महिला कोटेदार से अभद्रता के विरोध में उबाल: कार्रवाई की मांग को लेकर सैकड़ों विक्रेताओं का प्रदर्शन, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन परमार्थ आवाज ब्यूरो रिपोर्ट हरदोई। शाहाबाद तहसील में महिला कोटेदार के साथ कथित अभद्रता और अवैध वसूली के दबाव के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के विरोध में जिले भर से पहुंचे सैकड़ों उचित दर विक्रेताओं ने तहसील परिसर में एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम शाहाबाद को ज्ञापन सौंपते हुए आरोपियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। मामला भदेवना गांव की महिला कोटेदार सीमा देवी से जुड़ा है। आरोप है कि 25 फरवरी को वह शाहाबाद स्थित आपूर्ति कार्यालय में आयोजित एक बैठक में शामिल होने गई थीं। इसी दौरान स्वयं को किसान यूनियन से जुड़ा बताने वाले दो व्यक्तियों—सत्यवीर और गोलू—ने उन पर दबाव बनाया कि वे सप्लाई इंस्पेक्टर पर 6 हजार रुपये लेने का आरोप लगाते हुए वीडियो बयान दें। सीमा देवी का कहना है कि जब उन्होंने इस तरह का झूठा आरोप लगाने से इनकार किया तो उनके साथ गाली-गलौज की गई और अभद्र व्यवहार किया गया। सीमा देवी ने उसी दिन शाहाबाद कोतवाली में लिखित तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि तीन दिन बीत जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे कोटेदारों में आक्रोश फैल गया है। प्रदर्शन में शामिल विक्रेताओं ने कहा कि यदि एक महिला कोटेदार की शिकायत पर भी गंभीरता नहीं दिखाई जाएगी तो इससे पूरे तंत्र का मनोबल प्रभावित होगा। प्रदर्शनकारियों का यह भी आरोप है कि कुछ तथाकथित किसान संगठनों से जुड़े लोग समय-समय पर उचित दर की दुकानों पर पहुंचकर अनियमितता के आरोप लगाते हैं, वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने और समाचार पत्रों में छपवाने की धमकी देते हैं। इसके माध्यम से कथित रूप से मासिक अवैध वसूली का दबाव बनाया जाता है। कोटेदारों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का कार्य प्रभावित हो रहा है और पात्र कार्डधारकों को समय पर राशन उपलब्ध कराने में बाधा उत्पन्न हो रही है। सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार अवस्थी के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में ज्ञानेंद्र सिंह ‘ज्ञानी’, रविकांत तिवारी, मुईद अहमद, जहीरूद्दीन मंसूरी और रोहित कुमार समेत बड़ी संख्या में विक्रेता मौजूद रहे। वक्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि महिला कोटेदार की शिकायत की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। एसडीएम शाहाबाद को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं की गई तो सभी उचित दर विक्रेता सामूहिक रूप से दुकानें बंद कर धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।
महिला कोटेदार से अभद्रता के विरोध में उबाल: कार्रवाई की मांग को लेकर सैकड़ों विक्रेताओं का प्रदर्शन, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन परमार्थ आवाज ब्यूरो रिपोर्ट हरदोई। शाहाबाद तहसील में महिला कोटेदार के साथ कथित अभद्रता और अवैध वसूली के दबाव के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के विरोध में जिले भर से पहुंचे सैकड़ों उचित दर विक्रेताओं ने तहसील परिसर में एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम शाहाबाद को ज्ञापन सौंपते हुए आरोपियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। मामला भदेवना गांव की महिला कोटेदार सीमा देवी से जुड़ा है। आरोप है कि 25 फरवरी को वह शाहाबाद स्थित आपूर्ति कार्यालय में आयोजित एक बैठक में शामिल होने गई थीं। इसी दौरान स्वयं को किसान यूनियन से जुड़ा बताने वाले दो व्यक्तियों—सत्यवीर और गोलू—ने उन पर दबाव बनाया कि वे सप्लाई इंस्पेक्टर पर 6 हजार रुपये लेने का आरोप लगाते हुए वीडियो बयान दें। सीमा देवी का कहना है कि जब उन्होंने इस तरह का झूठा आरोप लगाने से इनकार किया तो उनके साथ गाली-गलौज की गई और अभद्र व्यवहार किया गया। सीमा देवी ने उसी दिन शाहाबाद कोतवाली में लिखित तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि तीन दिन बीत जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे
