरी तरह से एक 'घर वापसी' है। सोनू चौहान काफी समय से इसके लिए प्रयासरत थे, लेकिन कुछ कारणों से इसमें देरी हुई। दावा किया जा रहा है कि भविष्य में सोनू का परिवार भी इसी मार्ग पर चलेगा।
शाहजहांपुर: फैज ने अपनाया सनातन धर्म, 'घर वापसी' कर बने सोनू चौहान शाहजहांपुर जिले से आस्था और हृदय परिवर्तन की एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ तिलहर क्षेत्र के निवासी फैज ने स्वेच्छा से सनातन धर्म अपना लिया है। शुद्धिकरण संस्कार के पश्चात अब उन्हें सोनू चौहान के नाम से जाना जाएगा। कालीबाड़ी मंदिर में हुआ 'घर वापसी' कार्यक्रम शहर के प्रसिद्ध कालीबाड़ी मंदिर में पूरे विधि-विधान के साथ सोनू चौहान (पूर्व नाम फैज) का 'घर वापसी' कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान: पंडितों द्वारा विशेष हवन-पूजन कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगाजल पिलाकर उनका शुद्धिकरण किया गया। भगवा वस्त्र और तिलक लगाकर उनका स्वागत किया गया। अयोध्या यात्रा और महादेव की भक्ति ने बदला जीवन सोनू चौहान ने बताया कि सनातन धर्म के प्रति उनका लगाव नया नहीं है, बल्कि वह वर्ष 2000 से ही इसकी ओर आकर्षित थे। उनके इस परिवर्तन के पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित रहे: "मुझे शुरू से ही सनातन धर्म में अटूट आस्था थी। मैं अक्सर अयोध्या, हरिद्वार और वाराणसी जैसे पवित्र स्थलों की यात्रा करता था। अयोध्या में भगवान राम की जन्मभूमि पर मिले धार्मिक प्रमाणों ने मेरे विश्वास को और पुख्ता कर दिया। मुझ पर किसी का दबाव नहीं है, यह मेरी अंतरात्मा का निर्णय है।" — सोनू चौहान उन्होंने विशेष रूप से भगवान शिव के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की और कहा कि वह काफी समय से इस निर्णय पर विचार कर रहे थे। आयोजकों का पक्ष: 'यह धर्म परिवर्तन नहीं, घर वापसी है' इस कार्यक्रम को संपन्न कराने में मुख्य भूमिका निभाने वाले राजेश अवस्थी ने इसे धर्म परिवर्तन मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा: यह पूरी तरह से एक 'घर वापसी' है। सोनू चौहान काफी समय से इसके लिए प्रयासरत थे, लेकिन कुछ कारणों से इसमें देरी हुई। दावा किया जा रहा है कि भविष्य में सोनू का परिवार भी इसी मार्ग पर चलेगा।
- शाहजहांपुर जिले से आस्था और हृदय परिवर्तन की एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ तिलहर क्षेत्र के निवासी फैज ने स्वेच्छा से सनातन धर्म अपना लिया है। शुद्धिकरण संस्कार के पश्चात अब उन्हें सोनू चौहान के नाम से जाना जाएगा। कालीबाड़ी मंदिर में हुआ 'घर वापसी' कार्यक्रम शहर के प्रसिद्ध कालीबाड़ी मंदिर में पूरे विधि-विधान के साथ सोनू चौहान (पूर्व नाम फैज) का 'घर वापसी' कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान: पंडितों द्वारा विशेष हवन-पूजन कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगाजल पिलाकर उनका शुद्धिकरण किया गया। भगवा वस्त्र और तिलक लगाकर उनका स्वागत किया गया। अयोध्या यात्रा और महादेव की भक्ति ने बदला जीवन सोनू चौहान ने बताया कि सनातन धर्म के प्रति उनका लगाव नया नहीं है, बल्कि वह वर्ष 2000 से ही इसकी ओर आकर्षित थे। उनके इस परिवर्तन के पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित रहे: "मुझे शुरू से ही सनातन धर्म में अटूट आस्था थी। मैं अक्सर अयोध्या, हरिद्वार और वाराणसी जैसे पवित्र स्थलों की यात्रा करता था। अयोध्या में भगवान राम की जन्मभूमि पर मिले धार्मिक प्रमाणों ने मेरे विश्वास को और पुख्ता कर दिया। मुझ पर किसी का दबाव नहीं है, यह मेरी अंतरात्मा का निर्णय है।" — सोनू चौहान उन्होंने विशेष रूप से भगवान शिव के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की और कहा कि वह काफी समय से इस निर्णय पर विचार कर रहे थे। आयोजकों का पक्ष: 'यह धर्म परिवर्तन नहीं, घर वापसी है' इस कार्यक्रम को संपन्न कराने में मुख्य भूमिका निभाने वाले राजेश अवस्थी ने इसे धर्म परिवर्तन मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा: यह पूरी तरह से एक 'घर वापसी' है। सोनू चौहान काफी समय से इसके लिए प्रयासरत थे, लेकिन कुछ कारणों से इसमें देरी हुई। दावा किया जा रहा है कि भविष्य में सोनू का परिवार भी इसी मार्ग पर चलेगा।1
- Post by समाचार Crime News1
- मरौरी ब्लॉक की ब्लॉक प्रमुख श्रीमती सभ्यता वर्मा ने नवनिर्वाचित जिला पदाधिकारी को दिया सम्मान l #marouri #brekingnews #UttarPradesh #LatestNews #पीलीभीत1
- 📢 'स्मार्ट वसूली' एक तरफ 'विकसित भारत' का सपना है, और दूसरी तरफ एक आम आदमी की बेबसी। आज हालात ये हो गए हैं कि स्मार्ट मीटर के भारी-भरकम बिलों और तकनीकी दिक्कतों से तंग आकर एक नागरिक जिला अधिकारी (DM) कार्यालय में आत्मदाह करने की बात कह रहा है। यह सिर्फ एक व्यक्ति की चेतावनी नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता का चीखता हुआ प्रमाण है। सोचने वाली बात यह है: • 👉खून पसीने की कमाई या बिजली का बिल? जब मीटर की रफ़्तार कमाई से ज्यादा हो जाए, तो जनता कहाँ जाए? • 👉तकनीकी समस्या या आर्थिक शोषण? 'स्मार्ट' होने के नाम पर बिना किसी ठोस सुनवाई के जनता पर बोझ क्यों लादा जा रहा है? • 👉किसे कहेंगे विकास? क्या विकसित भारत की नींव एक गरीब और मध्यम वर्ग के नागरिक की मानसिक प्रताड़ना पर रखी जाएगी? हमारी मांग: 💥1. स्मार्ट मीटरों की रीडिंग और कार्यप्रणाली की पारदर्शी जांच हो। 💥2. शिकायत निवारण के लिए जिला स्तर पर तत्काल सुनवाई केंद्र बने। 💥3. जनता को डराने के बजाय उनकी समस्याओं का मानवीय समाधान निकाला जाए। ✍️✍️✍️सरकार को यह समझना होगा कि 'स्मार्ट सिटी' ईंट-पत्थरों और मीटरों से नहीं, खुशहाल नागरिकों से बनती है। अगर जनता ही सुरक्षित और संतुष्ट नहीं है, तो कैसा विकास और कैसी स्मार्टनेस....1
- 25 करोड़ से बन रहे कंपोजिट विद्यालय में घटिया ईट लगाकर निर्माण कार्य, भाजपा के माननीय ने अपनी ही सरकार में हो रहे भ्रष्टाचार की खोलीपोल ...कमीशनबाजी की वजह से हो रहा घटिया निर्माण कार्य1
- पूरनपुर-माधोटांडा रेलवे फाटक तकनीकी खराबी के चलते घंटों बंद, लगा भीषण जाम; जोखिम में जान2
