शाहाबाद में कोटेदारों का आरोप किसान संगठनों पर अवैध वसूली और धमकी का गंभीर मामला शाहाबाद में कोटेदारों का आरोप: किसान संगठनों पर अवैध वसूली और धमकी का गंभीर मामला एंकर - तहसील शाहाबाद क्षेत्र के उचित दर विक्रेताओं (कोटेदारों) ने उपजिलाधिकारी शाहाबाद अंकित तिवारी को प्रार्थना पत्र देकर किसान यूनियन के नाम पर सक्रिय कुछ संगठनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कोटेदारों का कहना है कि ये संगठन दुकानों पर पहुंचकर वीडियो बनाते हैं और अनियमितता के नाम पर खबरें छपवाने व वीडियो वायरल करने की धमकी देकर मासिक अवैध वसूली का दबाव बना रहे हैं। प्रार्थीगण के अनुसार, वे शासन की प्राथमिकता वाली सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत नियमों के अनुरूप राशन वितरण का कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद कुछ लोग संगठित तरीके से उन्हें निशाना बना रहे हैं, जिससे न केवल उनका मानसिक उत्पीड़न हो रहा है बल्कि राशन वितरण व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। कोटेदारों ने यह भी बताया कि वे समय-समय पर सामाजिक संगठनों को अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग करते रहे हैं और शासन द्वारा सौंपे गए अतिरिक्त कार्यों—जैसे महिला समूहों को जोड़ना, सर्वेक्षण आदि—में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। पीड़ित विक्रेताओं का कहना है कि इस तरह की अवैध वसूली और दबाव के चलते राशन वितरण सुचारू रूप से कर पाना मुश्किल हो रहा है, जिससे आम कार्डधारकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।कोटेदारों ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें इस प्रकार की प्रताड़ना और अवैध वसूली से बचाया जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली सुचारू रूप से संचालित हो सके।
शाहाबाद में कोटेदारों का आरोप किसान संगठनों पर अवैध वसूली और धमकी का गंभीर मामला शाहाबाद में कोटेदारों का आरोप: किसान संगठनों पर अवैध वसूली और धमकी का गंभीर मामला एंकर - तहसील शाहाबाद क्षेत्र के उचित दर विक्रेताओं (कोटेदारों) ने उपजिलाधिकारी शाहाबाद अंकित
तिवारी को प्रार्थना पत्र देकर किसान यूनियन के नाम पर सक्रिय कुछ संगठनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कोटेदारों का कहना है कि ये संगठन दुकानों पर पहुंचकर वीडियो बनाते हैं और अनियमितता के नाम पर खबरें छपवाने व वीडियो वायरल करने की
धमकी देकर मासिक अवैध वसूली का दबाव बना रहे हैं। प्रार्थीगण के अनुसार, वे शासन की प्राथमिकता वाली सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत नियमों के अनुरूप राशन वितरण का कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद कुछ लोग संगठित तरीके से उन्हें निशाना
बना रहे हैं, जिससे न केवल उनका मानसिक उत्पीड़न हो रहा है बल्कि राशन वितरण व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। कोटेदारों ने यह भी बताया कि वे समय-समय पर सामाजिक संगठनों को अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग करते रहे हैं और शासन द्वारा
सौंपे गए अतिरिक्त कार्यों—जैसे महिला समूहों को जोड़ना, सर्वेक्षण आदि—में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। पीड़ित विक्रेताओं का कहना है कि इस तरह की अवैध वसूली और दबाव के चलते राशन वितरण सुचारू रूप से कर पाना मुश्किल हो रहा है, जिससे आम कार्डधारकों
को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।कोटेदारों ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें इस प्रकार की प्रताड़ना और अवैध वसूली से बचाया जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली सुचारू रूप से संचालित हो सके।
- हरदोई : आतिशबाज के घर में अचानक विस्फोट ➡तेज विस्फोट से इलाके में मचा हड़कंप ➡दो मंजिला मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त ➡दो महिलाएं गंभीर रूप से हुई घायल ➡पटाखे बनाए जाने के दौरान विस्फोट की आशंका ➡हरदोई के सांडी थाना क्षेत्र की घटना4