कोटेदारों में आक्रोश फैल गया है। प्रदर्शन में शामिल विक्रेताओं ने कहा कि यदि एक महिला कोटेदार की शिकायत पर भी गंभीरता नहीं दिखाई जाएगी तो इससे पूरे तंत्र का मनोबल प्रभावित होगा। प्रदर्शनकारियों का यह भी आरोप है कि कुछ तथाकथित किसान संगठनों से जुड़े लोग समय-समय पर उचित दर की दुकानों पर पहुंचकर अनियमितता के आरोप लगाते हैं, वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने और समाचार पत्रों में छपवाने की धमकी देते हैं। इसके माध्यम से कथित रूप से मासिक अवैध वसूली का दबाव बनाया जाता है। कोटेदारों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का कार्य प्रभावित हो रहा है और पात्र कार्डधारकों को समय पर राशन उपलब्ध कराने में बाधा उत्पन्न हो रही है। सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार अवस्थी के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में ज्ञानेंद्र सिंह ‘ज्ञानी’, रविकांत तिवारी, मुईद अहमद, जहीरूद्दीन मंसूरी और रोहित कुमार समेत बड़ी संख्या में विक्रेता मौजूद रहे। वक्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि महिला कोटेदार की शिकायत की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। एसडीएम शाहाबाद को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं की गई तो सभी उचित दर विक्रेता सामूहिक रूप से दुकानें बंद कर धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।
- करोड़ों पिताओं के लिए प्रेरणा बने श्री खानचंद सिंह जी | एक संघर्षशील पिता की कहानी #OmShantiOm #Shraddhanjali 📝 CAPTION एक पिता जो करोड़ों पिताओं के लिए प्रेरणा बने। संघर्ष, त्याग और हौसले की मिसाल – श्री खानचंद सिंह जी को नमन। 📄 DESCRIPTION एक पिता जो करोड़ों पिताओं के लिए उत्प्रेरक का काम करेंगे, आज इस दुनिया में नहीं रहे। श्री खानचंद सिंह जी ने बुरे हालातों को हराया और एक सफल पिता बनकर दिखाया, लेकिन कैंसर की जंग हार गए। कंधे पर सिलेंडर ढोकर बेटे को भारत में क्रिकेटर बनाने की जिद के सामने सारी मुश्किलें हारती चली गईं। बेटे की कामयाबी के बाद भी उन्होंने अपना मूल काम नहीं छोड़ा और उसी ईमानदारी से जीवन जिया जिसने उन्हें सम्मान दिया। स्वर्गीय श्री खानचंद सिंह जी के जज्बात, हौसले और संघर्ष कभी भुलाए नहीं जा सकते। वे जहाँ भी रहेंगे, करोड़ों पिताओं के लिए प्रेरणा बनेंगे और कई सपनों को सच करने का साहस देंगे। ऐसे महान और संघर्षशील पिता जी को शत-शत नमन और श्रद्धांजलि। #️⃣ HASHTAGS #OmShantiOm #Shraddhanjali #RinkuSinghFather #InspiringFather #StruggleStory #MotivationalStory #FatherLove #RealHero #Respect #Tribute #LifeStruggle #Inspiration #HardWork #NeverGiveUp #IndianFather #ProudSon #EmotionalStory #TrueStory #FamilyPride #Salute #GreatFather #CricketJourney #SupportSystem #LegendFather #MotivationDaily #PositiveStory #RealInspiration #HeartTouching #FatherAndSon #IndianStory1
- हरदोई बिलग्राम। बृहस्पतिवार की शाम थाना क्षेत्र के मुख्य बाजार में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब कुछ महिलाओं और युवकों ने एक परचून की दुकान पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपितों ने गाली-गलौज करते हुए दुकान में रखा सामान बाहर फेंक दिया, जिससे दुकान को काफी नुकसान पहुंचा। घटना के दौरान बाजार में दहशत का माहौल बन गया और आसपास के दुकानदारों ने एहतियातन अपनी-अपनी दुकानें बंद कर लीं। पीड़ित दुकानदार सौरभ ने बताया कि कुछ लोग अचानक दुकान पर आए और बिना किसी स्पष्ट कारण के विवाद करने लगे। विरोध करने पर आरोपितों ने आक्रोशित होकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। हंगामे के बीच किसी व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले में पीड़ित ने थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर आरोपितों की पहचान की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- Post by जितेंद्र श्रीवास्तव1