- पूरनपुर में भारतीय किसान यूनियन नेस्मार्ट मीटर को लेकर विद्युत विभाग के खिलाफ किया प्रदर्शन पीलीभीत जिला के तहसील पूरनपुर में स्मार्ट मीटरों को लेकर बढ़ते विवाद के बीच गुरुवार को विद्युत उपखंड कार्यालय पर भारतीय किसान यूनियन ने जबरदस्त प्रदर्शन कर प्रशासन की नींद उड़ा दी। सुबह करीब 11 बजे सैकड़ों की संख्या में पहुंचे किसानों ने नारेबाजी करते हुए स्मार्ट मीटरों को तुरंत हटाकर पुराने मीटर लगाए जाने की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है, जिससे किसानों की कमर टूट गई है। किसानों ने कहा कि जितनी बिजली की खपत नहीं हो रही, उससे कई गुना ज्यादा बिल भेजे जा रहे हैं। उनका कहना था कि "ऐसा लग रहा1
- पीलीभीत जिले में बिजली निगम के स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए जी का जंजाल बनते जा रहे हैं। आए दिन आ रही तकनीकी खामियों और मनमाने बिलिंग से परेशान होकर अब लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। ताजा मामला शहर की राजीव कॉलोनी का है, जहाँ एक युवक ने स्मार्ट मीटर के बढ़े हुए बिल और बिना सूचना बिजली काटे जाने से नाराज होकर जिलाधिकारी (DM) कार्यालय के बाहर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। क्या है पूरा मामला? राजीव कॉलोनी निवासी सर्वेश कुमार श्रीवास्तव ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सर्वेश के अनुसार: बिना जानकारी मीटर बदलाव: लगभग तीन महीने पहले उनकी अनुपस्थिति में बिजली विभाग के कर्मचारियों ने उनके घर का पुराना मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगा दिया था। बिलिंग में विसंगति: स्मार्ट मीटर लगने के बाद से ही बिल अप्रत्याशित रूप से बढ़कर आने लगा। भुगतान के बाद भी अंधेरा: सर्वेश ने बताया कि 7,000 रुपये का बकाया होने पर उन्होंने 1 अप्रैल को 7,500 रुपये जमा किए थे। इसके बावजूद आंबेडकर जयंती के दिन उन्हें फिर से बकाया बिल का अलर्ट मिला और बुधवार को उनकी बिजली काट दी गई। अफसरों की कार्यशैली पर उठाए सवाल पीड़ित युवक का कहना है कि जब वह समस्या के समाधान के लिए बिजली विभाग के अधिकारियों के पास पहुँचा, तो उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। हार मानकर उसे डीएम कार्यालय की शरण लेनी पड़ी। सर्वेश ने कहा: "मैं एक प्राइवेट नौकरी करने वाला व्यक्ति हूँ। इतना भारी-भरकम बिल भरना मेरे बस के बाहर है। ऊपर से बिल ठीक करवाने के लिए मुझे अपनी नौकरी से छुट्टी लेनी पड़ रही है। विभाग की लापरवाही ने मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान कर दिया है।" सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हंगामे के दौरान सर्वेश कुमार का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें वह व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगाते और अपनी पीड़ा व्यक्त करते नजर आ रहे हैं। काफी देर तक कार्यालय परिसर के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। अंततः युवक ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर बिल संशोधन कराने और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की गुहार लगाई है। स्मार्ट मीटर पर बढ़ता जनाक्रोश पीलीभीत में यह कोई पहला मामला नहीं है। स्मार्ट मीटर की तेज रफ्तार और सर्वर की समस्याओं को लेकर जिले के कई इलाकों से लगातार शिकायतें आ रही हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि विभाग राजस्व वसूली के नाम पर आम जनता का उत्पीड़न कर रहा है, जबकि तकनीकी खामियों को दूर करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।1