- Post by Saurabh Trivrdi1
- पुलिस कार्य में बाधा डालने के मामले में वांछित अभियुक्त गिरफ्तार शाहजहाँपुर, थाना कोतवाली पुलिस ने पुलिस कार्य में बाधा डालने के मामले में वांछित एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक, के निर्देशानुसार, अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) के निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी नगर के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण एवं वांछित/वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी अभियान के तहत की गई। पुलिस के अनुसार, न्यायालय द्वारा जारी मु०नं० 81/14 बनाम धीरेन्द्र सिंह, मु०अ०सं० 435/13, धारा 364 भादवि, थाना गाजीपुर, जनपद लखनऊ में दिनांक 28.02.2026 की तारीख पर पेशी के आदेश के अनुपालन में वारंटी धीरेन्द्र पुत्र रजयपाल कनौजिया उर्फ राजपाल कनौजिया निवासी मोहल्ला बृजबिहार कॉलोनी, थाना कोतवाली, की गिरफ्तारी हेतु दबिश दी गई थी। दबिश के दौरान अभियुक्त धीरेन्द्र, प्रांशु कनौजिया, प्रमिल कनौजिया पुत्रगण रजयपाल कनौजिया उर्फ राजपाल कनौजिया तथा धीरेन्द्र की पत्नी (नाम अज्ञात) द्वारा पुलिस टीम के साथ गाली-गलौज की गई, आपराधिक बल का प्रयोग किया गया तथा भविष्य में देख लेने की धमकी दी गई। आरोप है कि उक्त व्यक्तियों ने पुलिस अभिरक्षा से वारंटी को छुड़ाकर मौके से फरार करा दिया। इस घटना के संबंध में थाना कोतवाली पर मु०अ०सं० 62/2026 धारा 132/221/351(2)/352 बी.एन.एस. के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया। तत्पश्चात सक्रिय कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने उसी दिन 27 फरवरी 2026 को अभियुक्त प्रांशु कनौजिया (उम्र करीब 35 वर्ष) को उसके आवास मोहल्ला बृजबिहार कॉलोनी, थाना कोतवाली, शाहजहाँपुर से धारा 170/126/135 बी.एन.एस. के तहत गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है। फरार अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक विजय कुमार एवं हेड कांस्टेबल हेमंत कुमार, थाना कोतवाली, शाहजहाँपुर शामिल रहे।2
- शाहजहांपुर, 28 फरवरी । वारंटी को पकड़ने गई चौक कोतवाली पुलिस टीम के साथ वारंटी के परिवारवालों ने अभद्रता की और पुलिस की गिरफ्त से जबरदस्ती वारंटी को भी छुड़ा लिया। पुलिस ने वारंटी ,उसकी पत्नी और दो भाइयों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, लखनऊ की एक न्यायालय द्वारा शाहजहांपुर के चौक कोतवाली थाना क्षेत्र के मोहल्ला ब्रज बिहार कालोनी निवासी धीरेंद्र के विरुद्ध एनबीडब्ल्यू वारंट जारी किया गया था।शुक्रवार को उपनिरीक्षक विजय कुमार ने पुलिस टीम के साथ वारंटी के घर पर दबिश दी और वारंटी धीरेंद्र गिरफ्तार कर लिया। इसी बीच वारंटी धीरेंद्र कन्नौजिया की पत्नी और वारंटी के भाई प्रांशु तथा प्रमिल ने गिरफ्तारी का विरोध करते हुए पुलिस टीम के साथ अभद्रता शुरू कर दी।यही नही धीरेंद्र की पत्नी और भाई ने दबंगई दिखाते हुए पुलिस की गिरफ्तार से धीरेंद्र को छुड़ा लिया और मौका से वारंटी धीरेंद्र को भी भाग दिया। उपनिरीक्षक ने घटना की सूचना प्रभारी निरीक्षक को दी।जिसपर थाने से और पुलिस फोर्स को मौके पर भेजा गया। पुलिस टीम ने मौके से वारंटी के भाई प्रांशु को गिरफ्तार कर लिया।3
- Post by MAHARAJ SINGH1
- मंडलायुक्त, बरेली मंडल, उत्तर प्रदेश के नेतृत्व में रिजर्व पुलिस लाइन शाहजहाँपुर में आगामी होली पर्व-2026 के दृष्टिगत परंपरागत ‘लाट साहब’ जुलूस की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था एवं यातायात व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा बैठक सम्पन्न; Special Police Officer (SPO), संभ्रांत नागरिकों तथा जनपद के समस्त थाना/चौकी प्रभारी एवं बीट अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए, तत्पश्चात थाना कोतवाली क्षेत्र में जुलूस मार्ग का स्थलीय पैदल निरीक्षण के सम्बन्ध मे पुलिस उप महानिरीक्षक, बरेली रेंज, बरेली महोदय की बाइट।*1