- हरदोई : आतिशबाज के घर में अचानक विस्फोट ➡तेज विस्फोट से इलाके में मचा हड़कंप ➡दो मंजिला मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त ➡दो महिलाएं गंभीर रूप से हुई घायल ➡पटाखे बनाए जाने के दौरान विस्फोट की आशंका ➡हरदोई के सांडी थाना क्षेत्र की घटना4
- वृंदावन मे भक्तो का छाया हसी हा माहौल और सब भक्त झूम उठे★🤗सोशल मीडिया पर वायरल पति-पत्नी का एक प्यार जो की सोशल मीडिया पर बहुत छाए ा हुआ हैसीतापुर के प चपी पेट्रोल पंप के सामने एक बाइक सवार की ट्रक से दर्द सीतापुर के एचपी पेट्रोल पंप के सामने एक बाइक सवार की ट्रक से दर्दनाक मौत1
- कन्नौज के छिबरामऊ क्षेत्र के महुआ नगला में काली नदी में दिखा मगरमच्छ, किसानों में मची भगदड़ राजेन्द्र सिंह धुऑंधार कन्नौज जनपद के छिबरामऊ क्षेत्र के महुआ नगला गांव के पास बह रही काली नदी में उस समय हड़कंप मच गया, जब किसानों ने नदी में एक मगरमच्छ को तैरते हुए देखा। खेतों में काम कर रहे किसानों की नजर जैसे ही मगरमच्छ पर पड़ी, इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मगरमच्छ कुछ देर तक नदी किनारे मंडराता रहा, जिससे आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैल गई। कई लोगों ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया। वायरल वीडियो में नदी के बीचों-बीच एक बड़ा मगरमच्छ साफ नजर आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि काली नदी में पहले भी जंगली जीव देखे जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन रिहायशी इलाके के इतने करीब मगरमच्छ दिखाई देना चिंता का विषय है। किसानों ने वन विभाग को सूचना दे दी है और सुरक्षा की मांग की है, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके। फिलहाल वन विभाग की टीम के मौके पर पहुंचने और स्थिति का जायजा लेने की जानकारी मिल रही है। ग्रामीणों को नदी किनारे न जाने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित विभाग को सूचना दें।1
- Post by SV भारत न्यूज़ संवाददाता रामबाबू1
- Post by Shiva Gautam1
- शाहाबाद में कोटेदारों का आरोप: किसान संगठनों पर अवैध वसूली और धमकी का गंभीर मामला एंकर - तहसील शाहाबाद क्षेत्र के उचित दर विक्रेताओं (कोटेदारों) ने उपजिलाधिकारी शाहाबाद अंकित तिवारी को प्रार्थना पत्र देकर किसान यूनियन के नाम पर सक्रिय कुछ संगठनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कोटेदारों का कहना है कि ये संगठन दुकानों पर पहुंचकर वीडियो बनाते हैं और अनियमितता के नाम पर खबरें छपवाने व वीडियो वायरल करने की धमकी देकर मासिक अवैध वसूली का दबाव बना रहे हैं। प्रार्थीगण के अनुसार, वे शासन की प्राथमिकता वाली सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत नियमों के अनुरूप राशन वितरण का कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद कुछ लोग संगठित तरीके से उन्हें निशाना बना रहे हैं, जिससे न केवल उनका मानसिक उत्पीड़न हो रहा है बल्कि राशन वितरण व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। कोटेदारों ने यह भी बताया कि वे समय-समय पर सामाजिक संगठनों को अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग करते रहे हैं और शासन द्वारा सौंपे गए अतिरिक्त कार्यों—जैसे महिला समूहों को जोड़ना, सर्वेक्षण आदि—में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। पीड़ित विक्रेताओं का कहना है कि इस तरह की अवैध वसूली और दबाव के चलते राशन वितरण सुचारू रूप से कर पाना मुश्किल हो रहा है, जिससे आम कार्डधारकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।कोटेदारों ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें इस प्रकार की प्रताड़ना और अवैध वसूली से बचाया जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली सुचारू रूप से संचालित हो सके।6