फर्रुखाबाद के अमृतपुर तहसील में अधिवक्ताओं के लिए भवन निर्माण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान, अमृतपुर एडवोकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने मुख्य विकास अधिकारी (CDO) विनोद कुमार गौड़ को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर अधिवक्ता भवन निर्माण के लिए भूमि चिन्हित कर आवंटित करने की गुहार लगाई। अधिवक्ताओं द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि अमृतपुर तहसील परिसर में अधिवक्ता भवन के लिए पूर्व में भी भूमि चिन्हित की गई थी और क्षेत्रीय विधायक ने इसके निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया था। हालाँकि, विभिन्न कारणों से अब तक भवन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया कि भवन न होने के कारण अधिवक्ताओं को बैठने, अपने वादकारियों से मिलने और न्यायिक कार्यों के संचालन में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि तहसील परिसर में जल्द से जल्द भूमि का चिन्हांकन कर भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि अधिवक्ता समुदाय को आवश्यक सुविधाएं मिल सकें। सम्पूर्ण समाधान दिवस में सौंपे गए इस ज्ञापन पर एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अन्य अधिवक्ताओं के हस्ताक्षर भी मौजूद थे। मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ ने अधिवक्ताओं की इस मांग पर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
फर्रुखाबाद के अमृतपुर तहसील में अधिवक्ताओं के लिए भवन निर्माण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान, अमृतपुर एडवोकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने मुख्य विकास अधिकारी (CDO) विनोद कुमार गौड़ को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर अधिवक्ता भवन निर्माण के लिए भूमि चिन्हित कर आवंटित करने की गुहार लगाई। अधिवक्ताओं द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि अमृतपुर तहसील परिसर में अधिवक्ता भवन के लिए पूर्व में भी भूमि चिन्हित की गई थी और क्षेत्रीय विधायक ने इसके निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया था। हालाँकि, विभिन्न कारणों से अब तक भवन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया कि भवन न होने के कारण अधिवक्ताओं को बैठने, अपने वादकारियों से मिलने और न्यायिक कार्यों के संचालन में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि तहसील परिसर में जल्द से जल्द भूमि का चिन्हांकन कर भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि अधिवक्ता समुदाय को आवश्यक सुविधाएं मिल सकें। सम्पूर्ण समाधान दिवस में सौंपे गए इस ज्ञापन पर एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अन्य अधिवक्ताओं के हस्ताक्षर भी मौजूद थे। मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ ने अधिवक्ताओं की इस मांग पर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
- शनिवार सुबह फर्रुखाबाद के राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में उस समय हड़कंप मच गया, जब डिप्टी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक कटारिया सुबह ठीक 7:55 बजे औचक निरीक्षण पर पहुँच गए। बिना पूर्व सूचना के हुए इस निरीक्षण ने अस्पताल की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी, जिससे कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। डॉ. कटारिया ने अस्पताल पहुँचते ही महिला वार्ड, पुरुष वार्ड, इमरजेंसी वार्ड, लेबर रूम और पूरे अस्पताल परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने स्वच्छता को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए, यह रेखांकित करते हुए कि मरीजों को साफ, सुरक्षित और बेहतर वातावरण देना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान कुछ स्वास्थ्य कर्मचारी ड्यूटी से नदारद मिले, जिस पर डॉ. कटारिया ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले दो से तीन कर्मचारियों के वेतन पर रोक लगाने के निर्देश दिए और स्पष्ट चेतावनी दी कि समय पर उपस्थिति और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देना हर कर्मचारी की जिम्मेदारी है। इसके अतिरिक्त, डिप्टी सीएमओ ने संस्थागत प्रसव कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने प्रसव से जुड़े भुगतान मामलों को प्राथमिकता पर निस्तारित करने और उसके बाद आशा कार्यकर्ताओं के लंबित भुगतान पूरे करने के निर्देश दिए। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने पात्र लाभार्थियों के अधिक से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जाने पर जोर दिया, स्वास्थ्य कर्मियों को अभियान तेज करने के निर्देश दिए ताकि जरूरतमंद परिवारों तक मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ पहुँच सके। उन्होंने अस्पताल में भर्ती प्रसूता महिलाओं से भी बातचीत की और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली, चिकित्सा स्टाफ को प्रसूताओं की देखभाल, स्वच्छता और सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कमी न होने देने के निर्देश दिए। इस दौरान राजेपुर सीएचसी प्रभारी डॉ. परमीत राजपूत भी मौजूद रहे। औचक निरीक्षण के बाद पूरे दिन अस्पताल परिसर में कर्मचारियों के बीच चर्चा और सतर्कता का माहौल बना रहा।4
- फर्रुखाबाद के थाना राजेपुर क्षेत्र में एक युवक पर चाकू से हमला किए जाने की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए तथा आरोपियों की तलाश के लिए टीमों को सक्रिय कर दिया है। अपर पुलिस अधीक्षक फतेहगढ़ गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि घायल युवक का उपचार कराया जा रहा है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि हमले में शामिल आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। सिंह ने यह भी कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस के अनुसार, घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।1
- डीएम अंकुर लाधर ने 20 जून, 2026 को फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ में संपूर्ण दिवस का स्वयं निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने व्यक्तिगत रूप से मौके पर जाकर निरीक्षण कार्य संपन्न किया।1
- फर्रुखाबाद में ताजिया रखे जाने का कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है। इस विरोध के तहत, एक संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ताजिया नहीं हटाए गए, तो वे सड़क जाम करेंगे और हनुमान चालीसा का पाठ भी आयोजित करेंगे। संगठन ने इस मामले पर आगे की गतिविधियों पर नज़र रखने का संकेत दिया है।1
- फर्रुखाबाद में पुलिस की टीम ने अवैध शराब बरामद की है।1
- कानपुर रेंज के डीआईजी यमुना प्रसाद ने शनिवार को फर्रुखाबाद का एक दिवसीय दौरा किया। उन्होंने सदर तहसील स्थित ऑफिसर्स कॉलोनी में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में आम जनता की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित तथा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। इस समाधान दिवस में कुल 84 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें सबसे अधिक राजस्व विभाग से संबंधित थीं। मौके पर ही राजस्व विभाग की दो शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया, जबकि अन्य मामलों को संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए भेजा गया। इस दौरान डीआईजी यमुना प्रसाद ने राजस्व विवादों के प्रभावी समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की। उन्होंने बताया कि थाना स्तर पर विशेष राजस्व सहायता टीम का गठन किया जाएगा, जिसमें एक दरोगा और चार पुलिसकर्मी शामिल होंगे। ये टीमें आवश्यकता पड़ने पर राजस्व विभाग की सहायता के लिए तत्काल उपलब्ध रहेंगी। डीआईजी ने कहा कि राजस्व और पुलिस विभाग के बेहतर समन्वय से भूमि विवादों एवं अन्य राजस्व संबंधी मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जा सकेगा। इस अवसर पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी मौजूद रहे। डीआईजी ने अधिकारियों से जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए पारदर्शी और समयबद्ध कार्रवाई करने पर जोर दिया। सदर तहसील की ऑफिसर्स कॉलोनी में आयोजित इस सम्पूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, जिन्हें प्रशासनिक अधिकारियों ने समाधान का आश्वासन दिया।1
- फर्रुखाबाद में एक गली विवाद को लेकर एक विवाहिता से मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1