- बहुजन समाज पार्टी नेता पातीराम बौद्ध से खास बातचीत रिपोर्ट – विशेष संवाददाता आज बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता पातीराम बौद्ध जी से सामाजिक परंपराओं और धार्मिक रीति-रिवाजों को लेकर एक विशेष चर्चा की गई। बातचीत के दौरान मृत्यु के बाद होने वाले मुंडन, तेहरवीं और मृत्यु भोज जैसे विषयों पर विस्तार से विचार व्यक्त किए गए। ❓ मृत्यु के बाद परिवारजन मुंडन क्यों कराते हैं? इस सवाल पर पातीराम बौद्ध जी ने कहा कि कई समाजों में मुंडन शोक और वैराग्य का प्रतीक माना जाता है। लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि यह परंपरा सामाजिक मान्यता पर आधारित है, धार्मिक अनिवार्यता नहीं है। उनका कहना था कि समय के साथ समाज को तर्क और समझ के आधार पर परंपराओं का मूल्यांकन करना चाहिए। ❓ तेहरवीं और मृत्यु भोज पर क्या बोले? पातीराम बौद्ध जी ने कहा कि “जन्म पर खुशी का भोज होना चाहिए, लेकिन मृत्यु पर भोज देना उचित नहीं है। मृत्यु के समय परिवार पहले से ही दुख और आर्थिक दबाव में होता है, ऐसे में मृत्यु भोज जैसी परंपराएं उन पर अतिरिक्त बोझ डालती हैं।” उन्होंने आगे कहा कि तेहरवीं जैसे कार्यक्रम सामाजिक दबाव के कारण किए जाते हैं, जबकि इनका मूल उद्देश्य आत्मचिंतन और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना होना चाहिए, न कि दिखावा या खर्च। ✅ जन्म भोज पर जोर उन्होंने कहा कि समाज को सकारात्मक परंपराओं को बढ़ावा देना चाहिए। “जन्म उत्सव है, इसलिए जन्म पर भोजन और खुशी मनाना उचित है, लेकिन मृत्यु के बाद सादगी और श्रद्धा रखनी चाहिए।” 🎤 सामाजिक सुधार की अपील अंत में पातीराम बौद्ध जी ने समाज से अपील की कि अनावश्यक खर्च और दिखावे से बचते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और बच्चों के भविष्य पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुधार की शुरुआत जागरूकता से होती है। 📌 निष्कर्ष: इस खास चर्चा में पातीराम बौद्ध जी ने मृत्यु भोज और तेहरवीं जैसी परंपराओं पर पुनर्विचार की जरूरत बताई और जन्मोत्सव को सकारात्मक रूप से मनाने पर बल दिया।1
- शाहाबाद में कोटेदारों का आरोप: किसान संगठनों पर अवैध वसूली और धमकी का गंभीर मामला एंकर - तहसील शाहाबाद क्षेत्र के उचित दर विक्रेताओं (कोटेदारों) ने उपजिलाधिकारी शाहाबाद अंकित तिवारी को प्रार्थना पत्र देकर किसान यूनियन के नाम पर सक्रिय कुछ संगठनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कोटेदारों का कहना है कि ये संगठन दुकानों पर पहुंचकर वीडियो बनाते हैं और अनियमितता के नाम पर खबरें छपवाने व वीडियो वायरल करने की धमकी देकर मासिक अवैध वसूली का दबाव बना रहे हैं। प्रार्थीगण के अनुसार, वे शासन की प्राथमिकता वाली सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत नियमों के अनुरूप राशन वितरण का कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद कुछ लोग संगठित तरीके से उन्हें निशाना बना रहे हैं, जिससे न केवल उनका मानसिक उत्पीड़न हो रहा है बल्कि राशन वितरण व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। कोटेदारों ने यह भी बताया कि वे समय-समय पर सामाजिक संगठनों को अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग करते रहे हैं और शासन द्वारा सौंपे गए अतिरिक्त कार्यों—जैसे महिला समूहों को जोड़ना, सर्वेक्षण आदि—में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। पीड़ित विक्रेताओं का कहना है कि इस तरह की अवैध वसूली और दबाव के चलते राशन वितरण सुचारू रूप से कर पाना मुश्किल हो रहा है, जिससे आम कार्डधारकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।कोटेदारों ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें इस प्रकार की प्रताड़ना और अवैध वसूली से बचाया जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली सुचारू रूप से संचालित हो सके।6